आदिवासी समाज की लड़की को पवन यादव द्वारा भगाकर ले जाने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। परिजनों के अनुसार, पवन यादव आदिवासी समाज की लड़की को अपने साथ ले गया है। इसके बाद पवन यादव द्वारा लड़की के पिता और मामा पर ही झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पवन यादव का कहना है कि लड़की के पिता और मामा उसके माता-पिता तथा भाई-बहनों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि उन्होंने पवन यादव का घर तक नहीं देखा है और न ही उन्होंने पवन यादव या उसके परिवार को किसी प्रकार की धमकी दी है। इस मामले को लेकर समाज की ग्राम सभा आयोजित की गई थी। ग्राम सभा में पवन यादव के बड़े भाई द्वारा कथित रूप से यह कहा गया था कि वे लड़की को अपने घर की बहू नहीं बनाएंगे और 1 सितंबर को लड़की को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया जाएगा। लेकिन जब 1 सितंबर को दोबारा ग्राम सभा आयोजित की गई, तो पवन यादव के बड़े भाई और उसके माता-पिता अपने पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार उपस्थित नहीं हुए। बताया गया कि उन्होंने अपने घर पर ताला लगा दिया और कहीं चले गए। वहीं, पवन यादव के परिवार की ओर से ग्राम सभा में कोई भी व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि जब ग्राम सभा में लड़की को 1 सितंबर को परिवार के सुपुर्द करने का आश्वासन दिया गया था, तो उस आश्वासन के बाद पवन यादव का परिवार ग्राम सभा में उपस्थित क्यों नहीं हुआ? मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। आदिवासी समाज की लड़की को पवन यादव द्वारा भगाकर ले जाने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। परिजनों के अनुसार, पवन यादव आदिवासी समाज की लड़की को अपने साथ ले गया है। इसके बाद पवन यादव द्वारा लड़की के पिता और मामा पर ही झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पवन यादव का कहना है कि लड़की के पिता और मामा उसके माता-पिता तथा भाई-बहनों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि उन्होंने पवन यादव का घर तक नहीं देखा है और न ही उन्होंने पवन यादव या उसके परिवार को किसी प्रकार की धमकी दी है। इस मामले को लेकर समाज की ग्राम सभा आयोजित की गई थी। ग्राम सभा में पवन यादव के बड़े भाई द्वारा कथित रूप से यह कहा गया था कि वे लड़की को अपने घर की बहू नहीं बनाएंगे और 1 सितंबर को लड़की को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया जाएगा। लेकिन जब 1 सितंबर को दोबारा ग्राम सभा आयोजित की गई, तो पवन यादव के बड़े भाई और उसके माता-पिता अपने पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार उपस्थित नहीं हुए। बताया गया कि उन्होंने अपने घर पर ताला लगा दिया और कहीं चले गए। वहीं, पवन यादव के परिवार की ओर से ग्राम सभा में कोई भी व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि जब ग्राम सभा में लड़की को 1 सितंबर को परिवार के सुपुर्द करने का आश्वासन दिया गया था, तो उस आश्वासन के बाद पवन यादव का परिवार ग्राम सभा में उपस्थित क्यों नहीं हुआ? मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
आदिवासी समाज की लड़की को पवन यादव द्वारा भगाकर ले जाने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। परिजनों के अनुसार, पवन यादव आदिवासी समाज की लड़की को अपने साथ ले गया है। इसके बाद पवन यादव द्वारा लड़की के पिता और मामा पर ही झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पवन यादव का कहना है कि लड़की के पिता और मामा उसके माता-पिता तथा भाई-बहनों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि उन्होंने पवन यादव का घर तक नहीं देखा है और न ही उन्होंने पवन यादव या उसके परिवार को किसी प्रकार की धमकी दी है। इस मामले को लेकर समाज की ग्राम सभा आयोजित की गई थी। ग्राम सभा में पवन यादव के बड़े भाई द्वारा कथित रूप से यह कहा गया था कि वे लड़की को अपने घर की बहू नहीं बनाएंगे और 1 सितंबर को लड़की को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया जाएगा। लेकिन जब 1 सितंबर को दोबारा ग्राम सभा आयोजित की गई, तो पवन यादव के बड़े भाई और उसके माता-पिता अपने पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार उपस्थित नहीं हुए। बताया गया कि उन्होंने अपने घर पर ताला लगा दिया और कहीं चले गए। वहीं, पवन यादव के परिवार की ओर से ग्राम सभा में कोई भी व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि जब ग्राम सभा में लड़की को 1 सितंबर को परिवार के सुपुर्द करने का आश्वासन दिया गया था, तो उस आश्वासन के बाद पवन यादव का परिवार ग्राम सभा में उपस्थित क्यों नहीं हुआ? मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। आदिवासी समाज की लड़की को पवन यादव द्वारा भगाकर ले जाने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। परिजनों के अनुसार, पवन यादव आदिवासी समाज की लड़की को अपने साथ ले गया है। इसके बाद पवन यादव द्वारा लड़की के पिता और मामा पर ही झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पवन यादव का कहना है कि लड़की के पिता और मामा उसके माता-पिता तथा भाई-बहनों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि उन्होंने पवन यादव का घर तक नहीं देखा है और न ही उन्होंने पवन यादव या उसके परिवार को किसी प्रकार की धमकी दी है। इस मामले को लेकर समाज की ग्राम सभा आयोजित की गई थी। ग्राम सभा में पवन यादव के बड़े भाई द्वारा कथित रूप से यह कहा गया था कि वे लड़की को अपने घर की बहू नहीं बनाएंगे और 1 सितंबर को लड़की को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया जाएगा। लेकिन जब 1 सितंबर को दोबारा ग्राम सभा आयोजित की गई, तो पवन यादव के बड़े भाई और उसके माता-पिता अपने पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार उपस्थित नहीं हुए। बताया गया कि उन्होंने अपने घर पर ताला लगा दिया और कहीं चले गए। वहीं, पवन यादव के परिवार की ओर से ग्राम सभा में कोई भी व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि जब ग्राम सभा में लड़की को 1 सितंबर को परिवार के सुपुर्द करने का आश्वासन दिया गया था, तो उस आश्वासन के बाद पवन यादव का परिवार ग्राम सभा में उपस्थित क्यों नहीं हुआ? मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- गड्ढों में सड़क या सड़क में गड्ढे? बावड़िया की बदहाल सड़क से ग्रामीण परेशान मानपुर। खुदी पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम बावड़िया की मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ के कारण ग्रामीणों एवं राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि लोगों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों पर सड़क। ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात सड़क से गुजर रहे भूपेंद्र बारूड की गाड़ी फिसल गई, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने मिलकर सड़क को अपने स्तर पर सुधारने का संकल्प लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और पानी जमा होने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार बहाने बनाए जा रहे हैं। विकास के नाम पर केवल दिखावा किए जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही। अब ग्रामीण खुद ही सड़क के गड्ढों और कीचड़ को पत्थर एवं मुरम डालकर समतल करने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल सुध ली जाए और स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। इन लोगों ने सड़क सुधारी और मांग की गई की सड़क जल्दी बने ग्रामीणों में संजय बारूड, भूपेंद्र बारूड, विशाल निरमा, विशाल मकवाना, आशीष भूरिया, रोहित गिरवाल, सुनील बारूड, सुनील भाटिया, करण भाटिया एवं आनेश कोड़िया सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। रिपोर्ट — आकाश कोहली, महू गड्ढों में सड़क या सड़क में गड्ढे? बावड़िया की बदहाल सड़क से ग्रामीण परेशान मानपुर। खुदी पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम बावड़िया की मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ के कारण ग्रामीणों एवं राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि लोगों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों पर सड़क। ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात सड़क से गुजर रहे भूपेंद्र बारूड की गाड़ी फिसल गई, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने मिलकर सड़क को अपने स्तर पर सुधारने का संकल्प लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और पानी जमा होने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार बहाने बनाए जा रहे हैं। विकास के नाम पर केवल दिखावा किए जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही। अब ग्रामीण खुद ही सड़क के गड्ढों और कीचड़ को पत्थर एवं मुरम डालकर समतल करने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल सुध ली जाए और स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। इन लोगों ने सड़क सुधारी और मांग की गई की सड़क जल्दी बने ग्रामीणों में संजय बारूड, भूपेंद्र बारूड, विशाल निरमा, विशाल मकवाना, आशीष भूरिया, रोहित गिरवाल, सुनील बारूड, सुनील भाटिया, करण भाटिया एवं आनेश कोड़िया सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। रिपोर्ट — आकाश कोहली, महू1
- इंदौर में गोगा नवमी पर निकलेगा भव्य चल समारोह अंकित चिंतामन ने इंदौर में गोगानवमी पर निकलेगा भव्य चल समारोह: अंकित चिंतामन ने प्रेस वार्ता कर इंदौरवासियों को दिया आमंत्रण, बताए झांकी और निशान के मार्ग इंदौर (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया डेस्क): इंदौर शहर में गोगानवमी के पावन पर्व पर निकलने वाले पारंपरिक एवं भव्य चल समारोह को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। इसी सिलसिले में चल समारोह के संयोजक अंकित चिंतामन ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने झांकियों और पवित्र निशान के प्रमुख मार्गों की विस्तृत जानकारी साझा की। पत्रकारों से चर्चा करते हुए संयोजक अंकित चिंतामन ने शहरवासियों से इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा, "गोगानवमी का यह पर्व किसी एक समाज का नहीं, बल्कि हम सभी इंदौरवासियों का अपना त्योहार है। आइए, हम सब मिलकर इस इंदौर की गौरवशाली परंपरा और भव्यता के साक्षी बनें।" झांकियों और निशान चल समारोह का मार्ग: * प्रारंभ: परंपरागत स्थानों और तय परिसरों से पूजन-अर्चन के साथ चल समारोह की शुरुआत होगी। * मुख्य मार्ग: चल समारोह शहर के प्रमुख पारंपरिक रास्तों से होकर गुजरेगा, जिनमें राजबाड़ा, बड़ा गणपति, कृष्णपुरा छत्री और आसपास के प्रमुख चौराहे शामिल रहेंगे। * समापन: निश्चित धार्मिक स्थलों और मुख्य पूजा स्थलों पर आरती व पूजन के साथ इसका समापन होगा। आयोजकों के अनुसार, इस बार की झांकियों में धार्मिक, सामाजिक संदेश और आकर्षक विद्युत सज्जा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन व पुलिस बल के साथ समन्वय बनाकर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।4
- वार्ड 58 उपचुनाव में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी की एंट्री | आबिद हुसैन बरकाती ने ठोकी दावेदारी | Indore News इंदौर के वार्ड 58 में उपचुनाव की घोषणा के बाद चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा के बाद अब भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी ने भी वार्ड 58 से चुनाव लड़ने की दावेदारी ठोक दी है। आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव आबिद हुसैन बरकाती ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लगातार जनता के मुद्दों को लेकर जमीन पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में भी आजाद समाज पार्टी ने आम जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। आबिद हुसैन बरकाती का दावा है कि अब जनता के बीच पार्टी को समर्थन मिल रहा है और आगामी उपचुनाव में पार्टी जनता की पसंद को देखते हुए अपना उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है। वार्ड 58 में अब कांग्रेस और भाजपा के साथ आजाद समाज पार्टी की दावेदारी ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी किस चेहरे को मैदान में उतारती है और जनता का रुझान किस ओर रहता है।1
- इंदौर इंडस कॉलोनी ग्राम केलोद हालl में रात्री 11,30 पर मटकी फोड़ी गई सभी देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की बहुत बहुत शुभकामनाएं1
- इंदौर के राऊ में नवविवाहिता वंदना हत्या कांड का राऊ पुलिस ने किया त्वरित खुलासा..... इंदौर के राऊ में नवविवाहिता वंदना हत्या कांड का राऊ पुलिस ने किया त्वरित खुलासा..... वारदात को अंजाम देने वाली शातिर जेठानी पार्वती बाई कुशवाह को पुलिस ने किया गिरफ्तार..... जेल में बंद भाई पर कमेंट करने और पति-बच्चों समेत घर से निकालने की धमकी देने पर की गई थी हत्या..... किचन के चाकू से गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर ली जान..... साक्ष्य छिपाने के लिए हौज में फेंका शव...... वारदात के बाद पति से मिलने अस्पताल चली गई थी आरोपी जेठानी...... CCTV फुटेज और फॉरेंसिक फिंगरप्रिंट की सख्ती से टूटी..... 11 अगस्त को ही वंदना ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ उपेंद्र से की थी लव मैरिज..... CCTV फुटेज और मनोवैज्ञानिक पूछताछ में आरोपी जेठानी ने कबूला गुनाह, हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद........1
- इंदौर वालों का इंतजार खत्म! आखिरकार ट्रैक पर दौड़ने लगी मेट्रो, वीडियो हुआ वायरल इंदौर। लंबे समय से मेट्रो का इंतजार कर रहे शहरवासियों के लिए आखिरकार खुशी का पल आया। वायरल वीडियो में इंदौर की सड़कों के ऊपर बने मेट्रो ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन दौड़ती नजर आ रही है। ट्रेन को ट्रैक पर गुजरते देख लोगों में उत्साह नजर आया। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।1
- जय श्री कृष्णा जय यादव जय माधव श्री कृष्ण जन्मोत्सव की शोभायात्रा इंदौर श्री यादव समाज चन्द्रवंशीय के तत्वावधान मे जगजीवन राम नगर खेडापति हनुमान मंदिर से चल समारोह दिनांक ४सितम्बर शुक्रवार सुबह १०बजे पाटनीपुरा नंदानगर तीन पुलिया परदेशीपुरा होते हुए भव्य चल समारोह राधाकृष्ण मन्दिर परदेशीपुरा पर समाप्त हुआ ।शोभायात्रा में हाथी घोड़ा बघी डी जे झांकी एंव हज़ारों की संख्या में मातृशक्ति समाजबंधुऔ एंव युवा शोभायात्रा में सम्मिलित हुए ।भजनों की धून पर मातृशक्ति एंव समाज बंधु भी थिरकने लगे जगह जगह स्वागत मंचो द्वारा स्वागत किया गया ।यादव आदर्श संगठन के अध्यक्ष गोपाल यादव एवं पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष चंदन सिंह यादव द्वारा शोभायात्रा का स्वागत अपने साथियों के साथ किया ।जिसमें प्रमुख रूप से अशोक वर्मा,मुकेश यादव,देवेंद्र वर्मा,राजेन्द्र चंदेल,राजा वरुण,शिव कर्दम,बबन यादव,राकेश यादव,राजेश यादव,निरज मयूर,किशोर मौर्य,विजय यादव,मुन्ना यादव,आदि ।आभार कमलेश यादव ने व्यक्त किया । जय श्री कृष्णा जय यादव जय माधव श्री कृष्ण जन्मोत्सव की शोभायात्रा इंदौर श्री यादव समाज चन्द्रवंशीय के तत्वावधान मे जगजीवन राम नगर खेडापति हनुमान मंदिर से चल समारोह दिनांक ४सितम्बर शुक्रवार सुबह १०बजे पाटनीपुरा नंदानगर तीन पुलिया परदेशीपुरा होते हुए भव्य चल समारोह राधाकृष्ण मन्दिर परदेशीपुरा पर समाप्त हुआ ।शोभायात्रा में हाथी घोड़ा बघी डी जे झांकी एंव हज़ारों की संख्या में मातृशक्ति समाजबंधुऔ एंव युवा शोभायात्रा में सम्मिलित हुए ।भजनों की धून पर मातृशक्ति एंव समाज बंधु भी थिरकने लगे जगह जगह स्वागत मंचो द्वारा स्वागत किया गया ।यादव आदर्श संगठन के अध्यक्ष गोपाल यादव एवं पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष चंदन सिंह यादव द्वारा शोभायात्रा का स्वागत अपने साथियों के साथ किया ।जिसमें प्रमुख रूप से अशोक वर्मा,मुकेश यादव,देवेंद्र वर्मा,राजेन्द्र चंदेल,राजा वरुण,शिव कर्दम,बबन यादव,राकेश यादव,राजेश यादव,निरज मयूर,किशोर मौर्य,विजय यादव,मुन्ना यादव,आदि ।आभार कमलेश यादव ने व्यक्त किया ।1
- आदिवासी समाज की लड़की को पवन यादव द्वारा भगाकर ले जाने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। परिजनों के अनुसार, पवन यादव आदिवासी समाज की लड़की को अपने साथ ले गया है। इसके बाद पवन यादव द्वारा लड़की के पिता और मामा पर ही झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पवन यादव का कहना है कि लड़की के पिता और मामा उसके माता-पिता तथा भाई-बहनों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि उन्होंने पवन यादव का घर तक नहीं देखा है और न ही उन्होंने पवन यादव या उसके परिवार को किसी प्रकार की धमकी दी है। इस मामले को लेकर समाज की ग्राम सभा आयोजित की गई थी। ग्राम सभा में पवन यादव के बड़े भाई द्वारा कथित रूप से यह कहा गया था कि वे लड़की को अपने घर की बहू नहीं बनाएंगे और 1 सितंबर को लड़की को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया जाएगा। लेकिन जब 1 सितंबर को दोबारा ग्राम सभा आयोजित की गई, तो पवन यादव के बड़े भाई और उसके माता-पिता अपने पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार उपस्थित नहीं हुए। बताया गया कि उन्होंने अपने घर पर ताला लगा दिया और कहीं चले गए। वहीं, पवन यादव के परिवार की ओर से ग्राम सभा में कोई भी व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि जब ग्राम सभा में लड़की को 1 सितंबर को परिवार के सुपुर्द करने का आश्वासन दिया गया था, तो उस आश्वासन के बाद पवन यादव का परिवार ग्राम सभा में उपस्थित क्यों नहीं हुआ? मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। आदिवासी समाज की लड़की को पवन यादव द्वारा भगाकर ले जाने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। परिजनों के अनुसार, पवन यादव आदिवासी समाज की लड़की को अपने साथ ले गया है। इसके बाद पवन यादव द्वारा लड़की के पिता और मामा पर ही झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पवन यादव का कहना है कि लड़की के पिता और मामा उसके माता-पिता तथा भाई-बहनों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि उन्होंने पवन यादव का घर तक नहीं देखा है और न ही उन्होंने पवन यादव या उसके परिवार को किसी प्रकार की धमकी दी है। इस मामले को लेकर समाज की ग्राम सभा आयोजित की गई थी। ग्राम सभा में पवन यादव के बड़े भाई द्वारा कथित रूप से यह कहा गया था कि वे लड़की को अपने घर की बहू नहीं बनाएंगे और 1 सितंबर को लड़की को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया जाएगा। लेकिन जब 1 सितंबर को दोबारा ग्राम सभा आयोजित की गई, तो पवन यादव के बड़े भाई और उसके माता-पिता अपने पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार उपस्थित नहीं हुए। बताया गया कि उन्होंने अपने घर पर ताला लगा दिया और कहीं चले गए। वहीं, पवन यादव के परिवार की ओर से ग्राम सभा में कोई भी व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि जब ग्राम सभा में लड़की को 1 सितंबर को परिवार के सुपुर्द करने का आश्वासन दिया गया था, तो उस आश्वासन के बाद पवन यादव का परिवार ग्राम सभा में उपस्थित क्यों नहीं हुआ? मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।1