पुलिस थाना बर ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के एक मामले में तीन महीने से फरार चल रहे एक ₹2,000 के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह आरोपी, ताराचंद, थाना के टॉप-10 वांछित अपराधियों में भी शामिल था। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज राजेंद्र सिंह (आईपीएस) के आदेश और जिला पुलिस अधीक्षक ब्यावर रतन सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में वांछित अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका निकटतम सुपरविजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया तथा वृत्ताधिकारी रायपुर बंशीलाल पांडर (आरपीएस) एवं जयपाल सिंह (आरपीएस प्रोबेशनर) कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरा मामला 1 मार्च 2026 का है, जब एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स चौकी पाली और पुलिस थाना रायपुर की संयुक्त टीम ने जस्साखेड़ा से कालब कला मार्ग पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नाकाबंदी की थी। इस दौरान टाटा वाहन संख्या आरजे 27 सीएच 1177 में सवार ताराचंद पुत्र हरजीराम जाट और महेंद्र पुत्र रूपाराम जाट निवासी बेडकला पुलिस जाप्ते को देखकर वाहन को तेजी से भगाकर ले गए। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर, दोनों आरोपी वाहन को रास्ते में छोड़कर एक एस्कॉर्ट कार में सवार होकर फरार हो गए। मौके पर छोड़े गए वाहन की तलाशी में 165.100 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद हुआ। इसी संबंध में प्रकरण संख्या 44/2026 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसका अनुसंधान पुलिस थाना बर को सौंपा गया था। अनुसंधान के दौरान, फरार आरोपियों की लगातार तलाश की गई और पुलिस ने तकनीकी डाटा विश्लेषण तथा मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपी ताराचंद की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी। पुख्ता जानकारी मिलने पर, पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ताराचंद पुत्र हरजीराम जाट (34 वर्ष) निवासी बैडकला, थाना जैतारण, जिला ब्यावर को गिरफ्तार कर लिया। उस पर पुलिस विभाग द्वारा ₹2,000 का इनाम भी घोषित था। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें प्रकरण संख्या 336/2023 में धारा 8/15 और 8/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना गोटन, जिला नागौर में मामला दर्ज होकर चार्जशीट पेश की जा चुकी है। इस गिरफ्तारी में उप निरीक्षक व थानाधिकारी पुलिस थाना बर पन्नालाल, कांस्टेबल गिरधारी (601) और कांस्टेबल महिपाल (543) की अहम भूमिका रही। पुलिस ने यह भी बताया कि जिले में फरार और वांछित अपराधियों की धरपकड़ का यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस थाना बर ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के एक मामले में तीन महीने से फरार चल रहे एक ₹2,000 के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह आरोपी, ताराचंद, थाना के टॉप-10 वांछित अपराधियों में भी शामिल था। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज राजेंद्र सिंह (आईपीएस) के आदेश और जिला पुलिस अधीक्षक ब्यावर रतन सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में वांछित अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका निकटतम सुपरविजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया तथा वृत्ताधिकारी रायपुर बंशीलाल पांडर (आरपीएस) एवं जयपाल सिंह (आरपीएस प्रोबेशनर) कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरा मामला 1 मार्च 2026 का है, जब एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स चौकी पाली और पुलिस थाना रायपुर की संयुक्त टीम ने जस्साखेड़ा से कालब कला मार्ग पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नाकाबंदी की थी। इस दौरान टाटा वाहन संख्या आरजे 27 सीएच 1177 में सवार ताराचंद पुत्र हरजीराम जाट और महेंद्र पुत्र रूपाराम जाट निवासी बेडकला पुलिस जाप्ते को देखकर वाहन को तेजी से भगाकर ले गए। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर, दोनों आरोपी वाहन को रास्ते में छोड़कर एक एस्कॉर्ट कार में सवार होकर फरार हो गए। मौके पर छोड़े गए वाहन की तलाशी में 165.100 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद हुआ। इसी संबंध में प्रकरण संख्या 44/2026 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसका अनुसंधान पुलिस थाना बर को सौंपा गया था। अनुसंधान के दौरान, फरार आरोपियों की लगातार तलाश की गई और पुलिस ने तकनीकी डाटा विश्लेषण तथा मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपी ताराचंद की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी। पुख्ता जानकारी मिलने पर, पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ताराचंद पुत्र हरजीराम जाट (34 वर्ष) निवासी बैडकला, थाना जैतारण, जिला ब्यावर को गिरफ्तार कर लिया। उस पर पुलिस विभाग द्वारा ₹2,000 का इनाम भी घोषित था। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें प्रकरण संख्या 336/2023 में धारा 8/15 और 8/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना गोटन, जिला नागौर में मामला दर्ज होकर चार्जशीट पेश की जा चुकी है। इस गिरफ्तारी में उप निरीक्षक व थानाधिकारी पुलिस थाना बर पन्नालाल, कांस्टेबल गिरधारी (601) और कांस्टेबल महिपाल (543) की अहम भूमिका रही। पुलिस ने यह भी बताया कि जिले में फरार और वांछित अपराधियों की धरपकड़ का यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
- पाली के टेवाली ग्राम पंचायत में गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) पाली की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर आमजन के लिए अत्यंत राहतभरा साबित हुआ, जहाँ विभिन्न विभागों से संबंधित अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर दिया गया। शिविर में बचे हुए पाँच प्रकरणों को संपर्क पोर्टल के निर्धारित मॉड्यूल में दर्ज कर आगे की आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उप जिला कलक्टर (उपखंड अधिकारी) विमलेन्द्र सिंह राणावत के अनुसार, राजस्व विभाग ने शिविर के दौरान 10 नामांतरण और 4 आपसी विभाजन के लंबित मामलों का निपटारा किया। इसके साथ ही, 8 जमाबंदी एवं नक्शा सुधार संबंधी आवेदन, 1 सीमांकन प्रकरण, और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े 10 आवेदनों का निस्तारण किया गया। कुल 30 मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र भी जारी किए गए, जबकि धारा 136 के अंतर्गत 10 प्रकरणों का समाधान किया गया। जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित 2 आज्ञापत्र भी जारी किए गए। ग्राम पंचायत स्तर पर सफाई कार्य करवाया गया और विवाह एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े एक प्रकरण का समाधान किया गया। मनरेगा के तहत 2 जॉब कार्ड जारी किए गए तथा 4 पट्टों का वितरण भी हुआ। शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिला, जहाँ चिकित्सा विभाग ने 62 लोगों को दवाइयाँ वितरित कीं और 53 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की। इसके अतिरिक्त, 5 लोगों का टीकाकरण भी किया गया। विद्युत विभाग को प्राप्त मीटर सुधार के एक प्रकरण का मौके पर ही तत्काल निस्तारण किया गया, और एक नए विद्युत कनेक्शन का प्रकरण भी निपटाया गया। अन्य विभागों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया; पशुपालन विभाग द्वारा 20 पशुओं का बीमा और 30 पशुओं का उपचार किया गया। समाज कल्याण विभाग ने एक पालनहार योजना तथा एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रकरण का समाधान किया। कृषि विभाग ने फसल बीमा और कृषि यंत्र सहित 7 प्रकरणों का निस्तारण किया, जबकि सांख्यिकी विभाग ने जनाधार से जुड़े 3 प्रकरणों का समाधान किया। इस जनसुनवाई शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सका।1
- स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने सड़क पर पानी जमा हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पानी की उचित निकासी न होने के कारण उनके इलाके में गंदा पानी इकट्ठा हो रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। निवासियों ने अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने और पानी की सही निकासी की व्यवस्था करने की अपील की है।1
- भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों के तहत भीम विधानसभा क्षेत्र के देवगढ़ ग्रामीण मंडल की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक और कार्यसमिति बैठक अंजनेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक हरि सिंह रावत, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अजय सोनी, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र बागड़ी, मंडल प्रभारी अरुण मिश्रा, मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन शोभा लाल रैगर, जिला उपाध्यक्ष ज्योति छापरवाल, और भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी ज्योत्सना चौहान सहित जिला, मंडल एवं मोर्चा के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। उपस्थित नेताओं ने संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान, भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी ज्योत्सना चौहान ने आगामी 7 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को सर्वोपरि मानते हुए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, सेवा पखवाड़े के तहत पक्षियों के लिए परिंदे लगाने, वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान चलाने, रात्रि चौपाल आयोजित करने और प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को अधिकाधिक लोगों के साथ सुनकर उसकी जानकारी सरल एप पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर, भीम-देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरि सिंह रावत ने ज्योत्सना चौहान को भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी के रूप में नवीन दायित्व मिलने पर उपरना पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने ज्योत्सना चौहान को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का विश्वास व्यक्त किया। उपस्थित अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें नवीन दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना हेतु अंजनेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं प्रार्थना करने का भी आह्वान किया गया। बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर भी गहन चर्चा हुई, जिस पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने इन कार्यक्रमों को सफल बनाने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक में पूर्व मंडल अध्यक्ष कैलाश गर्ग, मंडल प्रतिनिधि शंकर गुर्जर, मंडल महामंत्री राजू सिंह एवं नारायण सिंह, युवा मोर्चा अध्यक्ष किशन रेबारी सहित प्रभु मेवाड़ा, गोटू गुर्जर, जालम सिंह, पूरण सिंह, पारस माली, किशन सिंह, हमराज़ सिंह, निर्भय नाथ, लहरू कलाल, अखिलेश त्रिवेदी, लक्ष्मण जी, लादू नाथ, मुकेश, रमेश भील, नैन सिंह और सभी बूथ अध्यक्ष भी मौजूद रहे।1
- राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समिति ब्यावर ने राजकीय अवकाशों में कर्मचारियों से कार्य न करवाए जाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर ब्यावर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार को जिला कलेक्टर ब्यावर के माध्यम से भेजा गया। अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरी लाल प्रजापत और महामंत्री विजय प्रकाश शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में यह ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म दत्त जाट को सौंपा गया। ज्ञापन में राज्य सरकार से मांग की गई है कि पांच दिवसीय साप्ताहिक कार्य व्यवस्था होने के बावजूद, उच्च अधिकारी अक्सर शनिवार और रविवार को कर्मचारियों को काम करने के आदेश जारी कर देते हैं। समिति का कहना है कि इससे राज्य कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिसमें विशेष रूप से राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी अधिक प्रभावित होते हैं। इस दौरान अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरी लाल प्रजापत और ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष व संयुक्त महासंघ ब्यावर के महामंत्री विजय प्रकाश शर्मा, पटवार संघ के जिलाध्यक्ष मूलाराम भाटी, कृषि पर्यवेक्षक जिलाध्यक्ष गोविन्द तिवाड़ी समेत हुकमी चंद्र मिश्रा, बदा राम अनकिया, अर्जुनराम कुमावत, प्रदेश प्रतिनिधि विकास नायक, उपाध्यक्ष शंकर चौधरी, जिला महामंत्री महेन्द्र रणवा, महिला जिलाध्यक्ष प्रतिभा शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष (जवाजा) गुड्डू मीणा, महासंघ ब्लॉक अध्यक्ष (रायपुर) नरेंद्र कटारिया, मनोज राव, महावीर सेन, हेमराज, कृषि पर्यवेक्षक ममता, उत्तम काठात और कैलाश प्रजापत सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- पाली जिले में भवानीपुरा से पूर्थ्वी खेड़ा होते हुए गोला गाँव तक जाने वाली डामर सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण आते-जाते लोगों के साथ कभी भी दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मोदी सरकार से इस महत्वपूर्ण सड़क का तुरंत निर्माण कराने की अपील की है, ताकि संभावित हादसों को टाला जा सके।1
- अजमेर जिले की पीसांगन पंचायत समिति के गोला ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 1 स्थित भाबियान मोहल्ले में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चांदमल पुत्र प्रभु द्वारा पानी निकासी के आम रास्ते पर पक्की दीवार बना देने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है, जिससे मोहल्ले में पानी जमा हो गया है। ग्रामीणों ने पीसांगन उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित ग्राम पंचायत स्तर के सभी अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे अतिक्रमणकारी के हौसले बुलंद हो गए और मोहल्ले में पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमणकारी के प्रभावशाली होने के कारण प्रशासन ने इस मामले में किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है। पानी की निकासी न होने से मोहल्ले में विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही, आमजन को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है; बच्चों को स्कूल जाने, तथा ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों को अपने खेतों या अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकलने के लिए जमा पानी में से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।1
- रियांबड़ी के अखावास गांव में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के कारण करंट लगने से दो भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है और वे संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार शाम से ही कृषि क्षेत्र में एक 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था, लेकिन विद्युत विभाग ने न तो उसकी मरम्मत की और न ही बिजली आपूर्ति बंद की। गुरुवार को किसान कालूराम नायक की दो भेड़ें खेत में चारा चरते समय इसी टूटे हुए, चालू तार की चपेट में आ गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कालूराम नायक ने बताया कि उन्होंने भेड़ों के पास से धुआं उठते देखा और मौके पर पहुँचने पर पता चला कि जमीन पर पड़ा 11 केवी लाइन का तार सक्रिय था। उन्होंने आशंका जताई कि अगर उन्हें समय रहते जानकारी नहीं मिलती, तो वे स्वयं भी करंट की चपेट में आ सकते थे। नायक ने विभाग की लापरवाही को हजारों रुपये के नुकसान का कारण बताते हुए मृत भेड़ों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है और हादसे की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग पर डाली है। घटना की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी राजू पारीक ने मौके पर पहुँचकर मृत भेड़ों का निरीक्षण किया और एक रिपोर्ट तैयार की। यह रिपोर्ट किसान को सरकारी नियमानुसार अनुदान का लाभ दिलवाने के उद्देश्य से बनाई गई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं; उन्होंने हाल ही में कौड़िया गांव में विद्युत लाइन से लगी आग का उदाहरण दिया, जिसमें एक किसान को 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद विभाग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- राजस्थान के ब्यावर में राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समिति ने कर्मचारियों से राजकीय अवकाशों तथा सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) के दिनों में कार्य नहीं करवाने की मांग को लेकर राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर ब्यावर के माध्यम से अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मदत्त जाट को प्रस्तुत किया गया। यह ज्ञापन अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरीलाल प्रजापत और महामंत्री विजय प्रकाश शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में दिया गया। इसमें राज्य सरकार से मांग की गई है कि पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू होने के बावजूद विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को शनिवार एवं रविवार को भी कार्य करने के आदेश जारी किए जाते हैं, जिससे उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में विशेष रूप से राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारियों की समस्याओं का उल्लेख किया गया, जिन पर अतिरिक्त कार्यभार का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। कर्मचारियों ने मांग की है कि राजकीय अवकाशों एवं सप्ताहांत के दिनों में अनावश्यक रूप से कार्य कराने की परंपरा पर रोक लगाई जाए तथा सभी शासकीय कार्य निर्धारित कार्य दिवसों में ही संपादित किए जाएं। इस अवसर पर अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरीलाल प्रजापत, महासंघ के महामंत्री एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा, पटवार संघ के जिलाध्यक्ष मूलाराम भाटी, कृषि पर्यवेक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोविन्द तिवाड़ी, हुकमीचंद मिश्रा, बदाराम अनकिया, अर्जुनराम कुमावत, प्रदेश प्रतिनिधि विकास नायक, उपाध्यक्ष शंकर चौधरी, जिला महामंत्री महेंद्र रणवा, महिला जिलाध्यक्ष प्रतिभा शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष (जवाजा) गुड्डू मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष (रायपुर) नरेंद्र कटारिया, मनोज राव, महावीर सेन, हेमराज, कृषि पर्यवेक्षक ममता, उत्तम काठात, कैलाश प्रजापत सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।1