logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

चार लेबर कोड रद्द करने की मांग पर मधेपुरा में हंगामा, SBI के सामने प्रदर्शन देशव्यापी भारत बंद का असर बिहार के मधेपुरा में भी देखने को मिला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मजदूरों, कर्मचारियों और किसान संगठनों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चार नए लेबर कोड को रद्द करने की मांग उठाई। मधेपुरा में गुरुवार को भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में लाल झंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू समेत देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, विभिन्न सेवा संघों और फेडरेशनों ने किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चार नए लेबर कोड को वापस लेने की रही। यूनियनों का आरोप है कि ये श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। उनका कहना है कि नए कानून लागू होने से काम के घंटे बढ़ सकते हैं, नौकरी की सुरक्षा खत्म हो सकती है और संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। भारत बंद के दौरान बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य, गैस और जलापूर्ति जैसी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने का दावा किया। बैंकिंग क्षेत्र में आंशिक असर देखने को मिला, जहां कुछ शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भाकपा माले सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए श्रमिक कानूनों को कमजोर कर रही है। वहीं अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों और किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बाइट --प्रमोद प्रभाकर, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव

19 hrs ago
user_RAMAN KUMAR
RAMAN KUMAR
REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
19 hrs ago

चार लेबर कोड रद्द करने की मांग पर मधेपुरा में हंगामा, SBI के सामने प्रदर्शन देशव्यापी भारत बंद का असर बिहार के मधेपुरा में भी देखने को मिला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मजदूरों, कर्मचारियों और किसान संगठनों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चार नए लेबर कोड को रद्द करने की मांग उठाई। मधेपुरा में गुरुवार को भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित

भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में लाल झंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू समेत देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, विभिन्न सेवा संघों और फेडरेशनों ने किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चार नए लेबर कोड को वापस लेने की रही। यूनियनों का आरोप है कि ये श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इससे

श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। उनका कहना है कि नए कानून लागू होने से काम के घंटे बढ़ सकते हैं, नौकरी की सुरक्षा खत्म हो सकती है और संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। भारत बंद के दौरान बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य, गैस और जलापूर्ति जैसी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने का दावा किया। बैंकिंग क्षेत्र में आंशिक असर देखने को मिला, जहां कुछ शाखाओं में कामकाज प्रभावित

रहा। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भाकपा माले सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए श्रमिक कानूनों को कमजोर कर रही है। वहीं अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों और किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बाइट --प्रमोद प्रभाकर, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव

More news from बिहार and nearby areas
  • देशव्यापी भारत बंद का असर बिहार के मधेपुरा में भी देखने को मिला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मजदूरों, कर्मचारियों और किसान संगठनों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चार नए लेबर कोड को रद्द करने की मांग उठाई। मधेपुरा में गुरुवार को भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में लाल झंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू समेत देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, विभिन्न सेवा संघों और फेडरेशनों ने किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चार नए लेबर कोड को वापस लेने की रही। यूनियनों का आरोप है कि ये श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। उनका कहना है कि नए कानून लागू होने से काम के घंटे बढ़ सकते हैं, नौकरी की सुरक्षा खत्म हो सकती है और संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। भारत बंद के दौरान बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य, गैस और जलापूर्ति जैसी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने का दावा किया। बैंकिंग क्षेत्र में आंशिक असर देखने को मिला, जहां कुछ शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भाकपा माले सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए श्रमिक कानूनों को कमजोर कर रही है। वहीं अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों और किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बाइट --प्रमोद प्रभाकर, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव
    4
    देशव्यापी भारत बंद का असर बिहार के मधेपुरा में भी देखने को मिला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मजदूरों, कर्मचारियों और किसान संगठनों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चार नए लेबर कोड को रद्द करने की मांग उठाई। 
मधेपुरा में गुरुवार को भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
हाथों में लाल झंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू समेत देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, विभिन्न सेवा संघों और फेडरेशनों ने किया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चार नए लेबर कोड को वापस लेने की रही। यूनियनों का आरोप है कि ये श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। उनका कहना है कि नए कानून लागू होने से काम के घंटे बढ़ सकते हैं, नौकरी की सुरक्षा खत्म हो सकती है और संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का शोषण बढ़ेगा।
भारत बंद के दौरान बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य, गैस और जलापूर्ति जैसी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने का दावा किया। बैंकिंग क्षेत्र में आंशिक असर देखने को मिला, जहां कुछ शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा।
प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भाकपा माले सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए श्रमिक कानूनों को कमजोर कर रही है।
वहीं अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों और किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बाइट --प्रमोद प्रभाकर, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    19 hrs ago
  • Post by Rinku Rinku
    1
    Post by Rinku Rinku
    user_Rinku Rinku
    Rinku Rinku
    घैलढ़, मधेपुरा, बिहार•
    2 hrs ago
  • सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के गमहरिया पंचायत अंतर्गत रामपुर गांव स्थित जालंधर धाम शिव मंदिर में महाशिव रात्रि को लेकर तैयारी जोड़ शोर से शुरू।
    1
    सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के गमहरिया पंचायत अंतर्गत रामपुर गांव स्थित जालंधर धाम शिव मंदिर में महाशिव रात्रि को लेकर तैयारी जोड़ शोर से शुरू।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    10 hrs ago
  • सहरसा ओभरब्रिज कार्य ❣️ पिलर ढलाई हो गया 💞🥰
    1
    सहरसा ओभरब्रिज कार्य ❣️ पिलर ढलाई हो गया 💞🥰
    user_Ganpat mahakal User1940
    Ganpat mahakal User1940
    Bed shop Saharsa, Bihar•
    6 hrs ago
  • इंदौर मंदिर विवाद में पुलिस का खुलासा, CCTV से तीन आरोपी गिरफ्तार माफी वीडियो भी आया सामने, पुलिस की कार्रवाई जारी
    1
    इंदौर मंदिर विवाद में पुलिस का खुलासा, CCTV से तीन आरोपी गिरफ्तार
माफी वीडियो भी आया सामने, पुलिस की कार्रवाई जारी
    user_Lock Mood News
    Lock Mood News
    Newsagent सोनबरसा, सहरसा, बिहार•
    6 hrs ago
  • new shuru aaps ka #funny
    1
    new shuru aaps ka #funny
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Artist कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    7 hrs ago
  • सुपौल जिले में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच तनाव का मामला सामने आया है। पीड़ित मोहम्मद इजराफिल ने आरोप लगाया है कि उनके ही भाई ने जमीन के बंटवारे को लेकर उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी दी है। मोहम्मद इजराफिल ने बताया कि पारिवारिक जमीन के हिस्से को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के बीच उनके भाई ने फोन कर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। बातचीत के दौरान आरोपी भाई ने कहा, “हिम्मत है तो घर आकर दिखाओ”, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। साथ ही कहां की मेरा घर पात्रा वार्ड नंबर एक है हम बेंगलुरु में रहकर अपना और अपने परिवार का काम करके जीवन यापन करते हैं लेकिन फिर भी मेरा भाई फोन कर कर हमको मारने की धमकी देता है साथ ही पीड़ित का कहना है कि वह किसी तरह का विवाद नहीं चाहते, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों से वह और उनका परिवार भयभीत है।
    1
    सुपौल जिले में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच तनाव का मामला सामने आया है। पीड़ित मोहम्मद इजराफिल ने आरोप लगाया है कि उनके ही भाई ने जमीन के बंटवारे को लेकर उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी दी है।
मोहम्मद इजराफिल ने बताया कि पारिवारिक जमीन के हिस्से को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के बीच उनके भाई ने फोन कर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। बातचीत के दौरान आरोपी भाई ने कहा, “हिम्मत है तो घर आकर दिखाओ”, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। साथ ही कहां की मेरा घर पात्रा वार्ड नंबर एक है हम बेंगलुरु में रहकर अपना और अपने परिवार का काम करके जीवन यापन करते हैं लेकिन फिर भी मेरा भाई फोन कर कर हमको  मारने की धमकी देता है साथ ही 
पीड़ित का कहना है कि वह किसी तरह का विवाद नहीं चाहते, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों से वह और उनका परिवार भयभीत है।
    user_Kunal kumar
    Kunal kumar
    Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
    9 hrs ago
  • बिहार के मधेपुरा में ग्राम न्याय व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिला पंचायत संसाधन केंद्र में ई-ग्राम कचहरी विषय पर पांच दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है, जिसमें जिले भर के सरपंच, न्यायमित्र और ग्राम कचहरी सचिव भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनाना है। वीओ- पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ई-ग्राम कचहरी पोर्टल के संचालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। वाद पंजीकरण से लेकर नोटिस निर्गमन, ऑनलाइन सुनवाई की प्रविष्टि, आदेश अपलोडिंग और रिकॉर्ड संधारण तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वीओ-1 प्रशिक्षण में तकनीकी समस्याओं के समाधान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रणाली के लागू होने से पंचायत स्तर पर न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे, जिससे आम लोगों को त्वरित न्याय मिल सकेगा। बाइट – तेजनारायण शर्मा, प्रशिक्षक, डीपीआरसी, मधेपुरा वीओ-2 जिला पंचायत संसाधन केंद्र में चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। सरपंचों का कहना है कि डिजिटल प्रणाली से न केवल कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। बाइट – हीरा कामती, सरपंच: बाइट – रविंद्र प्र. यादव, सरपंच: वीवो. फाइनल ई-ग्राम कचहरी प्रणाली को पंचायत स्तर पर लागू करना ग्रामीण न्याय व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इससे गांवों में न्यायिक प्रक्रियाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी।
    4
    बिहार के मधेपुरा में ग्राम न्याय व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिला पंचायत संसाधन केंद्र में ई-ग्राम कचहरी विषय पर पांच दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है, जिसमें जिले भर के सरपंच, न्यायमित्र और ग्राम कचहरी सचिव भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनाना है।
वीओ-
पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ई-ग्राम कचहरी पोर्टल के संचालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। वाद पंजीकरण से लेकर नोटिस निर्गमन, ऑनलाइन सुनवाई की प्रविष्टि, आदेश अपलोडिंग और रिकॉर्ड संधारण तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वीओ-1
प्रशिक्षण में तकनीकी समस्याओं के समाधान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रणाली के लागू होने से पंचायत स्तर पर न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे, जिससे आम लोगों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।
बाइट – तेजनारायण शर्मा, प्रशिक्षक, डीपीआरसी, मधेपुरा
वीओ-2
जिला पंचायत संसाधन केंद्र में चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। सरपंचों का कहना है कि डिजिटल प्रणाली से न केवल कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
बाइट – हीरा कामती, सरपंच:
बाइट – रविंद्र प्र. यादव, सरपंच:
वीवो. फाइनल
ई-ग्राम कचहरी प्रणाली को पंचायत स्तर पर लागू करना ग्रामीण न्याय व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इससे गांवों में न्यायिक प्रक्रियाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.