माननीय मुख्यमंत्री जी से जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक करोड़ रुपये के जेवरात की बरामदगी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई है। बताया गया है कि 17 साल पहले मुदित अग्रवाल की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात पुलिस ने मालखाने में जमा करवाए थे। जब अग्रवाल का मुकदमा न्यायालय से समाप्त हुआ और उन्होंने अपने जेवरात वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, तो जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस ने लिखित बयान देकर चौंकाने वाला दावा किया। पुलिस के अनुसार, सोने के जेवरात पानी में भीगने से खराब हो गए थे और उन्हें सूखने के लिए छत पर पोटलों में रखा गया था, जहाँ से बंदर उन्हें उठा ले गए। इस अजीबोगरीब दावे पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या जनपद लखीमपुर खीरी की पुलिस ईमानदार है या भ्रष्टाचार में संलिप्त है। आरोप लगाया गया है कि जिले में सबसे ज्यादा गुंडागर्दी, भू-माफिया गर्दी, गैंगवार और अवैध असलहा फैक्ट्रियां चलती हैं, लेकिन वहाँ की 'निकम्मी पुलिस' कोई कार्रवाई नहीं करती। यह भी कहा गया है कि पुलिस का एकमात्र काम अवैध धन वसूली है, जिसमें ईसानगर और धौरहरा क्षेत्र में सर्वाधिक वसूली होती है, और वहाँ के क्षेत्र अधिकारी व थाना प्रभारी दोनों ही 'करप्ट और भ्रष्टाचारी' हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि लखीमपुर खीरी प्रशासन पर मुकदमा पंजीकृत हो और एक करोड़ रुपये के जेवरात बरामद करवाए जाएं।
माननीय मुख्यमंत्री जी से जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक करोड़ रुपये के जेवरात की बरामदगी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई है। बताया गया है कि 17 साल पहले मुदित अग्रवाल की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात पुलिस ने मालखाने में जमा करवाए थे। जब अग्रवाल का मुकदमा न्यायालय से समाप्त हुआ और उन्होंने अपने जेवरात वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, तो जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस ने लिखित बयान देकर चौंकाने वाला दावा किया। पुलिस के अनुसार, सोने के जेवरात पानी में भीगने से खराब हो गए थे और उन्हें सूखने के लिए छत पर पोटलों में रखा गया था, जहाँ से बंदर उन्हें उठा ले गए। इस अजीबोगरीब दावे पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या जनपद लखीमपुर खीरी की पुलिस ईमानदार है या भ्रष्टाचार में संलिप्त है। आरोप लगाया गया है कि जिले में सबसे ज्यादा गुंडागर्दी, भू-माफिया गर्दी, गैंगवार और अवैध असलहा फैक्ट्रियां चलती हैं, लेकिन वहाँ की 'निकम्मी पुलिस' कोई कार्रवाई नहीं करती। यह भी कहा गया है कि पुलिस का एकमात्र काम अवैध धन वसूली है, जिसमें ईसानगर और धौरहरा क्षेत्र में सर्वाधिक वसूली होती है, और वहाँ के क्षेत्र अधिकारी व थाना प्रभारी दोनों ही 'करप्ट और भ्रष्टाचारी' हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि लखीमपुर खीरी प्रशासन पर मुकदमा पंजीकृत हो और एक करोड़ रुपये के जेवरात बरामद करवाए जाएं।
- माननीय मुख्यमंत्री जी से जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक करोड़ रुपये के जेवरात की बरामदगी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई है। बताया गया है कि 17 साल पहले मुदित अग्रवाल की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात पुलिस ने मालखाने में जमा करवाए थे। जब अग्रवाल का मुकदमा न्यायालय से समाप्त हुआ और उन्होंने अपने जेवरात वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, तो जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस ने लिखित बयान देकर चौंकाने वाला दावा किया। पुलिस के अनुसार, सोने के जेवरात पानी में भीगने से खराब हो गए थे और उन्हें सूखने के लिए छत पर पोटलों में रखा गया था, जहाँ से बंदर उन्हें उठा ले गए। इस अजीबोगरीब दावे पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या जनपद लखीमपुर खीरी की पुलिस ईमानदार है या भ्रष्टाचार में संलिप्त है। आरोप लगाया गया है कि जिले में सबसे ज्यादा गुंडागर्दी, भू-माफिया गर्दी, गैंगवार और अवैध असलहा फैक्ट्रियां चलती हैं, लेकिन वहाँ की 'निकम्मी पुलिस' कोई कार्रवाई नहीं करती। यह भी कहा गया है कि पुलिस का एकमात्र काम अवैध धन वसूली है, जिसमें ईसानगर और धौरहरा क्षेत्र में सर्वाधिक वसूली होती है, और वहाँ के क्षेत्र अधिकारी व थाना प्रभारी दोनों ही 'करप्ट और भ्रष्टाचारी' हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि लखीमपुर खीरी प्रशासन पर मुकदमा पंजीकृत हो और एक करोड़ रुपये के जेवरात बरामद करवाए जाएं।1
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बहराइच पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक वृंदजीत श्रीवास्तव के नेतृत्व में, भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर पैदल रूट मार्च किया गया। इस रूट मार्च में पुलिस अधीक्षक वृंदजीत श्रीवास्तव के साथ अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर नारायण दत्त मिश्रा और कोतवाली नगर प्रभारी बृजेंद्र कुमार मिश्रा भी शामिल रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और उपस्थित लोगों से शांति तथा भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बहराइच पुलिस का यह शक्ति प्रदर्शन अमन-चैन बनाए रखने और मोहर्रम के त्योहार को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- बहराइच जिले में शिव बारात की शोभायात्रा के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक आम की डाल टूट जाने के कारण यात्रा रुक गई। बाबा बूढ़ेश्वर नाथ मंदिर से काली मंदिर की ओर वापस लौट रही हजारों लोगों की इस शोभायात्रा के रुकने के बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक गाली-गलौज हुई। इस बीच, वैबाही चौकी के कॉन्स्टेबल फैजल खान पर आरोप है कि उन्होंने अश्लील गालियां दीं और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त करने की धमकी देते हुए कहा कि "हम भगवान को नहीं मानते हैं" और ज्यादा उपद्रव करने पर सबको अंदर कर देने की बात कही। कांस्टेबल के इस रवैये से आक्रोशित शोभायात्रा के आयोजकों ने वहीं धरना शुरू कर दिया और मांग की कि जब तक फैजल खान को लाइन हाजिर नहीं किया जाता, तब तक वे धरना नहीं हटाएंगे। घटना की सूचना मिलने पर SO प्रदीप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शोभायात्रा निकालने वाले व्यक्तियों को आश्वासन दिया कि फैजल खान को जल्द ही लाइन हाजिर किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर मूर्ति स्थापना करने का आग्रह किया। हालांकि, शोभायात्रा निकालने वाले लोगों का स्पष्ट कहना है कि फैजल खान को लाइन हाजिर किए जाने तक उनका धरना जारी रहेगा।1
- आगामी मोहर्रम के त्यौहार के मद्देनज़र बहराइच पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में, बहराइच पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, क्षेत्राधिकार नगर नारायण दत्त मिश्रा और कोतवाली नगर प्रभारी बृजेंन्द्र कुमार मिश्रा ने पुलिस बल के साथ मिलकर शहर में पैदल रूट मार्च किया।1
- बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है, जहाँ नदी में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। गोकुलपुर निवासी विवेक और अतुल, जो नहा रहे थे, गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें पानी से बाहर निकालकर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो युवकों की एक साथ हुई इस दुखद मौत से उनके परिजनों में कोहराम मच गया है। गोकुलपुर गाँव में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है और हर तरफ मातम का माहौल छाया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँची और उसने मोर्चा संभाला। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, और हादसे की जांच अभी जारी है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रूल ऑफ लॉ सोसायटी के तत्वावधान में जयपुर स्थित अनंत महल में एक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने योग के महत्व को गहराई से समझा और नियमित योग अभ्यास करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूल ऑफ लॉ सोसायटी के संयोजक (अवध क्षेत्र) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित योग अभ्यास से एक स्वस्थ और निरोग जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि योग एवं प्राणायाम शरीर और मन को संतुलित रखने में सहायक होते हैं। संजीव श्रीवास्तव ने सोसायटी की अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रूल ऑफ लॉ सोसायटी प्राकृतिक जीवन शैली को बढ़ावा देने, पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए पंचवटी प्रजाति के पौधों का रोपण कर स्थानीय सहयोग से उनके संरक्षण का भी प्रयास कर रही है। इस अवसर पर पंडित सियाराम शर्मा, राजीव श्रीवास्तव, स्वदेश सक्सेना, सौरभ श्रीवास्तव, मृत्युंजय सक्सेना, पर्यावरणविद राकेश खेतान, रवि श्रीवास्तव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- एक वायरल वीडियो और धमकी के संबंध में 'सम्राट' नामक व्यक्ति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पूछा जा रहा है कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस 'सम्राट' का पता क्यों नहीं लगा पाई। पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या 57 पुलिसकर्मी उसे ज़िंदा पकड़ने में डरपोक साबित हुए। यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता बढ़ाती है और पुलिस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े करती है।1
- बहराइच में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने पुलिस के सहयोग से एक संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों, वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाने वाले व्यक्तियों, मालवाहक वाहनों में अवैध रूप से सवारी ढोने वालों और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग की जांच में कुल 9 वाहनों को जब्त किया गया, वहीं 47 वाहनों का चालान काटा गया। इसके अलावा, 5 ओवरलोड मालवाहक वाहनों को भी बंद कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस तरह, बहराइच में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन का डंडा चला।1