सिंगरौली स्मार्ट सिटी का ‘स्मार्ट’ घोटाला? ट्रैक्टर-ट्रॉली धंसी और खुल गई निर्माण की पोल,नगर निगम की परिषद बैठक में एक दिन पहले ही पार्षदों ने उठाया था स्मार्ट सड़क घोटाले का मुद्दा एमपी के सिंगरौली नगर निगम स्मार्ट सिटी के नाम पर किए जा रहे विकास कार्यों पर उस वक्त बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब नगर निगम की वार्ड 40 की एक नई बनी सड़क अचानक धंस गई। गुजर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले पहिए सड़क में समा गए और वाहन बीच रास्ते में फंस गया। कुछ ही पलों में मौके पर भीड़ जमा हो गई और ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। जैसे ही भारी वाहन का दबाव सड़क पर पड़ा, सड़क अचानक धस गई और ट्रैक्टर ट्राली के पहिये उसमें धस गये. चालक ने किसी तरह स्थिति संभाली, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना महज एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता में गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि सड़क हाल ही में तैयार की गई थी और इसे उच्च मानकों के साथ निर्मित बताया गया था। लेकिन कुछ ही समय में इसकी मजबूती जवाब दे गई। लोगों ने सवाल उठाया कि सड़क नई है, तो इतनी जल्दी धंसाव कैसे हो गया? क्या निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया गया? क्या गुणवत्ता परीक्षण सिर्फ कागजों में पूरा किया गया? मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच की बात कही है और धंसे हिस्से को बैरिकेड कर मरम्मत शुरू करने का आश्वासन दिया है। हालांकि अभी तक किसी ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है। एक दिन पहले ही नगर निगम परिषद बैठक में विपक्ष ने इसी सड़क का मुद्दा उठाया था बताया जा रहा है कि नगर निगम के परिषद बैठक में वार्ड क्रमांक 40 की सड़क का मुद्दा पार्षदों ने उठाया था,उन्होंने सड़क निर्माण में हुए घोटाले पर भी सवाल किया था, परिषद में खूब जमकर हंगामा भी हुआ , ठीक उसके एक दिन बाद स्मार्ट सड़क की हकीकत सामने आ गई, सड़क पर ट्रैक्टर ट्रॉली के पहिये अचानक धस गये, गनीमत रही कि इस घटना से कोई हताहत नही हुआ. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में सड़क का इस तरह धंसना न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि जनता के पैसे के उपयोग को लेकर भी चिंता पैदा करता है। अब देखना होगा कि यह मामला केवल मरम्मत तक सीमित रहेगा या फिर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर जवाबदेही तय की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने ‘स्मार्ट’ विकास के दावों की मजबूती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
सिंगरौली स्मार्ट सिटी का ‘स्मार्ट’ घोटाला? ट्रैक्टर-ट्रॉली धंसी और खुल गई निर्माण की पोल,नगर निगम की परिषद बैठक में एक दिन पहले ही पार्षदों ने उठाया था स्मार्ट सड़क घोटाले का मुद्दा एमपी के सिंगरौली नगर निगम स्मार्ट सिटी के नाम पर किए जा रहे विकास कार्यों पर उस वक्त बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब नगर निगम की वार्ड 40 की एक नई बनी सड़क अचानक धंस गई। गुजर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले पहिए सड़क में समा गए और वाहन बीच रास्ते में फंस गया। कुछ ही पलों में मौके पर भीड़ जमा हो गई और ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली सामान्य गति से
आगे बढ़ रही थी। जैसे ही भारी वाहन का दबाव सड़क पर पड़ा, सड़क अचानक धस गई और ट्रैक्टर ट्राली के पहिये उसमें धस गये. चालक ने किसी तरह स्थिति संभाली, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना महज एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता में गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि सड़क हाल ही में तैयार की गई थी और इसे उच्च मानकों के साथ निर्मित बताया गया था। लेकिन कुछ ही समय में इसकी मजबूती जवाब दे गई। लोगों ने सवाल उठाया कि सड़क नई है, तो इतनी जल्दी धंसाव कैसे हो गया? क्या निर्माण के दौरान
मानकों का पालन नहीं किया गया? क्या गुणवत्ता परीक्षण सिर्फ कागजों में पूरा किया गया? मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच की बात कही है और धंसे हिस्से को बैरिकेड कर मरम्मत शुरू करने का आश्वासन दिया है। हालांकि अभी तक किसी ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है। एक दिन पहले ही नगर निगम परिषद बैठक में विपक्ष ने इसी सड़क का मुद्दा उठाया था बताया जा रहा है कि नगर निगम के परिषद बैठक में वार्ड क्रमांक 40 की सड़क का मुद्दा पार्षदों ने उठाया था,उन्होंने सड़क निर्माण में हुए घोटाले पर भी सवाल किया था, परिषद में खूब जमकर हंगामा भी हुआ , ठीक उसके
एक दिन बाद स्मार्ट सड़क की हकीकत सामने आ गई, सड़क पर ट्रैक्टर ट्रॉली के पहिये अचानक धस गये, गनीमत रही कि इस घटना से कोई हताहत नही हुआ. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में सड़क का इस तरह धंसना न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि जनता के पैसे के उपयोग को लेकर भी चिंता पैदा करता है। अब देखना होगा कि यह मामला केवल मरम्मत तक सीमित रहेगा या फिर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर जवाबदेही तय की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने ‘स्मार्ट’ विकास के दावों की मजबूती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
- देखिए किस तरह जाता है व्यवस्था को लोग ठेंगा दिखा रहे हैं1
- एमपी के सिंगरौली नगर निगम स्मार्ट सिटी के नाम पर किए जा रहे विकास कार्यों पर उस वक्त बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब नगर निगम की वार्ड 40 की एक नई बनी सड़क अचानक धंस गई। गुजर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले पहिए सड़क में समा गए और वाहन बीच रास्ते में फंस गया। कुछ ही पलों में मौके पर भीड़ जमा हो गई और ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। जैसे ही भारी वाहन का दबाव सड़क पर पड़ा, सड़क अचानक धस गई और ट्रैक्टर ट्राली के पहिये उसमें धस गये. चालक ने किसी तरह स्थिति संभाली, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना महज एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता में गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि सड़क हाल ही में तैयार की गई थी और इसे उच्च मानकों के साथ निर्मित बताया गया था। लेकिन कुछ ही समय में इसकी मजबूती जवाब दे गई। लोगों ने सवाल उठाया कि सड़क नई है, तो इतनी जल्दी धंसाव कैसे हो गया? क्या निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया गया? क्या गुणवत्ता परीक्षण सिर्फ कागजों में पूरा किया गया? मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच की बात कही है और धंसे हिस्से को बैरिकेड कर मरम्मत शुरू करने का आश्वासन दिया है। हालांकि अभी तक किसी ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है। एक दिन पहले ही नगर निगम परिषद बैठक में विपक्ष ने इसी सड़क का मुद्दा उठाया था बताया जा रहा है कि नगर निगम के परिषद बैठक में वार्ड क्रमांक 40 की सड़क का मुद्दा पार्षदों ने उठाया था,उन्होंने सड़क निर्माण में हुए घोटाले पर भी सवाल किया था, परिषद में खूब जमकर हंगामा भी हुआ , ठीक उसके एक दिन बाद स्मार्ट सड़क की हकीकत सामने आ गई, सड़क पर ट्रैक्टर ट्रॉली के पहिये अचानक धस गये, गनीमत रही कि इस घटना से कोई हताहत नही हुआ. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में सड़क का इस तरह धंसना न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि जनता के पैसे के उपयोग को लेकर भी चिंता पैदा करता है। अब देखना होगा कि यह मामला केवल मरम्मत तक सीमित रहेगा या फिर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर जवाबदेही तय की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने ‘स्मार्ट’ विकास के दावों की मजबूती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।4
- Singrauli News: सिंगरौली। जिले के बरगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरैनिया (टोला) हनुमान गंज में शुक्रवार शाम एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जहां तालाब में डूबने से 65 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मनवसिया साहू, पत्नी स्वर्गीय शिवरतन साहू के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मनवसिया साहू शुक्रवार शाम घर से किसी काम से निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने जब तलाश शुरू की तो ग्रामीणों को आशंका हुई कि वे गांव के तालाब की ओर गई होंगी। खोजबीन के दौरान उनका शव तालाब में तैरता हुआ मिला, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की बरगवां थाना टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला गया और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर मामला डूबने से मृत्यु का प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना पूरी तरह दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई अन्य पहलू जुड़ा है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार मनवसिया साहू सरल स्वभाव की महिला थीं और सभी से मधुर व्यवहार रखती थीं। प्रशासन ने लोगों से तालाबों व जलाशयों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर से घायल अज्ञात व्यक्ति को जिला अस्पताल रेफर सिंगरौली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर में लाए गए एक अज्ञात घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि घायल को 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। चिकित्सकों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज हेतु रेफर करना पड़ा। फिलहाल घायल व्यक्ति के परिजनों की पहचान नहीं हो सकी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिजनों की तलाश की जा रही है। यदि किसी को इस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हो तो कृपया तत्काल नजदीकी पुलिस थाना को सूचित करें1
- Post by ऑपरेटर महासंघ ऑल इंडिया अध्यक्ष मध्य प्रदेश सीधी जिला प्रजापति2
- railway truck ke Bagal mein rasta nahin Hai logon Ko aane jaane ke liye1
- सीधी जिले में हाथियों का मूवमेंट तेज, सूत्रों के मुताबिक झुंड इस समय बढ़ौरा और चूल्ही क्षेत्र में देखा गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं वन विभाग की टीम मौके पर डटी हुई है और लगातार निगरानी कर रही है।1
- देखिए किस तरह यातायात व्यवस्था को लोग ठेका दिखा रहे हैं1