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Hiring Locality : बिहार Salary Offered : 12000 Company / Shop : अर्जुन लखपति दीदी Job Title : होम वर्क Job Type : Part Time Required Work Experience : 1-2 Years सिर्फ महिलाओ के लिए है जो आपने घर से ही काम कर सकते है

9 hrs ago
user_अर्जुन जन कल्याण ट्रेनिंग फाउंडेशन
अर्जुन जन कल्याण ट्रेनिंग फाउंडेशन
NGO Worker रीगा, सीतामढ़ी, बिहार•
9 hrs ago

Hiring Locality : बिहार Salary Offered : 12000 Company / Shop : अर्जुन लखपति दीदी Job Title : होम वर्क Job Type : Part Time Required Work Experience : 1-2 Years सिर्फ महिलाओ के लिए है जो आपने घर से ही काम कर सकते है

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  • Hiring Locality : बिहार Salary Offered : 12000 Company / Shop : अर्जुन लखपति दीदी Job Title : होम वर्क Job Type : Part Time Required Work Experience : 1-2 Years सिर्फ महिलाओ के लिए है जो आपने घर से ही काम कर सकते है
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    Hiring
Locality : बिहार 
Salary Offered : 12000
Company / Shop : अर्जुन लखपति दीदी 
Job Title : होम वर्क 
Job Type : Part Time
Required Work Experience : 1-2 Years
सिर्फ महिलाओ के लिए है जो आपने घर से ही काम कर सकते है
    user_अर्जुन जन कल्याण ट्रेनिंग फाउंडेशन
    अर्जुन जन कल्याण ट्रेनिंग फाउंडेशन
    NGO Worker रीगा, सीतामढ़ी, बिहार•
    9 hrs ago
  • पटना के चर्चित कोचिंग वॉर में खान सर (फैसल खान) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज (के.जी.एस.) पर हुए पथराव और उसके बाद गार्ड्स द्वारा की गई हवाई फायरिंग के मामले में कदमकुआं थाना पुलिस और फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई की है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, पुलिस और प्रशासन की टीम ने खान सर के कोचिंग संस्थान पर पहुंचकर एक नोटिस चिपका दिया है।
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    पटना के चर्चित कोचिंग वॉर में खान सर (फैसल खान) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज (के.जी.एस.) पर हुए पथराव और उसके बाद गार्ड्स द्वारा की गई हवाई फायरिंग के मामले में कदमकुआं थाना पुलिस और फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई की है।

नवीनतम जानकारी के अनुसार, पुलिस और प्रशासन की टीम ने खान सर के कोचिंग संस्थान पर पहुंचकर एक नोटिस चिपका दिया है।
    user_Expose sitamarhi
    Expose sitamarhi
    Local News Reporter Bathnaha, Sitamarhi•
    9 hrs ago
  • सीतामढ़ी में शराब तस्करी का एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति अपने शरीर पर 54 शराब की बोतलें बांधकर सीमा पार करने का प्रयास कर रहा था। उसके इस अनोखे 'जुगाड़' को देखकर पुलिस भी दंग रह गई। यह शख्स इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें अपने शरीर पर छिपाकर ले जा रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नज़र से बच नहीं सका और उसे पकड़ लिया गया। इस घटना को शराब तस्करी के सबसे हैरतअंगेज मामलों में से एक बताया जा रहा है।
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    सीतामढ़ी में शराब तस्करी का एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति अपने शरीर पर 54 शराब की बोतलें बांधकर सीमा पार करने का प्रयास कर रहा था। उसके इस अनोखे 'जुगाड़' को देखकर पुलिस भी दंग रह गई।

यह शख्स इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें अपने शरीर पर छिपाकर ले जा रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नज़र से बच नहीं सका और उसे पकड़ लिया गया। इस घटना को शराब तस्करी के सबसे हैरतअंगेज मामलों में से एक बताया जा रहा है।
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    13 hrs ago
  • बिहार के शिवहर जिले में एक डेढ़ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के बाद से शिवहर के तरियानी क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है, जहाँ बताया जा रहा है कि हमेशा कोई न कोई ऐसी घटना होती रहती है।
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    बिहार के शिवहर जिले में एक डेढ़ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के बाद से शिवहर के तरियानी क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है, जहाँ बताया जा रहा है कि हमेशा कोई न कोई ऐसी घटना होती रहती है।
    user_Sheohar
    Sheohar
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    23 hrs ago
  • बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से, शराब तस्करों ने अपनी अक्लमंदी के ऐसे-ऐसे घोड़े दौड़ाए हैं कि उनकी नई-नई तरकीबों को देखकर नासा के वैज्ञानिक भी अपना सिर पकड़ लेंगे। राज्य में शराबबंदी के बावजूद तस्कर लगातार नए और हैरान कर देने वाले तरीके ईजाद कर रहे हैं।
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    बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से, शराब तस्करों ने अपनी अक्लमंदी के ऐसे-ऐसे घोड़े दौड़ाए हैं कि उनकी नई-नई तरकीबों को देखकर नासा के वैज्ञानिक भी अपना सिर पकड़ लेंगे। राज्य में शराबबंदी के बावजूद तस्कर लगातार नए और हैरान कर देने वाले तरीके ईजाद कर रहे हैं।
    user_Vinod Singh Rajput, shivhar News
    Vinod Singh Rajput, shivhar News
    Newspaper publisher तरियानी चौक, शिवहर, बिहार•
    16 hrs ago
  • राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने जन-विरोधी और भ्रष्टाचारी शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। इस विरोध प्रदर्शन में तेजस्वी यादव और एमडी अली अशरफ फातमी भी शामिल हैं।
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    राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने जन-विरोधी और भ्रष्टाचारी शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। इस विरोध प्रदर्शन में तेजस्वी यादव और एमडी अली अशरफ फातमी भी शामिल हैं।
    user_LIVE CITY DARBHANGA
    LIVE CITY DARBHANGA
    Media and information sciences faculty Jale, Darbhanga•
    2 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण में मालाकार भरत भगत ने एक यीशु प्रचारक को लोगों के बीच एक संदेश पत्र बांटते हुए देखा और उनसे सीधी बहस की। प्रचारक जन-जन को प्रभु यीशु के वचन सुनाकर जगा रहे थे, और बड़ी अभिलाषा से यह संदेश पत्र मालाकार भरत भगत को भी आदर सहित दिया, जिसमें प्रभु का गुणगान था और भक्ति करने की गुहार लगाई गई थी। जब मालाकार भरत भगत ने उस संदेश पत्र को पढ़ा, तो उसमें गरुड़ पुराण धर्म कांड परेत खंड 38:13 का हवाला देते हुए लिखा था कि "परवरदिगार परमेश्वर ईश्वर ना लकड़ी में होते हैं, ना पत्थर में होते हैं, और ना ही मिट्टी की बनी मूर्ति में पाए जाते हैं।" इस पर मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनका शरीर किस चीज़ से बना है, तो प्रचारक ने उत्तर दिया कि उनका पाँच तत्वों से बना शरीर मिट्टी का बना है। मालाकार भरत भगत ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण के 38:13 में संदेश पत्र में दर्शाई गई बातों से बिल्कुल अलग विवरण है। उनके अनुसार, गरुड़ पुराण के धर्म कांड या प्रेत कांड में मृत्यु के बाद की अवस्था, आत्मा की यात्रा और श्राद्ध कर्म का विस्तृत वर्णन है, और यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है। मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनके संदेश पत्र में ऐसी "भ्रामक संदेश" क्यों लिखा है और वे लोगों को गुमराह करके क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने प्रचारक से सोचने को कहा कि अगर लकड़ी में प्राण नहीं होते तो उसमें फूल कैसे खिलते हैं, और अगर मिट्टी की मूर्ति में ईश्वर का वास नहीं होता तो मनुष्यों के मुख से निकलने वाली आवाज़ कौन कहलाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस वंश से प्रचारक आते हैं, उसी लकड़ी पर खिले फूलों को उन्होंने अपनी जीविका का साधन क्यों बनाया है। मालाकार भरत भगत ने बताया कि उनका अपना वंश, यानी मालाकार भरत भगत का वंश, बगिया में लगे पेड़ों के फूलों से अपनी आजीविका चलाता है, और इसलिए उन्होंने प्रचारक से ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने के पीछे का असली मकसद स्पष्ट करने का आग्रह किया। जब प्रचारक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके, तो वहाँ उपस्थित लोगों ने अपने बुजुर्गों की बातों और सनातन धर्म के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि "हमारा सनातन धर्म का एक ही है पुकार, बिना हरि कृपा तृण नहीं डोले।" उन्होंने तर्क दिया कि मानव तन हो या किसी भी जीव-जंतु का तन, सभी पाँच तत्वों से बने मिट्टी के पुतले या मूर्ति के समान हैं और सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने प्रचारक महोदय से आग्रह किया कि वे जन-जन के बीच बांटे जाने वाले संदेश पत्र पर पुनर्विचार करें और उसमें सुधार करें, क्योंकि मनुष्य लिखे हुए को जीने का आधार और कानूनी आधार बना लेता है। मालाकार भरत भगत ने चेतावनी दी कि यदि यह संदेश विद्वानों के बीच मिथ्या सिद्ध हुआ, तो लोगों के मन में प्रचारक और प्रभु यीशु के प्रति घृणा, अविश्वास और धक्का उत्पन्न होगा। उन्होंने प्रचारक पर आरोप लगाया कि वे ईसाई कुल में उत्पन्न नहीं हुए हैं और उनके धर्म पर उनका अधिकार नहीं है, बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके शरण में गए हैं। उनके अनुसार, यह प्रचार प्रसार केवल जीवन जीने का साधन है, जिसका उपयोग ईसाई समुदाय अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कर रहा है। मालाकार भरत भगत ने अंत में प्रचारक से अनुरोध किया कि वे मानव जीवन के रहस्य को समझें और मानवता के धर्म का पालन करें, क्योंकि जिस माता-पिता से जन्म मिलता है, वही उस मानव जीवन का धर्म बन जाता है।
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    पूर्वी चंपारण में मालाकार भरत भगत ने एक यीशु प्रचारक को लोगों के बीच एक संदेश पत्र बांटते हुए देखा और उनसे सीधी बहस की। प्रचारक जन-जन को प्रभु यीशु के वचन सुनाकर जगा रहे थे, और बड़ी अभिलाषा से यह संदेश पत्र मालाकार भरत भगत को भी आदर सहित दिया, जिसमें प्रभु का गुणगान था और भक्ति करने की गुहार लगाई गई थी।

जब मालाकार भरत भगत ने उस संदेश पत्र को पढ़ा, तो उसमें गरुड़ पुराण धर्म कांड परेत खंड 38:13 का हवाला देते हुए लिखा था कि "परवरदिगार परमेश्वर ईश्वर ना लकड़ी में होते हैं, ना पत्थर में होते हैं, और ना ही मिट्टी की बनी मूर्ति में पाए जाते हैं।" इस पर मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनका शरीर किस चीज़ से बना है, तो प्रचारक ने उत्तर दिया कि उनका पाँच तत्वों से बना शरीर मिट्टी का बना है। मालाकार भरत भगत ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण के 38:13 में संदेश पत्र में दर्शाई गई बातों से बिल्कुल अलग विवरण है। उनके अनुसार, गरुड़ पुराण के धर्म कांड या प्रेत कांड में मृत्यु के बाद की अवस्था, आत्मा की यात्रा और श्राद्ध कर्म का विस्तृत वर्णन है, और यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है।

मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनके संदेश पत्र में ऐसी "भ्रामक संदेश" क्यों लिखा है और वे लोगों को गुमराह करके क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने प्रचारक से सोचने को कहा कि अगर लकड़ी में प्राण नहीं होते तो उसमें फूल कैसे खिलते हैं, और अगर मिट्टी की मूर्ति में ईश्वर का वास नहीं होता तो मनुष्यों के मुख से निकलने वाली आवाज़ कौन कहलाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस वंश से प्रचारक आते हैं, उसी लकड़ी पर खिले फूलों को उन्होंने अपनी जीविका का साधन क्यों बनाया है। मालाकार भरत भगत ने बताया कि उनका अपना वंश, यानी मालाकार भरत भगत का वंश, बगिया में लगे पेड़ों के फूलों से अपनी आजीविका चलाता है, और इसलिए उन्होंने प्रचारक से ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने के पीछे का असली मकसद स्पष्ट करने का आग्रह किया।

जब प्रचारक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके, तो वहाँ उपस्थित लोगों ने अपने बुजुर्गों की बातों और सनातन धर्म के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि "हमारा सनातन धर्म का एक ही है पुकार, बिना हरि कृपा तृण नहीं डोले।" उन्होंने तर्क दिया कि मानव तन हो या किसी भी जीव-जंतु का तन, सभी पाँच तत्वों से बने मिट्टी के पुतले या मूर्ति के समान हैं और सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने प्रचारक महोदय से आग्रह किया कि वे जन-जन के बीच बांटे जाने वाले संदेश पत्र पर पुनर्विचार करें और उसमें सुधार करें, क्योंकि मनुष्य लिखे हुए को जीने का आधार और कानूनी आधार बना लेता है। मालाकार भरत भगत ने चेतावनी दी कि यदि यह संदेश विद्वानों के बीच मिथ्या सिद्ध हुआ, तो लोगों के मन में प्रचारक और प्रभु यीशु के प्रति घृणा, अविश्वास और धक्का उत्पन्न होगा। उन्होंने प्रचारक पर आरोप लगाया कि वे ईसाई कुल में उत्पन्न नहीं हुए हैं और उनके धर्म पर उनका अधिकार नहीं है, बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके शरण में गए हैं। उनके अनुसार, यह प्रचार प्रसार केवल जीवन जीने का साधन है, जिसका उपयोग ईसाई समुदाय अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कर रहा है। मालाकार भरत भगत ने अंत में प्रचारक से अनुरोध किया कि वे मानव जीवन के रहस्य को समझें और मानवता के धर्म का पालन करें, क्योंकि जिस माता-पिता से जन्म मिलता है, वही उस मानव जीवन का धर्म बन जाता है।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • बिहार सरकार की BR01PF0454 नंबर वाली एक बस शिवहर से मुजफ्फरपुर की यात्रा के दौरान किशनपुर चौक पर खराब हो गई, जिसके बाद यात्रियों ने इसे 'धक्का एक्सप्रेस' कहना शुरू कर दिया। घटना के कारण यात्रियों को कड़ी धूप में बस को धक्का लगाना पड़ा। यात्रियों के धक्का लगाने के बावजूद, बस थोड़ी दूर चलकर फिर से बंद हो गई, जिससे कई यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा पूरी करने के लिए टेंपू पकड़ना पड़ा। यात्रियों ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें सफर का किराया चुकाना पड़ा, लेकिन काम धक्के का करना पड़ा, जो सार्वजनिक परिवहन की स्थिति पर सवाल उठाता है।
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    बिहार सरकार की BR01PF0454 नंबर वाली एक बस शिवहर से मुजफ्फरपुर की यात्रा के दौरान किशनपुर चौक पर खराब हो गई, जिसके बाद यात्रियों ने इसे 'धक्का एक्सप्रेस' कहना शुरू कर दिया। घटना के कारण यात्रियों को कड़ी धूप में बस को धक्का लगाना पड़ा।

यात्रियों के धक्का लगाने के बावजूद, बस थोड़ी दूर चलकर फिर से बंद हो गई, जिससे कई यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा पूरी करने के लिए टेंपू पकड़ना पड़ा। यात्रियों ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें सफर का किराया चुकाना पड़ा, लेकिन काम धक्के का करना पड़ा, जो सार्वजनिक परिवहन की स्थिति पर सवाल उठाता है।
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    21 hrs ago
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