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मुजफ्फरपुर में फिल्म ‘बिगुल’ के लिए निशुल्क ऑडिशन, हर उम्र के कलाकारों के लिए सुनहरा मौका मुजफ्फरपुर में फिल्म ‘बिगुल’ के लिए निशुल्क ऑडिशन, हर उम्र के कलाकारों के लिए सुनहरा मौका
Vikash Kumar
मुजफ्फरपुर में फिल्म ‘बिगुल’ के लिए निशुल्क ऑडिशन, हर उम्र के कलाकारों के लिए सुनहरा मौका मुजफ्फरपुर में फिल्म ‘बिगुल’ के लिए निशुल्क ऑडिशन, हर उम्र के कलाकारों के लिए सुनहरा मौका
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- हिरालाल सर्राफ एंड ज्वेलर्स, मुजफ्फरपुर — 1987 से आपके विश्वास के साथ। शुद्धता • भरोसा • परंपरा मासिक जमा योजना | रेट फिक्स योजना 8294824001 1987 से आपका विश्वास, हमारी पहचान। जय हिंद!1
- हड़ताल की ऐतिहासिक जीत के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा से अलग हुआ कामगार यूनियन, अकेले लड़ेगा कर्मचारियों की लड़ाई मुजफ्फरपुर के पानी टंकी चौक स्थित जिला स्कूल में नगर निगम कामगार यूनियन, मुजफ्फरपुर की बैठक अध्यक्ष अशोक राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सभी अंचल निरीक्षक, वार्ड निरीक्षक एवं कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए। इस दौरान नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की सफलता और सरकार द्वारा मांगें माने जाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। हड़ताल की सफलता और कर्मचारियों की मांगों को लेकर मिली ऐतिहासिक जीत के लिए कामगार यूनियन के अध्यक्ष अशोक राय को माला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। बैठक में कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान यूनियन की भूमिका और संघर्ष की सराहना की। बैठक के दौरान नगर निगम कामगार यूनियन, मुजफ्फरपुर ने संयुक्त संघर्ष मोर्चा से अलग होने का निर्णय लिया। यूनियन नेताओं ने कहा कि अब कामगार यूनियन स्वतंत्र रूप से कर्मचारियों के अधिकार और उनकी मांगों को लेकर संघर्ष करेगा। कामगार यूनियन के नेताओं ने कर्मचारी संघ पर सफाई कर्मियों के आंदोलन के दौरान सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे, उस समय नगर निगम के कर्मचारी कार्यालय खोलकर बैठे हुए थे और आंदोलन में अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि अब जब सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को मान लिया है, तो आंदोलन का श्रेय लेने के लिए यह दावा किया जा रहा है कि कर्मचारी संघ भी आंदोलन के समर्थन में था। इसको लेकर कामगार यूनियन के सदस्यों ने नाराजगी जताई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब कामगार यूनियन अकेले ही नगर निगम कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा। यूनियन ने कर्मचारियों के हित में आगे भी मजबूती से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।अगर चाहें तो इसकी एकदम दमदार और राजनीतिक अंदाज वाली हेडलाइन भी बना देता हूं।1
- दूसरे सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों ने उठाया गंगाजल1
- खुदीराम बोस की शहादत दिवस मुखिया देवेन्द्र मांझी के द्वारा मनाई गई1
- मुजफ्फरपुर में ससुराल आए युवक की सं"दिग्ध मौ"त! #Muzaffarpur #MuzaffarpurNews #BiharNews #BiharNewsToday #BreakingNews #CrimeNews #MuzaffarpurCrime #SuspiciousDeath #DeathNews #BiharCrime #HindiNews #LatestNews #ViralNews #NewsUpdate #GroundReport #WorldBiharNews1
- 🙏जीवन मे किसी के साथ गलत नहीं करना चाहिए ✍️👍गलत का परिणाम गलत होता हैं मेरे भाई1
- मुजफ्फरपुर, कुढ़नी प्रखंड के हरिशंकर मनियारी पंचायत स्थित सिलौत बैद्यनाथ गाँव में शहीद भगत सिंह छात्र - नौजवान सभा के बैनर तले अमर शहीद खुदीराम बोस की 119वीं शहादत दिवस, का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुशहरी प्रहलादपुर पंचायत के मुखिया एव भाकपा माले जिला सचिव उदय चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शहीद खुदीराम बोस का बलिदान साम्राज्यवाद और पूंजीवाद के खिलाफ एक शंखनाद था, जिसका प्रभाव देश के नौजवानों पर साफ देखा गया। यही कारण है कि आजादी की लड़ाई की ज्वाला पूरे देश में धधकी। आज भी शोषण विहीन समाज की लड़ाई लड़ कर शहीद खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी के संघर्षों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। भगत सिंह छात्र - नौजवान सभा के राज्य कमिटी के सदस्य अनुकूल कुमार ने देश में बढ़ती गरीबी - भूखमरी के विरुद्ध स्वतंत्रता - सेनानी शहीदों के विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही। बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा"विकल्प" के राज्य सचिव रंगकर्मी बैजू कुमार ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिना विचारों के दुनिया में कोई लड़ाई नहीं लड़ी जाती है और खुदीराम बोस व प्रफुल्ल चाकी ने 30 अप्रैल 1908 को मुजफ्फरपुर की धरती पर जो बम का धमाका किया, वह अंग्रेजी साम्राज्यवाद और उनके लुट व शोषण के खिलाफ था और जब-जब दुनिया में अन्याय और शोषण का बोलबाला बढ़ेगा, तब-तब शहीदों के बलिदान को देश के युवा याद करेंगे तथा बलिदान की संस्कृति को जिंदा रखा जाएगा। वहीं मुशहरी प्रखंड के भाकपा-माले नेता परमानन्द पाठक ने समाज में व्याप्त विषमता को खत्म करने पर बल देते हुए शहीद खुदीराम बोस की शहादत की प्रासंगिकता की चर्चा की। सभा की अध्यक्षता करते हुए कुढ़नी प्रखंड के हरिशंकर मनियारी के मुखिया देवेन्द्र मांझी ने कहा कि आजादी के 80 साल बाद भी देश की अवाम बुनियादी जरुरतों से वंचित है। ऐसे में स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के बलिदान को याद करना और उनके उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संघर्ष करने की जरूरत है। इस अवसर पर खेत-मजदूर किसान सभा के नेता लखिन्द्र राय, अमरख पंचायत की पूर्व मुखिया चन्द्रमणी देवी, रुपनपट्टी पंचायत के पूर्व मुखिया मनोज कुमार बैठा, भदई महतो, महादेव सहनी, दिनेश सहनी,संतलाल पासवान, मेघनाथ महतो, विकल्प मालीघाट सचिव पूजा कुमारी, जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा"विकल्प" राजू कुमार, विश्वनाथ मांझी, मनटून मांझी, शम्भु महतो, रिंकू देवी, राजकिशोर महतो एवं राजेश पासवान प्रमुख थे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सियापति देवी ने की। प्रेसविज्ञप्ति जारीकर्ता - देवेन्द्र मांझी, मुखिया, हरिशंकर मनियारी।4