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तारापुर प्रखंड के कसबा, मानिकपुर, विषय, मधुरा और सतखरिया गांव के ग्रामीणों ने प्रस्तावित रिंग रोड के निर्माण को लेकर मुंगेर के जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का निर्माण एक वैकल्पिक मार्ग से कराया जाए। उनका कहना है कि यदि सड़क का निर्माण वर्तमान सर्वे के अनुसार होता है, तो इससे कई स्कूलों और खेल के मैदानों का हिस्सा प्रभावित होगा, जिसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और उनकी खेल गतिविधियों पर पड़ेगा। ग्रामीणों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मध्य विद्यालय कसबा, मध्य विद्यालय विषय नंबर-01, मधुरा हाई स्कूल मैदान और सतखरिया मध्य विद्यालय के खेल मैदान में बच्चे प्रतिदिन खेलकूद और व्यायाम करते हैं। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि कसबा मोड़ से खानपुर पुल होते हुए दक्षिण कैनाल मार्ग से मधुरा पुल तक पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, जिसका उपयोग रिंग रोड बनाने के लिए किया जा सकता है। इस वैकल्पिक मार्ग से स्कूल और खेल के मैदान सुरक्षित रहेंगे और सड़क की दूरी भी कम होगी। इस ज्ञापन पर कुल 21 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।

5 hrs ago
user_SUMIT KUMAR
SUMIT KUMAR
Press advisory तारापुर, मुंगेर, बिहार•
5 hrs ago

तारापुर प्रखंड के कसबा, मानिकपुर, विषय, मधुरा और सतखरिया गांव के ग्रामीणों ने प्रस्तावित रिंग रोड के निर्माण को लेकर मुंगेर के जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का निर्माण एक वैकल्पिक मार्ग से कराया जाए। उनका कहना है कि यदि सड़क का निर्माण वर्तमान सर्वे के अनुसार होता है, तो इससे कई स्कूलों और खेल के मैदानों का हिस्सा प्रभावित होगा, जिसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और उनकी खेल गतिविधियों पर पड़ेगा। ग्रामीणों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मध्य विद्यालय कसबा, मध्य विद्यालय विषय नंबर-01, मधुरा हाई स्कूल मैदान और सतखरिया मध्य विद्यालय के खेल मैदान में बच्चे प्रतिदिन खेलकूद और व्यायाम करते हैं। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि कसबा मोड़ से खानपुर पुल होते हुए दक्षिण कैनाल मार्ग से मधुरा पुल तक पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, जिसका उपयोग रिंग रोड बनाने के लिए किया जा सकता है। इस वैकल्पिक मार्ग से स्कूल और खेल के मैदान सुरक्षित रहेंगे और सड़क की दूरी भी कम होगी। इस ज्ञापन पर कुल 21 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।

More news from बिहार and nearby areas
  • बिहार के दरभंगा से एक छात्र इंजीनियरिंग की परीक्षा देने के लिए बंगाल पहुंचा है। इस संबंध में यह जानने की उत्सुकता व्यक्त की गई है कि परीक्षा में प्रश्नपत्र कैसा था। इस जानकारी में सम्रात चौधरी का उल्लेख किया गया है।
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    बिहार के दरभंगा से एक छात्र इंजीनियरिंग की परीक्षा देने के लिए बंगाल पहुंचा है। इस संबंध में यह जानने की उत्सुकता व्यक्त की गई है कि परीक्षा में प्रश्नपत्र कैसा था। इस जानकारी में सम्रात चौधरी का उल्लेख किया गया है।
    user_THE LIVE Munger
    THE LIVE Munger
    तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    21 hrs ago
  • बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है। बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।
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    बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है।

बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई।

इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था।

करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।
    user_SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    Teacher सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    22 hrs ago
  • मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत रतनपुर पंचायत के चिरैयाबाद गांव स्थित बड़ी काली मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव के दूसरे दिन भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी काली प्रतिमा की स्थापना की तीसरी वर्षगांठ पर मनाए जा रहे इस समारोह में मां काली की प्रतिमा की भव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इसी के साथ, मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई और 24 घंटे के अखंड रामधुन यज्ञ का भी शुभारंभ किया गया। यह नगर भ्रमण शोभायात्रा मंदिर परिसर से ढोल-नगाड़ा, बैंड-बाजा और निशान यात्रा के साथ शुरू हुई। रथ पर विराजमान मां काली की प्रतिमा के साथ 500 से अधिक महिला-पुरुष श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए रतनपुर पंचायत के विभिन्न गांवों का भ्रमण करते रहे। शोभायात्रा चिरैयाबाद काली मंदिर से निकलकर काजी चौक और रतनपुर गांव होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंची, जहाँ इसका विधिवत समापन हुआ। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर उत्सव का आनंद लिया, वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने जगह-जगह शरबत और पानी के स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने रथ पर सवार मां काली की प्रतिमा की पूजा-अर्चना कर पुष्पवर्षा के साथ शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। पूरे महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर सहित आसपास के गांवों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। हर ओर भक्ति का वातावरण बना हुआ है, और इस कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
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    मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत रतनपुर पंचायत के चिरैयाबाद गांव स्थित बड़ी काली मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव के दूसरे दिन भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी काली प्रतिमा की स्थापना की तीसरी वर्षगांठ पर मनाए जा रहे इस समारोह में मां काली की प्रतिमा की भव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इसी के साथ, मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई और 24 घंटे के अखंड रामधुन यज्ञ का भी शुभारंभ किया गया।

यह नगर भ्रमण शोभायात्रा मंदिर परिसर से ढोल-नगाड़ा, बैंड-बाजा और निशान यात्रा के साथ शुरू हुई। रथ पर विराजमान मां काली की प्रतिमा के साथ 500 से अधिक महिला-पुरुष श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए रतनपुर पंचायत के विभिन्न गांवों का भ्रमण करते रहे। शोभायात्रा चिरैयाबाद काली मंदिर से निकलकर काजी चौक और रतनपुर गांव होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंची, जहाँ इसका विधिवत समापन हुआ। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर उत्सव का आनंद लिया, वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने जगह-जगह शरबत और पानी के स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने रथ पर सवार मां काली की प्रतिमा की पूजा-अर्चना कर पुष्पवर्षा के साथ शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया।

पूरे महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर सहित आसपास के गांवों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। हर ओर भक्ति का वातावरण बना हुआ है, और इस कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    26 min ago
  • मुंगेर में पड़ रही भीषण गर्मी का प्रकोप एक बार फिर सामने आया है। स्थानीय खबरों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के कारण एक स्कूल में अचानक सात छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने क्षेत्र में पड़ रही तीव्र गर्मी की स्थिति को उजागर किया है।
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    मुंगेर में पड़ रही भीषण गर्मी का प्रकोप एक बार फिर सामने आया है। स्थानीय खबरों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के कारण एक स्कूल में अचानक सात छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने क्षेत्र में पड़ रही तीव्र गर्मी की स्थिति को उजागर किया है।
    user_Gaurav Kumar Mishra
    Gaurav Kumar Mishra
    Media company मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    1 hr ago
  • bhusia college Banka Bihar top to my college aap sabka dhanyvad my college Russia college mein anekon tarah ke sar Hain
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    bhusia college Banka Bihar top to my college aap sabka dhanyvad
my college Russia college mein anekon tarah ke sar Hain
    user_Manish Kumar singh
    Manish Kumar singh
    बांका, बांका, बिहार•
    2 hrs ago
  • खगड़िया जिले की महेशखूंट थाना पुलिस, डीआईयू टीम खगड़िया और एसटीएफ ने एक संयुक्त कार्रवाई में महेशखूंट थाना कांड संख्या 129/25 के वांछित टॉप-10 अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी की पहचान मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित मिर्जापुर निवासी अंतरराज्यीय आर्म्स तस्कर एवं कारीगर परवेज चांद उर्फ पजिया के रूप में हुई है। उसे मुंगेर जिले के बरदह गांव से पकड़ा गया। महेशखूंट थानाध्यक्ष ने मंगलवार सुबह नौ बजे बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता बताया, जो मुंगेर जिले की पुलिस के सहयोग से संभव हुई। अपराधी से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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    खगड़िया जिले की महेशखूंट थाना पुलिस, डीआईयू टीम खगड़िया और एसटीएफ ने एक संयुक्त कार्रवाई में महेशखूंट थाना कांड संख्या 129/25 के वांछित टॉप-10 अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी की पहचान मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित मिर्जापुर निवासी अंतरराज्यीय आर्म्स तस्कर एवं कारीगर परवेज चांद उर्फ पजिया के रूप में हुई है। उसे मुंगेर जिले के बरदह गांव से पकड़ा गया।

महेशखूंट थानाध्यक्ष ने मंगलवार सुबह नौ बजे बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता बताया, जो मुंगेर जिले की पुलिस के सहयोग से संभव हुई। अपराधी से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    2 hrs ago
  • बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र, मुंगेर के तारापुर विधानसभा अंतर्गत संग्रामपुर प्रखंड के कटियारी पंचायत स्थित पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय, पतघाघर में बुधवार को भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों की पोल खोल दी है। बेहोश हुई छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष), सोना भारती (13 वर्ष) सहित सात छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने स्थिति पर लाचारी जताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने से गर्मी के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस में समरसेबल बोरिंग भी फेल है, जिससे पानी नहीं आता। विद्यालय को रोजाना पीएचईडी से 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को इस संबंध में लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक भर्ती छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में लाइट जाने के बाद कमरा भट्ठी बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। सरकार ने करोड़ों की लागत से भव्य भवन तो बना दिया है, लेकिन करीब 200 छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाएं 'जीरो' हैं और उन्हें स्वच्छ भोजन भी नहीं मिल रहा। सभी बेहोश छात्राओं को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया। सीएचसी प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने बताया कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। समय पर इलाज मिलने से सभी खतरे से बाहर हैं और उन्हें 3-4 घंटे निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तारापुर के विधायक और स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपने विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय की 200 बेटियां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जो बेहद शर्मनाक स्थिति है।
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    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र, मुंगेर के तारापुर विधानसभा अंतर्गत संग्रामपुर प्रखंड के कटियारी पंचायत स्थित पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय, पतघाघर में बुधवार को भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों की पोल खोल दी है। बेहोश हुई छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष), सोना भारती (13 वर्ष) सहित सात छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं।

स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने स्थिति पर लाचारी जताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने से गर्मी के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस में समरसेबल बोरिंग भी फेल है, जिससे पानी नहीं आता। विद्यालय को रोजाना पीएचईडी से 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को इस संबंध में लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक भर्ती छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में लाइट जाने के बाद कमरा भट्ठी बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। सरकार ने करोड़ों की लागत से भव्य भवन तो बना दिया है, लेकिन करीब 200 छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाएं 'जीरो' हैं और उन्हें स्वच्छ भोजन भी नहीं मिल रहा।

सभी बेहोश छात्राओं को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया। सीएचसी प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने बताया कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। समय पर इलाज मिलने से सभी खतरे से बाहर हैं और उन्हें 3-4 घंटे निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तारापुर के विधायक और स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपने विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय की 200 बेटियां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जो बेहद शर्मनाक स्थिति है।
    user_SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    Teacher सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    22 hrs ago
  • मुंगेर जिले के अम्मा बाजार में सरकार द्वारा खंभे पर लगाई गई रोशनी खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से इस खराब बल्ब को जल्द से जल्द ठीक करवाने का आग्रह किया है।
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    मुंगेर जिले के अम्मा बाजार में सरकार द्वारा खंभे पर लगाई गई रोशनी खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से इस खराब बल्ब को जल्द से जल्द ठीक करवाने का आग्रह किया है।
    user_Vicky jatav
    Vicky jatav
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    5 hrs ago
  • भागलपुर जिले के प्रसिद्ध अजगैविनाथ धाम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हर साल की तरह इस वर्ष भी बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाने पहुँचे, जहाँ सुबह से ही गंगा घाटों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन ही माँ गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी श्रद्धा के साथ, शिवभक्तों ने गंगा स्नान किया, पूजा-अर्चना की और आम के फल, प्रसाद तथा दीप अर्पित कर माँ गंगा से सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने परिवारों की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दीपदान भी किया। अजगैविनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने गंगा दशहरा के विशेष धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस दिन उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान और दीपदान करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसी गहन आस्था के कारण बड़ी संख्या में शिवभक्त दूर-दराज के स्थानों से अजगैविनाथ धाम आते हैं। पूरे मंदिर परिसर और गंगा घाटों पर भक्तिमय और ऊर्जावान माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद और सक्रिय दिखा।
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    भागलपुर जिले के प्रसिद्ध अजगैविनाथ धाम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हर साल की तरह इस वर्ष भी बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाने पहुँचे, जहाँ सुबह से ही गंगा घाटों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन ही माँ गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी श्रद्धा के साथ, शिवभक्तों ने गंगा स्नान किया, पूजा-अर्चना की और आम के फल, प्रसाद तथा दीप अर्पित कर माँ गंगा से सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने परिवारों की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दीपदान भी किया।

अजगैविनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने गंगा दशहरा के विशेष धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस दिन उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान और दीपदान करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसी गहन आस्था के कारण बड़ी संख्या में शिवभक्त दूर-दराज के स्थानों से अजगैविनाथ धाम आते हैं।

पूरे मंदिर परिसर और गंगा घाटों पर भक्तिमय और ऊर्जावान माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद और सक्रिय दिखा।
    user_Sushil rajak
    Sushil rajak
    Jagdishpur, Bhagalpur•
    7 hrs ago
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