सम्राट सरकार की पहली प्रशासनिक क्रांति: 12 IAS + 16 IPS का एक साथ तबादला CM सचिवालय से लेकर पुलिस मुख्यालय तक बदली फौज; यह सिर्फ ट्रांसफर नहीं, नई सरकार का सत्ता-संदेश है, विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार पटना: बिहार में जब भी कोई नई सरकार आती है, सबसे पहले जो काम होता है — वह है अफसरों की फौज की तैनाती बदलना। बिहार में नई सरकार के गठन और सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का फेरबदल शुरू हो गया है। मंत्रिमंडल विस्तार के मात्र तीन दिन बाद रविवार को राज्य सरकार ने एक साथ 12 वरिष्ठ IAS और 16 वरिष्ठ IPS अधिकारियों की तैनाती बदल दी। यह फेरबदल प्रशासनिक रूटीन नहीं है। यह सम्राट चौधरी सरकार का पहला और स्पष्ट संदेश है — "हमारे अपने लोग, हमारी अपनी प्राथमिकताएँ।" IAS फेरबदल: मुख्यमंत्री सचिवालय में नई जोड़ी, वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह अब वित्त विभाग के सचिव होंगे। संजय सिंह के पास वाणिज्य कर विभाग, वाणिज्य कर आयुक्त, GST आयुक्त और मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। लोकेश कुमार सिंह को पर्यटन विभाग का नया सचिव बनाया गया है। वह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। यानी CM सचिवालय में अब दो नए चेहरे — संजय कुमार सिंह और लोकेश कुमार सिंह — मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी में काम करेंगे। पुराने सचिवों का क्या हुआ? कुमार रवि (2005 बैच), जो मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात थे, उन्हें स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया है। कुमार रवि को संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव चंद्रशेखर सिंह अब जल संसाधन विभाग के सचिव होंगे। इनके पास सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और बिहार विकास मिशन के मिशन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वित्त विभाग में बड़ा बदलाव, राज्य के वित्तीय प्रबंधन को मजबूती देने के लिए संजय कुमार सिंह (2007 बैच) को वित्त विभाग का सचिव (संपूर्ण प्रभार) नियुक्त किया गया है। इससे पहले इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार आनंद किशोर संभाल रहे थे, जिन्हें अब इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। वित्त विभाग नई सरकार की आर्थिक नीतियों का केंद्र होगा। संजय कुमार सिंह को यह भार सौंपना बताता है कि सरकार वित्तीय अनुशासन पर गंभीर है। IPS फेरबदल: पुलिस महकमे में भूचाल, 16 वरिष्ठ IPS अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फेरबदल में महानिदेशक (DG), अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सबसे बड़े बदलाव: 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. परेश सक्सेना को महानिदेशक-सह-आयुक्त, असैनिक सुरक्षा बनाया गया है। यह पदोन्नति है — ADG से सीधे DG। चर्चित आईपीएस विकास वैभव को मगध क्षेत्र (गया) का नया आईजी नियुक्त किया गया है। विकास वैभव राज्य योजना परिषद के परामर्शी पद पर तैनात थे। मगध रेंज — जिसमें गया, नवादा, औरंगाबाद जैसे संवेदनशील जिले आते हैं — वहाँ विकास वैभव की तैनाती कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वेब सीरीज 'खाकी: द बिहार चैप्टर' से चर्चित 1998 बैच के IPS अधिकारी अमित लोढ़ा को अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), तकनीकी सेवाएं एवं संचार बनाया गया है। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अमृत राज को एडीजी साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्लेषण: इस फेरबदल के पीछे क्या है? पहला संकेत — CM सचिवालय में विश्वस्त चेहरे: मुख्यमंत्री का सचिवालय सरकार की रीढ़ होती है। संजय कुमार सिंह और लोकेश कुमार सिंह की नियुक्ति — दोनों को अत्यंत महत्वपूर्ण विभागों के साथ CM सचिवालय का प्रभार देना — बताता है कि सम्राट चौधरी अपने करीबी और विश्वस्त अधिकारियों को केंद्र में रखना चाहते हैं। दूसरा संकेत — पुलिस में कानून-व्यवस्था पर फोकस: विकास वैभव जैसे चर्चित अधिकारी को मगध रेंज (गया) और अमित लोढ़ा को तकनीकी विभाग देना — यह दर्शाता है कि सरकार अपराध नियंत्रण और आधुनिक पुलिसिंग दोनों पर एक साथ जोर देना चाहती है। तीसरा संकेत — साइबर अपराध पर प्राथमिकता: बिहार में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर इकाई को मजबूत ADG देना सरकार की जागरूकता दर्शाता है। सवाल जो उठने चाहिए, क्या यह फेरबदल केवल प्रशासनिक आवश्यकता है — या राजनीतिक वफादारी का पुरस्कार? एक ही अधिकारी को चार-पाँच विभागों का अतिरिक्त प्रभार देना — क्या यह प्रशासनिक दक्षता बढ़ाता है या भार इतना बढ़ जाता है कि कोई भी काम ठीक से नहीं होता? बिहार की जनता को चाहिए — बेहतर स्वास्थ्य सेवा, सुचारू कानून-व्यवस्था, पारदर्शी वित्त प्रबंधन। क्या यह फेरबदल उस दिशा में जाता है? समय बताएगा। "अधिकारी बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती — व्यवस्था तब बदलती है जब अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह हों, न केवल कुर्सी के प्रति।"
सम्राट सरकार की पहली प्रशासनिक क्रांति: 12 IAS + 16 IPS का एक साथ तबादला CM सचिवालय से लेकर पुलिस मुख्यालय तक बदली फौज; यह सिर्फ ट्रांसफर नहीं, नई सरकार का सत्ता-संदेश है, विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार पटना: बिहार में जब भी कोई नई सरकार आती है, सबसे पहले जो काम होता है — वह है अफसरों की फौज की तैनाती बदलना। बिहार में नई सरकार के गठन और सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का फेरबदल शुरू हो गया है। मंत्रिमंडल विस्तार के मात्र तीन दिन बाद रविवार को राज्य सरकार ने एक साथ 12 वरिष्ठ IAS और 16 वरिष्ठ IPS अधिकारियों की तैनाती बदल दी। यह फेरबदल प्रशासनिक रूटीन नहीं है। यह सम्राट चौधरी सरकार का पहला और स्पष्ट संदेश है — "हमारे अपने लोग, हमारी अपनी प्राथमिकताएँ।" IAS फेरबदल: मुख्यमंत्री सचिवालय में नई जोड़ी, वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह अब वित्त विभाग के सचिव होंगे। संजय सिंह के पास वाणिज्य कर विभाग, वाणिज्य कर आयुक्त, GST आयुक्त और मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। लोकेश कुमार सिंह को पर्यटन विभाग का नया सचिव बनाया गया है। वह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। यानी CM सचिवालय में अब दो नए चेहरे — संजय कुमार सिंह और लोकेश कुमार सिंह — मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी में काम करेंगे। पुराने सचिवों का क्या हुआ? कुमार रवि (2005 बैच), जो मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात थे, उन्हें स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया है। कुमार रवि को संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव चंद्रशेखर सिंह अब जल संसाधन विभाग के सचिव होंगे। इनके पास सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और बिहार विकास मिशन के मिशन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वित्त विभाग में बड़ा बदलाव, राज्य के वित्तीय प्रबंधन को मजबूती देने के लिए संजय कुमार सिंह (2007 बैच) को वित्त विभाग का सचिव (संपूर्ण प्रभार) नियुक्त किया गया है। इससे पहले इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार आनंद किशोर संभाल रहे थे, जिन्हें अब इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। वित्त विभाग नई सरकार की आर्थिक नीतियों का केंद्र होगा। संजय कुमार सिंह को यह भार सौंपना बताता है कि सरकार वित्तीय अनुशासन पर गंभीर है। IPS फेरबदल: पुलिस महकमे में भूचाल, 16 वरिष्ठ IPS अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फेरबदल में महानिदेशक (DG), अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सबसे बड़े बदलाव: 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. परेश सक्सेना को महानिदेशक-सह-आयुक्त, असैनिक सुरक्षा बनाया गया है। यह पदोन्नति है — ADG से सीधे DG। चर्चित आईपीएस विकास वैभव को मगध क्षेत्र (गया) का नया आईजी नियुक्त किया गया है। विकास वैभव राज्य योजना परिषद के परामर्शी पद पर तैनात थे। मगध रेंज — जिसमें गया, नवादा, औरंगाबाद जैसे संवेदनशील जिले आते हैं — वहाँ विकास वैभव की तैनाती कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वेब सीरीज 'खाकी: द बिहार चैप्टर' से चर्चित 1998 बैच के IPS अधिकारी अमित लोढ़ा को अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), तकनीकी सेवाएं एवं संचार बनाया गया है। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अमृत राज को एडीजी साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्लेषण: इस फेरबदल के पीछे क्या है? पहला संकेत — CM सचिवालय में विश्वस्त चेहरे: मुख्यमंत्री का सचिवालय सरकार की रीढ़ होती है। संजय कुमार सिंह और लोकेश कुमार सिंह की नियुक्ति — दोनों को अत्यंत महत्वपूर्ण विभागों के साथ CM सचिवालय का प्रभार देना — बताता है कि सम्राट चौधरी अपने करीबी और विश्वस्त अधिकारियों को केंद्र में रखना चाहते हैं। दूसरा संकेत — पुलिस में कानून-व्यवस्था पर फोकस: विकास वैभव जैसे चर्चित अधिकारी को मगध रेंज (गया) और अमित लोढ़ा को तकनीकी विभाग देना — यह दर्शाता है कि सरकार अपराध नियंत्रण और आधुनिक पुलिसिंग दोनों पर एक साथ जोर देना चाहती है। तीसरा संकेत — साइबर अपराध पर प्राथमिकता: बिहार में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर इकाई को मजबूत ADG देना सरकार की जागरूकता दर्शाता है। सवाल जो उठने चाहिए, क्या यह फेरबदल केवल प्रशासनिक आवश्यकता है — या राजनीतिक वफादारी का पुरस्कार? एक ही अधिकारी को चार-पाँच विभागों का अतिरिक्त प्रभार देना — क्या यह प्रशासनिक दक्षता बढ़ाता है या भार इतना बढ़ जाता है कि कोई भी काम ठीक से नहीं होता? बिहार की जनता को चाहिए — बेहतर स्वास्थ्य सेवा, सुचारू कानून-व्यवस्था, पारदर्शी वित्त प्रबंधन। क्या यह फेरबदल उस दिशा में जाता है? समय बताएगा। "अधिकारी बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती — व्यवस्था तब बदलती है जब अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह हों, न केवल कुर्सी के प्रति।"
- आस्था या अंधविश्वास? शिक्षा मंत्री के झाड़ फूंक के वीडियो पर छिड़ी बहस ! सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा चर्चा !1
- अंचल कार्यालय से लगान वसूली जागरूकता अभियान के तहत प्रचार वाहन रवाना गया जिले के गुरुआ अंचल कार्यालय से लगान वसूली जागरूकता अभियान के तहत प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अंचलाधिकारी अतहर जमील ने बताया कि प्रचार वाहन क्षेत्र के हर गांव में जाकर लोगों को लगान जमा करने के प्रति जागरूक करेगा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि सरकार के इस अभियान का लाभ लें और समय पर लगान जमा करें।1
- गया के पंथनगर कॉलोनी में सड़क की हालत बेहद खस्ता हो गई है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों को इस खराब सड़क के कारण आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- रफीगंज प्रखंड के पौथू थाना क्षेत्र के बेरी गांव में बंद घर में लाखों की चोरी, पड़ोसियों पर जताया शक रफीगंज/औरंगाबाद पौथू थाना क्षेत्र के बेरी गांव में बंद घर में चोरी का मामला सामने आया है। पीड़िता अल्का शर्मा ने पोथू थाना में आवेदन देकर घर से सोना-चांदी समेत कई कीमती सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। दिए गए आवेदन में अल्का शर्मा ने बताया कि वह अपने पति अमित कुमार एवं परिवार के साथ वर्तमान में ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में रहती हैं। दिनांक 03 मई 2026 को उनके ससुर अरविंद शर्मा पटना से गांव स्थित घर पहुंचे तो देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था तथा अंदर का सामान बिखरा पड़ा था। कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था और ट्रंक एवं अलमारी भी क्षतिग्रस्त अवस्था में थे। घटना की सूचना मिलने पर अल्का शर्मा ग्वालियर से अपने गांव बेरी पहुंची। घर की जांच करने पर पता चला कि घर से सोने का सुप, चांदी का मछली, चांदी का पान, चांदी का कसैली, एक भरा हुआ गैस सिलेंडर, पीतल के बर्तन, दो सूटकेस, एलईडी टीवी एवं टावर स्पीकर सहित अन्य सामान चोरी हो गया है। पीड़िता ने आवेदन में गांव के ही पड़ोसी संजय शर्मा एवं निशांत कुमार पर चोरी का शक जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी दोनों के द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। इस संबंध में पोथू थाना पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सर्किल इंस्पेक्टर विनय कृष्ण प्रसाद ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की तहकीकात की जा रही है।1
- मध निषेध बिभाग को मिली सफलता, ब्लेनो कार से विदेशी शराब ज्वत l स्थल -दोमुहान थाना मगध विश्व i विद्यालय जिला गयाजी घर से डोभी की तरफ से आनेवाली वाहनों की जाँच के दौरान जाँच दल को देख वाहन चालक जाँच दल से कुछ दुरी पहले ही वाहन को सडक पर खड़ी कर भागने मे सफल रहा l वलेनो कार से कुल 575बोतल कुल मात्रा 215.625लीटर विदेशी शराब ज्वत किया गया l छापामार दल मे शामिल सदस्यो का नाम उमेश चंद्र निरीक्षक मध निषेध विजय कुमार रॉय सिपाही विकाश रंजन सिपाही नेहा कुमारी सिपाही गृह रक्षकों एवं साशस्त्र बल वाहन का नंबर -BR-01DU/20561
- _प्रतापपुर के महावीर चौक पर रोज लगता है जाम, स्कूली बच्चे परेशान_ प्रतापपुर (चतरा): महावीर चौक पर इन दिनों रोज घंटों जाम लग रहा है। सड़क के दोनों किनारों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। सुबह और दोपहर के समय हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं। जाम में फंसकर स्कूली बच्चों, मरीजों और राहगीरों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि महावीर चौक प्रतापपुर का प्रमुख मार्ग है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सड़क किनारे दुकानदारों के सामान फैलाने और ठेला लगाने से सड़क संकरी हो गई है। इससे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। कई बार बाइक और ऑटो चालकों के बीच रास्ता निकालने को लेकर विवाद भी हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। अभिभावकों ने कहा कि जाम की वजह से बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। छुट्टी के समय घंटों सड़क पर फंसे रहते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को जानकारी दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों ने प्रशासन से महावीर चौक के आसपास अतिक्रमण हटाने, सड़क किनारे पार्किंग व्यवस्था बनाने और यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।1
- Gaya area breaking news check out case and How this is happening with Professor Mahendra Kushwaha1
- गया जिले के शेरघाटी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक पति की मौत हो गई। वह अपने घर जूस लेकर लौट रहा था कि दुर्घटना का शिकार हो गया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग करते हुए NH-19 जाम कर दिया।1