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एक वायरल वीडियो और धमकी के संबंध में 'सम्राट' नामक व्यक्ति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पूछा जा रहा है कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस 'सम्राट' का पता क्यों नहीं लगा पाई। पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या 57 पुलिसकर्मी उसे ज़िंदा पकड़ने में डरपोक साबित हुए। यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता बढ़ाती है और पुलिस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े करती है।
आशीष मिश्र बहराइच
एक वायरल वीडियो और धमकी के संबंध में 'सम्राट' नामक व्यक्ति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पूछा जा रहा है कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस 'सम्राट' का पता क्यों नहीं लगा पाई। पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या 57 पुलिसकर्मी उसे ज़िंदा पकड़ने में डरपोक साबित हुए। यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता बढ़ाती है और पुलिस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े करती है।
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- भारत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिससे इस पूरे प्रकरण पर सियासी और कानूनी बहस और भी तेज हो गई है। इस एनकाउंटर को लेकर लगातार कई सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, कई बीजेपी नेताओं ने भी इस मामले में पारदर्शी जांच की स्पष्ट मांग की है। मुख्य प्रश्न यह बना हुआ है कि क्या यह एनकाउंटर कानूनी दायरे में रहकर किया गया था, या इसके पीछे कोई गहरा सच छिपा हुआ है। अब देशभर की निगाहें सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या इस मामले का सच सामने आ पाएगा।1
- एक नई अपडेट में, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर RE-NEET 2026 परीक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि परीक्षा शुरू होने से ठीक 10 मिनट पहले ही केंद्र बदल दिया गया। इस घटना के बाद, NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और सीधा आरोप लगाया गया है कि "तुमसे ना हो पायेगा" यानी NTA ठीक ढंग से परीक्षा आयोजित करने में अक्षम है। इस पूरे मामले को लेकर यह भी मांग उठी है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा।1
- भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें एक तस्कर को तेरह लाख रुपये मूल्य की चरस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई सीमा पार से होने वाले अपराधों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई, जो भारतीय पुलिस और एसएसबी द्वारा चलाए जा रहे ड्रग माफिया विरोधी अभियानों का हिस्सा है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार दोपहर बाद दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। यह विवाद एक किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप को लेकर शुरू हुआ। आक्रोशित लोगों ने आरोपी युवक के घर पहुंचकर जमकर पथराव किया और वहां की रेलिंग तोड़ दी। इसके बाद, भीड़ ने आरोपी युवक के सहयोगी की आटा चक्की में भी आग लगाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर तीन थानों की पुलिस तैनात की गई है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।3
- माननीय मुख्यमंत्री जी से जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक करोड़ रुपये के जेवरात की बरामदगी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई है। बताया गया है कि 17 साल पहले मुदित अग्रवाल की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात पुलिस ने मालखाने में जमा करवाए थे। जब अग्रवाल का मुकदमा न्यायालय से समाप्त हुआ और उन्होंने अपने जेवरात वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, तो जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस ने लिखित बयान देकर चौंकाने वाला दावा किया। पुलिस के अनुसार, सोने के जेवरात पानी में भीगने से खराब हो गए थे और उन्हें सूखने के लिए छत पर पोटलों में रखा गया था, जहाँ से बंदर उन्हें उठा ले गए। इस अजीबोगरीब दावे पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या जनपद लखीमपुर खीरी की पुलिस ईमानदार है या भ्रष्टाचार में संलिप्त है। आरोप लगाया गया है कि जिले में सबसे ज्यादा गुंडागर्दी, भू-माफिया गर्दी, गैंगवार और अवैध असलहा फैक्ट्रियां चलती हैं, लेकिन वहाँ की 'निकम्मी पुलिस' कोई कार्रवाई नहीं करती। यह भी कहा गया है कि पुलिस का एकमात्र काम अवैध धन वसूली है, जिसमें ईसानगर और धौरहरा क्षेत्र में सर्वाधिक वसूली होती है, और वहाँ के क्षेत्र अधिकारी व थाना प्रभारी दोनों ही 'करप्ट और भ्रष्टाचारी' हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि लखीमपुर खीरी प्रशासन पर मुकदमा पंजीकृत हो और एक करोड़ रुपये के जेवरात बरामद करवाए जाएं।1
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बहराइच पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक वृंदजीत श्रीवास्तव के नेतृत्व में, भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर पैदल रूट मार्च किया गया। इस रूट मार्च में पुलिस अधीक्षक वृंदजीत श्रीवास्तव के साथ अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर नारायण दत्त मिश्रा और कोतवाली नगर प्रभारी बृजेंद्र कुमार मिश्रा भी शामिल रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और उपस्थित लोगों से शांति तथा भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बहराइच पुलिस का यह शक्ति प्रदर्शन अमन-चैन बनाए रखने और मोहर्रम के त्योहार को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- बहराइच जिले में शिव बारात की शोभायात्रा के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक आम की डाल टूट जाने के कारण यात्रा रुक गई। बाबा बूढ़ेश्वर नाथ मंदिर से काली मंदिर की ओर वापस लौट रही हजारों लोगों की इस शोभायात्रा के रुकने के बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक गाली-गलौज हुई। इस बीच, वैबाही चौकी के कॉन्स्टेबल फैजल खान पर आरोप है कि उन्होंने अश्लील गालियां दीं और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त करने की धमकी देते हुए कहा कि "हम भगवान को नहीं मानते हैं" और ज्यादा उपद्रव करने पर सबको अंदर कर देने की बात कही। कांस्टेबल के इस रवैये से आक्रोशित शोभायात्रा के आयोजकों ने वहीं धरना शुरू कर दिया और मांग की कि जब तक फैजल खान को लाइन हाजिर नहीं किया जाता, तब तक वे धरना नहीं हटाएंगे। घटना की सूचना मिलने पर SO प्रदीप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शोभायात्रा निकालने वाले व्यक्तियों को आश्वासन दिया कि फैजल खान को जल्द ही लाइन हाजिर किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर मूर्ति स्थापना करने का आग्रह किया। हालांकि, शोभायात्रा निकालने वाले लोगों का स्पष्ट कहना है कि फैजल खान को लाइन हाजिर किए जाने तक उनका धरना जारी रहेगा।1
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