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‘ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना’ गाने पर आधारित एक बेहद भावनात्मक 3D कार्टून वीडियो सामने आया है। यह वीडियो एक ऐसे साथी की कहानी प्रस्तुत करता है जिसने अपनी प्रेमिका की स्मृति को अमर करने के लिए एक स्कूल का निर्माण किया है।
@kesu_ji77250
‘ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना’ गाने पर आधारित एक बेहद भावनात्मक 3D कार्टून वीडियो सामने आया है। यह वीडियो एक ऐसे साथी की कहानी प्रस्तुत करता है जिसने अपनी प्रेमिका की स्मृति को अमर करने के लिए एक स्कूल का निर्माण किया है।
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- ‘ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना’ गाने पर आधारित एक बेहद भावनात्मक 3D कार्टून वीडियो सामने आया है। यह वीडियो एक ऐसे साथी की कहानी प्रस्तुत करता है जिसने अपनी प्रेमिका की स्मृति को अमर करने के लिए एक स्कूल का निर्माण किया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा बलौदाबाजार के नगर भवन में तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। 16 से 18 जून तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का शुभारंभ 17 जून 2026 को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने किया। यह प्रदर्शनी केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और राष्ट्र निर्माण की उपलब्धियों को आकर्षक चित्रों व जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित कर रही है, जिसका अवलोकन उद्घाटन के अवसर पर जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने किया। उद्घाटन के दौरान गौरीशंकर अग्रवाल ने जोर दिया कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिसमें सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया गया है। उन्होंने प्रदर्शनी को आमजन को केंद्र सरकार की उपलब्धियों और विकास यात्रा से परिचित कराने का एक प्रभावी माध्यम बताया और नागरिकों से प्रदर्शनी देखकर योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना की, यह कहते हुए कि उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाई है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भागीदार बनने का आग्रह किया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम श्री स्कूल, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चित्रों के माध्यम से दर्शाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, आधारभूत संरचना, डिजिटल इंडिया, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से संबंधित उपलब्धियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी दी जा रही है। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, जिला अध्यक्ष आनंद यादव और टेसू लाल धुरंधर सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- बलौदाबाजार/भाटापारा, 16 जून 2026 को भाटापारा की भूमि अस्मिता, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के अनूठे संगम की साक्षी बनी, जब छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान 'छत्तीसगढ़ महतारी' और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत, 1971 के भारत-पाक युद्ध के महानायक फ्लाइट लेफ्टिनेंट शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। यह आयोजन भाटापारा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। डॉ. रमन सिंह ने सर्वप्रथम भाटापारा शहर के नवनिर्मित 'छत्तीसगढ़ महतारी चौक' पर पहुँचकर छत्तीसगढ़ महतारी की नयनाभिराम प्रतिमा का अनावरण किया। शंखध्वनि और पारंपरिक उत्साह के साथ उन्होंने महतारी के चरणों में माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात्, विधानसभा अध्यक्ष ने भाटापारा स्थित 'शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे परिसर' में वीर सपूत की प्रतिमा का अनावरण किया। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे के शौर्य को याद करते हुए पूरा परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों और युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा की अमर प्रेरणा बनेगी। उन्होंने शहीद की सुपुत्री प्रिया खोण्डे और भाई प्रभाकर खोण्डे सहित परिवार के अन्य सदस्यों से भी आत्मीयता से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण समारोह में प्रदेश के कई दिग्गज नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। इनमें राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री केदारनाथ गुप्ता और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट जन के रूप में शामिल थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, जनपद अध्यक्ष सविता अनंत, और पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े मौजूद रहे। प्रशासनिक नेतृत्व की ओर से कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक (SP) ओपी शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह में बड़ी संख्या में पहुंचे भाटापारा के नगरवासियों की आँखें जहाँ देश के वीर शहीद की याद में नम थीं, वहीं अपनी माटी के इस गौरव को देखकर हर नागरिक का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।2
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के एक गांव में ग्राम सचिव के खिलाफ ग्रामीणों का भारी गुस्सा फूट पड़ा है, जहाँ उन पर रिश्वत मांगने, पद के दुरुपयोग और शासकीय कार्यों में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुड़पार पंचायत के उपसरपंच, पंच और अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत सौंपी है, जिसमें बताया गया कि पेंशन बनवाने, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कार्यों और यहाँ तक कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने जैसे हर काम के लिए पैसे मांगे जाते हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम सचिव पंचायत भवन में नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते और अक्सर लोगों को अपने निजी निवास पर बुलाते हैं, जिससे विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। शिकायत में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राशन कार्ड बनवाने के लिए हजारों रुपये, पेंशन के लिए अलग से राशि और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी पैसे की मांग की गई। ग्रामीणों ने सचिव के व्यवहार और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए जोर दिया है कि पंचायत में लाखों रुपये होने के बावजूद विकास कार्यों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वे मांग कर रहे हैं कि सचिव को ग्राम पंचायत से हटाया जाए और उनके भ्रष्टाचार की पूरी जाँच कर उन पर कठोर कार्यवाही की जाए, क्योंकि उन्हें "ऐसा सचिव नहीं चाहिए जो हर काम पर पैसा मांगता है।" इस पूरी शिकायत के बाद, कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच की जाएगी और दोषियों पर निश्चित रूप से कार्यवाही की जाएगी।1
- जहाँगीर चांपा जिले के चांपा में स्थित ऐतिहासिक रामबंधा तालाब की सफाई एक बड़े भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है, जहाँ लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद तालाब में पानी कम और जलकुंभी का कचरा ज्यादा होने से यह अभियान एक मजाक बनकर रह गया है। कलेक्टर साहब ने स्वयं आकर इस सफाई कार्य का शुभारंभ किया था, जिससे तालाब की स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, ठेकेदारों और अधिकारियों की कथित 'जुगलबंदी' के कारण महीने भर बाद भी सफाई के नाम पर सिर्फ 'तमाशा' देखने को मिला है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्रकाश इंडस्ट्रीज द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के तहत प्रदान किए गए लाखों रुपये के फंड का उपयोग जलकुंभी साफ करने में हुआ या किसी की 'जेब साफ' करने में। जमीनी हकीकत यह है कि तालाब से जलकुंभी निकालने के बाद, उसे दूर ठिकाने लगाने के बजाय चांपा के ठेकेदारों ने तालाब के किनारों पर ही सड़ने के लिए छोड़ दिया। इसका भयावह परिणाम यह हुआ कि पहले सिर्फ हरा दिखने वाला तालाब अब बदबू से भरा है, जिसने मोहल्ले वालों का जीना मुश्किल कर दिया है। आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल चार दिन का 'नाटक' हुआ और उसके बाद भ्रष्टाचार का 'ताला' लग गया। नगर में 'सिंडिकेट ठेकेदारी' का एक नया खेल चल रहा है, जहाँ टेंडर बाद में पास होते हैं और 'मलाई' पहले ही बाँट ली जाती है। सियासतदानों और अधिकारियों की सरपरस्ती में ठेकेदारों ने आपस में काम बाँट रखे हैं, यही वजह है कि रामबंधा तालाब में पहले भी करोड़ों रुपये 'डुबोए' जा चुके हैं और आज फिर इतिहास खुद को दोहरा रहा है। जनता यह सवाल पूछ रही है कि करोड़ों की राशि 'डकारने वाले' इन 'मगरमच्छों' पर लगाम कब लगेगी। नगर पालिका के पास इस 'बर्बादी' का कोई जवाब नहीं है, और खर्चे में पारदर्शिता के नाम पर 'सन्नाटा' पसरा हुआ है। यह भी पूछा जा रहा है कि कलेक्टर साहब की साख को दांव पर लगाकर, रामबंधा तालाब को 'भ्रष्टाचार का तालाब' बनाने पर तुले ये लोग आखिर किसके शह पर यह सब कर रहे हैं। हम नगर पालिका प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगते रहेंगे।1
- छत्तीसगढ़ सद्भाव पत्रकार संघ बिलासपुर (छ.ग.)............. छत्तीसगढ़ सद्भाव पत्रकार संघ बिलासपुर (छ.ग.)..........1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक बुजुर्ग ने अपनी जमीन पर कथित अवैध अतिक्रमण का दावा करते हुए बताया कि वह वर्ष 1988 से न्याय पाने के लिए अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन आज तक उसे कोई समाधान नहीं मिला है। अपनी 37 वर्षों से चली आ रही इस लड़ाई में थक-हार कर अब बुजुर्ग सीधे सिस्टम से सवाल पूछ रहा है, "साहब, मैं किस अधिकारी के पास जाऊं? कौन मेरी सुनेगा?" यह घटना आम नागरिकों को दशकों तक न्याय के लिए भटकने की विवशता पर चिंता पैदा करती है, जहाँ आज भी बुजुर्ग को इंसाफ का इंतजार है।1
- एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर पत्रकार समुदाय में गहरा आक्रोश व्याप्त है, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में पत्रकार धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के बजाय, प्रशासन ने उसी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है, जिसने समुदाय में नाराजगी को और बढ़ा दिया है। धरने पर बैठे पत्रकारों ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया है। उनके अनुसार, यह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात है, बल्कि सत्य को सामने लाने के प्रयासों को दबाने की कोशिश भी है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय, पीड़ित पत्रकार को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जो न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पीड़ित पत्रकार पर दर्ज मामले की समीक्षा करने और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।2