जनपद गोंडा के सदर तहसील अंतर्गत थाना कोतवाली नगर की मिश्रौलिया चौकी क्षेत्र में जियो पेट्रोल पंप के सामने राम करन मिश्रा के प्लॉट में रात के अंधेरे में अवैध मिट्टी खनन और बिक्री का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। आरोप है कि यह सब बिना किसी रोक-टोक के हो रहा है, जबकि पूरे जनपद में मिट्टी खनन कर बिक्री के लिए एक भी ईसी परमिशन (पर्यावरण मंजूरी) नहीं है। सरकार द्वारा अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए ईसी परमिशन अनिवार्य की गई है, फिर भी खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। यह अवैध कार्य जनपद मुख्यालय से मात्र दो किलोमीटर के अंदर हो रहा है, जहाँ खनन अधिकारी समेत सभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय और आवास मौजूद हैं। रात भर मिट्टी लदे डंपर मिश्रौलिया चौकी के सामने से गुजरते हैं, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ती। आरोप है कि यह जिम्मेदार अधिकारियों की 'मिलीभगत' या 'मेहरबानी' का नतीजा है, जिससे खनन माफिया ईंट-भट्ठे की आड़ में बेखौफ होकर मिट्टी बेच रहे हैं। थाना कोतवाली देहात के ग्राम बेसियाचैन स्थित पवन ईंट उद्योग सोनापार के भट्ठे में गाटा जुड़वाकर मिट्टी खनन कर बिक्री का धंधा भी खुलेआम चल रहा है। शिकायतकर्ताओं को धमका कर दहशत फैलाई जा रही है और वायरल हो रहे वीडियो के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे अधिकारियों पर रिश्वत लेने और मूक सहमति देने के आरोप सही प्रतीत होते हैं। स्थानीय लोगों के विरोध करने पर माफिया मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। एक तरफ जहाँ योगी सरकार ने अवैध खनन और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की है, वहीं गोंडा में इस खनन माफिया पर जिलाधिकारी, आईजी देवीपाटन मंडल और पुलिस अधीक्षक का खौफ नजर नहीं आ रहा है। अवैध रूप से खनन की गई मिट्टी को कोतवाली देहात के ग्राम बेसियाचैन के रामराज पुत्र ब्रहमादीन के खेत से निकालकर गोंडा शहर में बेचा जा रहा है। डंपर चालक ने स्वयं बताया कि उनके पास कोई रॉयल्टी नहीं है और वे रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक मिट्टी गिराते हैं क्योंकि मालिक लेखपाल, खनन अधिकारी और पुलिस सबको 'खर्चा पानी' दे रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद, इस अवैध धंधे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब खनन अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया, जिससे उनकी भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगता है। उप जिलाधिकारी गोंडा ने 'दिखवाने' की बात कही, जबकि अपर जिलाधिकारी का फोन नहीं उठा। सवाल उठता है कि जानकारी और जांच से आगे बढ़कर आखिर इन खनन माफियाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है और इस पूरे मामले का क्या राज है, जिससे सरकार और राजस्व को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।
जनपद गोंडा के सदर तहसील अंतर्गत थाना कोतवाली नगर की मिश्रौलिया चौकी क्षेत्र में जियो पेट्रोल पंप के सामने राम करन मिश्रा के प्लॉट में रात के अंधेरे में अवैध मिट्टी खनन और बिक्री का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। आरोप है कि यह सब बिना किसी रोक-टोक के हो रहा है, जबकि पूरे जनपद में मिट्टी खनन कर बिक्री के लिए एक भी ईसी परमिशन (पर्यावरण मंजूरी) नहीं है। सरकार द्वारा अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए ईसी परमिशन अनिवार्य की गई है, फिर भी खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। यह अवैध कार्य जनपद मुख्यालय से मात्र दो किलोमीटर के अंदर हो रहा है, जहाँ खनन अधिकारी समेत सभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय और आवास मौजूद हैं। रात भर मिट्टी लदे डंपर मिश्रौलिया चौकी के सामने से गुजरते हैं, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ती। आरोप है कि यह जिम्मेदार
अधिकारियों की 'मिलीभगत' या 'मेहरबानी' का नतीजा है, जिससे खनन माफिया ईंट-भट्ठे की आड़ में बेखौफ होकर मिट्टी बेच रहे हैं। थाना कोतवाली देहात के ग्राम बेसियाचैन स्थित पवन ईंट उद्योग सोनापार के भट्ठे में गाटा जुड़वाकर मिट्टी खनन कर बिक्री का धंधा भी खुलेआम चल रहा है। शिकायतकर्ताओं को धमका कर दहशत फैलाई जा रही है और वायरल हो रहे वीडियो के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे अधिकारियों पर रिश्वत लेने और मूक सहमति देने के आरोप सही प्रतीत होते हैं। स्थानीय लोगों के विरोध करने पर माफिया मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। एक तरफ जहाँ योगी सरकार ने अवैध खनन और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की है, वहीं गोंडा में इस खनन माफिया पर जिलाधिकारी, आईजी देवीपाटन मंडल और पुलिस अधीक्षक का खौफ नजर नहीं आ रहा है। अवैध रूप से खनन की गई मिट्टी को कोतवाली देहात के ग्राम बेसियाचैन के रामराज
पुत्र ब्रहमादीन के खेत से निकालकर गोंडा शहर में बेचा जा रहा है। डंपर चालक ने स्वयं बताया कि उनके पास कोई रॉयल्टी नहीं है और वे रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक मिट्टी गिराते हैं क्योंकि मालिक लेखपाल, खनन अधिकारी और पुलिस सबको 'खर्चा पानी' दे रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद, इस अवैध धंधे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब खनन अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया, जिससे उनकी भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगता है। उप जिलाधिकारी गोंडा ने 'दिखवाने' की बात कही, जबकि अपर जिलाधिकारी का फोन नहीं उठा। सवाल उठता है कि जानकारी और जांच से आगे बढ़कर आखिर इन खनन माफियाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है और इस पूरे मामले का क्या राज है, जिससे सरकार और राजस्व को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।
- जनपद गोंडा के सदर तहसील अंतर्गत थाना कोतवाली नगर की मिश्रौलिया चौकी क्षेत्र में जियो पेट्रोल पंप के सामने राम करन मिश्रा के प्लॉट में रात के अंधेरे में अवैध मिट्टी खनन और बिक्री का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। आरोप है कि यह सब बिना किसी रोक-टोक के हो रहा है, जबकि पूरे जनपद में मिट्टी खनन कर बिक्री के लिए एक भी ईसी परमिशन (पर्यावरण मंजूरी) नहीं है। सरकार द्वारा अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए ईसी परमिशन अनिवार्य की गई है, फिर भी खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। यह अवैध कार्य जनपद मुख्यालय से मात्र दो किलोमीटर के अंदर हो रहा है, जहाँ खनन अधिकारी समेत सभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय और आवास मौजूद हैं। रात भर मिट्टी लदे डंपर मिश्रौलिया चौकी के सामने से गुजरते हैं, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ती। आरोप है कि यह जिम्मेदार अधिकारियों की 'मिलीभगत' या 'मेहरबानी' का नतीजा है, जिससे खनन माफिया ईंट-भट्ठे की आड़ में बेखौफ होकर मिट्टी बेच रहे हैं। थाना कोतवाली देहात के ग्राम बेसियाचैन स्थित पवन ईंट उद्योग सोनापार के भट्ठे में गाटा जुड़वाकर मिट्टी खनन कर बिक्री का धंधा भी खुलेआम चल रहा है। शिकायतकर्ताओं को धमका कर दहशत फैलाई जा रही है और वायरल हो रहे वीडियो के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे अधिकारियों पर रिश्वत लेने और मूक सहमति देने के आरोप सही प्रतीत होते हैं। स्थानीय लोगों के विरोध करने पर माफिया मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। एक तरफ जहाँ योगी सरकार ने अवैध खनन और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की है, वहीं गोंडा में इस खनन माफिया पर जिलाधिकारी, आईजी देवीपाटन मंडल और पुलिस अधीक्षक का खौफ नजर नहीं आ रहा है। अवैध रूप से खनन की गई मिट्टी को कोतवाली देहात के ग्राम बेसियाचैन के रामराज पुत्र ब्रहमादीन के खेत से निकालकर गोंडा शहर में बेचा जा रहा है। डंपर चालक ने स्वयं बताया कि उनके पास कोई रॉयल्टी नहीं है और वे रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक मिट्टी गिराते हैं क्योंकि मालिक लेखपाल, खनन अधिकारी और पुलिस सबको 'खर्चा पानी' दे रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद, इस अवैध धंधे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब खनन अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया, जिससे उनकी भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगता है। उप जिलाधिकारी गोंडा ने 'दिखवाने' की बात कही, जबकि अपर जिलाधिकारी का फोन नहीं उठा। सवाल उठता है कि जानकारी और जांच से आगे बढ़कर आखिर इन खनन माफियाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है और इस पूरे मामले का क्या राज है, जिससे सरकार और राजस्व को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।3
- योगी बाबा की जय हो! अब 'बुलडोजर बाबा' का कहर चलेगा, जिससे माफिया की खैर नहीं होगी और सभी को जेल जाना पड़ेगा। इस बार इंसाफ की जीत होकर रहेगी, क्योंकि 'बुलडोजर बाबा' आ रहे हैं और माफिया को उनके बिलों से ढूंढ निकालेंगे। यह पूरी तरह से इंसाफ का 'योगी मॉडल' है।1
- अयोध्या में भाजपा विधायक अमित सिंह चौहान के करीबी माने जाने वाले आशुतोष मिश्रा अनुपम ने राजनीति में अपनी एंट्री का दावा किया है। उनके अनुसार, उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत पंचायत चुनाव के साथ ही होगी।1
- अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र स्थित सरसवां निवासिनी शिव कला ने आरोप लगाया है कि 25-26 मई को विपक्षी केशा, मनोज, रंजनी और नंदिनी ने उन्हें तथा उनकी दो पुत्रियों रीता व संगीता को बेरहमी से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शिव कला के अनुसार, उनके पति के स्वर्गवास के बाद उन्हें जो कॉलोनी और शौचालय वाली पुरानी जमीन हिस्सा-बखरा में मिली थी, उस पर वह निर्माण कार्य कर रही थीं। इसी दौरान विपक्षी यह कहते हुए आए कि उनका वहां कुछ नहीं है और मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता शिव कला ने बताया कि उन्होंने घटना की सूचना 112 पर दी और फिर थाने गईं, लेकिन विपक्षी के 'धन बल' से मजबूत होने के कारण पुलिस ने उनका मुकदमा बिना चोट का उल्लेख किए दर्ज किया। उन्हें और उनकी बेटियों को दिन भर थाने के चबूतरे पर बैठाए रखा गया, पर कार्रवाई नहीं हुई। शिव कला ने पुलिस पर विपक्षी से मिलकर उनकी जमीन पर कब्जा करवाने का गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि मारपीट की वीडियो भी दिखाने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। पुलिस की इस कथित एकतरफा कार्यवाही और निष्क्रियता से पूरी तरह विचलित होकर, शिव कला ने न्याय की भीख मांगने के लिए एसडीएम बीकापुर के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली से उनका विश्वास उठ गया है, जिसके कारण उन्हें तहसील में आकर न्याय मांगना पड़ा है।1
- अयोध्या में हिंदू महासभा ने महान क्रांतिकारी वीर विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती नया मंदिर शीश महल, लक्ष्मण घाट पर धूमधाम से मनाई। इस अवसर पर हिंदू महासभा ने केंद्र सरकार से मांग की कि वीर सावरकर को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया जाए और भारतीय मुद्रा पर उनके चित्र अंकित किए जाएं। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय ने सावरकर को शक्ति का पुंज, क्रांति का नक्षत्र और चिरंतर ज्योतिपुंज बताते हुए कहा कि उनसे असीम ऊर्जा ग्रहण कर हर हिंदुत्ववादी अपने कर्तव्य पथ पर निरंतर अग्रसर था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में और हिंदू एवं हिंदुत्व के लिए सावरकर के कार्यों को देखते हुए उन्हें भारत रत्न देने की अपील की। श्री पांडेय ने कांग्रेस पर समय-समय पर वीर क्रांतिकारियों और बलिदानियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी का भयावह परिणाम आज उसे भुगतना पड़ रहा है, और कांग्रेस की दूषित मानसिकता उसे धीरे-धीरे भारत से मुक्त कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस द्वारा कई अवसरों पर सावरकर के चरित्र हनन का प्रयास किया गया। हिंदू महासभा के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष महंत राम लोचन शरण शास्त्री 'राजन बाबा' ने सावरकर को एक असाधारण योद्धा, महान साहित्यकार, वक्ता, विद्वान, लेखक, समाज सुधारक और कुशल संगठनकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित बताया। उन्होंने युवाओं से सावरकर से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें भारत रत्न की उपाधि दिया जाना अत्यंत प्रासंगिक है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सावरकर के कार्यों और राष्ट्र के प्रति निष्ठा को देखते हुए भारत सरकार को तत्काल प्रभाव से उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए और भारतीय मुद्रा पर उनके चित्र अंकित करने का कार्य करना चाहिए। इस जयंती कार्यक्रम में कृष्णा उपाध्याय, बब्बू शुक्ला, प्रिंस सिंह, सहदेव गिरी, सुधांशु शुक्ला, सुशील मिश्रा, करूं गोस्वामी, दिलीप गोसाई, प्रियंका, सोनी सिंह और राजपति देवी सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।1
- पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दहन’ अभियान के तहत जनपद गोण्डा में नशा मुक्त अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के क्रम में, पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के पर्यवेक्षण में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने 29 मई, 2026 को मैजापुर चीनी मिल स्थित इन्सीनेटर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान, जनपद के विभिन्न थानों में पंजीकृत एनडीपीएस एक्ट के कुल 898 मुकदमों से संबंधित लगभग 15 कुंतल 11 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को नियमानुसार जलाकर नष्ट किया गया। नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों की अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग ₹41 करोड़ 60 लाख आंकी गई है। विनष्टीकरण के दौरान 1285.7 किलोग्राम गांजा, 52.57 किलोग्राम चरस, 0.878 किलोग्राम अफीम, 0.1136 किलोग्राम हीरोइन, 6.1186 किलोग्राम स्मैक, 0.045 किलोग्राम कोकिन, 95.71 किलोग्राम डोडा और 70.628 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थों सहित कुल 1511.763 किलोग्राम अवैध सामग्री को नष्ट किया गया। यह पूरी कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा मानकों और विधिक प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए संपन्न कराई गई। साथ ही, सम्पूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराते हुए सभी अभिलेखों का विधिवत संधारण भी सुनिश्चित किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया कि गोण्डा पुलिस नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु सतत अभियान चला रही है, जिसके अंतर्गत मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जा रही है। विगत अवधि में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी करते हुए अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था, और आज जब्त इन मादक पदार्थों के विधिवत विनिष्टीकरण की कार्यवाही पूर्ण की गई है। इस प्रकार की कार्यवाही से न केवल अवैध मादक पदार्थों के पुनः दुरुपयोग की संभावना समाप्त होती है, बल्कि समाज में नशे के विरुद्ध एक सशक्त संदेश भी जाता है। गोण्डा पुलिस ने यह भी दोहराया कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार सघन अभियान चलाकर नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्यवाही करती रहेगी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक, क्षेत्राधिकारी नगर श्री आनन्द कुमार राय, जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी के सदस्यगण, प्रभारी डीसीआरबी, जनपद के समस्त थानों के हेड मुहर्रिर और मैजापुर चीनी मिल के अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।1
- गोंडा के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हमपुर चौकी इलाके में शुक्रवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। अयोध्या से दर्शन कर लौट रही सवारियों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गेट से जा टकराई, जिसमें चार लोग घायल हो गए और इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा कोल्हमपुर-कटरा मार्ग पर रात करीब 11 बजे हुआ। पिकअप वाहन में लगभग 15 लोग सवार थे, जो बलरामपुर जनपद के मथुरा गांव के निवासी थे और सभी श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। हादसे में दुर्गा (65 वर्ष) और सभावन (60 वर्ष) को गंभीर चोटें आईं, जबकि काटन (62 वर्ष) और पूजा (25 वर्ष) भी घायल हो गए। पिकअप में सवार 10 वर्षीय बच्ची अनुराधा ने बताया कि वाहन अचानक बेकाबू हो गया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया हादसे का कारण वाहन का स्टेयरिंग फेल होना माना जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोल्हमपुर चौकी इंचार्ज उमेश सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जाँच की जा रही है।3