हरिद्वार के भारत माता मंदिर के पास सुबह-सुबह एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक बेहद प्यासी गौ माता ने खुद अपने मुंह से पानी का नल खोला और अपनी प्यास बुझाई। टपकते हुए नल को देखकर गाय ने अपने मुंह का इस्तेमाल कर उसे खोला और पानी पीने लगी, जिसे देखकर लोग अचरज में पड़ गए और इस पूरे दृश्य का एक वीडियो भी बना लिया गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि जब पेट में आग लगती है, तो दिमाग अपने आप काम करने लगता है। आज के दौर में इंसान केवल अपने और अपने बच्चों के बारे में ही सोचता है, लेकिन इन बेजुबान जीव-जंतुओं के बारे में कोई नहीं विचार करता। यदि हम वास्तव में गाय को अपनी माता मानते हैं, तो हमें उनके पेट भरने और पानी पीने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए और उनके लिए रोजाना एक रोटी जरूर निकालनी चाहिए। जब हम गौ माता के लिए कुछ करेंगे, तभी हम खुद को गौ माता का कहलाने के हकदार साबित कर पाएंगे। जय सनातन, जय भारत माता।
हरिद्वार के भारत माता मंदिर के पास सुबह-सुबह एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक बेहद प्यासी गौ माता ने खुद अपने मुंह से पानी का नल खोला और अपनी प्यास बुझाई। टपकते हुए नल को देखकर गाय ने अपने मुंह का इस्तेमाल कर उसे खोला और पानी पीने लगी, जिसे देखकर लोग अचरज में पड़ गए और इस पूरे दृश्य का एक वीडियो भी बना लिया गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि जब पेट में आग लगती है, तो दिमाग अपने आप काम करने लगता है। आज के दौर में इंसान केवल अपने और अपने बच्चों के बारे में ही सोचता है, लेकिन इन बेजुबान जीव-जंतुओं के बारे में कोई नहीं विचार करता। यदि हम वास्तव में गाय को अपनी माता मानते हैं, तो हमें उनके पेट भरने और पानी पीने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए और उनके लिए रोजाना एक रोटी जरूर निकालनी चाहिए। जब हम गौ माता के लिए कुछ करेंगे, तभी हम खुद को गौ माता का कहलाने के हकदार साबित कर पाएंगे। जय सनातन, जय भारत माता।
- हरिद्वार के भारत माता मंदिर के पास सुबह-सुबह एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक बेहद प्यासी गौ माता ने खुद अपने मुंह से पानी का नल खोला और अपनी प्यास बुझाई। टपकते हुए नल को देखकर गाय ने अपने मुंह का इस्तेमाल कर उसे खोला और पानी पीने लगी, जिसे देखकर लोग अचरज में पड़ गए और इस पूरे दृश्य का एक वीडियो भी बना लिया गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि जब पेट में आग लगती है, तो दिमाग अपने आप काम करने लगता है। आज के दौर में इंसान केवल अपने और अपने बच्चों के बारे में ही सोचता है, लेकिन इन बेजुबान जीव-जंतुओं के बारे में कोई नहीं विचार करता। यदि हम वास्तव में गाय को अपनी माता मानते हैं, तो हमें उनके पेट भरने और पानी पीने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए और उनके लिए रोजाना एक रोटी जरूर निकालनी चाहिए। जब हम गौ माता के लिए कुछ करेंगे, तभी हम खुद को गौ माता का कहलाने के हकदार साबित कर पाएंगे। जय सनातन, जय भारत माता।1
- हरिद्वार जनपद के लक्सर स्थित चंदन पैलेस में हिन्द मजदूर किसान समिति द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जनेऊ क्रांति गुरु एवं हिन्द मजदूर किसान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र मोहन जी पहुंचे। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही, जिससे वहां भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस कार्यक्रम के दौरान लगभग 1000 से अधिक लोगों ने सामूहिक रूप से जनेऊ धारण किया। आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों द्वारा वैदिक परंपराओं, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर भी गहनता से विचार व्यक्त किए गए।1
- हरिद्वार जिले की लक्सर विधानसभा के एथल गांव में लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद का जोरदार स्वागत किया गया। विधायक मोहम्मद शहजाद एथल गांव के जनरल शाहनवाज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परिसर में वॉलीबॉल खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे। यहाँ उन्होंने गांव के लोगों के बीच पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें वॉलीबॉल किट सौंपी।1
- मानव सेवा और भंडारे की परंपरा को अपनी पहचान बनाने वाले 'भंडारे वाले बाबा' स्वर्गीय रमाशंकर गुप्ता की अंतिम यात्रा में हरिद्वार पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने कंधा देकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। "भंडारा कर दो बाबूजी" की अपनी खास आवाज़ से देशभर में लोकप्रिय हुए बाबा का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया, जहाँ पुलिस बल के जवानों ने उन्हें बेहद भावभीनी अंतिम विदाई दी।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में पति से अनबन के बाद मायके जा रही एक महिला ने अपने एक साल के बच्चे के साथ गंग नहर में छलांग लगा दी। नहर में कूदने के बाद से ही दोनों लापता बताए जा रहे हैं। लापता मां-बेटे की खोजबीन के लिए एसडीआरएफ की टीम ने युद्ध स्तर पर सर्च अभियान चलाया है। इस बेहद गंभीर घटना के बाद महिला के पति का बयान भी सामने आया है।1