*⭕मनोरंजन मे मौ!त का स्टंट || PM श्री स्कूली बच्चों का खतरनाक कारनामा,,, सावधान पालक खो देंगे घर का चिरांग* सारंगढ़: साभर का शिकार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार; वन विभाग की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में वन्यजीवों के दुश्मनों पर वन विभाग ने वज्रपात किया है। रेगालमुड़ा के जंगलों में एक साभर (जंगली हिरण) का अवैध शिकार कर उसका मांस बांटने की फिराक में लगे 6 आरोपियों को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर रंगे हाथों धर दबोचा। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के शिकारियों में हड़कंप मच गया है। गुप्त सूचना पर विभाग की त्वरित दबिश मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि रेगालमुड़ा गांव के पास जंगल क्षेत्र में कुछ लोग वन्यजीव का शिकार कर मांस पकाने और बांटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वन मंडलाधिकारी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए बताए गए स्थान पर दबिश दी, जहाँ आरोपी शिकार को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे। मौके से हथियार और अवशेष बरामद वन अमले ने मौके से साभर के अवशेषों के साथ-साथ शिकार में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार और अन्य औजार भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने वन्यजीव को बेदर्दी से मार डाला था और साक्ष्य मिटाने की कोशिश में थे, लेकिन विभाग की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पकड़े गए सभी आरोपी रेगालमुड़ा गांव के निवासी हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है: कैलाश पटेल, पिता आसाराम कौशल पटेल, पिता आसाराम ताराचंद पटेल, पिता कैलाश पटेल रामकुमार पटेल, पिता भागीरथी पटेल परसराम बरिहा, पिता शोभाराम बरिहा कार्तिकेश्वर सारथी, पिता महेश राम सारथी कड़ी धाराओं में मामला दर्ज वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है, जिसमें लंबी कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। "वन संपदा और जैव विविधता की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े तस्कर गिरोह से जुड़े हैं।" — वन विभाग अधिकारी आम जनता से अपील वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीवों के शिकार की सूचना मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सूचना बेजुबान जानवरों की जान बचा सकती है।
*⭕मनोरंजन मे मौ!त का स्टंट || PM श्री स्कूली बच्चों का खतरनाक कारनामा,,, सावधान पालक खो देंगे घर का चिरांग* सारंगढ़: साभर का शिकार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार; वन विभाग की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में वन्यजीवों के दुश्मनों पर वन विभाग ने वज्रपात किया है। रेगालमुड़ा के जंगलों में एक साभर (जंगली हिरण) का अवैध शिकार कर उसका मांस बांटने की फिराक में लगे 6 आरोपियों को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर रंगे हाथों धर दबोचा। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के शिकारियों में हड़कंप मच गया है। गुप्त सूचना पर विभाग की त्वरित दबिश मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि रेगालमुड़ा गांव के पास जंगल क्षेत्र में कुछ लोग वन्यजीव का शिकार कर मांस पकाने और बांटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वन मंडलाधिकारी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए बताए गए स्थान पर दबिश दी, जहाँ आरोपी शिकार को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे। मौके से हथियार और अवशेष बरामद वन अमले ने मौके से साभर के अवशेषों के साथ-साथ शिकार में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार और अन्य औजार भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने वन्यजीव को बेदर्दी से मार डाला था और साक्ष्य मिटाने की कोशिश में थे, लेकिन विभाग की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पकड़े गए सभी आरोपी रेगालमुड़ा गांव के निवासी हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है: कैलाश पटेल, पिता आसाराम कौशल पटेल, पिता आसाराम ताराचंद पटेल, पिता कैलाश पटेल रामकुमार पटेल, पिता भागीरथी पटेल परसराम बरिहा, पिता शोभाराम बरिहा कार्तिकेश्वर सारथी, पिता महेश राम सारथी कड़ी धाराओं में मामला दर्ज वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है, जिसमें लंबी कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। "वन संपदा और जैव विविधता की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े तस्कर गिरोह से जुड़े हैं।" — वन विभाग अधिकारी आम जनता से अपील वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीवों के शिकार की सूचना मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सूचना बेजुबान जानवरों की जान बचा सकती है।
- सारंगढ़: साभर का शिकार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार; वन विभाग की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में वन्यजीवों के दुश्मनों पर वन विभाग ने वज्रपात किया है। रेगालमुड़ा के जंगलों में एक साभर (जंगली हिरण) का अवैध शिकार कर उसका मांस बांटने की फिराक में लगे 6 आरोपियों को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर रंगे हाथों धर दबोचा। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के शिकारियों में हड़कंप मच गया है। गुप्त सूचना पर विभाग की त्वरित दबिश मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि रेगालमुड़ा गांव के पास जंगल क्षेत्र में कुछ लोग वन्यजीव का शिकार कर मांस पकाने और बांटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वन मंडलाधिकारी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए बताए गए स्थान पर दबिश दी, जहाँ आरोपी शिकार को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे। मौके से हथियार और अवशेष बरामद वन अमले ने मौके से साभर के अवशेषों के साथ-साथ शिकार में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार और अन्य औजार भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने वन्यजीव को बेदर्दी से मार डाला था और साक्ष्य मिटाने की कोशिश में थे, लेकिन विभाग की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पकड़े गए सभी आरोपी रेगालमुड़ा गांव के निवासी हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है: कैलाश पटेल, पिता आसाराम कौशल पटेल, पिता आसाराम ताराचंद पटेल, पिता कैलाश पटेल रामकुमार पटेल, पिता भागीरथी पटेल परसराम बरिहा, पिता शोभाराम बरिहा कार्तिकेश्वर सारथी, पिता महेश राम सारथी कड़ी धाराओं में मामला दर्ज वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है, जिसमें लंबी कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। "वन संपदा और जैव विविधता की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े तस्कर गिरोह से जुड़े हैं।" — वन विभाग अधिकारी आम जनता से अपील वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीवों के शिकार की सूचना मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सूचना बेजुबान जानवरों की जान बचा सकती है।1
- बिग डिबेट अपने ही जाल में फंसा सुधांशु1
- वनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन में सक्ती वन परिक्षेत्र एवं उड़नदस्ता की संयुक्त कार्रवाई, जैजैपुर क्षेत्र के दो आरा मिल सीलबंद।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित तीफरा औद्योगिक क्षेत्र में एक टाइल कंपनी में आज भीषण आग लगा गया है1
- कोरबा जिले के हरदी बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत मुड़ापार बाजार पारा गांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान में जा घुसा। हादसे में आंगन में बर्तन धो रही गर्भवती महिला शशि बाई सूर्यवंशी (25) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना शनिवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। बलौदा की ओर से आ रहा ट्रेलर (CG 10 BP 5301) अचानक नियंत्रण खो बैठा और भोलाराम सूर्यवंशी के घर की दीवार तोड़ते हुए सीधे आंगन तक पहुंच गया। उस समय शशि बाई आंगन में काम कर रही थीं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।1
- कोरबा के ग्राम रजगामार में संचालित पंजाब नेशनल बैंक के ओमपुर स्थानांतरण का विरोध एक बार फिर से शुरू हो गया है. सोमवार को बड़ी संख्या में इलाके के लोग कलेक्टर के पास पहुंचे और बैंक को पुराने स्थान पर संचालित करने की मांग रखी. ग्रामीणों का कहना है बैंक प्रबंधन जर्जर भवन का हवाला देकर उसे ओमपुर ले जाना चाहता है जहा पहले से ही कई बैंक संचालित है SECL के भवन में बैंक का संचालन करने की योजना है जबकि ग्रामीण पुराने भवन की मरम्मत की मांग करते हुए रजगामार में ही बैंक संचालित करने की मांग कर रहे है. ग्रामीणों ने यह भी बताया की बैंक का स्थानांतरण हो जाने से उसकी दूरी अधिक हो जाएगी जिससे उन्हें आने जाने में काफी दिक्क़तो का समना करना पड़ेगा.1
- गौ सम्मान आव्हान अभियान में आप सबका स्वागत है अभिनंदन है1
- शादी का माहौल मातम में बदला,,, चौथिया कार्यक्रम से लौटते समय पुल से गिरीं महिलाएं,,, दुल्हन की मां मलबे में दबी सारंगढ़-बिलाईगढ़ - जिले के कोरकोटी गांव में खुशियों का माहौल उस समय मातम में बदल गया, जब चौथिया कार्यक्रम से लौट रही 5 से 6 महिलाएं अचानक पुल से नीचे जा गिरीं। हादसे में दुल्हन की मां मलबे में दब गई, जबकि अन्य महिलाएं भी घायल बताई जा रही हैं। मिली जानकारी अनुसार कोरकोटी गांव मे गीताराम पटेल के बेटे की शादी का चौथीया कार्यक्रम चल रहा था जिसमे दुल्हन पक्ष के परिवार वाले अपने गृह ग्राम गिरोदपुरी से कोरकोटी गांव आये हुए थे रात्रि मे भोजन कर तक़रीबन 8 बजे परिवार के साथ अपने घर लौट रहे थे वही कार्यक्रम स्थल के बीच एक नाला है जिसमे पुल बना हुआ था उससे पार कर रहे थे तभी पुल टुटा और महिलाएं 5 से 6 निचे गिर गई पुल के नीचे पत्थर और मलबा होने से स्थिति और गंभीर हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। और तत्काल नजदीकी थाना बिलाईगढ़ को सुचना दिया गया जिसमे पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकलने मे जुट गई लेकिन एक महिला निचे मलबे मे दब गई जिसका पता नहीं चला पुलिस ने एन डी आर एफ की टीम बुलाई और खोजबीन शुरू कर दी उसके बाद काफी मशक्कत के बाद सुबह मलबे में दबी दुल्हन महिला को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। लेकिन वही दुख की बात रही की मलबे मे दबी मृतिका दुल्हन की माँ बताई जा रही है जिसको मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। गांव में शादी की खुशियां अचानक चीख-पुकार में बदल गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।1