मांगलियावास थाना क्षेत्र के लामाना स्थित एक फैक्ट्री में रविवार रात एक श्रमिक के साथ हुई मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चार लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। इन सभी को मंगलवार को उपखंड अधिकारी पीसांगन के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। यह विवाद फैक्ट्री श्रमिक और सुपरवाइजर के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ था। मारपीट की सूचना मिलने पर फैक्ट्री मालिक दीपक झंवर तुरंत मौके पर पहुँचे और घायल श्रमिक को अजमेर अस्पताल भिजवाकर उसका उपचार शुरू करवाया। घायल श्रमिक की हालत में सुधार बताया गया है, और फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा ही उसके पूरे इलाज का खर्च उठाया जा रहा है। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश निवासी आलोक दुबे पुत्र विद्याभूषण दुबे, विकास पुत्र दिलीप सिंह, बलवंत पुत्र नूरा यादव, और मध्य प्रदेश निवासी ओम प्रताप पुत्र शमशेर बहादुर को गिरफ्तार किया था। फैक्ट्री मालिक दीपक झंवर ने झगड़ा करने वाले इन चारों आरोपियों को फैक्ट्री से निकालने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री में किसी भी प्रकार का अशांति का माहौल उत्पन्न करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है, और भविष्य में भी ऐसा करने वालों को फैक्ट्री से निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार, खबर लिखे जाने तक पीड़ित श्रमिक की ओर से थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई थी, और पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ, सोमवार को मांगलियावास पुलिस ने यातायात नियमों की पालना के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस से नौकझौंक करने पर रास के पिलपाया निवासी वाहन चालक दिलीप पुत्र नौरत प्रजापत को भी शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। उसे भी पीसांगन उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश करने पर जमानत पर रिहा कर दिया गया।
मांगलियावास थाना क्षेत्र के लामाना स्थित एक फैक्ट्री में रविवार रात एक श्रमिक के साथ हुई मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चार लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। इन सभी को मंगलवार को उपखंड अधिकारी पीसांगन के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। यह विवाद फैक्ट्री श्रमिक और सुपरवाइजर के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ था। मारपीट की सूचना मिलने पर फैक्ट्री मालिक दीपक झंवर तुरंत मौके पर पहुँचे और घायल श्रमिक को अजमेर अस्पताल भिजवाकर उसका उपचार शुरू करवाया। घायल श्रमिक की हालत में सुधार बताया गया है, और फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा ही उसके पूरे इलाज का खर्च उठाया जा रहा है। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश निवासी आलोक दुबे पुत्र विद्याभूषण दुबे, विकास पुत्र दिलीप सिंह, बलवंत पुत्र नूरा यादव, और मध्य प्रदेश निवासी ओम प्रताप पुत्र शमशेर बहादुर को गिरफ्तार किया था। फैक्ट्री मालिक दीपक झंवर ने झगड़ा करने वाले इन चारों आरोपियों को फैक्ट्री से निकालने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री में किसी भी प्रकार का अशांति का माहौल उत्पन्न करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है, और भविष्य में भी ऐसा करने वालों को फैक्ट्री से निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार, खबर लिखे जाने तक पीड़ित श्रमिक की ओर से थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई थी, और पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ, सोमवार को मांगलियावास पुलिस ने यातायात नियमों की पालना के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस से नौकझौंक करने पर रास के पिलपाया निवासी वाहन चालक दिलीप पुत्र नौरत प्रजापत को भी शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। उसे भी पीसांगन उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश करने पर जमानत पर रिहा कर दिया गया।
- मांगलियावास थाना क्षेत्र के लामाना स्थित एक फैक्ट्री में रविवार रात एक श्रमिक के साथ हुई मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चार लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। इन सभी को मंगलवार को उपखंड अधिकारी पीसांगन के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। यह विवाद फैक्ट्री श्रमिक और सुपरवाइजर के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ था। मारपीट की सूचना मिलने पर फैक्ट्री मालिक दीपक झंवर तुरंत मौके पर पहुँचे और घायल श्रमिक को अजमेर अस्पताल भिजवाकर उसका उपचार शुरू करवाया। घायल श्रमिक की हालत में सुधार बताया गया है, और फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा ही उसके पूरे इलाज का खर्च उठाया जा रहा है। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश निवासी आलोक दुबे पुत्र विद्याभूषण दुबे, विकास पुत्र दिलीप सिंह, बलवंत पुत्र नूरा यादव, और मध्य प्रदेश निवासी ओम प्रताप पुत्र शमशेर बहादुर को गिरफ्तार किया था। फैक्ट्री मालिक दीपक झंवर ने झगड़ा करने वाले इन चारों आरोपियों को फैक्ट्री से निकालने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री में किसी भी प्रकार का अशांति का माहौल उत्पन्न करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है, और भविष्य में भी ऐसा करने वालों को फैक्ट्री से निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार, खबर लिखे जाने तक पीड़ित श्रमिक की ओर से थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई थी, और पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ, सोमवार को मांगलियावास पुलिस ने यातायात नियमों की पालना के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस से नौकझौंक करने पर रास के पिलपाया निवासी वाहन चालक दिलीप पुत्र नौरत प्रजापत को भी शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। उसे भी पीसांगन उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश करने पर जमानत पर रिहा कर दिया गया।1
- ब्यावर जिला क्षेत्र की विजयनगर तहसील के जालिया द्वितीय गाँव में खारी नदी पर चल रहे अवैध बजरी खनन के खिलाफ समस्त ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए 3 मीटर से भी ज्यादा गहरी खुदाई की जा रही है। इस अवैध खनन से पास स्थित नारायण सागर बांध, पुरानी पुलिया और पीएम सड़क योजना की मुख्य सड़क को भारी नुकसान पहुँच रहा है। इसके साथ ही, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से स्थानीय छात्र-छात्राओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं को लेकर समस्त ग्रामवासियों ने नदी क्षेत्र में एक उग्र धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस अवैध खनन को तत्काल प्रभाव से रुकवाने की पुरजोर मांग की है।1
- रियांबड़ी नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य बस स्टैंड से पुरोहितों के बास तक जाने वाला मार्ग इन दिनों बेहद बदहाल स्थिति में है। स्थानीय निवासियों ने जल विभाग पर गंभीर आरोप लगाया है कि पाइपलाइन संबंधी कार्य पूरा होने के बाद विभाग ने सड़क का स्थायी निर्माण नहीं कराया, जिसके चलते मार्ग पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। यह मार्ग क्षेत्र का एक प्रमुख आवागमन मार्ग है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों लोग और स्कूल समय में 500 से अधिक विद्यार्थी गुजरते हैं। सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि सड़क का सुधार कार्य जल्द नहीं हुआ, तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। बरसात का मौसम शुरू होने के बाद से यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि बारिश से गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी वास्तविक गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा बन गया है, और संतुलन बिगड़ने से कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के संबंध में कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को सूचित किया है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने विभागीय उदासीनता पर गहरा रोष प्रकट किया है। क्षेत्रवासियों ने अब प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि सड़क का शीघ्र पक्का निर्माण कराया जाए और गड्ढों को भरकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे जनहित में आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- नागौर जिले की जसवंताबाद ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है, जहाँ 20 वर्षों से लंबित 20 परिवारों के 400 बीघा भूमि विवाद का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने की। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने जानकारी दी कि यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। शिविर के दौरान, सभी पक्षों की आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से इस विवाद का समाधान कराया गया। इस निर्णय से संबंधित 20 परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिसके लिए उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और मौके पर ही कई समस्याओं का निस्तारण होने पर लोगों ने संतोष जताया। शिविर प्रभारी जगदीश माली के अनुसार, इस ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, कृषि, पशुपालन, चिकित्सा, शिक्षा, जलदाय, विद्युत तथा पंचायती राज सहित कुल 22 विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इन अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी प्रदान किए। प्रशासन ने बताया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।1
- नागौर जिले के रोहिसा से धनेरिया जाने वाले कच्चे मार्ग पर एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खोदी गई गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में वाहन चालक को मामूली चोटें आईं, लेकिन एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर चालक को सुरक्षित वाहन से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन मार्ग से गुजरते हुए धनेरिया से रोहिसा की ओर आ रही पिकअप पर चालक ने नियंत्रण खो दिया। सड़क निर्माण कार्य के कारण मार्ग पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं और किनारों पर मिट्टी की खुदाई कर खाइयां बनाई गई हैं। इसी वजह से पिकअप वाहन सीधे सड़क निर्माण स्थल के पास बनी खाई में जा गिरा। चालक को हल्की चोटें आने के बाद प्राथमिक उपचार दिया गया, और इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बाद में, क्रेन की सहायता से वाहन को खाई से बाहर निकाला गया, जिससे कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों का अभाव था। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माणाधीन मार्ग पर गहरे गड्ढे और खाइयां होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है, विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है। ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी से मांग की है कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड तथा बैरिकेडिंग लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।1
- अजमेर जिले के पीसांगन स्थित नगरपालिका के वार्ड 6 में आवारा कुत्तों का आतंक व्याप्त है, जिसके चलते वार्डवासियों में भय का माहौल बना हुआ है। हाल ही में हुई एक घटना में, आवारा कुत्तों के शिकार से दो बकरियों की मौत हो गई। इस समस्या और नुकसान से प्रभावित वार्डवासी अब अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। वे पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा दिलवाने और आवारा कुत्तों के आतंक से क्षेत्र को निजात दिलाने की मांग करेंगे।1