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हमीरपुर के बिंवार थाना क्षेत्र में एक गांव निवासी युवक ने पुलिस क्षेत्राधिकारी से शिकायत की है कि उसकी पत्नी अपने तीन छोटे बच्चों – जिनकी उम्र तीन, पांच और आठ वर्ष है – को छोड़कर घर में रखे जेवरात और पचास हजार रुपये लेकर गांव के ही एक व्यक्ति के साथ भाग गई है। इस घटना के बाद पीड़ित युवक अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर दर-दर भटक रहा है। युवक ने बताया कि उसने पहले बिंवार पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद युवक ने पुलिस क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय से संपर्क साधा, जिन्होंने पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
संतोष कुमार चक्रवर्ती
हमीरपुर के बिंवार थाना क्षेत्र में एक गांव निवासी युवक ने पुलिस क्षेत्राधिकारी से शिकायत की है कि उसकी पत्नी अपने तीन छोटे बच्चों – जिनकी उम्र तीन, पांच और आठ वर्ष है – को छोड़कर घर में रखे जेवरात और पचास हजार रुपये लेकर गांव के ही एक व्यक्ति के साथ भाग गई है। इस घटना के बाद पीड़ित युवक अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर दर-दर भटक रहा है। युवक ने बताया कि उसने पहले बिंवार पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद युवक ने पुलिस क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय से संपर्क साधा, जिन्होंने पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
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- हमीरपुर जिले के मौदहा क्षेत्र में सिसोलर थानांतर्गत ग्राम चाँदीकला के निवासी प्रदीप पुत्र राममिलन ने मौदहा क्षेत्राधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने गांव के ही विशाल उर्फ बच्चा पुत्र स्व. शिवराम, श्रीमती प्रेमा, मोहित, मुल्लू और कुछ अन्य लोगों पर उनके घर में घुसकर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदीप के बयान के अनुसार, यह घटना 23 जून की रात करीब 11 बजे की है, जब कथित आरोपी उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि उनके हाथों में लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी भी थी। जब प्रदीप, उनके पिता राममिलन और परिवार के अन्य सदस्यों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। प्रदीप का कहना है कि उन्होंने इस घटना की सूचना तुरंत सिसोलर थाना पुलिस को दी थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और न ही घायल परिजनों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। पुलिस की कथित निष्क्रियता से आहत होकर, पीड़ित प्रदीप ने अब मौदहा क्षेत्राधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा नगर में देर रात अज्ञात कारणों से एक पशु बाड़े में भीषण आग लग गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 9 बकरियां जलकर राख हो गईं। आग के कारण भूसा, गेहूं समेत ₹1 लाख से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया, जिससे लाखों रुपए का कुल नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के प्रयासों में हल्की बारिश ने भी मदद की। फिलहाल, राजस्व विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।1
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र स्थित कस्बा रुरा में एक कोल्ड स्टोरेज के पास अवैध मिट्टी खनन में लिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया है। नायाब तहसीलदार रविन्द्र मिश्रा और थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने पुलिस बल के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाना परिसर में खड़ा करवा दिया गया है। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि वाहन को सीज कर रुरा थाना परिसर में रखा गया है। राजस्व विभाग और पुलिस टीम की इस संयुक्त कार्रवाई में कोल्ड स्टोरेज के पास से अवैध खनन में शामिल इस ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया।1
- लखनऊ में हुई घटना के बाद जालौन में एक बड़ी कार्रवाई की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के सजेती थाना क्षेत्र स्थित किरार गाँव के पास चल रहे रेलवे ट्रैक और पुल निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधीन कार्यरत एक 16 वर्षीय किशोर श्रमिक की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान 16 वर्षीय जमाल हक, पुत्र नजमुल हक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के शमशेरगंज के वार्ड नंबर 02 का निवासी था। जमाल अपने गाँव के 4-5 साथियों के साथ इस रेलवे निर्माण कार्य में लगा हुआ था। किरार गाँव के पास पुल पर काम करते समय वह अचानक अनियंत्रित होकर ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद उसके साथ काम कर रहे कर्मचारी और ग्रामीण उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर सजेती थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी जाँच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि युवक की मौत के सटीक कारणों और हादसे की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। इस घटना के बाद मृतक के साथियों और गाँव में कोहराम मच गया है।2
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद, हमीरपुर प्रशासन ने जिले के कोचिंग सेंटरों पर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कड़ी में, एक संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटरों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना था। इस निरीक्षण अभियान में DIOS महेश गुप्ता, SDM अभिषेक कुमार, CFO रेहान और CO सदर सहित कई अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान, सुरक्षा मानकों को पूरा न करने पर 'नई पहल डिजिटल लाइब्रेरी' को सीज कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई की खबर मिलते ही जिले के कई अन्य कोचिंग सेंटरों में हड़कंप मच गया। कई संचालकों ने अपने संस्थान बंद कर दिए और मौके से गायब हो गए। जिला मुख्यालय के कोचिंग सेंटरों की जांच अभी भी जारी है, और ऐसी संभावना है कि अन्य संस्थानों पर भी कड़ी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।1
- सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है, जो उरई कोतवाली के कंट्रोल रूम से जुड़ा बताया जा रहा है। इस वीडियो में ड्यूटी के दौरान कंट्रोल रूम में एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी के दिखाई देने का दावा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस अधीक्षक के संज्ञान के बाद संबंधित मुंशी/सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, जबकि महिला सिपाही के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग अब वायरल वीडियो की सत्यता और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच में जुट गया है। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे कि क्या कंट्रोल रूम जैसे संवेदनशील स्थान में अनुशासन का उल्लंघन हुआ है, क्या यह वीडियो पूरी तरह वास्तविक है या इसके पीछे कोई और सच्चाई है, और क्या जांच के बाद और भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, यह खबर वायरल वीडियो और सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है, और वीडियो की प्रामाणिकता तथा पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। संबंधित अधिकारियों का विस्तृत बयान अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है और शुरू ऐप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।1