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बिहटा में आईआईटी कैंपस के अंदर चल रहे निजी स्कूल को बंद करने के आदेश के बाद अभिभावकों और छात्रों में आक्रोश है। अचानक हुए इस फैसले से सैकड़ों बच्चों के भविष्य पर संकट गहरा गया है। अभिभावकों ने प्रशासन से निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए विरोध जताया है। छात्रों ने पढ़ाई बाधित होने को लेकर नाराजगी व्यक्त की है।
Reporter Satyendra
बिहटा में आईआईटी कैंपस के अंदर चल रहे निजी स्कूल को बंद करने के आदेश के बाद अभिभावकों और छात्रों में आक्रोश है। अचानक हुए इस फैसले से सैकड़ों बच्चों के भविष्य पर संकट गहरा गया है। अभिभावकों ने प्रशासन से निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए विरोध जताया है। छात्रों ने पढ़ाई बाधित होने को लेकर नाराजगी व्यक्त की है।
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- अचानक हुए इस फैसले से सैकड़ों बच्चों के भविष्य पर संकट गहरा गया है। अभिभावकों ने प्रशासन से निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए विरोध जताया है। छात्रों ने पढ़ाई बाधित होने को लेकर नाराजगी व्यक्त की है।1
- चाय बागान से चाय वाले का प्रचार, ये डबल इंजन की सरकार डबल झुकाऊ- प्रियंका, बंगाल में CRPF की गोली मारने की पत्थरबाजों को धमकी, ओवैसी की ममता को ललकार, अखिलेश ने किया अंबेडकर के पौत्र का सम्मान, मुझे बस ईरान से बाहर निकलना बोले ट्रंप..... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर...1
- #नौबतपुर में एक दुखद घटना सामने आई है। रामा शंकर जी की मिठाई की दुकान में कल रात अचानक आग लग गई, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे सामान, फर्नीचर और अन्य सामग्री को बचाने का मौका नहीं मिल सका। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू पाने में काफी समय लग गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और दमकल विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। ऐसी घटनाएं व्यापारियों के लिए बड़ा नुकसान साबित होती हैं। उम्मीद है कि प्रशासन पीड़ित को उचित सहायता प्रदान करेगा। #Naubatpur #viralreels #trending #video1
- Post by Shivshankar Kumar1
- नई शुरुआत में आपका स्वागत है दोस्तों मैं जब भी वीडियो पोस्ट करता हूं आप लोग बहुत अच्छे हैं दोस्तों जो हमको फॉलो करते हैं || #न्यूज #shurulocalapps #trending #comedy1
- देश में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। UGC से जुड़े हालिया फैसलों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश मिश्र ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को राजनीतिक स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करना बेहद चिंताजनक है और इसका सीधा असर देश के भविष्य पर पड़ सकता है। ब्रजेश मिश्र ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में वोट बैंक की राजनीति हावी हो चुकी है, जिसके कारण नीतियां गुणवत्ता और योग्यता के बजाय तुष्टिकरण को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह फैसले लिए जाते रहे, तो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आना तय है। उन्होंने आगे कहा कि UGC जैसे संस्थानों का उद्देश्य देश में शिक्षा का स्तर सुधारना और छात्रों को बेहतर अवसर देना है, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप इसकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को कमजोर कर रहा है। यह स्थिति न केवल छात्रों बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। अंत में ब्रजेश मिश्र ने सरकार से अपील की कि शिक्षा को राजनीति से दूर रखा जाए और ऐसे निर्णय लिए जाएं जो देश के युवाओं के हित में हों। उन्होंने कहा कि मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही देश को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा आधार है।1
- मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है1
- बिहटा: प्रखंड के महुआर स्थित पावर हाउस की अनदेखी का खामियाजा पाली फीडर से जुड़े गांवों के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले करीब एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिससे सोन नदी के तटीय क्षेत्रों में खेती बुरी तरह प्रभावित हो गई है। बिजली नहीं रहने के कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नतीजतन, हजारों एकड़ में लगी मकई, खीरा, ककड़ी, तरबूज, भिंडी जैसी फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। समय पर पानी नहीं मिलने से खेतों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि एक सप्ताह से बिजली नहीं आने के कारण फसलों की सिंचाई ठप है। अगर जल्द ही आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। पहले से ही आलू की गिरती कीमतों ने किसानों को परेशान कर रखा है, अब दूसरी फसल भी बर्बादी की कगार पर है।1