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धौलपुर में नया भवन बनाकर कन्या महाविद्यालय को शहर से 8 किलोमीटर दूर शिफ्ट तो कर दिया गया है, लेकिन यहाँ छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। इस नए कॉलेज परिसर में अभी तक न तो बिजली की कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है और न ही पीने के पानी का कोई इंतजाम किया गया है। सुविधाओं की इस कमी के साथ-साथ छात्राओं को कॉलेज आवागमन में भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी यहाँ बसें नहीं रुक रही हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों और प्रशासन को कम से कम छात्राओं की इन मूलभूत सुविधाओं का ध्यान तो जरूर रखना चाहिए।
भरत सिंह मीणा सरमथुरा
धौलपुर में नया भवन बनाकर कन्या महाविद्यालय को शहर से 8 किलोमीटर दूर शिफ्ट तो कर दिया गया है, लेकिन यहाँ छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। इस नए कॉलेज परिसर में अभी तक न तो बिजली की कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है और न ही पीने के पानी का कोई इंतजाम किया गया है। सुविधाओं की इस कमी के साथ-साथ छात्राओं को कॉलेज आवागमन में भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी यहाँ बसें नहीं रुक रही हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों और प्रशासन को कम से कम छात्राओं की इन मूलभूत सुविधाओं का ध्यान तो जरूर रखना चाहिए।
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- धौलपुर के सरमथुरा में अवैध चम्बल बजरी खनन और इसके परिवहन की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा लगातार चौकसी बरती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना के तहत गुरुवार को नवागत थाना प्रभारी कैलाश चंद ने पुलिस जाब्ते के साथ झिरी क्षेत्र के चम्बल घाटों पर गश्त की। क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर पूरी तरह लगाम कसने व अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और निगरानी बढ़ाई जा रही है।1
- विष्णु कुमार सोनी की रिपोर्ट के अनुसार, धौलपुर के सरमथुरा कस्बा में मोतियापुरा मोड के पास बुधवार देर रात को एक टायर पंचर की खोखे नुमा दुकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने की इस घटना में दुकान के अंदर रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद सरमथुरा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।1
- धौलपुर के बाड़ी में अपना घर महिला इकाई द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का सफल नेतृत्व अपना घर आश्रम की संरक्षक कमलेश गर्ग, अपना घर महिला इकाई की अध्यक्ष ऊषा मित्तल और सचिव नीलम मंगल के सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान कमलेश गर्ग और ऊषा मित्तल ने महिला इकाई की सभी सदस्य महिलाओं को पौधों का वितरण किया और उन्हें पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर कमलेश गर्ग और ऊषा मित्तल ने पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पौधे केवल पर्यावरण की शोभा नहीं बढ़ाते, बल्कि ये हमारे जीवन का मुख्य आधार हैं। पौधे हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, प्रदूषण को कम करते हैं और जलवायु को संतुलित रखने में सहायक होते हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ व सुरक्षित वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी के साथ देखभाल करनी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद सभी महिलाओं ने पौधों के संरक्षण और पर्यावरण बचाने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- भोपाल से आ रही खबर के अनुसार, 'नशे से दूरी, है जरूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत आईपीएस श्री शैलेंद्र सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के लोगों से अपील की है। उन्होंने इस अभियान के माध्यम से लोगों से नशे से दूरी बनाए रखने का आग्रह किया है।1
- करौली जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों को विभिन्न स्वास्थ्य व पोषण सेवाएं प्रदान की गईं। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि जिलेभर में गर्भवती महिलाओं की सघन स्क्रीनिंग के लिए 5 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत लाभार्थियों से सीधा संवाद भी किया गया। इस अभियान के तहत आयोजित सत्रों का निरीक्षण करने और फीडबैक लेने के लिए राज्य स्तर से संयुक्त निदेशक डॉ. रामनिवास मीणा ने करौली, सपोटरा और मंडरायल ब्लॉक का दौरा किया। इसके साथ ही जिला स्तर से आरसीएचओ डॉ. दीपका मीणा, डीपीओ आशुतोष पांडे, डीएनओ रूप सिंह धाकड़, डीपीसी-आशा विश्वेंद्र शर्मा और डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा ने भी विभिन्न सत्र स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों को मिल रही सेवाओं, आवश्यक दवाओं, जांचों की उपलब्धता, टीकाकरण और रिकॉर्ड संधारण की गुणवत्ता को आंका गया। सत्र स्थलों पर गर्भावस्था का पंजीकरण, रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, मूत्र और रक्त समूह की जांच की गई। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान कर उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने, टिटनेस-डिप्थीरिया का टीका लगाने और आयरन-फोलिक एसिड व कैल्शियम की दवाएं बांटने का काम किया गया। साथ ही महिलाओं को पौष्टिक आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, प्रसव की तैयारी और नवजात की देखभाल के संबंध में परामर्श भी दिया गया।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा में आँगई थाना पुलिस ने सशस्त्र नाकाबंदी की है। पुलिस द्वारा क्षेत्र में हथियारबंद जवानों के साथ इस नाकाबंदी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।1
- श्योपुर जिला अस्पताल में हुई मारपीट और गाली-गलौज की घटना को लेकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठ रही है। मामले में सोशल मीडिया पर डॉक्टरों द्वारा मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने के वीडियो और आरोप सामने आने के बाद यह चिंता जताई गई है। घटना में केवल एक ही पक्ष पर एफआईआर दर्ज होने और दूसरे पक्ष के आरोपों की जांच न होने को न्याय की भावना के खिलाफ बताया जा रहा है। इस संबंध में "बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश" की तरफ से एक संदेश जारी कर निष्पक्ष न्याय की मांग उठाई गई है। संदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच में डॉक्टरों की गलती पाई जाती है तो उन पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि किसी अन्य पक्ष की गलती सामने आती है तो उस पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई हो। इसका उद्देश्य किसी का पक्ष लेना नहीं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास बनाए रखना है। फिलहाल मामले की आधिकारिक जांच के बाद ही तथ्यों की पुष्टि होगी।1