पाली में लगभग आठ वर्ष पुराने 10 लाख रुपये के चर्चित चेक अनादरण प्रकरण में विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण संख्या-2) की पीठासीन अधिकारी विनस चौधरी ने आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया निवासी सिंधी बाजार, मारवाड़ जंक्शन को आरोपों से बरी करने का आदेश पारित किया है। अदालत ने अपने निर्णय में पाया कि परिवादी गौरव मर्लेचा 10 लाख रुपये उधार देने की अपनी आर्थिक क्षमता को विश्वसनीय एवं संतोषजनक ढंग से सिद्ध नहीं कर पाया, जिसके चलते परिवादी की कहानी पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। यह प्रकरण परिवादी गौरव मर्लेचा निवासी सुमेरपुर रोड, पाली द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अक्टूबर 2017 में आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने उससे 10 लाख रुपये उधार लिए थे। आरोप के अनुसार, राशि लौटाने के लिए आरोपी द्वारा 5-5 लाख रुपये के दो चेक दिए गए थे, जो बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर "फंड्स इनसफिशिएंट" के कारण अनादृत हो गए थे। विधिक नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान, आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उसने परिवादी से कोई ऋण नहीं लिया था। बचाव पक्ष ने, जिसकी पैरवी सीनियर एडवोकेट अशोक अरोड़ा और उनके सहयोगी अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ ने की, तर्क दिया कि गौरव मर्लेचा मारवाड़ जंक्शन में वीसी का संचालन करता था और उसी संबंध में सुरक्षा के तौर पर आरोपी के पांच हस्ताक्षरित खाली चेक लिए गए थे, जिन्हें वीसी समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटाया गया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि वर्ष 2017 में परिवादी की 10 लाख रुपये उधार देने की आर्थिक क्षमता नहीं थी, और न ही पानी के कैम्पर भरकर बेचने का कार्य करने वाले आरोपी को इतनी बड़ी राशि की आवश्यकता थी। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा ने न्यायालय के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए यह भी दर्शाया कि 2016 में नोटबंदी के बाद 2017 में परिवादी ने 500-500 रुपये के नए नोटों में ऋण देने का दावा किया, और उसी अवधि में अन्य व्यक्तियों को भी 25 लाख रुपये उधार देने का दावा करते हुए उनके विरुद्ध भी चेक बाउंस के मुकदमे दायर किए, जिससे उसके दावों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया। न्यायालय ने बचाव पक्ष की जिरह एवं प्रस्तुत दस्तावेजों से परिवादी के कथनों पर गंभीर संदेह उत्पन्न पाया। अपने निर्णय में न्यायालय ने यह माना कि आरोपी ने परक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई. एक्ट) के अंतर्गत परिवादी के पक्ष में उपलब्ध वैधानिक उपधारणा को सफलतापूर्वक खंडित कर दिया। परिणामस्वरूप, आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित कर दिया गया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय चेक बाउंस मामलों में परिवादी द्वारा ऋण देने की आर्थिक क्षमता सिद्ध किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
पाली में लगभग आठ वर्ष पुराने 10 लाख रुपये के चर्चित चेक अनादरण प्रकरण में विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण संख्या-2) की पीठासीन अधिकारी विनस चौधरी ने आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया निवासी सिंधी बाजार, मारवाड़ जंक्शन को आरोपों से बरी करने का आदेश पारित किया है। अदालत ने अपने निर्णय में पाया कि परिवादी गौरव मर्लेचा 10 लाख रुपये उधार देने की अपनी आर्थिक क्षमता को विश्वसनीय एवं संतोषजनक ढंग से सिद्ध नहीं कर पाया, जिसके चलते परिवादी की कहानी पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। यह प्रकरण परिवादी गौरव मर्लेचा निवासी सुमेरपुर रोड, पाली द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अक्टूबर 2017 में आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने उससे 10 लाख रुपये उधार लिए थे। आरोप के अनुसार, राशि लौटाने के लिए आरोपी द्वारा 5-5 लाख रुपये के दो चेक दिए गए थे, जो बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर "फंड्स इनसफिशिएंट" के कारण अनादृत हो गए थे। विधिक नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान, आरोपी प्रमोद कुमार चौरसिया ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उसने परिवादी से कोई ऋण नहीं लिया था। बचाव पक्ष ने, जिसकी पैरवी सीनियर एडवोकेट अशोक अरोड़ा और उनके सहयोगी अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ ने की, तर्क दिया कि गौरव मर्लेचा मारवाड़ जंक्शन में वीसी का संचालन करता था और उसी संबंध में सुरक्षा के तौर पर आरोपी के पांच हस्ताक्षरित खाली चेक लिए गए थे, जिन्हें वीसी समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटाया गया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि वर्ष 2017 में परिवादी की 10 लाख रुपये उधार देने की आर्थिक क्षमता नहीं थी, और न ही पानी के कैम्पर भरकर बेचने का कार्य करने वाले आरोपी को इतनी बड़ी राशि की आवश्यकता थी। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अरोड़ा ने न्यायालय के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए यह भी दर्शाया कि 2016 में नोटबंदी के बाद 2017 में परिवादी ने 500-500 रुपये के नए नोटों में ऋण देने का दावा किया, और उसी अवधि में अन्य व्यक्तियों को भी 25 लाख रुपये उधार देने का दावा करते हुए उनके विरुद्ध भी चेक बाउंस के मुकदमे दायर किए, जिससे उसके दावों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया। न्यायालय ने बचाव पक्ष की जिरह एवं प्रस्तुत दस्तावेजों से परिवादी के कथनों पर गंभीर संदेह उत्पन्न पाया। अपने निर्णय में न्यायालय ने यह माना कि आरोपी ने परक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई. एक्ट) के अंतर्गत परिवादी के पक्ष में उपलब्ध वैधानिक उपधारणा को सफलतापूर्वक खंडित कर दिया। परिणामस्वरूप, आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित कर दिया गया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय चेक बाउंस मामलों में परिवादी द्वारा ऋण देने की आर्थिक क्षमता सिद्ध किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
- पीपाड़ थाना क्षेत्र के मालावास फाटे पर स्थित ओम बन्ना रेस्टोरेंट में मारपीट, तोड़फोड़ और हजारों की लूटपाट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि घटना को 18 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो मौके पर पहुँची है और न ही अब तक इस संबंध में कोई मामला दर्ज किया गया है। पीड़ितों के अनुसार, होटल में हुई इस घटना के फुटेज सीसीटीवी में कैद हैं। उनका यह भी कहना है कि कई बार फोन करने पर पुलिस की ओर से यह जवाब मिला कि "स्टाफ नहीं है।"1
- गुरुवार को देसूरी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत घाणेराव में ब्लॉक स्तरीय विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। साथ ही, उन्होंने शेष लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासक चंद्रशेखर मेवाड़ा, बाली एडीएम शैलेन्द्र सिंह, देसूरी उपखंड अधिकारी सिद्धार्थ सांदू, विकास अधिकारी भोपालसिंह जोधा, तहसीलदार फतेहसिंह जसोल, ग्राम विकास अधिकारी ढलाराम चौहान, और थानाधिकारी उरजाराम सहित विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों को जिला कलेक्टर के समक्ष रखा। डॉ. गोस्वामी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। इस विशेष जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखा, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ। कार्यक्रम के अंत में, जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने पात्र लाभार्थियों को भूमि पट्टों का वितरण कर उन्हें स्वामित्व अधिकारों से लाभान्वित किया।2
- Post by Bhuraram Garasiya1
- स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने सड़क पर पानी जमा हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पानी की उचित निकासी न होने के कारण उनके इलाके में गंदा पानी इकट्ठा हो रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। निवासियों ने अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने और पानी की सही निकासी की व्यवस्था करने की अपील की है।1
- भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों के तहत भीम विधानसभा क्षेत्र के देवगढ़ ग्रामीण मंडल की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक और कार्यसमिति बैठक अंजनेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक हरि सिंह रावत, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अजय सोनी, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र बागड़ी, मंडल प्रभारी अरुण मिश्रा, मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन शोभा लाल रैगर, जिला उपाध्यक्ष ज्योति छापरवाल, और भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी ज्योत्सना चौहान सहित जिला, मंडल एवं मोर्चा के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। उपस्थित नेताओं ने संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान, भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी ज्योत्सना चौहान ने आगामी 7 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को सर्वोपरि मानते हुए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, सेवा पखवाड़े के तहत पक्षियों के लिए परिंदे लगाने, वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान चलाने, रात्रि चौपाल आयोजित करने और प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को अधिकाधिक लोगों के साथ सुनकर उसकी जानकारी सरल एप पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर, भीम-देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरि सिंह रावत ने ज्योत्सना चौहान को भाजपा ओबीसी मोर्चा की मन की बात प्रदेश प्रभारी के रूप में नवीन दायित्व मिलने पर उपरना पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने ज्योत्सना चौहान को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का विश्वास व्यक्त किया। उपस्थित अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें नवीन दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना हेतु अंजनेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं प्रार्थना करने का भी आह्वान किया गया। बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर भी गहन चर्चा हुई, जिस पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने इन कार्यक्रमों को सफल बनाने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक में पूर्व मंडल अध्यक्ष कैलाश गर्ग, मंडल प्रतिनिधि शंकर गुर्जर, मंडल महामंत्री राजू सिंह एवं नारायण सिंह, युवा मोर्चा अध्यक्ष किशन रेबारी सहित प्रभु मेवाड़ा, गोटू गुर्जर, जालम सिंह, पूरण सिंह, पारस माली, किशन सिंह, हमराज़ सिंह, निर्भय नाथ, लहरू कलाल, अखिलेश त्रिवेदी, लक्ष्मण जी, लादू नाथ, मुकेश, रमेश भील, नैन सिंह और सभी बूथ अध्यक्ष भी मौजूद रहे।1
- राजस्थान के पाली जिले के बाली शहर के महावीर नहर क्षेत्र में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए ताला तोड़कर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। इस मामले की रिपोर्ट पीड़ित वरदाराम ने पुलिस में दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार, वरदाराम 2 जून की रात को अपने घर पर ताला लगाकर पुणे के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान, रात में अज्ञात चोरों ने मकान का ताला तोड़ा, घर में प्रवेश किया और अलमारी के ताले भी तोड़ दिए। चोर अलमारी में रखे करीब 16 से 17 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। इस घटना का पता 3 जून की सुबह उस समय चला जब वरदाराम की बड़ी बेटी वहां से गुजर रही थी। घर का दरवाजा टूटा हुआ देखकर उन्हें चोरी की आशंका हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है।1
- पाली के टेवाली ग्राम पंचायत में गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) पाली की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर आमजन के लिए अत्यंत राहतभरा साबित हुआ, जहाँ विभिन्न विभागों से संबंधित अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर दिया गया। शिविर में बचे हुए पाँच प्रकरणों को संपर्क पोर्टल के निर्धारित मॉड्यूल में दर्ज कर आगे की आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उप जिला कलक्टर (उपखंड अधिकारी) विमलेन्द्र सिंह राणावत के अनुसार, राजस्व विभाग ने शिविर के दौरान 10 नामांतरण और 4 आपसी विभाजन के लंबित मामलों का निपटारा किया। इसके साथ ही, 8 जमाबंदी एवं नक्शा सुधार संबंधी आवेदन, 1 सीमांकन प्रकरण, और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े 10 आवेदनों का निस्तारण किया गया। कुल 30 मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र भी जारी किए गए, जबकि धारा 136 के अंतर्गत 10 प्रकरणों का समाधान किया गया। जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित 2 आज्ञापत्र भी जारी किए गए। ग्राम पंचायत स्तर पर सफाई कार्य करवाया गया और विवाह एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े एक प्रकरण का समाधान किया गया। मनरेगा के तहत 2 जॉब कार्ड जारी किए गए तथा 4 पट्टों का वितरण भी हुआ। शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिला, जहाँ चिकित्सा विभाग ने 62 लोगों को दवाइयाँ वितरित कीं और 53 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की। इसके अतिरिक्त, 5 लोगों का टीकाकरण भी किया गया। विद्युत विभाग को प्राप्त मीटर सुधार के एक प्रकरण का मौके पर ही तत्काल निस्तारण किया गया, और एक नए विद्युत कनेक्शन का प्रकरण भी निपटाया गया। अन्य विभागों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया; पशुपालन विभाग द्वारा 20 पशुओं का बीमा और 30 पशुओं का उपचार किया गया। समाज कल्याण विभाग ने एक पालनहार योजना तथा एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रकरण का समाधान किया। कृषि विभाग ने फसल बीमा और कृषि यंत्र सहित 7 प्रकरणों का निस्तारण किया, जबकि सांख्यिकी विभाग ने जनाधार से जुड़े 3 प्रकरणों का समाधान किया। इस जनसुनवाई शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सका।1
- राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समिति ब्यावर ने राजकीय अवकाशों में कर्मचारियों से कार्य न करवाए जाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर ब्यावर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार को जिला कलेक्टर ब्यावर के माध्यम से भेजा गया। अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरी लाल प्रजापत और महामंत्री विजय प्रकाश शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में यह ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म दत्त जाट को सौंपा गया। ज्ञापन में राज्य सरकार से मांग की गई है कि पांच दिवसीय साप्ताहिक कार्य व्यवस्था होने के बावजूद, उच्च अधिकारी अक्सर शनिवार और रविवार को कर्मचारियों को काम करने के आदेश जारी कर देते हैं। समिति का कहना है कि इससे राज्य कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिसमें विशेष रूप से राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी अधिक प्रभावित होते हैं। इस दौरान अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरी लाल प्रजापत और ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष व संयुक्त महासंघ ब्यावर के महामंत्री विजय प्रकाश शर्मा, पटवार संघ के जिलाध्यक्ष मूलाराम भाटी, कृषि पर्यवेक्षक जिलाध्यक्ष गोविन्द तिवाड़ी समेत हुकमी चंद्र मिश्रा, बदा राम अनकिया, अर्जुनराम कुमावत, प्रदेश प्रतिनिधि विकास नायक, उपाध्यक्ष शंकर चौधरी, जिला महामंत्री महेन्द्र रणवा, महिला जिलाध्यक्ष प्रतिभा शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष (जवाजा) गुड्डू मीणा, महासंघ ब्लॉक अध्यक्ष (रायपुर) नरेंद्र कटारिया, मनोज राव, महावीर सेन, हेमराज, कृषि पर्यवेक्षक ममता, उत्तम काठात और कैलाश प्रजापत सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- ब्यावर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे पर नेतरा गांव के पास शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में अहमदाबाद की ओर से आ रहा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया और डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पहुंचा। इसी दौरान, सामने से आ रही एक निजी कंपनी की वोल्वो बस उससे टकरा गई, जिससे बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सदर थाना अधिकारी भगाराम मीना ने बताया कि इस दुर्घटना में कुल 14 यात्री घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची और सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए सुमेरपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने तीन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर कर दिया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार अभी भी जारी है। हादसे के बाद कुछ समय तक नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, क्षतिग्रस्त वाहनों को मौके से हटवाया और यातायात को फिर से सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ट्रेलर का अनियंत्रित होकर पलटना ही इस दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।4