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राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में सुबह के सत्र का आयोजन किया गया। इस मॉर्निंग सेशन के दौरान मुख्य रूप से कैमल पोज और शशक आसन का अभ्यास किया गया।
Jagdish Chandra Sharma
राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में सुबह के सत्र का आयोजन किया गया। इस मॉर्निंग सेशन के दौरान मुख्य रूप से कैमल पोज और शशक आसन का अभ्यास किया गया।
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- गुना जिले के बमौरी विकासखंड के संकुल कपासी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत छीकारी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बांसवाड़ा में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान-2026 के तहत वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने जनभागीदारी के जरिए मिलकर 100 छायादार, फलदार और फूलदार पौधे लगाए। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। यह आयोजन विद्यालय के प्रधानाध्यापक दुर्गा प्रसाद प्रजापति, ग्राम पंचायत छीकारी के सहायक सचिव थावर सिंह भिलाला और सरपंच प्रतिनिधि देवकिशन भिलाला के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक दुर्गा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए और केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि मां की तरह उसका पालन-पोषण करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलित रहने से समय पर वर्षा होगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व हरित वातावरण मिल सकेगा। इस अवसर पर स्कूल के शिक्षक संतोष मेहता, लखन नागर और ग्राम कर्राखेड़ा के पटेल जगदीश खेरुआ, राम सिंह खेरुआ, गोविंद भिलाला, मोहित भिलाला, लाखन खेरुआ, अमर सिंह खेरुआ, अंकेश भिलाला, सुरेश बारेला, सुनील बारेला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र मौजूद रहे। पौधारोपण के साथ ही सभी उपस्थित लोगों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का जिम्मा उठाने का संकल्प लिया, ताकि स्कूल परिसर में हरियाली बढ़ सके और बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिले।1
- विश्व रंगमंच दिवस के मौके पर राजस्थान में पर्यटकों और आम जनता को भारतीय संस्कृति तथा धरोहरों से रूबरू कराने के लिए सभी ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहरों को खोल दिया गया है। इसके विपरीत, झालावाड़ जिला मुख्यालय पर स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर 'भवानी नाट्यशाला' आज सरकार और प्रशासन की घोर अनदेखी के चलते बदहाली और दुर्दशा का शिकार हो रही है। ओपेरा शैली में निर्मित यह ऐतिहासिक नाट्यशाला पूरे उत्तर भारत में अपनी खास पहचान के लिए प्रसिद्ध है, जहां अतीत में कई प्रसिद्ध नाटक खेले जा चुके हैं। इसकी स्थापना महाराज राणा भवानी सिंह ने 16 जुलाई 1921 को की थी। हालांकि इस ऐतिहासिक भवानी नाट्यशाला का स्थापना दिवस भी आयोजित किया गया, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह अनूठी धरोहर आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है।1
- राजस्थान के कोटा में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर और सोनम वांगचुक को डिटेन किए जाने के विरोध में एक दिवसीय भूख हड़ताल की जाएगी। इस भूख हड़ताल के जरिए जहां एक तरफ शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सोनम वांगचुक को जिस तरह से हिरासत (डिटेन) में लिया गया है, उसके खिलाफ भी कड़ा विरोध दर्ज कराया जा रहा है।1
- गुना जिले के फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 25 से 30 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। यह कार्रवाई कलोरा बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ-542 में की गई, जहां लंबे समय से वन भूमि पर अवैध कब्जा जमाया हुआ था। इस अभियान को वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) अंतर सिंह ओरिया के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूरा किया गया, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा अमले ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अवैध कब्जों को हटाने के लिए विभाग द्वारा 3 से 4 जेसीबी और 3 से 4 ट्रैक्टरों की मदद ली गई। अतिक्रमण मुक्त कराने के तुरंत बाद वन विभाग ने इस भूमि पर पुनर्वनीकरण अभियान की शुरुआत भी कर दी है। क्षेत्र को दोबारा विकसित करने, हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के उद्देश्य से इस मुक्त कराई गई भूमि पर तुरंत बबूल के पौधों का रोपण किया गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में पहले भी कई हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न करें और वन संरक्षण व पौधरोपण अभियानों में सहयोग दें। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगी।2
- राजगढ़ के जीरापुर में भगवान जगन्नाथ जी की कृपा सभी पर बनी रहने की कामना की गई है। धार्मिक आस्था के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हुए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि आस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ अपनी गहरी आस्था को प्रकट किया गया है।1
- कोटा शहर में बाइक चोरों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला किशोरपुरा पुलिस चौकी के पास का है, जहां घर के बाहर खड़ी एक बाइक महज 45 सेकंड में चोरी हो गई। यह पूरी वारदात वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। चोरी की गई बाइक मोहम्मद असलम की है, जो एक दुकान पर वेल्डिंग का काम करते हैं। उन्होंने रोज की तरह अपनी बाइक घर के बाहर खड़ी की थी, इसी दौरान एक शातिर चोर मौके पर पहुंचा और कुछ ही सेकंड में बाइक लेकर फरार हो गया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है। पीड़ित मोहम्मद असलम ने अपनी बाइक बरामद करने की गुहार लगाई है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी के पास हुई इस वारदात ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में सुबह के सत्र का आयोजन किया गया। इस मॉर्निंग सेशन के दौरान मुख्य रूप से कैमल पोज और शशक आसन का अभ्यास किया गया।1
- गुना जिले में भी सोशल मीडिया पर कोबरा सांप और गोह (मॉनिटर लिज़र्ड) की कथित लड़ाई का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों जंगली जीव आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं, जिसे लोग अलग-अलग दावों के साथ साझा कर रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो के सामने आने के बाद इसके बनने की जगह, तारीख और परिस्थितियों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि यह वीडियो हाल-फिलहाल का है या किसी विशेष स्थान से संबंधित है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि कोबरा और गोह दोनों ही जंगली जीव हैं, जिनका प्राकृतिक परिस्थितियों में आमना-सामना होना बेहद सामान्य है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो को सही मान लेना उचित नहीं है। इस संबंध में लोगों से अपील की गई है कि ऐसे वीडियो साझा करने से पहले उनके स्रोत और सत्यता की जांच जरूर करें। इसके अलावा, यदि वीडियो में वन्यजीवों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या क्रूरता दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित वन विभाग को दी जानी चाहिए।1
- झालावाड़ में दिनभर तेज धूप और उमस के कारण आमजन पूरी तरह से परेशान हैं। करीब एक सप्ताह से यहां बारिश का इंतजार बना हुआ है। सुबह से ही तेज धूप का असर शुरू हो जाता है जो दोपहर करीब 5 बजे तक जारी रहता है। इसके बाद हालांकि मौसम में परिवर्तन बना रहता है, लेकिन उमस बरकरार रहने से लोगों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिल रही है। दोपहर करीब 3:50 बजे झालावाड़ शहर का तापमान 33 बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर करीब एक सप्ताह तक झमाझम बारिश आए तो वातावरण में ठंडक होने लगेगी, क्योंकि हाल ही के दिनों में मानसून की बारिश के बाद कभी ठंडा तो कभी गर्मी का एहसास बना रहने लगा है। इस बीच, क्षेत्र के किसानों को भी बारिश का लंबा इंतजार बना हुआ है। किसानों ने फसलों की बुवाई कर दी है, लेकिन अब फसलों के लिए पानी की आवश्यकता है।1