मनरेगा कर्मियों ने जिलाधिकारी को देने के लिए पांच सूत्रीय ज्ञापन बीडीओ अमेठी को सौंपा अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को विकास खण्ड अमेठी के मनरेगा कार्मिकों द्वारा जिलाधिकारी को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र खण्ड विकास अधिकारी अमेठी को सौंपा, मांग पत्र में मानदेय बढ़ोत्तरी, एच आर पॉलिसी लागू करने, ईपीएफ का भुगतान करने आदि से संबंधित मांग पत्र दिया गया, मांग पत्र में लिखा गया कि यदि मांग पत्र पर विचार नहीं किया गया तो चरण बद्ध तरीके से आंदोलन किया जायेगा, माननीय उप मुख्यमंत्री जी, विभागीय मंत्री जी और फिर भी मांग नहीं मानी गई तो, सूबे के मुखिया माननीय योगी आदित्यनाथ जी से जनता दरबार में उपस्थित होकर वस्तु स्थिति से अवगत कराया जायेगा l लेखा सहायक मनरेगा संघ के प्रदेश संगठन सचिव ने बताया कि मनरेगा कार्मिकों का लगातार शोषण किया जा रहा है,अल्प मानदेय देकर गुलामों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, इतने कम मानदेय में कर्मियों को परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, लेकिन उच्च पदों पर बैठे अधिकारी आँख बंद किए हैं और कंटीजेंसी की धनराशि का 60 % से अधिक व्यय अन्य मदों में किया जा रहा है और मनरेगा कर्मी आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार के पास मनरेगा कार्मिकों के लिए कोई भी भविष्य की योजना नहीं है, जबकि 2021 में माननीय मुख्यमंत्री जी ने स्वयं एच आर पॉलिसी लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन उनके आदेशों का भी उल्लंघन किया जा रहा है, सारे कार्य हम लोगों से लिया जा रहा है लेकिन घर चलाने के लिए मानदेय एक तो अपर्याप्त दिया जा रहा है दूसरा कभी समय पर नहीं मिल रहा है, इस अवसर पर तकनीकी सहायक श्री अंजनी तिवारी, प्रभाकर गुप्ता, विनोद कुमार, नीरज प्रजापति, मो नदीम, संगीता मौर्य सहित कई ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे
मनरेगा कर्मियों ने जिलाधिकारी को देने के लिए पांच सूत्रीय ज्ञापन बीडीओ अमेठी को सौंपा अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को विकास खण्ड अमेठी के मनरेगा कार्मिकों द्वारा जिलाधिकारी को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र खण्ड विकास अधिकारी अमेठी को सौंपा, मांग पत्र में मानदेय बढ़ोत्तरी, एच आर पॉलिसी लागू करने, ईपीएफ का भुगतान करने आदि से संबंधित मांग पत्र दिया गया, मांग पत्र में लिखा गया कि यदि मांग पत्र पर विचार नहीं किया गया तो चरण बद्ध तरीके से आंदोलन किया जायेगा, माननीय उप मुख्यमंत्री जी, विभागीय मंत्री जी और फिर भी मांग नहीं मानी गई तो, सूबे के मुखिया माननीय योगी आदित्यनाथ जी से जनता दरबार में उपस्थित होकर वस्तु स्थिति से अवगत कराया जायेगा l लेखा सहायक मनरेगा संघ के प्रदेश संगठन सचिव ने बताया कि मनरेगा कार्मिकों का लगातार शोषण किया जा रहा है,अल्प मानदेय देकर गुलामों जैसा व्यवहार
किया जा रहा है, इतने कम मानदेय में कर्मियों को परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, लेकिन उच्च पदों पर बैठे अधिकारी आँख बंद किए हैं और कंटीजेंसी की धनराशि का 60 % से अधिक व्यय अन्य मदों में किया जा रहा है और मनरेगा कर्मी आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार के पास मनरेगा कार्मिकों के लिए कोई भी भविष्य की योजना नहीं है, जबकि 2021 में माननीय मुख्यमंत्री जी ने स्वयं एच आर पॉलिसी लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन उनके आदेशों का भी उल्लंघन किया जा रहा है, सारे कार्य हम लोगों से लिया जा रहा है लेकिन घर चलाने के लिए मानदेय एक तो अपर्याप्त दिया जा रहा है दूसरा कभी समय पर नहीं मिल रहा है, इस अवसर पर तकनीकी सहायक श्री अंजनी तिवारी, प्रभाकर गुप्ता, विनोद कुमार, नीरज प्रजापति, मो नदीम, संगीता मौर्य सहित कई ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे
- हर्ष फायरिंग के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला थाना भाले सुल्तान शहीद स्मारक क्षेत्र के रानीगंज कस्बे से सामने आया है, जहां खुशी के माहौल में युवाओं ने कानून को ताक पर रखकर फायरिंग कर डाली। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ युवाओं ने उत्साह में आकर हर्ष फायरिंग की, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक खुलेआम फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। ऐसे मामलों को लेकर पहले भी प्रशासन की सख्ती की बात कही जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद युवाओं में हर्ष फायरिंग का जुनून कम होता नहीं दिख रहा है1
- अमेठी। शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के नान्दी पम्प कैनाल भैरमपुर जंगल मे लगी आग आसपास के ग्रामीण भयभीत भारी नुक्शान की आशंका2
- Post by Raju.u.p.441
- थाना दिलीपपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सभा चौखड़ा के पास में एक व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु की सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने क्या कहा देखें।1
- मौरावां सुगमेश्वर मंदिर में धूमधाम से हुआ होली मिलन समारोह भक्तों ने गुलाल लगाकर दी शुभकामनाएं खबरें उत्तर प्रदेश को #khabreinuttarpradeshki khabrein Uttar Pradesh ki1
- प्रतापगढ़ में स्थित कंधई थाना बना पाठ शाला किसी व्यक्ति द्वारा दी गई बीडीओ1
- Post by RAMA SHANKAR SHUKLA1
- अमेठी। जनपद में करीब 12.50 करोड़ रुपये लागत से प्रस्तावित सड़कों के नवीनीकरण का टेंडर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निरस्त कर दिया है। टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की चर्चाओं के बीच विभाग ने पूरी निविदा प्रक्रिया रद्द कर नई निविदा जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार अमेठी विधानसभा क्षेत्र की 53 सड़कों और गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र की पांच सड़कों के नवीनीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इनमें कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सतह के कारण ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं की चर्चाएं तेज हो गई थीं। आरोप लगाए जा रहे थे कि कुछ चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसी कारण निविदा खोलने की तिथि कई बार तय होने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। बताया जा रहा है कि अमेठी क्षेत्र की सड़कों के टेंडर में प्रतिस्पर्धा सीमित रहने और प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ने के बाद विभाग ने निविदा निरस्त करने का निर्णय लिया। वहीं गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र की तीन सड़कों पर पहले ही टेंडर हो चुका था, जिस पर भी सवाल उठने के बाद विभाग अब स्थिति स्पष्ट करने और आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि नई निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, ताकि सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य समय से शुरू कराया जा सके। हालांकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कम समय बचा है, जिससे पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी होने को लेकर संशय बना हुआ है। अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सिंगल टेंडर आने के कारण निविदा प्रक्रिया निरस्त की गई है। आगे नियमानुसार नई निविदा प्रक्रिया कराई जाएगी। यदि समय रहते नई निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी तो स्वीकृत धनराशि वापस होने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसी स्थिति में सड़कों के निर्माण के लिए दोबारा मंजूरी लेनी पड़ सकती है, जिससे निर्माण कार्य में और देरी होने की संभावना है।2