झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र अंतर्गत सूमर और उसके आसपास के गांवों में बारिश न होने से चिंतित लोगों ने बिलासरा गांव में एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया। शनिवार को बिलासरा के बाबा जी मंदिर परिसर में सर्व समाज के लोगों द्वारा अच्छी वर्षा की कामना को लेकर सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ हवन का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में आहुति देकर क्षेत्र की समृद्धि और किसानों की खुशहाली की प्रार्थना की। दरअसल, सूमर और नजदीकी इलाकों में लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में नमी खत्म हो चुकी है। इसका सीधा असर खरीफ की फसलों पर पड़ रहा है, जिससे कई जगहों पर बुवाई का काम अटक गया है। वहीं, जिन किसानों ने पहले ही सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी फसलों की बुवाई कर ली थी, वे फसलें अब पानी के अभाव में झुलसने लगी हैं। बादलों के आने-जाने के बावजूद बारिश न होने से किसानों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। परेशान किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही जोरदार बारिश नहीं हुई, तो उन्हें फिर से बुवाई करनी पड़ेगी। इससे न केवल उनकी मेहनत बेकार जाएगी बल्कि आर्थिक बोझ और लागत भी दोगुनी हो जाएगी। फसलों की बढ़वार प्रभावित होने से पैदावार घटने का खतरा मंडराने लगा है। इसी संकट को देखते हुए पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ईश्वर से जल्द मानसून मेहरबान करने की गुहार लगाई है।
झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र अंतर्गत सूमर और उसके आसपास के गांवों में बारिश न होने से चिंतित लोगों ने बिलासरा गांव में एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया। शनिवार को बिलासरा के बाबा जी मंदिर परिसर में सर्व समाज के लोगों द्वारा अच्छी वर्षा की कामना को लेकर सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ हवन का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में आहुति देकर क्षेत्र की समृद्धि और किसानों की खुशहाली की प्रार्थना की। दरअसल, सूमर और नजदीकी इलाकों में लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में नमी खत्म हो चुकी है। इसका सीधा असर खरीफ की फसलों पर पड़ रहा है, जिससे कई जगहों पर बुवाई का काम अटक गया है। वहीं, जिन किसानों ने पहले ही सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी फसलों की बुवाई कर ली थी, वे फसलें अब पानी के अभाव में झुलसने लगी हैं। बादलों के आने-जाने के बावजूद बारिश न होने से किसानों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। परेशान किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही जोरदार बारिश नहीं हुई, तो उन्हें फिर से बुवाई करनी पड़ेगी। इससे न केवल उनकी मेहनत बेकार जाएगी बल्कि आर्थिक बोझ और लागत भी दोगुनी हो जाएगी। फसलों की बढ़वार प्रभावित होने से पैदावार घटने का खतरा मंडराने लगा है। इसी संकट को देखते हुए पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ईश्वर से जल्द मानसून मेहरबान करने की गुहार लगाई है।
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद कस्बे में स्थित स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम किया गया।1
- झालावाड़ में दिनभर तेज धूप और उमस के कारण आमजन पूरी तरह से परेशान हैं। करीब एक सप्ताह से यहां बारिश का इंतजार बना हुआ है। सुबह से ही तेज धूप का असर शुरू हो जाता है जो दोपहर करीब 5 बजे तक जारी रहता है। इसके बाद हालांकि मौसम में परिवर्तन बना रहता है, लेकिन उमस बरकरार रहने से लोगों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिल रही है। दोपहर करीब 3:50 बजे झालावाड़ शहर का तापमान 33 बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर करीब एक सप्ताह तक झमाझम बारिश आए तो वातावरण में ठंडक होने लगेगी, क्योंकि हाल ही के दिनों में मानसून की बारिश के बाद कभी ठंडा तो कभी गर्मी का एहसास बना रहने लगा है। इस बीच, क्षेत्र के किसानों को भी बारिश का लंबा इंतजार बना हुआ है। किसानों ने फसलों की बुवाई कर दी है, लेकिन अब फसलों के लिए पानी की आवश्यकता है।1
- कोटा रेलवे स्टेशन पर रेलवे कोर्ट के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु गर्ग ने शुक्रवार को एक विशेष जांच अभियान चलाकर बिना टिकट यात्रियों, अवैध वेंडरों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के तहत कोटा रेलवे स्टेशन से सवाई माधोपुर और सवाई माधोपुर से कोटा रेलखंड तक ट्रेनों, प्लेटफॉर्म और खानपान स्टॉलों की संयुक्त जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान जीआरपी, आरपीएफ और टिकट चेकिंग स्टाफ भी मौके पर मौजूद रहा। जांच के दौरान प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में गंदगी फैलाने वाले 8 यात्रियों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। वहीं, आरपीएफ ने रेल अधिनियम के तहत 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। इस पूरी सख्त कार्रवाई के दौरान बिना टिकट यात्रियों और अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसते हुए कुल ₹28 हजार का जुर्माना वसूला गया।1
- राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित बरधा डैम पर आपदा प्रबंधन और जल रेस्क्यू की तैयारियों को परखने के लिए एसडीआरएफ, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर एक संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। जयपुर स्थित कमांडेंट कार्यालय के आदेश की अनुपालना में 18 जुलाई को आयोजित इस अभ्यास में आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का प्रदर्शन किया गया और जल दुर्घटनाओं से निपटने की विभिन्न तकनीकों को परखा गया। इस मॉक ड्रिल का आयोजन डिप्टी कमांडेंट नरेश कुमार शर्मा के निर्देशन में किया गया। इसमें एसडीआरएफ बी कंपनी की कमांडर एकता हाड़ा, भारतीय सेना की मराठा रेजिमेंट के मेजर राकेश दास और तहसीलदार नीलम राठौर के नेतृत्व में सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। संयुक्त अभ्यास में एसडीआरएफ के 3 अधिकारी व 30 जवान, भारतीय सेना के 3 अधिकारी, 6 जेसीओ व 60 जवान और सिविल डिफेंस के 11 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान पानी में डूब रहे व्यक्ति का त्वरित रेस्क्यू करने, रिमोट कंट्रोल लाइफ बॉय का उपयोग करने, डीप डाइविंग के जरिए सर्च ऑपरेशन चलाने और बोट पलटने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का कड़ा अभ्यास किया गया। इसके साथ ही, रेस्क्यू के बाद घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने, श्वसन मार्ग से पानी निकालने और सीपीआर देने की जीवनरक्षक तकनीकों का भी सफल प्रदर्शन किया गया। समापन पर डिप्टी कमांडेंट नरेश कुमार शर्मा ने टीमों की समीक्षा करते हुए कहा कि आपदा के समय विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया ही लोगों की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।4
- राजस्थान की कोटा ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़ किया है। रामगंजमंडी थाना पुलिस ने नकली शादी के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले इस गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य दलालों के माध्यम से उम्रदराज़ कुंवारे युवकों को अपना निशाना बनाते थे। उनसे संपर्क करने के बाद शादी कराने के नाम पर 1 से 2 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूली जाती थी। गिरोह द्वारा शादी के लिए लाई जाने वाली युवतियां पहले से ही शादीशुदा होती थीं, जो शादी के महज कुछ दिनों बाद अपने माता-पिता की बीमारी या किसी अन्य चीज का बहाना बनाकर घर से फरार हो जाती थीं। इसके बाद ठगी गई रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लाली कुमारी, ज्योति कुमारी, पूनम बाग, सुरेश कुमार डांगी, भूरालाल मीणा, सुधीर कुमार, रूपेश कुमार रजक और रोहित बाग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस शातिर गिरोह के तार राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार राज्यों तक फैले हुए हैं।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में सुबह के सत्र का आयोजन किया गया। इस मॉर्निंग सेशन के दौरान मुख्य रूप से कैमल पोज और शशक आसन का अभ्यास किया गया।1
- झालावाड़ शहर की होनहार बेटी लक्षिता नागर ने नीट परीक्षा में 681 अंक हासिल कर पहले ही प्रयास में सफलता के झंडे गाड़े हैं। एक हेड कांस्टेबल की इस होनहार बेटी ने पहले ही प्रयास में यह कामयाबी हासिल कर अपने गांव का नाम रोशन किया है। लक्षिता नागर ने नीट परीक्षा की ऑल इंडिया रैंक में 241वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही, उन्होंने ओबीसी कैटेगरी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 61वां स्थान प्राप्त किया है।1
- पूरे हंगामे के बीच बेहद शातिराना तरीके से इस बात को छुपा लिया गया है कि जेफरी एप्स्टीन के 2018 के एक ईमेल में 7 भारतीय वैज्ञानिकों को यात्रा अनुदान देने का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर जेफरी एप्स्टीन और भारतीय वैज्ञानिकों के बीच संबंधों का सच क्या है और क्या देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? ये ऐसे सवाल हैं जिनके कभी जवाब नहीं मिलने वाले हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह मामला ऐसे समय में उजागर हुआ है जब तमिलनाडु के न्यूक्लियर पावर प्लांट की 19 हजार फाइलें डार्क वेब पर होने की बात सामने आई है। इसी के साथ ही, सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके पर एक महिला द्वारा काली स्याही छिड़कने का मामला भी सामने आया है।1