कूट रचित 9 लाख के बैंक ड्राफ्ट मामले में अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी, पीड़ित ने उठाए सवाल कूट रचित 9 लाख के बैंक ड्राफ्ट मामले में अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी, पीड़ित ने उठाए सवाल प्रयागराज। जनपद के घूरपुर थाना क्षेत्र में 9 लाख रुपये के कथित कूट रचित बैंक ड्राफ्ट मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला दर्ज हुए करीब डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित पक्ष में आक्रोश है। पीड़ित ने इस संबंध में डीसीपी यमुनानगर को शिकायती पत्र देकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। जानकारी के अनुसार, घूरपुर थाना क्षेत्र के इरादतगंज गांव निवासी शिव नारायण यादव ने 2 मार्च को तीन नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि गिरीश कुमार सिंह, चन्द्रभान सिंह उर्फ डॉक्टर और शिलवन्त यादव ने मिलकर 9 लाख रुपये का फर्जी बैंक ड्राफ्ट देकर उन्हें ठग लिया। जब पीड़ित ने उक्त ड्राफ्ट को अपने बैंक खाते में जमा करने का प्रयास किया, तो बैंक कर्मियों ने जांच के बाद उसे यह कहते हुए लौटा दिया कि संबंधित खाते को पहले ही बंद किया जा चुका है। पीड़ित जब इस मामले की पुष्टि के लिए संबंधित बैंक शाखा पहुंचा, तो बैंक प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि यह बैंक ड्राफ्ट पूरी तरह कूट रचित है। बताया गया कि ड्राफ्ट को कंप्यूटर के माध्यम से फर्जी तरीके से तैयार किया गया है और इसका किसी वास्तविक बैंकिंग रिकॉर्ड से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने तत्काल घूरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले में पुलिस द्वारा जांच और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है और संभवतः आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कारण उन्होंने डीसीपी यमुनानगर को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इस तरह की धोखाधड़ी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पीड़ित न्याय की उम्मीद में प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहा है, जबकि पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब अभी मिलना बाकी है।
कूट रचित 9 लाख के बैंक ड्राफ्ट मामले में अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी, पीड़ित ने उठाए सवाल कूट रचित 9 लाख के बैंक ड्राफ्ट मामले में अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी, पीड़ित ने उठाए सवाल प्रयागराज। जनपद के घूरपुर थाना क्षेत्र में 9 लाख रुपये के कथित कूट रचित बैंक ड्राफ्ट मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला दर्ज हुए करीब डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित पक्ष में आक्रोश है। पीड़ित ने इस संबंध में डीसीपी यमुनानगर को शिकायती पत्र देकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। जानकारी के अनुसार, घूरपुर थाना क्षेत्र के इरादतगंज गांव निवासी शिव नारायण यादव ने 2 मार्च को तीन नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि गिरीश कुमार सिंह, चन्द्रभान सिंह उर्फ डॉक्टर और शिलवन्त यादव ने मिलकर 9 लाख रुपये का फर्जी बैंक ड्राफ्ट देकर उन्हें ठग लिया। जब पीड़ित ने उक्त ड्राफ्ट को अपने बैंक खाते में जमा करने का प्रयास किया, तो बैंक कर्मियों ने जांच के बाद उसे यह कहते हुए लौटा दिया कि संबंधित खाते को पहले ही बंद किया जा चुका है। पीड़ित जब इस मामले की पुष्टि के लिए संबंधित बैंक शाखा पहुंचा, तो बैंक प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि यह बैंक ड्राफ्ट पूरी तरह कूट रचित है। बताया गया कि ड्राफ्ट
को कंप्यूटर के माध्यम से फर्जी तरीके से तैयार किया गया है और इसका किसी वास्तविक बैंकिंग रिकॉर्ड से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने तत्काल घूरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले में पुलिस द्वारा जांच और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है और संभवतः आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कारण उन्होंने डीसीपी यमुनानगर को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इस तरह की धोखाधड़ी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पीड़ित न्याय की उम्मीद में प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहा है, जबकि पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब अभी मिलना बाकी है।
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- कौशांबी। जनपद के सिराथू तहसील क्षेत्र में अवैध खुदाई का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंझनपुर थाना क्षेत्र की नारा चौकी अंतर्गत नारा–मंझनपुर रोड पर जेसीबी मशीनों से दिन-रात मिट्टी की अवैध खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि खुदाई का यह कार्य बिना किसी अनुमति के किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि जेसीबी चालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह अवैध खनन और तेजी से बढ़ सकता है। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- पत्रकारों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा पत्रकार एकता जिंदाबाद, पत्रकार एकता जिंदाबाद।1
- Post by Priya sinha1
- Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार1
- कूट रचित 9 लाख के बैंक ड्राफ्ट मामले में अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी, पीड़ित ने उठाए सवाल प्रयागराज। जनपद के घूरपुर थाना क्षेत्र में 9 लाख रुपये के कथित कूट रचित बैंक ड्राफ्ट मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला दर्ज हुए करीब डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित पक्ष में आक्रोश है। पीड़ित ने इस संबंध में डीसीपी यमुनानगर को शिकायती पत्र देकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। जानकारी के अनुसार, घूरपुर थाना क्षेत्र के इरादतगंज गांव निवासी शिव नारायण यादव ने 2 मार्च को तीन नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि गिरीश कुमार सिंह, चन्द्रभान सिंह उर्फ डॉक्टर और शिलवन्त यादव ने मिलकर 9 लाख रुपये का फर्जी बैंक ड्राफ्ट देकर उन्हें ठग लिया। जब पीड़ित ने उक्त ड्राफ्ट को अपने बैंक खाते में जमा करने का प्रयास किया, तो बैंक कर्मियों ने जांच के बाद उसे यह कहते हुए लौटा दिया कि संबंधित खाते को पहले ही बंद किया जा चुका है। पीड़ित जब इस मामले की पुष्टि के लिए संबंधित बैंक शाखा पहुंचा, तो बैंक प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि यह बैंक ड्राफ्ट पूरी तरह कूट रचित है। बताया गया कि ड्राफ्ट को कंप्यूटर के माध्यम से फर्जी तरीके से तैयार किया गया है और इसका किसी वास्तविक बैंकिंग रिकॉर्ड से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने तत्काल घूरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले में पुलिस द्वारा जांच और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है और संभवतः आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कारण उन्होंने डीसीपी यमुनानगर को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इस तरह की धोखाधड़ी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पीड़ित न्याय की उम्मीद में प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहा है, जबकि पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब अभी मिलना बाकी है।2
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1