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District lakhimpur kheri Gram lalauha ka yubak tha tendua puliya ke nikat agyat badmashon Ne Manish Rathore ke mari Goli hue farar sab aya samane
Shivam Kumar
District lakhimpur kheri Gram lalauha ka yubak tha tendua puliya ke nikat agyat badmashon Ne Manish Rathore ke mari Goli hue farar sab aya samane
More news from Lakhimpur Kheri and nearby areas
- पलिया लखीपुर खीरी में एक हाथी जंगल से सड़क पर आ गया. बाइकर की एंट्री से वह नाराज दिखा. हाथी ने बाइकर के पीछे दौड़ लगा दी. बाइकर ने तेजी से यू-टर्न लिया और भाग गया. दूसरा बाइकर बाइक को सड़क पर गिराकर जंगल में भाग गया_1
- CM Yogi Adityanath का बयान सनातन कमजोर होगा तो देश कमजोर होगा।2
- gram Mana Kheda mujra Kalvari Lakhimpur khiri Uttar Pradesh1
- पलिया क्षेत्र में हाथियों का आतंक चौखड़ा फार्म व बसन्तापुर में दर्जनों किसानों की उजाड़ी गेहूं की फसल पलियाकलां-खीरी। पलिया क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हो रही घटनाओं से किसानों में भय और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पहले हाथियों ने गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया, वहीं रखवाली करने पहुंचे किसानों पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। अब हाथियों ने गेहूं की खड़ी फसल को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बीती रात क्षेत्र के ग्राम चौखड़ा एवं बसन्तापुर के दर्जनों किसानों के खेतों में घुसकर हाथियों ने गेहूं की फसल रौंद डाली। एक ही रात में कई बीघा फसल नष्ट होने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित किसानों ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के बावजूद वन विभाग की ओर से हाथियों की रोकथाम के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। कई बार सूचना देने के बाद भी मौके पर समय से टीम नहीं पहुंचती, जिससे नुकसान बढ़ता जा रहा है। किसानों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने, रात्रि गश्त बढ़ाने तथा फसलों के हुए नुकसान का शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है। क्षेत्र में बढ़ते हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने जंगल किनारे लगाई बाड़ को तहस-नहस कर दिया। लोग रात के समय खेतों की रखवाली करने से भी कतरा रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में फसल का अधिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।1
- *सीतापुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में थाना तालगांव क्षेत्र के ग्राम कंजाशरीफपुर में चल रही अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से शातिर अभियुक्त मायाराम को गिरफ्तार किया है।* *नौ अवैध हथियार और भारी मात्रा में उपकरण बरामद, मुकदमा दर्ज.* जिला संवाददाता असद जुनैद भारत नेशन सीतापुर1
- U G C रेगुलेशन के समर्थन में निकला मार्च, विधानसभा कूच के दौरान झड़प लखनऊ में पुलिस और पल्लवी पटेल के बीच आज झड़प हो गई। पल्लवी U G C इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में सैकड़ों लोगो के साथ पैदल मार्च निकाल रही थी उनके साथ सैकड़ों महिलाएं इस मार्च में शामिल थी। महिलाओं के संघ it चौराहे सै निकली यहां से विधानसभा तक जाना था मार्च जब पुलिस बड़ी बड़ी भी आगे कारवाही चल रही1
- *ये है भारत की शिक्षा व्यवस्था का हाल।* आपको अपनी समस्या को लेकर सवाल तो पूछना पड़ेगा!1
- *दबे-पिछड़ों की आवाज़ को ताक़त, मुजीबुर रहमान खान लखीमपुर सदर विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त* लखीमपुर खीरी। आज दिनांक 10 फरवरी, मंगलवार को जिला कार्यालय एआईएमआईएम, लखीमपुर खीरी में पार्टी का एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन को और अधिक मज़बूत करना तथा जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता को बढ़ाना रहा। इस अवसर पर पार्टी नेतृत्व द्वारा सदर विधानसभा लखीमपुर से मुजीबुर रहमान खान को विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं विधानसभा मोहम्मदी से डॉ. सैयद सरताज हुसैन को कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही संगठन के युवा मोर्चे को सशक्त करने के लिए मेराज खान को यूथ जिला सचिव मनोनीत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेंट्रल जोन के प्रदेश उपाध्यक्ष उस्मान सिद्दीकी उपस्थित रहे। उनके साथ जिला अध्यक्ष मोहम्मद नसीम, यूथ जिला अध्यक्ष आसिफ अहमद उर्फ आशु, जिला महासचिव मोहम्मद हनीफ सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नव-नियुक्त विधानसभा अध्यक्ष मुजीबुर रहमान खान ने अपने संबोधन में कहा कि मजलिस केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि यह दबे-पिछड़े, मज़लूमों, दलितों और मुसलमानों के हक़ की लड़ाई लड़ने वाला एक मजबूत मंच है। मजलिस ने हमेशा आवास, शिक्षा, रोज़गार और सम्मान के साथ जीने के अधिकार के लिए संघर्ष किया है और आगे भी पूरी ताक़त के साथ यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को वह पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे तथा लखीमपुर सदर विधानसभा में पार्टी संगठन को मज़बूती प्रदान करेंगे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नेताओं ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पार्टी जनहित और सामाजिक न्याय के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाएगी। कार्यक्रम का समापन संगठन की एकता और मज़बूती के संकल्प के साथ किया गया।2
- सवालों के घेरे में पलिया का भविष्य पलियाकलां-खीरी। पलिया नगर में रोडवेज बस अड्डे की वर्षों पुरानी मांग आज भी केवल खबरों और चर्चाओं तक सीमित रह गई है। लगातार समाचार प्रकाशित होने और जनसमस्याओं को उजागर किए जाने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि गंभीर नजर आ रहे हैं और न ही आमजन इस मुद्दे पर संगठित होकर आवाज उठा रहे हैं। जनता की इस चुप्पी से ऐसा प्रतीत होता है मानो पलिया को रोडवेज बस अड्डे की आवश्यकता ही नहीं है। स्थिति यह है कि नगर में रोडवेज की बसें तो संचालित हो रही हैं, लेकिन उनके ठहराव और यात्रियों की सुविधा के लिए कोई स्थायी बसड्डा नहीं है। सभी बसें पुलिस चौकी के आसपास सड़क किनारे खड़ी की जाती हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर सुबह और शाम के समय राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि समय रहते जनता ने संगठित होकर रोडवेज बस अड्डे की मांग नहीं उठाई, तो भविष्य में पलिया से रोडवेज बसों का संचालन भी रेल सेवाओं की तरह ठप हो सकता है। जिस प्रकार पलिया में रेल लाइन होते हुए भी यात्री ट्रेनों का संचालन न के बराबर है, उसी तरह रोडवेज बसों का भविष्य भी खतरे में पड़ सकता है। विडंबना यह है कि जब ट्रेनों के संचालन की बात आती है, तो जनता एकजुट होकर आवाज बुलंद करती है, लेकिन रोडवेज बसड्डे जैसे बुनियादी मुद्दे पर उदासीनता साफ नजर आती है। यदि जनआंदोलन के रूप में यह मांग उठाई जाए, तो शासन-प्रशासन पर दबाव बनेगा और पलिया में रोडवेज बस अड्डे का निर्माण निश्चित रूप से संभव हो सकेगा। अब जरूरत इस बात की है कि नगरवासी राजनीति से ऊपर उठकर अपने हित में एकजुट हों और रोडवेज बस अड्डे की मांग को मजबूती से उठाएं। अन्यथा पलिया नगर रोडवेज सुविधा से वंचित होकर विकास की दौड़ में और पीछे छूट सकता है।1