बहराइच में अल-हुदा इंग्लिश स्कूल परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में शोधपरक पुस्तक “अवध में उर्दू पत्रकारिता का विकास” का विमोचन किया गया। इस पुस्तक के लेखक डॉ. सुफियान अहमद अंसारी कासमी हैं, जिन्हें वर्ष 2023 में लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा उनके इस शोध कार्य के लिए डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई थी। समारोह के मुख्य अतिथि, मशहूर आलोचक एवं शायर खलील अहसन (लखनऊ) ने पुस्तक की सराहना करते हुए बताया कि यह केवल अवध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारत के विभिन्न प्रांतों में उर्दू पत्रकारिता के विकास, उर्दू के पहले दैनिक समाचार पत्र, भारत के पहले अखबार और हिंदी व फारसी पत्रकारिता के शुरुआती दौर सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को शोधपूर्ण ढंग से शामिल किया गया है। उन्होंने डॉ. सुफियान अहमद अंसारी के शोध कार्य को विषय के साथ पूर्ण न्याय करने वाला और ज्ञान का महत्वपूर्ण संग्रह बताया, साथ ही उनके भविष्य की साहित्यिक एवं अकादमिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं भी दीं। समारोह की अध्यक्षता शहर के वरिष्ठ धार्मिक विद्वान एवं ईदगाह के इमाम मौलाना वलीउल्लाह मजाहेरी ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन स्वयं डॉ. सुफियान अहमद अंसारी ने किया। गोरखपुर के प्रसिद्ध कहानीकार डॉ. ओबैदुल्लाह चौधरी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बहराइच से अपने चार दशक पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए डॉ. सुफियान अहमद अंसारी को शहर की साहित्यिक पहचान मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए सराहा। अध्यक्षीय संबोधन में मौलाना वलीउल्लाह मजाहेरी ने डॉ. सुफियान अहमद अंसारी को उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों पर बधाई दी। मुफ्ती अब्दुल रहीम कासमी ने भी डॉ. सुफियान अहमद अंसारी को बधाई देते हुए उनके कार्यक्षेत्र में एक अलग पहचान बनाने की बात कही। कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना कारी अब्दुल मतीन कासमी की तिलावत और मौलाना अब्दुल हसीब नदवी की नात से हुई। इस अवसर पर मौलाना सिराज मदनी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मजहर सईद अलीग बहराइची, मुजीब सिद्दीकी करनैलगंज और अज्म गोंडवी जैसे कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से डॉ. सुफियान अहमद अंसारी की साहित्यिक एवं अकादमिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। अल-हुदा इंग्लिश स्कूल के संस्थापक शफीक अहमद बागबान ने स्वागत भाषण देते हुए विद्यालय परिसर में इस महत्वपूर्ण पुस्तक के विमोचन पर गर्व व्यक्त किया और बताया कि पुस्तक में अवध व पूरे भारत के साथ बहराइच की पत्रकारिता का भी उल्लेख है। मौलाना अबुल कलाम आजाद एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एक नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता समाजसेवी एवं पत्रकार सलीम सिद्दीकी ने की। इस मुशायरे में खलील अहसन, मुजीब सिद्दीकी, डॉ. मुबारक बहराइची, जव्वाद वारिस, मजहर सईद बहराइची, जमाल अज़हर, कलीम बहराइची, डॉ. सगीर और अब्दुल्ला बहराइची सहित कई शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। समारोह में डॉ. मेराजुद्दीन, मौलाना सुहैल, मौलाना मुहम्मद इरफान, मौलाना वसीउल्लाह, मौलाना अब्दुल्ला नदवी, मौलाना मुनीर अहमद, मौलाना महमूद, हाफिज अब्दुल बारी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बहराइच में अल-हुदा इंग्लिश स्कूल परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में शोधपरक पुस्तक “अवध में उर्दू पत्रकारिता का विकास” का विमोचन किया गया। इस पुस्तक के लेखक डॉ. सुफियान अहमद अंसारी कासमी हैं, जिन्हें वर्ष 2023 में लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा उनके इस शोध कार्य के लिए डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई थी। समारोह के मुख्य अतिथि, मशहूर आलोचक एवं शायर खलील अहसन (लखनऊ) ने पुस्तक की सराहना करते हुए बताया कि यह केवल अवध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारत के विभिन्न प्रांतों में उर्दू पत्रकारिता के विकास, उर्दू के पहले दैनिक समाचार पत्र, भारत के पहले अखबार और हिंदी व फारसी पत्रकारिता के शुरुआती दौर सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को शोधपूर्ण ढंग से शामिल किया गया है। उन्होंने डॉ. सुफियान अहमद अंसारी के शोध कार्य को विषय के साथ पूर्ण न्याय करने वाला और ज्ञान का महत्वपूर्ण संग्रह बताया, साथ ही उनके भविष्य की साहित्यिक एवं अकादमिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं भी दीं। समारोह की अध्यक्षता शहर के वरिष्ठ धार्मिक विद्वान एवं ईदगाह के इमाम मौलाना वलीउल्लाह मजाहेरी ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन स्वयं डॉ. सुफियान अहमद अंसारी ने किया। गोरखपुर के प्रसिद्ध कहानीकार डॉ. ओबैदुल्लाह चौधरी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बहराइच से अपने चार दशक पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए डॉ. सुफियान अहमद अंसारी को शहर की साहित्यिक पहचान मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए सराहा। अध्यक्षीय संबोधन में मौलाना वलीउल्लाह मजाहेरी ने डॉ. सुफियान अहमद अंसारी को उर्दू
भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों पर बधाई दी। मुफ्ती अब्दुल रहीम कासमी ने भी डॉ. सुफियान अहमद अंसारी को बधाई देते हुए उनके कार्यक्षेत्र में एक अलग पहचान बनाने की बात कही। कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना कारी अब्दुल मतीन कासमी की तिलावत और मौलाना अब्दुल हसीब नदवी की नात से हुई। इस अवसर पर मौलाना सिराज मदनी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मजहर सईद अलीग बहराइची, मुजीब सिद्दीकी करनैलगंज और अज्म गोंडवी जैसे कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से डॉ. सुफियान अहमद अंसारी की साहित्यिक एवं अकादमिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। अल-हुदा इंग्लिश स्कूल के संस्थापक शफीक अहमद बागबान ने स्वागत भाषण देते हुए विद्यालय परिसर में इस महत्वपूर्ण पुस्तक के विमोचन पर गर्व व्यक्त किया और बताया कि पुस्तक में अवध व पूरे भारत के साथ बहराइच की पत्रकारिता का भी उल्लेख है। मौलाना अबुल कलाम आजाद एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एक नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता समाजसेवी एवं पत्रकार सलीम सिद्दीकी ने की। इस मुशायरे में खलील अहसन, मुजीब सिद्दीकी, डॉ. मुबारक बहराइची, जव्वाद वारिस, मजहर सईद बहराइची, जमाल अज़हर, कलीम बहराइची, डॉ. सगीर और अब्दुल्ला बहराइची सहित कई शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। समारोह में डॉ. मेराजुद्दीन, मौलाना सुहैल, मौलाना मुहम्मद इरफान, मौलाना वसीउल्लाह, मौलाना अब्दुल्ला नदवी, मौलाना मुनीर अहमद, मौलाना महमूद, हाफिज अब्दुल बारी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- आगामी मोहर्रम के त्यौहार को देखते हुए बहराइच पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इसी क्रम में, बहराइच के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, क्षेत्राधिकार नगर नारायण दत्त मिश्रा, और कोतवाली नगर प्रभारी बृजेंन्द्र कुमार मिश्रा ने पुलिस बल के साथ मिलकर शहर में पैदल रूट मार्च किया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रूल ऑफ लॉ सोसायटी के तत्वावधान में जयपुर स्थित अनंत महल में एक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने योग के महत्व को गहराई से समझा और नियमित योग अभ्यास करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूल ऑफ लॉ सोसायटी के संयोजक (अवध क्षेत्र) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित योग अभ्यास से एक स्वस्थ और निरोग जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि योग एवं प्राणायाम शरीर और मन को संतुलित रखने में सहायक होते हैं। संजीव श्रीवास्तव ने सोसायटी की अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रूल ऑफ लॉ सोसायटी प्राकृतिक जीवन शैली को बढ़ावा देने, पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए पंचवटी प्रजाति के पौधों का रोपण कर स्थानीय सहयोग से उनके संरक्षण का भी प्रयास कर रही है। इस अवसर पर पंडित सियाराम शर्मा, राजीव श्रीवास्तव, स्वदेश सक्सेना, सौरभ श्रीवास्तव, मृत्युंजय सक्सेना, पर्यावरणविद राकेश खेतान, रवि श्रीवास्तव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- भारत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिससे इस पूरे प्रकरण पर सियासी और कानूनी बहस और भी तेज हो गई है। इस एनकाउंटर को लेकर लगातार कई सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, कई बीजेपी नेताओं ने भी इस मामले में पारदर्शी जांच की स्पष्ट मांग की है। मुख्य प्रश्न यह बना हुआ है कि क्या यह एनकाउंटर कानूनी दायरे में रहकर किया गया था, या इसके पीछे कोई गहरा सच छिपा हुआ है। अब देशभर की निगाहें सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या इस मामले का सच सामने आ पाएगा।1
- एक नई अपडेट में, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर RE-NEET 2026 परीक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि परीक्षा शुरू होने से ठीक 10 मिनट पहले ही केंद्र बदल दिया गया। इस घटना के बाद, NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और सीधा आरोप लगाया गया है कि "तुमसे ना हो पायेगा" यानी NTA ठीक ढंग से परीक्षा आयोजित करने में अक्षम है। इस पूरे मामले को लेकर यह भी मांग उठी है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा।1
- बहराइच जिले के थाना जरवल इलाके में स्थित मुस्तफाबाद मोड़ लखनऊ हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार अपाची बाइक अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी, जिससे बाइक सवार तीनों लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान कैसरगंज के भकरौली गांव निवासी राम मिलन, बुधई और रामकृष्ण के रूप में हुई है, जो सभी सिरौली गौसपुर मिट्टी लेने जा रहे थे। यह हादसा इतना भयावह था कि तीनों व्यक्तियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर थाना जरवल पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक साथ तीन लोगों की मौत से उनके पैतृक भकरौली गांव में गहरा मातम पसर गया है।1
- श्रावस्ती में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवानों और श्रावस्ती पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई में उस व्यक्ति को 5 किलो 272 ग्राम चरस के साथ पकड़ा।1
- एक वायरल वीडियो और धमकी के संबंध में 'सम्राट' नामक व्यक्ति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पूछा जा रहा है कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस 'सम्राट' का पता क्यों नहीं लगा पाई। पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या 57 पुलिसकर्मी उसे ज़िंदा पकड़ने में डरपोक साबित हुए। यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता बढ़ाती है और पुलिस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े करती है।1
- कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के दिशा-निर्देशन में, 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा और उत्तर प्रदेश पुलिस की एक संयुक्त विशेष गश्ती टीम ने 21 जून 2026 को सीमा क्षेत्र में तस्करी विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में गाजरीनाला के पास, थाना सिरसिया, जनपद श्रावस्ती क्षेत्र से 5.270 किलोग्राम चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। आसूचना शाखा, 62वीं वाहिनी भिनगा को 21 जून 2026 को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि नेपाल से भारत की ओर एक व्यक्ति मोटरसाइकिल के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला है। इस सूचना के तुरंत बाद, “ई” समवाय गुज्जरगुरी और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त विशेष पेट्रोलिंग पार्टी ने गाजरीनाला के पास सघन जांच और निगरानी अभियान शुरू किया। लगभग 1530 बजे, भारतीय क्षेत्र में करीब 1.5 किलोमीटर अंदर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति को रोका गया और तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 5.270 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इसके साथ ही, एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। इस सफल कार्रवाई को निरीक्षक (सामान्य) रहेश सिंह राना, मुख्य आरक्षी (सामान्य) शैलेश कुमार, मुख्य आरक्षी (सामान्य) उदय कुमार, आरक्षी (सामान्य) रमेश यादव तथा आरक्षी (सामान्य) मोहम्मद नूर हुसैन ने अंजाम दिया। बरामद मादक पदार्थ, मोटरसाइकिल और गिरफ्तार अभियुक्त को आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए पुलिस थाना सिरसिया, जनपद श्रावस्ती को सुपुर्द करने की प्रक्रिया जारी है। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध गतिविधियों और सीमा अपराधों की रोकथाम के लिए निरंतर सतर्क और प्रतिबद्ध है।2
- श्रावस्ती जिले में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' विषय के साथ 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले के स्पोर्ट्स स्टेडियम भिनगा में मुख्य योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शुभारम्भ अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा, जिलाध्यक्ष डॉ0 मिश्रीलाल वर्मा, जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, अपर जिलाधिकारी ललित कुमार और अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार ने दीप प्रज्वलित कर और भगवान धन्वंतरि जी के चित्र पर माल्यार्पण कर सहभागिता की। योगाभ्यास कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष और जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं को योग प्रमाण पत्र वितरित किए। उपस्थित जनसमूह को प्रतिदिन योग करने और नशा मुक्ति के लिए शपथ दिलाई गई। योग वेलनेस सेंटर के योग प्रशिक्षक अरुण कुमार और योग सहायकों ने प्रशिक्षण संपन्न कराया। विधायक रामफेरन पाण्डेय ने इकौना स्थित जगतजीत इंटर कॉलेज में दीप प्रज्वलित कर और भगवान धन्वंतरि जी के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के समापन पर उपाध्यक्ष ने स्पोर्ट्स स्टेडियम परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के निर्देशों के तहत जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों, तहसील मुख्यालयों, नगर निकायों, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, पुलिस विभाग, योग वेलनेस सेंटर, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स सहित अन्य चिकित्सालयों में भी व्यापक स्तर पर योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें माननीय जनप्रतिनिधियों और आम जनमानस ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष ने योग को भारत की प्राचीन परंपरा का अमूल्य उपहार बताया, जो शरीर को स्वस्थ रखने, बीमारियों से बचाने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है। उन्होंने इसे दिमाग और शरीर की एकाग्रता बनाए रखने के साथ-साथ मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाला भी बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि योग भारत की संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न अंग रहा है, और इसे अपनाने से दवाओं पर होने वाला व्यय रोका जा सकता है, जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव होगा। जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने इस ऋषि परंपरा के उपहार को भारत और विश्व स्तर पर पहुंचाया। जिलाधिकारी ने दोहराया कि योग विभिन्न बीमारियों से बचाव और दिमाग-शरीर की एकता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विधायक ने महर्षि पतंजलि द्वारा योग सूत्रों के माध्यम से योग परंपरा को व्यवस्थित करने और ऋषियों व योग गुरुओं द्वारा इसके ज्ञान को संरक्षित कर विश्व में प्रसारित करने के योगदान पर प्रकाश डाला।1