Shuru
Apke Nagar Ki App…
किसी भी युग में ब्राह्मणों का अपमान विनाशकारी साबित हुआ है - प्रेमभूषण जी महाराज
प्रफुल्ल बोहरे
किसी भी युग में ब्राह्मणों का अपमान विनाशकारी साबित हुआ है - प्रेमभूषण जी महाराज
More news from Sagar and nearby areas
- किसी भी युग में ब्राह्मणों का अपमान विनाशकारी साबित हुआ है - प्रेमभूषण जी महाराज1
- अचानक टिकट चेकिंग से बीना स्टेशन पर अफरा-तफरी, बिना टिकट यात्री धराए1
- सर्वोदय चौराहे पर बड़ी मुश्किलों के बाद बीना में बना है एक शौचालय1
- बीना रेलवे स्टेशन पर सघन टिकट चेकिंग, बिना टिकट यात्रियों में मचा हड़कंप #बीनारेलवेस्टेशन #टिकटचेकिंगअभियान #बिनाटिकटयात्रा #रेलवेसमाचार #TTEएक्शन1
- खबर जिला सागर के, खिमलासा, बीना से। बीते रोज मंगलबार को गौचर भूमि मुक्त कराने एवं खुरई छात्रावास में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी, को कड़ी सजा दिलाने की विभिन्न संगठनों ने मांग की।1
- मां जानकी करीला मंदिर प्रांगण में गुरुवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर नगर परिषद मुंगावली के फायर ब्रिगेड प्रभारी नवेद काज़ी द्वारा करीला धाम ट्रस्ट के सभी वालंटियरों को अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन यंत्र द्वारा आग़ पर काबू पाने की प्रक्रिया समझाई गई एवं फायर उपकरण चलाकर आग नियंत्रण करने की विधि बताई गईं। बता दें कि मां जानकी करीला धाम एक प्रसिद्ध स्थान है जहां श्रद्धालुओं का प्रतिदिन आवागमन बना रहता है इसके साथ ही विशेष त्योहार पर भी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का करीला धाम पर आगमन होता है जिसको मद्दे नजर रखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन सुरक्षा का प्रशिक्षण आयोजित किया गया प्रशिक्षण में करीला ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव राजस्व विभाग से रईस खान एवं नगर परिषद से ट्रेनर नवेद काजी देवेन्द्र राजपूत एवं अन्य ट्रस्ट कर्मचारी वालेंटियर उपस्थित रहे।4
- किसी भी युग में ब्राह्मणों का अपमान विनाशकारी साबित हुआ है - प्रेमभूषण जी महाराज ब्राह्मणों का आवेश करोड़ों कुलों का नाश कर देता है। इनका अपमान करने का परिणाम प्रतापी राजा प्रताप भानु ने देखा था। ब्राह्मणों का अपमान कभी भी नहीं होना चाहिए। रामजी भी वाल्मीकि मुनि से यही कहते हैं कि हमारे रहने से किसी साधु, संत, तपस्वी को क्लेश ना हो ऐसा स्थान बताइए जहां मैं जाकर रहूं। मनुष्य रूप में आए भगवान ने धरती पर ब्राह्मणों का इतना मान रखा तो आज भी इसका पालन अवश्य किया जाना चाहिए, इसी में हमारा और जगत का कल्याण है। उक्त बातें मध्य प्रदेश के सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में निर्मित भव्य कथा मंडप में सप्त दिवसीय श्री राम कथा का गायन के पांचवें सत्र में पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए कहीं। कथा श्रवण हेतु आज म.प्र शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, अनेक विधायक, पूर्व विधायक, सहित विभिन्न जन प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ नेताओं का आगमन हुआ। कथा आयोजन में केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 6 फरवरी को तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल 5 फरवरी को शामिल होंगे। सरस् श्रीराम कथा गायन के लिए लोक ख्याति प्राप्त प्रेममूर्ति प्रेमभूषण महाराज ने मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान विधायक भूपेन्द्र सिंह जी के पावन संकल्प से आयोजित रामकथा के क्रम में भगवान की मंगल वन यात्रा के प्रसंगों का गायन करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्री राम को बताया है कि जिसके पांव अनायास ही तीर्थ यात्रा में पहुंच जाएं, आप उनके मन में निवास करते हैं। श्री राम जी की कथा त्याग की कथा है। अयोध्या जी में चक्रवर्ती जी के जाने के बाद केवल राज परिवार का ही नहीं बल्कि आम जनता में भी हम जो त्याग का भाव पाते हैं वह आज अनुकरण करने योग्य है। इस कथा में भरत चरित्र सुनने के बाद हमें भगवान का प्रेम प्राप्त करने का सूत्र मिलता है। और यह सूत्र है “रामहि केवल प्रेम पियारा।“ पूज्य पं प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि भरत भैया इस प्रेम की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं जो सदा प्रभु श्रीराम के कहने में रहते हैं। यही कारण है कि बार-बार प्रभु श्रीराम लोगों को यह कहते हुए देखे जाते हैं कि आप हमें हमारे भरत भैया से भी ज्यादा प्रिय हो।मनुष्य सबसे अधिक प्रेम उसी को करता है जो व्यक्ति उसके कहने में रहता है। श्री राम कथा का श्रवण करने के समय अगर हम भरत जी के चरित्र का दर्शन करते हैं तो हमें पता चलता है कि सभी भाइयों में श्री राम जी भरत जी को सबसे ज्यादा प्यार करते हैं और उन पर ज्यादा भरोसा करते हैं। महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम को जब भरत भैया के आगमन की सूचना मिलती है, तो वह इस बात को सोचकर निश्चिंत हो जाते हैं कि भरत भैया तो हमेशा ही मेरे कहने में ही रहते हैं इसलिए उन्हें दूसरे ही पल अपनी समस्या का समाधान भी मिल जाता है। महाराज श्री ने कहा कि सामान्य जीवन में भी वह व्यक्ति धन्य है जिसके पास कहने में रहने वाला कोई व्यक्ति मौजूद है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में छीन झपट करके चाहे जितना कुछ भी इकट्ठा कर ले, लेकिन संसार की कोई वस्तु उसके साथ नहीं जाती। केवल परमार्थ, सत्कर्म और पुण्य ही साथ जाता है। परमार्थ यात्रा के पथिक की ही कीर्ति का गायन होता है। उन्होंने बताया कि प्रवचन करने से सिद्धि प्राप्त नहीं होती है। मन, कर्म और वचन से समर्पित भाव रखते हुए प्रयत्न करने से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। स्नेह बांटने से प्राप्त होता है। भगवान की भगवत्ता एक है, रूप अनेक हैं। वही राम हैं, वही कृष्ण हैं, वही शिव हैं वही भगवती हैं। भगवान के विभिन्न स्वरूप उनके भक्तों के कारण हैं। जैसे एक ही व्यक्ति किसी का पिता होता है किसी का पुत्र होता है किसी का मामा होता है किसी का साला होता है, किसी का जीजा भी होता है और किसी का फूफा होता है। पूज्य महाराज ने बताया कि इस कलयुग में राम जी के पक्षकार भी हैं और राम जी के विरोधी भी हैं। आश्चर्य तो इस बात से होता है कि अब रावण के समर्थक भी पैदा हो गए हैं। ने जो स्वार्थ के कारण राम जी का विरोध हो तो समझ में आता है लेकिन रावण की पूजा करने वालों की बात समझ में नहीं आती है। महाराज ने श्रीराम के वन में निवास और भ्रमण की कथा गाते हुए अनेक मोहक भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित रामकथा के प्रेमी भजनों का आनन्द लेते और झूमते दिखाई दिए। इस आयोजन के मुख्य यजमान भूपेंद्र सिंह ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया और भगवान की आरती उतारी। रामायण जी की आरती में पूरा कथा पंडाल शामिल रहा। सभी श्रोताओं ने श्री हनुमान चालीसा पाठ में भी अपना स्वर मिलाया। आज भी अनेक संत महात्मा श्रीराम कथा श्रवण हेतु पहुंचे जिनमें ऋषिकेश से आए त्रिदंडी स्वामी श्रीमद् शक्ति प्रसाद शामिल रहे। जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सुरेंद्र जैन मालथौन के नेतृत्व में व्यासपीठ पर पहुंच कर पं प्रेमभूषण जी महाराज को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का चित्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। रूद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में नव प्राण प्रतिष्ठित दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर में दर्शन हेतु आज भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। मंदिर में ध्वज चढ़ाने अनेक ग्रामों से ग्रामवासी सोबतो, भजन मंडलियों के साथ दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर पधारें। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का सागर के रुद्राक्ष धाम मंदिर आगमन केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह श्रीराम कथा के सातवे दिवस 6 फरवरी को रूद्राक्ष धाम मंदिर सागर में आयोजित श्रीराम कथा के समापन दिवस पर आयोजन में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि समापन दिवस पर श्रीराम कथा के साथ भंडारा प्रसादी का भी आयोजन है जो 10 बजे से आरंभ हो जायेगा। छठे दिवस 5 फरवरी को मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल कथा श्रवण एवं दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर के दर्शन हतु रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में पधारेंगे।1
- अशोकनगर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने चार दिवसीय अशोकनगर जिले के दौरे के दौरान बुधवार को पिपरई पहुंचे जहां ज्ञानालय परिवार के मुखिया पूर्व मंत्री और मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव के पुत्र अर्जुन सिंह यादव ने उनका जोरदार भव्य स्वागत किया। सिंधिया के इस भव्य स्वागत में 11 जेसीबी सहित 151 फिट लंबे स्टेज से पुष्प बर्षा की गई। वही चंदेरी में महा विद्यालय में ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया के प्रतिमा का अनावरण उपरांत रास्ते में ग्राम सिंहपुर चालदा में 151 गाड़ियों सहित सैकड़ों की संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं के साथ ज्ञानालय परिवार के मुखिया अर्जुन सिंह यादव द्वारा अनोखी आगवानी की गई। वहीं विधानसभा क्षेत्र के पिपरई में संदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का ज्ञानालय परिवार के मुखिया के द्वारा 1 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने जमकर स्वागत किया।2