धौलपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर 60 स्थित ओडेला रोड की ज्ञान सरोवर कॉलोनी में सीवर लाइन चेंबर का खुला ढक्कन और टूटी सड़क पिछले दो माह से स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों और कॉलोनी वासियों का आना-जाना होता है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। कॉलोनीवासियों द्वारा कई बार शिकायत के बावजूद नगर परिषद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। हाल ही में एक छोटे बच्चे द्वारा धौलपुर की समस्या पर लिखा गया भावुक निबंध भी प्रशासन को नहीं जगा सका, जिसमें बच्चे ने धौलपुर में रहने को लेकर असंतोष जताया था। वहीं दुर्गा कॉलोनी में भी जगह-जगह खुले चेंबर और गंदगी के ढेर नगर परिषद की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं। स्थानीय निवासी बहादुर सिंह कंसाना ने कहा, “दो माह से समस्या जस की तस है, प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।” गब्बर मेरठिया ने नाराजगी जताते हुए कहा, “बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।”स्थानीय लोगों ने शीघ्र समस्या समाधान की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
धौलपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर 60 स्थित ओडेला रोड की ज्ञान सरोवर कॉलोनी में सीवर लाइन चेंबर का खुला ढक्कन और टूटी सड़क पिछले दो माह से स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों और कॉलोनी वासियों का आना-जाना होता
है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। कॉलोनीवासियों द्वारा कई बार शिकायत के बावजूद नगर परिषद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। हाल ही में एक छोटे बच्चे द्वारा धौलपुर की समस्या पर लिखा गया भावुक निबंध भी प्रशासन को नहीं जगा सका, जिसमें
बच्चे ने धौलपुर में रहने को लेकर असंतोष जताया था। वहीं दुर्गा कॉलोनी में भी जगह-जगह खुले चेंबर और गंदगी के ढेर नगर परिषद की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं। स्थानीय निवासी बहादुर सिंह कंसाना ने कहा, “दो माह से समस्या जस की तस है, प्रशासन पूरी तरह
उदासीन बना हुआ है।” गब्बर मेरठिया ने नाराजगी जताते हुए कहा, “बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।”स्थानीय लोगों ने शीघ्र समस्या समाधान की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
- धौलपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर 60 स्थित ओडेला रोड की ज्ञान सरोवर कॉलोनी में सीवर लाइन चेंबर का खुला ढक्कन और टूटी सड़क पिछले दो माह से स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों और कॉलोनी वासियों का आना-जाना होता है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। कॉलोनीवासियों द्वारा कई बार शिकायत के बावजूद नगर परिषद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। हाल ही में एक छोटे बच्चे द्वारा धौलपुर की समस्या पर लिखा गया भावुक निबंध भी प्रशासन को नहीं जगा सका, जिसमें बच्चे ने धौलपुर में रहने को लेकर असंतोष जताया था। वहीं दुर्गा कॉलोनी में भी जगह-जगह खुले चेंबर और गंदगी के ढेर नगर परिषद की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं। स्थानीय निवासी बहादुर सिंह कंसाना ने कहा, “दो माह से समस्या जस की तस है, प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।” गब्बर मेरठिया ने नाराजगी जताते हुए कहा, “बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।”स्थानीय लोगों ने शीघ्र समस्या समाधान की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।4
- Post by NATION MEDIA AB1
- बसेड़ी धौलपुर से खबर धौलपुर जिले के बसेडी ब्लॉक की ग्राम पंचायत निधारा रुधकापुरा में 31 मार्च 2026 को ‘कवच’ परियोजना के तहत नव नामांकन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रयत्न संस्था द्वारा आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना रहेगा।कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ अध्यापक मुकेश कुमार द्वारा किया गया। इसके बाद संस्था के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ठाकुरदास कुशवाह एवं रामबरन गोस्वामी ने परियोजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और कोई भी बच्चा इससे वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने शत-प्रतिशत नामांकन को प्राथमिकता बताते हुए समुदाय से सहयोग की अपील की। रैली के दौरान “स्कूल चलो भाई स्कूल चलो” और “शिक्षा है अधिकार हमारा” जैसे नारों के साथ पंचायत क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को प्रेरित किया गया। इस दौरान ममता फाउंडेशन से ब्लॉक कोऑर्डिनेटर देवी सिंह कुशवाहा, वार्ड पंच रामसेवक सरवन, हाकिम सिंह बच्चन सिंह, राधेश्याम कुशवाहा मुकेश आदि मौजूद रहे।1
- Post by Girraj Kushwah1
- Post by JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya1
- *"Rise of Hope: नक्सल मुक्त भारत" के एपिसोड-1 में देखिए, 'पंडुम कैफे' की प्रेरणादायक कहानी...* छत्तीसगढ़ के घने जंगल, जो कभी हिंसा और भय के प्रतीक थे, आज बदलाव की नई कहानी कह रहे हैं। इस एपिसोड में जानिए, पंडुम कैफे की प्रेरणादायक यात्रा- जहां पूर्व नक्सली और आदिवासी युवा अब सम्मानजनक जीवन की ओर लौट चुके हैं। बंदूक छोड़ विकास की मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। जो हाथ कभी संघर्ष का हिस्सा थे, वही आज कॉफी परोस रहे हैं और अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। *यह सिर्फ एक कैफे नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, रोज़गार और नई शुरुआत की मिसाल है।*1
- आगरा एकलव्यस्पोर्ट स्टेडियम सदर बाजार स्थित ग्राउंड में अग्निवीर भर्ती प्रारंभ की गई है जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल से हुई है जो की 19 अप्रैल तक चलेगी जिसमें मथुरा फिरोजाबाद एवं अन्य जो 12 जिलों से प्रतिभागी भाग करेंगे इसमें भारतीय अग्नि वीर परीक्षा बोर्ड ने अपनी कमर कस ली है एवं पुलिस प्रशासन एवं यातायात नियमों का पालन कर रही है एवं डायवर्सन का कार्य पुलिस आगरा कर रही है1
- Post by NATION MEDIA AB1