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मौरावां सुगमेश्वर मंदिर में धूमधाम से हुआ होली मिलन समारोह भक्तों ने गुलाल लगाकर दी शुभकामनाएं मौरावां सुगमेश्वर मंदिर में धूमधाम से हुआ होली मिलन समारोह भक्तों ने गुलाल लगाकर दी शुभकामनाएं खबरें उत्तर प्रदेश को #khabreinuttarpradeshki khabrein Uttar Pradesh ki

6 hrs ago
user_KHABREIN UTTAR PRADESH KI
KHABREIN UTTAR PRADESH KI
Newspaper publisher Sultanpur, Uttar Pradesh•
6 hrs ago

मौरावां सुगमेश्वर मंदिर में धूमधाम से हुआ होली मिलन समारोह भक्तों ने गुलाल लगाकर दी शुभकामनाएं मौरावां सुगमेश्वर मंदिर में धूमधाम से हुआ होली मिलन समारोह भक्तों ने गुलाल लगाकर दी शुभकामनाएं खबरें उत्तर प्रदेश को #khabreinuttarpradeshki khabrein Uttar Pradesh ki

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सुल्तानपुर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त सचिन अग्रहरि पुत्र सन्तराम अग्रहरि, निवासी वार्ड नंबर 10 रामनगर दियरा रोड, थाना लम्भुआ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0स0 0141/26 में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था और वह काफी समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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    सुल्तानपुर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त सचिन अग्रहरि पुत्र सन्तराम अग्रहरि, निवासी वार्ड नंबर 10 रामनगर दियरा रोड, थाना लम्भुआ को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0स0 0141/26 में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था और वह काफी समय से फरार चल रहा था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
    user_Kamalpresh Kamal tiwari
    Kamalpresh Kamal tiwari
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    50 min ago
  • Post by Raju.u.p.44
    1
    Post by Raju.u.p.44
    user_Raju.u.p.44
    Raju.u.p.44
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मौरावां सुगमेश्वर मंदिर में धूमधाम से हुआ होली मिलन समारोह भक्तों ने गुलाल लगाकर दी शुभकामनाएं खबरें उत्तर प्रदेश को #khabreinuttarpradeshki khabrein Uttar Pradesh ki
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    मौरावां सुगमेश्वर मंदिर में धूमधाम से हुआ होली मिलन समारोह भक्तों ने गुलाल लगाकर दी शुभकामनाएं
खबरें उत्तर प्रदेश को
#khabreinuttarpradeshki
khabrein Uttar Pradesh ki
    user_KHABREIN UTTAR PRADESH KI
    KHABREIN UTTAR PRADESH KI
    Newspaper publisher Sultanpur, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • संग्रामपुर। क्षेत्र के इटौरी गांव के पास मंगलवार दोपहर मधुमक्खियों के हमले से चार लोग घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से संग्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया। जानकारी के अनुसार तुलापुर निवासी खुशनुमा (21) पुत्री इरशाद अहमद मंगलवार दोपहर इटौरी गांव स्थित खेत में काम करने गई थी। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के काटने से वह घायल हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह उसे बचाकर तत्काल संग्रामपुर सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार किया। इसी बीच इटौरी निवासी जुग्गी लाल (68) को इलाज के लिए बाइक से संग्रामपुर सीएचसी ले जा रहे महेंद्र (30) व सुरेंद्र (32) पुत्र राम किशोर भी रास्ते में खेत के पास मधुमक्खियों के झुंड की चपेट में आ गए। अचानक हुए हमले में मधुमक्खियों ने तीनों को कई जगह काट लिया, जिससे वे भी घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें भी तुरंत संग्रामपुर सीएचसी पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को घर भेज दिया। फिलहाल मधुमक्खियों के अचानक हमला करने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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    संग्रामपुर। क्षेत्र के इटौरी गांव के पास मंगलवार दोपहर मधुमक्खियों के हमले से चार लोग घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से संग्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
जानकारी के अनुसार तुलापुर निवासी खुशनुमा (21) पुत्री इरशाद अहमद मंगलवार दोपहर इटौरी गांव स्थित खेत में काम करने गई थी। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के काटने से वह घायल हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह उसे बचाकर तत्काल संग्रामपुर सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार किया।
इसी बीच इटौरी निवासी जुग्गी लाल (68) को इलाज के लिए बाइक से संग्रामपुर सीएचसी ले जा रहे महेंद्र (30) व सुरेंद्र (32) पुत्र राम किशोर भी रास्ते में खेत के पास मधुमक्खियों के झुंड की चपेट में आ गए। अचानक हुए हमले में मधुमक्खियों ने तीनों को कई जगह काट लिया, जिससे वे भी घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें भी तुरंत संग्रामपुर सीएचसी पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को घर भेज दिया। फिलहाल मधुमक्खियों के अचानक हमला करने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
    user_SHIV MOHAN MISHRA
    SHIV MOHAN MISHRA
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    49 min ago
  • महंगाई के खिलाफ सपा महिला जिलाध्यक्ष का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी अमेठी। रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह के नेतृत्व में अमेठी कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया गया। सपा कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में गैस सिलेंडर और केंद्रीय मंत्री Smriti Irani के पोस्टर लेकर विरोध जताया। इस दौरान “स्मृति ईरानी मुर्दाबाद, Narendra Modi मुर्दाबाद, Yogi Adityanath मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए गए। पैदल मार्च करते हुए सपा कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गैस और तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने की मांग की। इस मौके पर महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि गैस और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कीमतों में कमी नहीं की गई तो समाजवादी पार्टी बड़ा धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी। प्रदर्शन में सपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    महंगाई के खिलाफ सपा महिला जिलाध्यक्ष का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
अमेठी। रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह के नेतृत्व में अमेठी कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया गया। सपा कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में गैस सिलेंडर और केंद्रीय मंत्री Smriti Irani के पोस्टर लेकर विरोध जताया। इस दौरान “स्मृति ईरानी मुर्दाबाद, Narendra Modi मुर्दाबाद, Yogi Adityanath मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए गए।
पैदल मार्च करते हुए सपा कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गैस और तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने की मांग की।
इस मौके पर महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह ने कहा कि गैस और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कीमतों में कमी नहीं की गई तो समाजवादी पार्टी बड़ा धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
प्रदर्शन में सपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Pawan Kumar Tiwari
    Pawan Kumar Tiwari
    Local News Reporter अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अशोक श्रीवास्तव अमेठी ll प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र का “अजगरा” – नाम के पीछे की विस्तृत ऐतिहासिक-पौराणिक कथा उत्तर प्रदेश के Pratapgarh जिले में स्थित 14 किमी पश्चिम में वाराणसी लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक स्थान है, जिसे लोग "अजगरा" के नाम से जानते हैं। यह स्थान केवल एक गाँव या भूभाग नहीं है, बल्कि इसके साथ जुड़ी हुई पौराणिक कथाएँ, ऐतिहासिक प्रमाण और लोकमान्यताएँ इसे एक विशेष पहचान देती हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता के अनुसार इस स्थान का नाम “अजगरा” पड़ने के पीछे एक रोचक कथा और कई ऐतिहासिक घटनाएँ जुड़ी हुई हैं। प्राचीन मान्यता है कि इंद्रासन प्राप्त राजा नहुष ऋषि अगस्त्य के श्राप से अजगर सर्प बनकर यहां गिरे थे एवं द्वापर युग के अंतिम समय में वनवासी पांडवों में श्रेष्ठ युधिष्ठिर के दर्शन से उन्हें मोक्ष मिला था। उस समय ये जंगल ही था। धीरे धीरे आबादी बसती चली गई और नाम " अजगर से अजगरा" पड़ गया l कथाओं के अनुसार अब आगे का विस्तृत वर्णन...... बहुत प्राचीन समय में यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था। चारों ओर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष, झाड़ियाँ और प्राकृतिक जलस्रोत थे। उस समय यह स्थान साधु-संतों और ऋषि-मुनियों की तपोभूमि माना जाता था। जंगल के बीच एक विशाल और अत्यंत प्राचीन वृक्ष खड़ा था। उसकी जड़ें इतनी फैली हुई थीं कि दूर से देखने पर ऐसा लगता था मानो कोई विशाल अजगर जमीन पर फैला हुआ हो। उसी वृक्ष के नीचे एक गहरा और स्वच्छ जलकुंड भी था, जिसका पानी हमेशा भरा रहता था। लोककथाओं के अनुसार, जब Yudhishthira अपने भाइयों Bhima, Arjuna, Nakula और Sahadeva के साथ वनवास के समय इस क्षेत्र से होकर गुजर रहे थे, तब वे इस जंगल में पहुँचे। लंबे सफर और भीषण गर्मी के कारण सभी को तीव्र प्यास लगी थी। तभी उन्हें उस विशाल वृक्ष के नीचे एक जलकुंड दिखाई दिया। सबसे पहले नकुल उस कुंड की ओर पानी पीने के लिए बढ़े। तभी एक अदृश्य आवाज़ सुनाई दी — “हे वीर! इस जल को पीने से पहले मेरे प्रश्नों का उत्तर दो, अन्यथा तुम संकट में पड़ जाओगे।” लेकिन प्यास से व्याकुल नकुल ने उस चेतावनी की परवाह नहीं की और पानी पी लिया। जैसे ही उन्होंने पानी पिया, वे तुरंत मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े। इसके बाद सहदेव, फिर अर्जुन और अंत में भीम भी वहाँ पहुँचे। उन्होंने भी वही चेतावनी सुनी, लेकिन अपने भाइयों को अचेत देखकर वे घबरा गए और बिना उत्तर दिए पानी पी लिया। परिणामस्वरूप वे भी मूर्छित होकर गिर पड़े। कुछ समय बाद जब Yudhishthira वहाँ पहुँचे तो उन्होंने अपने चारों भाइयों को भूमि पर अचेत अवस्था में देखा। वे बहुत दुखी हुए। तभी वही दिव्य आवाज़ फिर गूँजी। वह एक यक्ष की आवाज़ थी, जिसने युधिष्ठिर को बताया कि यह जलकुंड उसके अधिकार में है और बिना अनुमति पानी पीने के कारण उनके भाई मूर्छित हो गए हैं। यक्ष ने युधिष्ठिर से कई गूढ़ और दार्शनिक प्रश्न पूछे — धर्म, जीवन, सत्य और मानवता से जुड़े प्रश्न। युधिष्ठिर ने अत्यंत धैर्य और बुद्धिमत्ता से उन सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। उनके उत्तरों से प्रसन्न होकर यक्ष ने उन्हें वरदान दिया और उनके सभी भाइयों को पुनः जीवन प्रदान कर दिया। दूसरे कथक के अनुसार जिस वृक्ष के नीचे यह घटना हुई थी, उसकी जड़ें और उसका आकार इतना विशाल था कि लोग उसे “अजगर जैसा वृक्ष” कहते थे। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि उस क्षेत्र में वास्तव में एक बहुत बड़ा अजगर रहता था, जो उस जलकुंड और जंगल का रक्षक माना जाता था। इसी कारण लोगों ने उस स्थान को “अजगर वाला स्थान” कहना शुरू कर दिया। समय के साथ-साथ यह शब्द बदलकर “अजगरा” बन गया। यही नाम धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र की पहचान बन गया। समय बीतता गया, जंगल धीरे-धीरे कम होते गए और वहाँ बस्ती बसने लगी। लेकिन उस स्थान की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता लोगों की स्मृतियों में बनी रही। बाद में जब इस क्षेत्र में खुदाई और खोजबीन हुई तो यहाँ से कई प्राचीन अवशेष प्राप्त हुए। इनमें पत्थर की मूर्तियाँ, मिट्टी के बर्तन, प्राचीन सिक्के और ब्राह्मी लिपि के शिलालेख शामिल हैं। इन अवशेषों से इतिहासकारों ने यह निष्कर्ष निकाला कि यह क्षेत्र बहुत प्राचीन सभ्यता का केंद्र रहा होगा। कुछ विद्वानों के अनुसार यहाँ दूसरी या तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के अवशेष भी मिले हैं, जो इस स्थान की ऐतिहासिक महत्ता को और मजबूत करते हैं। आज भी अजगरा में कई प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद हैं। यहाँ अजगरा बाबा की प्राचीन प्रतिमा और पंचमुखी विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित है, जिन्हें स्थानीय लोग अत्यंत श्रद्धा से पूजते हैं। समय-समय पर यहाँ धार्मिक आयोजन और मेले भी लगते हैं, जिनमें दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। इस प्रकार अजगरा का नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि पौराणिक कथा, ऐतिहासिक प्रमाण और लोकविश्वास का संगम है। पांडवों की कथा, यक्ष के प्रश्न, विशाल वृक्ष और अजगर की लोकमान्यता—इन सभी ने मिलकर इस स्थान को एक विशिष्ट पहचान दी है। आज भी जब लोग प्रतापगढ़ के इस क्षेत्र का नाम लेते हैं, तो उनके मन में उस प्राचीन कथा और इस ऐतिहासिक भूमि की छवि जीवित हो उठती है। इसलिए अजगरा केवल एक भूगोल नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और संस्कृति की जीवंत विरासत है।
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    अशोक श्रीवास्तव अमेठी ll 
प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र का “अजगरा” – नाम के पीछे की विस्तृत ऐतिहासिक-पौराणिक कथा
उत्तर प्रदेश के Pratapgarh जिले में स्थित 14 किमी पश्चिम में वाराणसी लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक स्थान है, जिसे लोग "अजगरा" के नाम से जानते हैं। यह स्थान केवल एक गाँव या भूभाग नहीं है, बल्कि इसके साथ जुड़ी हुई पौराणिक कथाएँ, ऐतिहासिक प्रमाण और लोकमान्यताएँ इसे एक विशेष पहचान देती हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता के अनुसार इस स्थान का नाम “अजगरा” पड़ने के पीछे एक रोचक कथा और कई ऐतिहासिक घटनाएँ जुड़ी हुई हैं।
प्राचीन मान्यता है कि इंद्रासन प्राप्त राजा नहुष ऋषि अगस्त्य के श्राप से अजगर सर्प बनकर यहां गिरे थे एवं द्वापर युग के अंतिम समय में वनवासी पांडवों में श्रेष्ठ युधिष्ठिर के दर्शन से उन्हें मोक्ष मिला था। उस समय ये जंगल ही था। धीरे धीरे आबादी बसती चली गई और नाम " अजगर से अजगरा" पड़ गया l
कथाओं के अनुसार अब आगे का विस्तृत वर्णन......
बहुत प्राचीन समय में यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था। चारों ओर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष, झाड़ियाँ और प्राकृतिक जलस्रोत थे। उस समय यह स्थान साधु-संतों और ऋषि-मुनियों की तपोभूमि माना जाता था। जंगल के बीच एक विशाल और अत्यंत प्राचीन वृक्ष खड़ा था। उसकी जड़ें इतनी फैली हुई थीं कि दूर से देखने पर ऐसा लगता था मानो कोई विशाल अजगर जमीन पर फैला हुआ हो। उसी वृक्ष के नीचे एक गहरा और स्वच्छ जलकुंड भी था, जिसका पानी हमेशा भरा रहता था।
लोककथाओं के अनुसार, जब Yudhishthira अपने भाइयों Bhima, Arjuna, Nakula और Sahadeva के साथ वनवास के समय इस क्षेत्र से होकर गुजर रहे थे, तब वे इस जंगल में पहुँचे। लंबे सफर और भीषण गर्मी के कारण सभी को तीव्र प्यास लगी थी। तभी उन्हें उस विशाल वृक्ष के नीचे एक जलकुंड दिखाई दिया।
सबसे पहले नकुल उस कुंड की ओर पानी पीने के लिए बढ़े। तभी एक अदृश्य आवाज़ सुनाई दी — “हे वीर! इस जल को पीने से पहले मेरे प्रश्नों का उत्तर दो, अन्यथा तुम संकट में पड़ जाओगे।”
लेकिन प्यास से व्याकुल नकुल ने उस चेतावनी की परवाह नहीं की और पानी पी लिया। जैसे ही उन्होंने पानी पिया, वे तुरंत मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े।
इसके बाद सहदेव, फिर अर्जुन और अंत में भीम भी वहाँ पहुँचे। उन्होंने भी वही चेतावनी सुनी, लेकिन अपने भाइयों को अचेत देखकर वे घबरा गए और बिना उत्तर दिए पानी पी लिया। परिणामस्वरूप वे भी मूर्छित होकर गिर पड़े।
कुछ समय बाद जब Yudhishthira वहाँ पहुँचे तो उन्होंने अपने चारों भाइयों को भूमि पर अचेत अवस्था में देखा। वे बहुत दुखी हुए। तभी वही दिव्य आवाज़ फिर गूँजी। वह एक यक्ष की आवाज़ थी, जिसने युधिष्ठिर को बताया कि यह जलकुंड उसके अधिकार में है और बिना अनुमति पानी पीने के कारण उनके भाई मूर्छित हो गए हैं।
यक्ष ने युधिष्ठिर से कई गूढ़ और दार्शनिक प्रश्न पूछे — धर्म, जीवन, सत्य और मानवता से जुड़े प्रश्न। युधिष्ठिर ने अत्यंत धैर्य और बुद्धिमत्ता से उन सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। उनके उत्तरों से प्रसन्न होकर यक्ष ने उन्हें वरदान दिया और उनके सभी भाइयों को पुनः जीवन प्रदान कर दिया।
दूसरे कथक के अनुसार जिस वृक्ष के नीचे यह घटना हुई थी, उसकी जड़ें और उसका आकार इतना विशाल था कि लोग उसे “अजगर जैसा वृक्ष” कहते थे। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि उस क्षेत्र में वास्तव में एक बहुत बड़ा अजगर रहता था, जो उस जलकुंड और जंगल का रक्षक माना जाता था।
इसी कारण लोगों ने उस स्थान को “अजगर वाला स्थान” कहना शुरू कर दिया। समय के साथ-साथ यह शब्द बदलकर “अजगरा” बन गया। यही नाम धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र की पहचान बन गया।
समय बीतता गया, जंगल धीरे-धीरे कम होते गए और वहाँ बस्ती बसने लगी। लेकिन उस स्थान की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता लोगों की स्मृतियों में बनी रही। बाद में जब इस क्षेत्र में खुदाई और खोजबीन हुई तो यहाँ से कई प्राचीन अवशेष प्राप्त हुए। इनमें पत्थर की मूर्तियाँ, मिट्टी के बर्तन, प्राचीन सिक्के और ब्राह्मी लिपि के शिलालेख शामिल हैं।
इन अवशेषों से इतिहासकारों ने यह निष्कर्ष निकाला कि यह क्षेत्र बहुत प्राचीन सभ्यता का केंद्र रहा होगा। कुछ विद्वानों के अनुसार यहाँ दूसरी या तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के अवशेष भी मिले हैं, जो इस स्थान की ऐतिहासिक महत्ता को और मजबूत करते हैं।
आज भी अजगरा में कई प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद हैं। यहाँ अजगरा बाबा की प्राचीन प्रतिमा और पंचमुखी विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित है, जिन्हें स्थानीय लोग अत्यंत श्रद्धा से पूजते हैं। समय-समय पर यहाँ धार्मिक आयोजन और मेले भी लगते हैं, जिनमें दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
इस प्रकार अजगरा का नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि पौराणिक कथा, ऐतिहासिक प्रमाण और लोकविश्वास का संगम है। पांडवों की कथा, यक्ष के प्रश्न, विशाल वृक्ष और अजगर की लोकमान्यता—इन सभी ने मिलकर इस स्थान को एक विशिष्ट पहचान दी है।
आज भी जब लोग प्रतापगढ़ के इस क्षेत्र का नाम लेते हैं, तो उनके मन में उस प्राचीन कथा और इस ऐतिहासिक भूमि की छवि जीवित हो उठती है। इसलिए अजगरा केवल एक भूगोल नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और संस्कृति की जीवंत विरासत है।
    user_Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Corresspondant Amethi, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • हर्ष फायरिंग के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला थाना भाले सुल्तान शहीद स्मारक क्षेत्र के रानीगंज कस्बे से सामने आया है, जहां खुशी के माहौल में युवाओं ने कानून को ताक पर रखकर फायरिंग कर डाली। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ युवाओं ने उत्साह में आकर हर्ष फायरिंग की, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक खुलेआम फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। ऐसे मामलों को लेकर पहले भी प्रशासन की सख्ती की बात कही जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद युवाओं में हर्ष फायरिंग का जुनून कम होता नहीं दिख रहा है
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    हर्ष फायरिंग के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला थाना भाले सुल्तान शहीद स्मारक क्षेत्र के रानीगंज कस्बे से सामने आया है, जहां खुशी के माहौल में युवाओं ने कानून को ताक पर रखकर फायरिंग कर डाली।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ युवाओं ने उत्साह में आकर हर्ष फायरिंग की, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक खुलेआम फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। ऐसे मामलों को लेकर पहले भी प्रशासन की सख्ती की बात कही जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद युवाओं में हर्ष फायरिंग का जुनून कम होता नहीं दिख रहा है
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • होली मिलन समारोह में शामिल हुए विधायक अनिल सिंह** #उन्नाव खबरें उत्तर प्रदेश की khabrein Uttar Pradesh ki
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    होली मिलन समारोह में शामिल हुए विधायक अनिल सिंह** #उन्नाव 
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    user_KHABREIN UTTAR PRADESH KI
    KHABREIN UTTAR PRADESH KI
    Newspaper publisher Sultanpur, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
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