सरायकेला में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के उद्देश्य से दो जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन वाहनों का मुख्य लक्ष्य मकान सूचीकरण और मकान की गणना कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना और आमजन में जागरूकता लाना है। DRDA निदेशक श्री अजय तिर्की और अपर उपायुक्त श्री अजयवर्धन कुमार ने संयुक्त रूप से इन वाहनों को रवाना किया। ये दोनों जागरूकता वाहन अगले 7 दिनों तक सरायकेला जिले के दोनों अनुमंडलों, प्रखंडों और ग्राम पंचायतों में जनगणना 2027 जागरूकता अभियान का प्रचार करेंगे। इस अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी और सहयोग के लिए जागरूक किया जाएगा। अभियान के दौरान, नागरिकों को जनगणना की प्रक्रिया, मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ-साथ जनगणना के महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। यह भी बताया जाएगा कि जनगणना से प्राप्त आँकड़े विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के उचित आवंटन और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार बनते हैं। इस कार्यक्रम के तहत आम जनता से अपील की गई है कि वे जनगणना संबंधी जानकारी प्राप्त करें और जनगणना कर्मियों को सही व पूर्ण जानकारी प्रदान करें, किसी भी अनचाही बात या भ्रमित करने वाली अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही, सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को जन जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने और अभियान की सफल प्रक्रिया के लिए कार्य करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
सरायकेला में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के उद्देश्य से दो जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन वाहनों का मुख्य लक्ष्य मकान सूचीकरण और मकान की गणना कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना और आमजन में जागरूकता लाना है। DRDA निदेशक श्री अजय तिर्की और अपर उपायुक्त श्री अजयवर्धन कुमार ने संयुक्त रूप से इन वाहनों को रवाना किया। ये दोनों जागरूकता वाहन अगले 7 दिनों तक सरायकेला जिले के दोनों अनुमंडलों, प्रखंडों और ग्राम पंचायतों
में जनगणना 2027 जागरूकता अभियान का प्रचार करेंगे। इस अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी और सहयोग के लिए जागरूक किया जाएगा। अभियान के दौरान, नागरिकों को जनगणना की प्रक्रिया, मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ-साथ जनगणना के महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। यह भी बताया जाएगा कि जनगणना से प्राप्त आँकड़े विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के उचित आवंटन और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों
के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार बनते हैं। इस कार्यक्रम के तहत आम जनता से अपील की गई है कि वे जनगणना संबंधी जानकारी प्राप्त करें और जनगणना कर्मियों को सही व पूर्ण जानकारी प्रदान करें, किसी भी अनचाही बात या भ्रमित करने वाली अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही, सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को जन जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने और अभियान की सफल प्रक्रिया के लिए कार्य करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
- झारखंड के तांतनगर प्रखंड स्थित सिदमा-हाथीसिरिंग क्षेत्र में खड़कई नदी से कथित तौर पर हो रहे अवैध बालू उठाव को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि ओड़िशा से डोंगा (नाव) मंगाकर नदी से बड़े पैमाने पर बालू की निकासी की जा रही है, जिससे पर्यावरण और नदी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुँचने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध गतिविधि गुप्त तरीके से नहीं, बल्कि खुलेआम संचालित हो रही है। ऐसे में यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी है या नहीं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि यदि यह कार्य अवैध है, तो इसके विरुद्ध अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्षेत्र के लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि खड़कई नदी उनके क्षेत्र की जीवनरेखा है और अनियंत्रित बालू खनन से न केवल नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है, बल्कि इससे पर्यावरणीय संतुलन पर भी बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।1
- सरायकेला-खरसवां जिले के चंडिल में एनएच-32 पर स्थित पितकी रेलवे गेट के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस घटना में एक ट्रेलर की चपेट में आने से साइकिल सवार कालिया गोप ने अपने दोनों पैर गंवा दिए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पितकी रेलवे गेट पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी, चेतावनी संकेतों के अभाव और यातायात नियंत्रण के प्रति उदासीनता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं।1
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने खुंटी प्रखंड के हुटार चौंक के पास अपना सदस्यता अभियान चलाया, जहाँ बड़ी संख्या में युवाओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अभियान के दौरान बीरेन्द्र लुगुन और सुरेश टोपनो ने संयुक्त रूप से मंच का संचालन किया, जबकि अर्पित संगा ने अगुवाई की। सभा की अध्यक्षता विश्वकर्मा उरांव और हरेन्द्र सिंह ने की। अभियान में जिला अध्यक्ष कुमार ब्रजकिशोर समेत सभी जिला पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि जयराम महतो की यह पार्टी हर जाति, समुदाय और युवाओं का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी के अधिकार के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस मौके पर रक्तदान करने पर भी विशेष बल दिया गया, ताकि मुश्किल समय में किसी भी जरूरतमंद को रक्त की कमी का सामना न करना पड़े। इस बैठक में विक्रम महतो, पवन कुमार, बजरंग साहू, विवेक महतो, लालमोहन महतो, धर्मेंद्र, जयंत कुमार, तुलसी उरांव, मदन सिंह, अजय कोंगाड़ी, रीना लकड़ा, पम्मी देवी, रविंद्र राम, सुभाष बावरी, कृष्णा कुमार, उषा भेंगरा, रोहित, अनीश, अंकित, संजय, दीपक, बिरंग, निलेश, अरुण, प्रेम, अनिलेश, अर्चना, ललिता, एम्लिन, सनम, गुरु और विकाश समेत अनेक युवा पूरे उत्साह और जोर-शोर के साथ उपस्थित रहे।1
- रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। इसी कड़ी में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की गोला शाखा में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।1
- ओरमांझी प्रखंड में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। सुबह लगभग 7 बजे से करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मौसम पूरी तरह सुहाना हो गया। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने भीषण गर्मी से बड़ी राहत महसूस की। तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान लोग बारिश का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। वहीं, इस बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है, क्योंकि खेतों में नमी बढ़ने से उन्हें फायदा पहुंचा है। सुबह की बारिश के कारण सड़कों पर भी ठंडक महसूस हुई और पूरे इलाके का मौसम खुशनुमा बना रहा। हालांकि, कुछ इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने इस राहत भरी बारिश का स्वागत किया।1
- कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) ने 30 मई 2026 को "Mission LiFE" के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय व्याख्यान तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संकट के विषय पर केंद्रित था, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता कुमारी, प्रभारी विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग, कोल्हान विश्वविद्यालय ने पर्यावरण संकट, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन और पर्यावरण संरक्षण हेतु जनभागीदारी की आवश्यकता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने सभी से "प्लास्टिक को ना कहने और शून्य प्रदूषण के सृजनकर्ता बनने" का आह्वान किया। उनके व्याख्यान के बाद, उपस्थित प्रतिभागियों ने 'Mission LiFE' के पाँच प्रमुख संकल्प बिंदुओं को अपनाने की शपथ ली। इन संकल्पों में ऊर्जा की बचत व जल संरक्षण को बढ़ावा देना, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करना, स्वच्छता व कचरा प्रबंधन को जीवनशैली का हिस्सा बनाना, पर्यावरण अनुकूल व टिकाऊ जीवनशैली अपनाना और वृक्षारोपण व जैव विविधता संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देना शामिल है। इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने अपनी शुभकामनाएँ भेजीं और सभी सदस्यों, शिक्षकों व विद्यार्थियों को "एक व्यक्ति–एक पौधा" अभियान अपनाने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. परशुराम सियाल, डीन, सामाजिक विज्ञान संकाय, कोल्हान विश्वविद्यालय ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक व जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। उन्होंने जोर दिया कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया, जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के 100 पीजी स्वयंसेवकों ने सक्रियता से भाग लिया। वृक्षारोपण के दौरान कुलसचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे केवल पौधे लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी न मानें, बल्कि पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान उनकी देखभाल भी करें। इस पूरे कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मीनाक्षी मुंडा, निदेशक, राष्ट्रीय सेवा योजना, कोल्हान विश्वविद्यालय ने किया, जबकि डॉ. जैक्लिन तिर्की, कार्यक्रम पदाधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना और सहायक प्राध्यापक डॉ. कंचन कच्छप ने सह-संयोजक के रूप में इसके सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में डॉ. तनुजा मोहंती, सहायक प्राध्यापक, भूविज्ञान विभाग; जुरा बारी, शिक्षण सहायक, मानवशास्त्र विभाग; रोहित कुड़ादा, शिक्षण सहायक, भूगोल विभाग और पीएच.डी. शोधार्थीगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. कंचन कच्छप द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने मुख्य अतिथि, वक्ता, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।1
- पश्चिमी सिंहभूम के तांतनगर थाना अंतर्गत खेड़िया टांगर गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक मानसिक रूप से विक्षिप्त पिता ने अपनी छह वर्षीय बेटी को लाठी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। यह दर्दनाक वाकया शनिवार रात करीब 8:00 बजे हुआ। लाल सिंह पूर्ति नामक विक्षिप्त शराब विक्रेता अपनी छह वर्षीय बेटी सोनी पूर्ति और अन्य बच्चों को लाठी से बुरी तरह पीट रहा था। बच्चों की चीख-पुकार के बीच, लाठी सोनी पूर्ति के सिर पर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और उन्होंने विक्षिप्त पिता को पकड़ लिया, जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। जख्मी बच्ची को तुरंत किराए के वाहन की व्यवस्था कर चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची को अस्पताल लेकर आए मुखिया मंगल सिंह पूर्ति ने इस घटना की जानकारी दी।1