एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर पत्रकार समुदाय में गहरा आक्रोश व्याप्त है, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में पत्रकार धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के बजाय, प्रशासन ने उसी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है, जिसने समुदाय में नाराजगी को और बढ़ा दिया है। धरने पर बैठे पत्रकारों ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया है। उनके अनुसार, यह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात है, बल्कि सत्य को सामने लाने के प्रयासों को दबाने की कोशिश भी है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय, पीड़ित पत्रकार को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जो न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पीड़ित पत्रकार पर दर्ज मामले की समीक्षा करने और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर पत्रकार समुदाय में गहरा आक्रोश व्याप्त है, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में पत्रकार धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के बजाय, प्रशासन ने उसी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है, जिसने समुदाय में नाराजगी को और बढ़ा दिया है। धरने पर बैठे पत्रकारों ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया है। उनके अनुसार, यह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात है, बल्कि सत्य को सामने लाने के प्रयासों को
दबाने की कोशिश भी है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय, पीड़ित पत्रकार को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जो न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पीड़ित पत्रकार पर दर्ज मामले की समीक्षा करने और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
- बिलासपुर जिले के हिर्री थाना पुलिस ने अवैध रूप से 11 लीटर कच्ची महुआ शराब रखने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। पुलिस से सोमवार शाम 6 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी गुहाराम निषाद, पिता स्व. कुंवर सिंह निषाद, उम्र 34 साल, साकिन मेड़पार-बाजार थाना हिर्री, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ को इस मामले में पकड़ा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्रीमती नूपुर उपाध्याय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर थाना प्रभारी हिर्री दामोदर मिश्रा के नेतृत्व में अवैध शराब रेड कार्यवाही के लिए एक टीम का गठन किया गया था। दिनांक 15.06.2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मेड़पार-बाजार निवासी गुहाराम निषाद ने अपने घर के पास भारी मात्रा में हाथ भट्ठी की बनी कच्ची महुआ शराब रखी है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुहाराम निषाद के कब्जे से एक पीले रंग के प्लास्टिक डिब्बे में रखी 11 लीटर देशी महुआ हाथ भट्ठी की शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 2200 रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उसे आज मंगलवार को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।1
- छत्तीसगढ़ सद्भाव पत्रकार संघ बिलासपुर (छ.ग.)कोटमी सोनार छत्तीसगढ़ सद्भाव पत्रकार संघ बिलासपुर (छ.ग.)कोटमी सोनार1
- ‘ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना’ गाने पर आधारित एक बेहद भावनात्मक 3D कार्टून वीडियो सामने आया है। यह वीडियो एक ऐसे साथी की कहानी प्रस्तुत करता है जिसने अपनी प्रेमिका की स्मृति को अमर करने के लिए एक स्कूल का निर्माण किया है।1
- रायगढ़ के कोतरारोड थाना में आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार बंदी संजय बघेल की संदिग्ध मृत्यु के मामले में ज़िला पुलिस ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया के सामने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और पूरी कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया। पुलिस ने दावा किया है कि गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक आरोपी के साथ किसी भी चरण में मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं किया गया। पुलिस के अनुसार, 10 जून को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए संजय बघेल के कब्ज़े से 30 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई थी। दोपहर 12:43 बजे उसे कोतरारोड थाना लाया गया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर दोपहर 2:15 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज में संजय बघेल के साथ पुलिस का सामान्य और मानवीय व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें उसे पानी पिलाते, भोजन कराते और परिजनों से मुलाकात कराते हुए भी दिखाया गया है। शाम 4:35 बजे संजय बघेल को मेडिकल परीक्षण और न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए थाना से रवाना किया गया था, जहाँ चिकित्सीय परीक्षण के दौरान उसने किसी चोट या शारीरिक परेशानी की शिकायत नहीं की, और मेडिकल रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया था। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे परिजनों की मौजूदगी में उसे जेल दाखिल कराया गया। पुलिस ने मामले में प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि मृतक के शरीर पर पाई गई चोटों को मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना गया है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच कराई जा रही है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संजय बघेल की मृत्यु की न्यायिक जांच जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा की जा रही है, जिसमें पुलिस पूरा सहयोग देने और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कह रही है। हालांकि, मृतक के परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने के आरोप को एसएसपी ने गंभीरता से लिया है। इस आरोप के चलते मामले के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। इस शिकायत की विस्तृत जांच डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है।1
- बिलासपुर में एक पॉक्सो मामले की जाँच में लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस कार्रवाई के तहत, सिरगिट्टी थाना प्रभारी टीआई अभय सिंह और एसआई संतोषी अग्रवाल को लाइन अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह टीआई वायपी सिंह को सिरगिट्टी का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह, पचपेड़ी थाना प्रभारी राज सिंह को भी पद से हटाकर टीआई कमला पुसाम को उस थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह प्रशासनिक कार्रवाई मुख्यमंत्री से शिकायत मिलने के बाद की गई। एसएसपी ने मामले की जाँच रिपोर्ट सात दिनों के भीतर तलब की है।1
- बलौदाबाजार में 16 जून, मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गौरीशंकर अग्रवाल का जन्मदिन उत्साह, सम्मान और गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और शुभचिंतकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिन्होंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की। इस भव्य समारोह में प्रदेश के राजस्व मंत्री, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, पूर्व विधायक एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सहित भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं भाजपा के विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने गौरीशंकर अग्रवाल के लंबे राजनीतिक जीवन, जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संगठन को मजबूत बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि अग्रवाल ने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा जनता के हितों को सर्वोपरि रखा और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य किए, जिससे भाजपा संगठन को मजबूती मिली और अनेक कार्यकर्ताओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। जन्मदिन के उपलक्ष्य में केक काटकर खुशियां साझा की गईं और उपस्थित सभी लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य तथा निरंतर सक्रिय जनसेवा की कामना की। इस पूरे आयोजन में उत्साह, आत्मीयता, सौहार्द और संगठनात्मक एकजुटता का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश रहा, जहाँ जन्मदिन समारोह के उपरांत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और समाज को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संदेश दिया। यह समारोह न केवल एक वरिष्ठ जननेता के प्रति सम्मान और स्नेह का प्रतीक बना, बल्कि इसने संगठन की एकजुटता, सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रभावशाली संदेश दिया।2
- न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार का दिन खूनी वारदातों के नाम रहा, जहाँ महज कुछ घंटों के भीतर दो अलग-अलग हत्या की घटनाओं ने पूरे शहर को दहला दिया। पहली घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की दीनदयाल आवास कॉलोनी में सामने आई, जहाँ 65 वर्षीय पंचू सोनवानी ने अपनी पत्नी सुमित्रा सोनवानी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। प्रारंभिक जाँच में इस हत्याकांड की वजह चरित्र संदेह और पारिवारिक विवाद बताई गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुँची, जिसके बाद आरोपी पति पंचू सोनवानी को हिरासत में ले लिया गया। इसी 12 घंटे की अवधि में शहर में एक और हत्या की वारदात हुई, जिसमें पत्थरों से कुचलकर जान ली गई।1
- बिलासपुर में पुलिस देवदूत की तरह पहुंची और एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान बचाई है।1
- बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित संगम नगर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ 70 वर्षीय पंचूराम सोनवानी ने अपनी पत्नी सुमित्रा बाई सोनवानी की हत्या कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पंचूराम अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था, जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। मंगलवार को उनका विवाद हिंसक हो गया और पंचूराम ने धारदार हथियार से सुमित्रा बाई पर हमला कर दिया, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। इस भयावह घटना ने पूरे बिलासपुर को झकझोर कर रख दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि एक ही दिन में सिविल लाइन और सिरगिट्टी क्षेत्र में हुई यह हत्या की दूसरी वारदात थी। 70 साल की उम्र में हत्यारा बनकर सलाखों के पीछे पहुँचे पंचूराम सोनवानी की इस करतूत ने इलाके में सनसनी फैला दी है।1