कोरबा:-चर्च के नाम पर भूमि खरीदी का विरोध, धर्मान्तरण का लगा आरोप। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले मे भी चर्च के नाम पर भूमि क्रय को लेकर विरोध देखने को मिल रहा। जहाँ पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड के ग्राम दम्हामुड़ा के ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि गांव कि भूमि को वर्ष 2016 में विलिवर्स चर्च ऑफ इंडिया के नाम पर खरीदा गया, जिस पर गांव के लोगों को कड़ा ऐतराज है। और जमीन कि रजिस्ट्री व नामांतरण निरस्त करने कि मांग कि है। दरअसल ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि का उपयोग चर्च निर्माण और धर्मांतरण गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिससे क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और सदियों से चली आ रही परंपराएं प्रभावित हो सकती हैं। वैसे ही गांव में संचालित चंगाई सभाओं को लेकर भी ग्रामीणों ने कई बार आपत्ति जताई है अब चर्च निर्माण पर आदिवासी समाज की सभ्यता के लिए घातक रूप ले सकता है। इस पूरे मामले पर आदिवासी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र मरकाम ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में चर्च का निर्माण छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर सीधा आघात है और पहले से ही प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। वही SDM ने जांच कर उचित कार्यवाही कि बात कही।
कोरबा:-चर्च के नाम पर भूमि खरीदी का विरोध, धर्मान्तरण का लगा आरोप। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले मे भी चर्च के नाम पर भूमि क्रय को लेकर विरोध देखने को मिल रहा। जहाँ पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड के ग्राम दम्हामुड़ा के ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि गांव कि भूमि को वर्ष 2016 में विलिवर्स चर्च ऑफ इंडिया के नाम पर खरीदा गया, जिस पर गांव के लोगों को कड़ा ऐतराज है। और जमीन कि रजिस्ट्री व नामांतरण निरस्त करने कि मांग कि है। दरअसल ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि का उपयोग चर्च निर्माण और धर्मांतरण गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिससे क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और सदियों से चली आ रही परंपराएं प्रभावित हो सकती हैं। वैसे ही गांव में संचालित चंगाई सभाओं को लेकर भी ग्रामीणों ने कई बार आपत्ति जताई है अब चर्च निर्माण पर आदिवासी समाज की सभ्यता के लिए घातक रूप ले सकता है। इस पूरे मामले पर आदिवासी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र मरकाम ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में चर्च का निर्माण छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर सीधा आघात है और पहले से ही प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। वही SDM ने जांच कर उचित कार्यवाही कि बात कही।
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बच्चे न होने के विवाद में पति ने पत्नी को मार डाला। आरोपी ने फावड़े से हमला कर पत्नी की हत्या कर दी और फरार हो गया। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार लिया गया है।जानकारी के मुताबिक, करीब 18 साल पहले गायत्री बस्ती में रहने वाले तुलसी यादवकी शादी रंजना यादव से हुई थी। लेकिन दंपती को अब तक संतान नहीं हुई थी। इसके अलावा पति पत्नी के कैरेक्टर पर भी शक करता था।जांच में सामने आया है कि संतान न होने और चरित्र पर संदेह को लेकर दंपती के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना वाली शाम भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद गुस्साए पति ने फावड़े से पत्नी के सिर पर चेहरे पर हमला दिया।दरअसल, तुलसी यादव पेशे से किसान है। पत्नी रंजना यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ढेलवाडीह गायत्री बस्ती में रहता है। शादी के 18 साल बाद भी दोनों की संतान नहीं थी। ऐसे में दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।हाल ही में रंजना अपने मायके ढेलवाडीह मेला देखने गई थी। पति भी मेले में पहुंचा था। वहां से लौटने के बाद दंपती में पुरानी बातों को लेकर विवाद हो गया। पति ने फावड़े से पत्नी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर वार किया।जिससे पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई और जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद पति मौके से फरार हो गया। इधर, चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो रंजना खून से लथपथ पड़ी हुई थी। परिजन उसे फौरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहाँ उसकी मौत हो गयी.1
- Post by DEOKI PURI GOSVAMI1
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
- तेज रफ्तार पिकअप से टक्कर में युवक की मौत, अस्पताल के सामने चक्का जाम।1
- happy birthday dear HB sab ji1
- Post by Sateesh Kumar Ray1
- बिलासपुर में चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी पर एक सुखसागर कंस्ट्रक्शन कॉलोनी में रहने वाला व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यक्ति का दावा है कि उन्होंने 8 वर्षों में 5.29 लाख रुपये का भुगतान करने के बावजूद, कंपनी ने उनके वाहन को जब्त कर लिया। पीड़ित ने तारबहार थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। - बिना पूर्व सूचना के वाहन जब्त किया गया। - वाहन के साथ निजी सामान भी ले गए। - कंपनी द्वारा जमा राशि का स्टेटमेंट नहीं दिया जा रहा है। - वाहन वापस दिलाने के लिए चक्कर कटवाए जा रहे हैं। - पीड़ित की शिकायत पर तारबहार थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। - जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। - यह मामला फाइनेंस चोला मंडलम कंपनियों की कार्यप्रणाली और उपभोक्ता अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। - उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले मे भी चर्च के नाम पर भूमि क्रय को लेकर विरोध देखने को मिल रहा। जहाँ पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड के ग्राम दम्हामुड़ा के ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि गांव कि भूमि को वर्ष 2016 में विलिवर्स चर्च ऑफ इंडिया के नाम पर खरीदा गया, जिस पर गांव के लोगों को कड़ा ऐतराज है। और जमीन कि रजिस्ट्री व नामांतरण निरस्त करने कि मांग कि है। दरअसल ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि का उपयोग चर्च निर्माण और धर्मांतरण गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिससे क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और सदियों से चली आ रही परंपराएं प्रभावित हो सकती हैं। वैसे ही गांव में संचालित चंगाई सभाओं को लेकर भी ग्रामीणों ने कई बार आपत्ति जताई है अब चर्च निर्माण पर आदिवासी समाज की सभ्यता के लिए घातक रूप ले सकता है। इस पूरे मामले पर आदिवासी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र मरकाम ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में चर्च का निर्माण छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर सीधा आघात है और पहले से ही प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। वही SDM ने जांच कर उचित कार्यवाही कि बात कही।1