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बहराइच में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मगरमच्छ के खूनी हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई है। बताया गया है कि महिला रातभर से लापता थी और उसका क्षत-विक्षत शव सुबह नहर में करीब तीन किलोमीटर दूर मिला। यह दहला देने वाली खबर है कि एक शादी में गई महिला मगरमच्छ का निवाला बन गई। जब शव मिला, तो एक मगरमच्छ उसे अपने मुँह में दबाए बैठा था और उसका एक पैर खा चुका था। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बड़ी मुश्किल से मगरमच्छ के चंगुल से शव को बाहर निकाला। इस घटना से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी गुस्सा है, क्योंकि सूचना दिए जाने के बाद भी उनकी टीम मौके पर नहीं पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, और इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
Mohit Nepali
बहराइच में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मगरमच्छ के खूनी हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई है। बताया गया है कि महिला रातभर से लापता थी और उसका क्षत-विक्षत शव सुबह नहर में करीब तीन किलोमीटर दूर मिला। यह दहला देने वाली खबर है कि एक शादी में गई महिला मगरमच्छ का निवाला बन गई। जब शव मिला, तो एक मगरमच्छ उसे अपने मुँह में दबाए बैठा था और उसका एक पैर खा चुका था। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बड़ी मुश्किल से मगरमच्छ के चंगुल से शव को बाहर निकाला। इस घटना से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी गुस्सा है, क्योंकि सूचना दिए जाने के बाद भी उनकी टीम मौके पर नहीं पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, और इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
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- उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के मटेरा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण उन्हें 24 घंटे में मुश्किल से केवल 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जबकि शेष समय में लगातार कटौती की जा रही है। मटेरा पावर हाउस से जुड़े उपभोक्ता बताते हैं कि क्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली काट दी जाती है, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इस अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण पेयजल संकट, बच्चों की पढ़ाई, व्यापारिक गतिविधियाँ और किसानों के कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, वे विभाग से नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर सभी की निगाहें बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, और यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक मटेरा की जनता को इस बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा और क्या विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा।1
- आने वाली 15 जुलाई को पूरे देश में भारत बंद रहेगा। इसी दिन ईंधन की कीमतों में भी गिरावट होने वाली है।1
- बहराइच के मटेरा में लगातार अघोषित बिजली कटौती और बिजली विभाग के अड़ियल रवैये से तंग आकर मटेरा बाजार के समस्त व्यापारियों और क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित जनता और व्यापारियों ने आज 33/11 के.वी. विद्युत उपकेंद्र (पावर स्टेशन) मटेरा के सामने एकत्रित होकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया और विभाग के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया। धरने पर बैठे स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से 'वेंटिलेटर पर' है, जहाँ 24 घंटे में मात्र कुछ घंटों की बिजली वह भी 'किस्तों' (बार-बार ट्रिपिंग) में दी जा रही है। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में बिजली न मिलने से आम जनजीवन बेहाल है, वहीं मटेरा बाजार का व्यापार पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुँच गया है। इलेक्ट्रॉनिक, वेल्डिंग, और कोल्ड स्टोरेज जैसे छोटे-बड़े व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आंदोलनकारियों ने बिजली विभाग के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही और जनता की समस्याओं के प्रति घोर उदासीनता का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी, जिसके बाद मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें हैं कि मटेरा क्षेत्र को शासन द्वारा निर्धारित रोस्टर/शेड्यूल के अनुसार नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मिले, जर्जर तारों और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, और उपभोक्ताओं के फोन न उठाने वाले लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि उनकी मांग कोई नाजायज नहीं है और वे सिर्फ अपने हक की बिजली मांग रहे हैं। यदि शासन के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई और समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकला, तो यह शांतिपूर्ण आंदोलन आने वाले दिनों में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी। इस धरने में मटेरा बाजार के प्रमुख व्यापारी वर्ग, सामाजिक कार्यकर्ता और भारी संख्या में क्षेत्रीय संभ्रांत नागरिक व ग्रामीण मौजूद रहे।1
- बहराइच-गोंडा मार्ग पर चिलवरिया के पास रविवार सुबह करीब 5 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें वाराणसी कैंट डिपो की एक रोडवेज बस (संख्या UP78HT4651) सीमेंट से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। यह बस गोंडा से बहराइच की ओर आ रही थी और टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इस हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। टक्कर के कारण रोडवेज बस में सवार 11 यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। घायलों में से छह लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि पांच अन्य का उपचार अभी जारी है। इन घायलों में एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार, फिलहाल घटनास्थल पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस इस सड़क हादसे के कारणों की जांच कर रही है।1
- बहराइच की यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत कुल 656 वाहनों का चालान किया गया है और इन पर कुल ₹8,48,700 का जुर्माना लगाया गया है। इस दौरान तीन वाहनों को सीज भी किया गया। पुलिस ने विभिन्न यातायात उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई की, जिसमें गलत या अस्पष्ट नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने वाले 5 वाहन शामिल थे, जिनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाकर चलने वाले 59 वाहनों के खिलाफ भी इसी अधिनियम के तहत एक्शन लिया गया। इसके अतिरिक्त, 2 चारपहिया वाहनों से ब्लैक फिल्म हटवाकर उन पर भी मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न बजाकर ध्वनि प्रदूषण करने वाले 15 भारी वाहनों और मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर दोपहिया वाहन चलाने वाले 2 वाहनों पर भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। यातायात पुलिस बहराइच द्वारा यह कार्यवाही सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत अभियान चलाकर की गई।2
- बहराइच में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मगरमच्छ के खूनी हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई है। बताया गया है कि महिला रातभर से लापता थी और उसका क्षत-विक्षत शव सुबह नहर में करीब तीन किलोमीटर दूर मिला। यह दहला देने वाली खबर है कि एक शादी में गई महिला मगरमच्छ का निवाला बन गई। जब शव मिला, तो एक मगरमच्छ उसे अपने मुँह में दबाए बैठा था और उसका एक पैर खा चुका था। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बड़ी मुश्किल से मगरमच्छ के चंगुल से शव को बाहर निकाला। इस घटना से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी गुस्सा है, क्योंकि सूचना दिए जाने के बाद भी उनकी टीम मौके पर नहीं पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, और इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।1