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पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार ग्वालियर जिले में 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के अंतर्गत एक साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। गोला का मंदिर चौराहे पर ट्रैफिक प्रभारी अभिषेक रघुवंशी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान सवारी वाहन चालकों, राहगीरों, दुकानदारों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
Betal Singh gaur
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार ग्वालियर जिले में 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के अंतर्गत एक साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। गोला का मंदिर चौराहे पर ट्रैफिक प्रभारी अभिषेक रघुवंशी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान सवारी वाहन चालकों, राहगीरों, दुकानदारों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
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- पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार ग्वालियर जिले में 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के अंतर्गत एक साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। गोला का मंदिर चौराहे पर ट्रैफिक प्रभारी अभिषेक रघुवंशी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान सवारी वाहन चालकों, राहगीरों, दुकानदारों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा में सिंध नदी पर बने नवीन पुल की स्थिति लगातार बदहाल होती जा रही है। पुल के दोनों ओर बने फुटपाथों पर भारी मात्रा में गंदगी जमा है, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, पुल पर लगी स्ट्रीट लाइटें भी लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिसके कारण रात के समय यात्रियों को अंधेरे में ही आवागमन करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पुल पर जल्द से जल्द सफाई कराई जाए और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू किया जाए, ताकि राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।3
- एकीकृत हाई स्कूल नीमड़ाडा में मध्यान्ह भोजन योजना की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ बच्चों से ही मिड-डे मील खाने के बाद थालियां धुलवाने का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक छात्र ने स्वयं कैमरे के सामने बताया कि भोजन करने के बाद वे ही थालियां धोते हैं। इस संबंध में जब स्कूल के प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि "शायद गलती से बच्चे ने थाली धो दी होगी," और यह भी दावा किया कि उनके यहाँ थालियाँ रसोइया ही धोते हैं। हालांकि, मौके पर कैमरे में बच्चा खुद थाली धोता हुआ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था, और उसने भी इस बात की पुष्टि की कि वह थाली साफ कर रहा है, जिससे प्रभारी का बयान विरोधाभासी प्रतीत होता है। इस घटना के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं और मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन पर बड़े पैमाने पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में बच्चों से इस तरह के काम न करवाए जा सकें।2
- मध्य प्रदेश पुलिस ने वर्ष 2025 में कानून व्यवस्था के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है, जिससे प्रदेश को 'नक्सल मुक्त' घोषित किया गया है। इन बड़ी सफलताओं में तीन दशक पुरानी नक्सल समस्या का जड़ से खात्मा, अंतरराष्ट्रीय ठगी और विदेशी करेंसी नेटवर्क का भंडाफोड़, तथा एक बड़े आतंकी की गिरफ्तारी जैसे अहम कार्य शामिल हैं। यह सभी उपलब्धियाँ डीजीपी कैलाश मकवाणा के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व में हासिल की गई हैं। नक्सल समस्या के उन्मूलन के क्रम में, आधुनिक हथियारों से लैस 10 खूंखार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल 2 करोड़ 36 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसी कड़ी में, जयपुर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने वाले 5 लाख रुपये के इनामी आतंकी फिरोज उर्फ सब्जी को रतलाम से गिरफ्तार किया गया। म.प्र. एसटीएफ ने दुबई और अमेरिका से संचालित 3,200 करोड़ रुपये के एक विशाल साइबर ठगी और विदेशी करेंसी नेटवर्क को ध्वस्त किया। माफियाओं पर भी कड़ा प्रहार करते हुए, 30 से अधिक फर्जी शैल कंपनियाँ उजागर की गईं और साइबर ठगों के 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज किया गया। 'नशे से दूरी है ज़रूरी' अभियान के तहत, 22 लाख से अधिक लोग इससे जुड़े और सोशल मीडिया पर इसे 10 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। पुलिस ने 1 अरब 93 लाख रुपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ और 55 करोड़ रुपये की शराब भी जब्त की है। सामाजिक मोर्चे पर, 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत म.प्र. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 14 हजार से अधिक लापता नाबालिग बच्चियों को सकुशल ढूंढकर उनके परिजनों से मिलाया। जवानों के मनोबल को उच्च रखने के लिए, नक्सल विरोधी सफल मुठभेड़ों में अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले हॉकफोर्स और जिला बल के 64 जवानों को समय से पहले पदोन्नति देकर सम्मानित किया गया।1
- भिंड जिले के राजपुरा गांव में सड़क की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि उनके गांव में नई सड़कों का निर्माण कार्य नहीं हो रहा है।1
- पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोबिंद सिंह का जन्मदिन मनाया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। यह आयोजन उनकी जयंती के अवसर पर हुआ, जिसमें विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- औरैया जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में एक महिला ने एक रील बनाई, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। महिला ने यह रील विशेष रूप से एसपी की कुर्सी पर बैठकर बनाई थी। उसने खुद ही यह वीडियो बनाकर वायरल किया, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाना था। यह पूरा मामला औरैया जिले के एसपी कार्यालय से संबंधित है।1
- भिंड जिले के गोहद विकासखंड की ग्राम पंचायत अंधियारी कलां के मौजा सेखूपुरा, पोस्ट बड़ेरा (भूटा) के ग्रामीणों ने गांव की विभिन्न मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है, जिसमें स्वीकृत सड़क का निर्माण, अतिक्रमण हटाना और अन्य बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (माजरा टोला सड़क योजना) के तहत सेखूपुरा स्कूल से देहगवां स्कूल तक सड़क स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस कच्चे रास्ते के कारण बरसात के मौसम में बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कत होती है और स्कूल वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर मरीजों तक समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच पाने से ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में आज तक कोई पक्का मार्ग नहीं बनाया गया है और उन्होंने गांव के प्रमुख मार्गों पर आरसीसी सड़क बनाने की मांग की है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने शासकीय स्कूल भवन की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह कब्जा हटाकर स्कूल की बाउंड्री वॉल बनाने की मांग की है, ताकि विद्यालय परिसर सुरक्षित रह सके। गांव के कई सार्वजनिक कच्चे रास्तों पर भी अतिक्रमण होने से आवागमन बाधित हो रहा है, जिसे हटाकर रास्ते पुनः खुलवाने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि एक शासकीय कुएं पर अवैध कब्जा कर उसे मकान के भीतर शामिल कर लिया गया है और सार्वजनिक रास्ता भी बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस शासकीय कुएं और सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने सरकारी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए आवंटित पट्टों पर नियमों के विरुद्ध फसल उगाने का भी आरोप लगाया है और मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से आग्रह किया है कि स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाए, गांव में आरसीसी सड़कें बनाई जाएं, शासकीय भूमि एवं रास्तों से अतिक्रमण हटाया जाए तथा गांव की सभी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।1