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पाली जिले में भवानीपुरा से पूर्थ्वी खेड़ा होते हुए गोला गाँव तक जाने वाली डामर सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण आते-जाते लोगों के साथ कभी भी दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मोदी सरकार से इस महत्वपूर्ण सड़क का तुरंत निर्माण कराने की अपील की है, ताकि संभावित हादसों को टाला जा सके।
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पाली जिले में भवानीपुरा से पूर्थ्वी खेड़ा होते हुए गोला गाँव तक जाने वाली डामर सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण आते-जाते लोगों के साथ कभी भी दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मोदी सरकार से इस महत्वपूर्ण सड़क का तुरंत निर्माण कराने की अपील की है, ताकि संभावित हादसों को टाला जा सके।
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- पाली जिले में भवानीपुरा से पूर्थ्वी खेड़ा होते हुए गोला गाँव तक जाने वाली डामर सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण आते-जाते लोगों के साथ कभी भी दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मोदी सरकार से इस महत्वपूर्ण सड़क का तुरंत निर्माण कराने की अपील की है, ताकि संभावित हादसों को टाला जा सके।1
- पाली में करीब आठ वर्ष पुराने ₹10 लाख के चर्चित चेक अनादरण (चेक बाउंस) प्रकरण में विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण संख्या-2) की पीठासीन अधिकारी विनस चौधरी ने अहम फैसला सुनाया है। इस निर्णय में मारवाड़ जंक्शन निवासी आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया को लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया गया है। यह प्रकरण परिवादी गौरव मर्लेचा निवासी सुमेरपुर रोड, पाली ने न्यायालय में प्रस्तुत किया था। परिवादी ने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2017 में आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने उनसे ₹10 लाख उधार लिए थे। इस राशि को लौटाने के लिए आरोपी द्वारा ₹5-5 लाख के दो चेक दिए गए, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर “फंड्स इनसफिशिएंट” (अपर्याप्त निधि) के कारण अनादृत हो गए। विधिक नोटिस के बावजूद भुगतान न मिलने पर परिवादी ने न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्होंने परिवादी से कोई ऋण नहीं लिया था। बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया कि गौरव मर्लेचा मारवाड़ जंक्शन में एक वीसी (कमेटी) का संचालन करते थे और उसी के संबंध में सुरक्षा के तौर पर आरोपी के पांच हस्ताक्षरित खाली चेक लिए गए थे, जिन्हें वीसी समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटाया गया। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा और उनके सहयोगी अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ ने पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष यह भी तर्क रखा कि वर्ष 2017 में परिवादी की ₹10 लाख उधार देने की आर्थिक क्षमता नहीं थी। वहीं, आरोपी की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि उसे इतनी बड़ी राशि की आवश्यकता होती, क्योंकि वह पानी के कैंपर भरकर बेचने का व्यवसाय करता है। बचाव पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्यों के माध्यम से यह भी दर्शाया कि नोटबंदी के बाद वर्ष 2017 में परिवादी द्वारा ₹500-500 रुपये के नए नोटों में ऋण देने का दावा किया गया था। इसी अवधि में परिवादी ने अन्य व्यक्तियों को भी लाखों रुपये उधार देने के दावे कर उनके विरुद्ध चेक बाउंस के मुकदमे दायर किए थे, जिससे उनके दावों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए। न्यायालय ने अपने निर्णय में यह माना कि परिवादी ₹10 लाख उधार देने की अपनी आर्थिक क्षमता को विश्वसनीय और संतोषजनक ढंग से सिद्ध नहीं कर पाया। इसके विपरीत, बचाव पक्ष की जिरह और प्रस्तुत दस्तावेजों से परिवादी के कथनों पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। अदालत ने कहा कि आरोपी ने परक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई. एक्ट) के तहत परिवादी के पक्ष में उपलब्ध वैधानिक उपधारणा को सफलतापूर्वक खंडित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित किया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला चेक बाउंस मामलों में परिवादी द्वारा ऋण देने की वास्तविक आर्थिक क्षमता सिद्ध किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।2
- पाली के टेवाली ग्राम पंचायत में गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) पाली की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर आमजन के लिए अत्यंत राहतभरा साबित हुआ, जहाँ विभिन्न विभागों से संबंधित अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर दिया गया। शिविर में बचे हुए पाँच प्रकरणों को संपर्क पोर्टल के निर्धारित मॉड्यूल में दर्ज कर आगे की आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उप जिला कलक्टर (उपखंड अधिकारी) विमलेन्द्र सिंह राणावत के अनुसार, राजस्व विभाग ने शिविर के दौरान 10 नामांतरण और 4 आपसी विभाजन के लंबित मामलों का निपटारा किया। इसके साथ ही, 8 जमाबंदी एवं नक्शा सुधार संबंधी आवेदन, 1 सीमांकन प्रकरण, और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े 10 आवेदनों का निस्तारण किया गया। कुल 30 मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र भी जारी किए गए, जबकि धारा 136 के अंतर्गत 10 प्रकरणों का समाधान किया गया। जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित 2 आज्ञापत्र भी जारी किए गए। ग्राम पंचायत स्तर पर सफाई कार्य करवाया गया और विवाह एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े एक प्रकरण का समाधान किया गया। मनरेगा के तहत 2 जॉब कार्ड जारी किए गए तथा 4 पट्टों का वितरण भी हुआ। शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिला, जहाँ चिकित्सा विभाग ने 62 लोगों को दवाइयाँ वितरित कीं और 53 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की। इसके अतिरिक्त, 5 लोगों का टीकाकरण भी किया गया। विद्युत विभाग को प्राप्त मीटर सुधार के एक प्रकरण का मौके पर ही तत्काल निस्तारण किया गया, और एक नए विद्युत कनेक्शन का प्रकरण भी निपटाया गया। अन्य विभागों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया; पशुपालन विभाग द्वारा 20 पशुओं का बीमा और 30 पशुओं का उपचार किया गया। समाज कल्याण विभाग ने एक पालनहार योजना तथा एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रकरण का समाधान किया। कृषि विभाग ने फसल बीमा और कृषि यंत्र सहित 7 प्रकरणों का निस्तारण किया, जबकि सांख्यिकी विभाग ने जनाधार से जुड़े 3 प्रकरणों का समाधान किया। इस जनसुनवाई शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सका।1
- पाली में लगभग आठ वर्ष पुराने 10 लाख रुपये के चर्चित चेक अनादरण प्रकरण में विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण संख्या-2) की पीठासीन अधिकारी विनस चौधरी ने आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया निवासी सिंधी बाजार, मारवाड़ जंक्शन को आरोपों से बरी करने का आदेश पारित किया है। अदालत ने अपने निर्णय में पाया कि परिवादी गौरव मर्लेचा 10 लाख रुपये उधार देने की अपनी आर्थिक क्षमता को विश्वसनीय एवं संतोषजनक ढंग से सिद्ध नहीं कर पाया, जिसके चलते परिवादी की कहानी पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। यह प्रकरण परिवादी गौरव मर्लेचा निवासी सुमेरपुर रोड, पाली द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अक्टूबर 2017 में आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने उससे 10 लाख रुपये उधार लिए थे। आरोप के अनुसार, राशि लौटाने के लिए आरोपी द्वारा 5-5 लाख रुपये के दो चेक दिए गए थे, जो बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर "फंड्स इनसफिशिएंट" के कारण अनादृत हो गए थे। विधिक नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान, आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उसने परिवादी से कोई ऋण नहीं लिया था। बचाव पक्ष ने, जिसकी पैरवी सीनियर एडवोकेट अशोक अरोड़ा और उनके सहयोगी अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ ने की, तर्क दिया कि गौरव मर्लेचा मारवाड़ जंक्शन में वीसी का संचालन करता था और उसी संबंध में सुरक्षा के तौर पर आरोपी के पांच हस्ताक्षरित खाली चेक लिए गए थे, जिन्हें वीसी समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटाया गया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि वर्ष 2017 में परिवादी की 10 लाख रुपये उधार देने की आर्थिक क्षमता नहीं थी, और न ही पानी के कैम्पर भरकर बेचने का कार्य करने वाले आरोपी को इतनी बड़ी राशि की आवश्यकता थी। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा ने न्यायालय के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए यह भी दर्शाया कि 2016 में नोटबंदी के बाद 2017 में परिवादी ने 500-500 रुपये के नए नोटों में ऋण देने का दावा किया, और उसी अवधि में अन्य व्यक्तियों को भी 25 लाख रुपये उधार देने का दावा करते हुए उनके विरुद्ध भी चेक बाउंस के मुकदमे दायर किए, जिससे उसके दावों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया। न्यायालय ने बचाव पक्ष की जिरह एवं प्रस्तुत दस्तावेजों से परिवादी के कथनों पर गंभीर संदेह उत्पन्न पाया। अपने निर्णय में न्यायालय ने यह माना कि आरोपी ने परक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई. एक्ट) के अंतर्गत परिवादी के पक्ष में उपलब्ध वैधानिक उपधारणा को सफलतापूर्वक खंडित कर दिया। परिणामस्वरूप, आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित कर दिया गया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय चेक बाउंस मामलों में परिवादी द्वारा ऋण देने की आर्थिक क्षमता सिद्ध किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।1
- स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने सड़क पर पानी जमा हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पानी की उचित निकासी न होने के कारण उनके इलाके में गंदा पानी इकट्ठा हो रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। निवासियों ने अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने और पानी की सही निकासी की व्यवस्था करने की अपील की है।1
- भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों के तहत भीम विधानसभा क्षेत्र के देवगढ़ ग्रामीण मंडल की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक और कार्यसमिति बैठक अंजनेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक हरि सिंह रावत, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अजय सोनी, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र बागड़ी, मंडल प्रभारी अरुण मिश्रा, मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन शोभा लाल रैगर, जिला उपाध्यक्ष ज्योति छापरवाल, और भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी ज्योत्सना चौहान सहित जिला, मंडल एवं मोर्चा के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। उपस्थित नेताओं ने संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान, भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी ज्योत्सना चौहान ने आगामी 7 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को सर्वोपरि मानते हुए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, सेवा पखवाड़े के तहत पक्षियों के लिए परिंदे लगाने, वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान चलाने, रात्रि चौपाल आयोजित करने और प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को अधिकाधिक लोगों के साथ सुनकर उसकी जानकारी सरल एप पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर, भीम-देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरि सिंह रावत ने ज्योत्सना चौहान को भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी के रूप में नवीन दायित्व मिलने पर उपरना पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने ज्योत्सना चौहान को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का विश्वास व्यक्त किया। उपस्थित अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें नवीन दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना हेतु अंजनेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं प्रार्थना करने का भी आह्वान किया गया। बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर भी गहन चर्चा हुई, जिस पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने इन कार्यक्रमों को सफल बनाने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक में पूर्व मंडल अध्यक्ष कैलाश गर्ग, मंडल प्रतिनिधि शंकर गुर्जर, मंडल महामंत्री राजू सिंह एवं नारायण सिंह, युवा मोर्चा अध्यक्ष किशन रेबारी सहित प्रभु मेवाड़ा, गोटू गुर्जर, जालम सिंह, पूरण सिंह, पारस माली, किशन सिंह, हमराज़ सिंह, निर्भय नाथ, लहरू कलाल, अखिलेश त्रिवेदी, लक्ष्मण जी, लादू नाथ, मुकेश, रमेश भील, नैन सिंह और सभी बूथ अध्यक्ष भी मौजूद रहे।1
- पाली पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से एक विशेष यातायात अभियान शुरू किया है। यह अभियान 4 जून से 30 जून 2026 तक पूरे जिले में संचालित किया जाएगा। इस दौरान वाहनों में किए गए अवैध संशोधन, जैसे लाल-नीली बत्ती, हूटर, प्रेशर हॉर्न, ब्लैक फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और अन्य अनधिकृत चिह्नों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन (आईपीएस) ने बताया कि ये वाहन न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई मामलों में ऐसे वाहनों का उपयोग अवैध गतिविधियों और अपराधों में किया जाता है। यह विशेष अभियान राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के आधार पर चलाया जा रहा है। अभियान के तहत, वाहन की बॉडी और चेसिस में अवैध परिवर्तन करने वालों, लाल-नीली बत्ती व फ्लैशर लगाने वालों, प्रेशर हॉर्न व एयर हॉर्न का उपयोग करने वालों, ब्लैक फिल्म चढ़े वाहनों और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) सभी पंजीकृत वाहनों के लिए अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, हिस्ट्रीशीटरों और हार्डकोर अपराधियों द्वारा उपयोग किए जा रहे वाहनों की भी विशेष जांच की जाएगी, और आवश्यकतानुसार वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। पाली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपने वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।4
- पाली जिले के सुमेरपुर सदर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर शुक्रवार अलसुबह करीब 1:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। नेतरा पुलिया के पास टाइल्स से भरे एक अनियंत्रित ट्रेलर ने डिवाइडर लांघा और गलत दिशा में जाकर सामने से आ रही जैन ट्रेवल्स की स्लीपर यात्री बस को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रेलर वहीं पलट गया। इस हादसे में बस चालक, खलासी, ट्रेलर ड्राइवर और 11 यात्रियों सहित कुल 14 लोग घायल हो गए हैं। सुमेरपुर सदर थानाधिकारी भगाराम मीणा ने बताया कि हादसे की सूचना पुलिस की रात्रि गश्त टीम को मिली, जिसके बाद वे जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि मोरबी (गुजरात) से दिल्ली जा रहा टाइल्स से भरा ट्रेलर अचानक नियंत्रण खोकर डिवाइडर पार कर रॉन्ग साइड में चला गया था। इसी दौरान जोधपुर से अहमदाबाद जा रही जैन यात्री ट्रेवल्स की बस से उसकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और सभी घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से सुमेरपुर के राजकीय अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद तीन गंभीर घायलों को पाली के बांगड़ अस्पताल रेफर कर दिया। इनमें से यात्री मोहम्मद तफीम (38) पुत्र मोहम्मद रफीक की हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें बांगड़ अस्पताल से जोधपुर रेफर किया गया है। वहीं, बस ड्राइवर नरेश (45) पुत्र गबरू खान और ट्रेलर ड्राइवर राजेश मीणा (42) पुत्र ओमप्रकाश का इलाज पाली के बांगड़ अस्पताल में जारी है। अन्य घायलों में बस खलासी मोहम्मद अली (35) पुत्र अनवर हुसैन और यात्री श्रीमती राधा मेड़तिया (42), सुश्री कृष्णा कंवर, श्रीमती प्रेम कंवर (60), श्रीमती गोरा (70), सुश्री कुसुम भाटी (24), मोहम्मद हसन (32), श्रीमती मधु सोनी (40), सुश्री गुंजन सोनी (16), श्रीमती पुष्पा (40) और श्री महेंद्र (52) शामिल हैं। मामूली चोट वाले कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 6 यात्री अभी भी सुमेरपुर अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर यातायात को सुचारू करवा दिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।1