सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है, जो उरई कोतवाली के कंट्रोल रूम से जुड़ा बताया जा रहा है। इस वीडियो में ड्यूटी के दौरान कंट्रोल रूम में एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी के दिखाई देने का दावा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस अधीक्षक के संज्ञान के बाद संबंधित मुंशी/सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, जबकि महिला सिपाही के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग अब वायरल वीडियो की सत्यता और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच में जुट गया है। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे कि क्या कंट्रोल रूम जैसे संवेदनशील स्थान में अनुशासन का उल्लंघन हुआ है, क्या यह वीडियो पूरी तरह वास्तविक है या इसके पीछे कोई और सच्चाई है, और क्या जांच के बाद और भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, यह खबर वायरल वीडियो और सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है, और वीडियो की प्रामाणिकता तथा पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। संबंधित अधिकारियों का विस्तृत बयान अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है और शुरू ऐप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है, जो उरई कोतवाली के कंट्रोल रूम से जुड़ा बताया जा रहा है। इस वीडियो में ड्यूटी के दौरान कंट्रोल रूम में एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी के दिखाई देने का दावा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस अधीक्षक के संज्ञान के बाद संबंधित मुंशी/सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, जबकि महिला सिपाही के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग अब वायरल वीडियो की सत्यता और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच में जुट गया है। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे कि क्या कंट्रोल रूम जैसे संवेदनशील स्थान में अनुशासन का उल्लंघन हुआ है, क्या यह वीडियो पूरी तरह वास्तविक है या इसके पीछे कोई और सच्चाई है, और क्या जांच के बाद और भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, यह खबर वायरल वीडियो और सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है, और वीडियो की प्रामाणिकता तथा पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। संबंधित अधिकारियों का विस्तृत बयान अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है और शुरू ऐप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
- राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के मद्देनज़र, प्रदेश भर में बेसमेंट और बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी है। इसी क्रम में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में तहसीलवार पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है, और जांच में यह देखा जा रहा है कि कहां पर संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहां पर फायर सेफ्टी के इंतज़ाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। जहां बचाव के पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली, वहां के संस्थानों को सील किया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को जनपद के एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच में ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा जब तक सभी अवैध और असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे उन इमारतों में जाएं, जहां सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और अग्निशमन प्रबंध मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान मिशन मोड पर चलाया जा रहा है।1
- जालौन जिले के कड़ौरा थाना क्षेत्र के मनराललपुर गांव में एक घर के बगल में जानबूझकर आग लगाए जाने का मामला सामने आया है। गोलाउली पोस्ट के अंतर्गत आने वाले इस गांव में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह आग इरादतन लगाई गई है।1
- एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया, जिसके तहत उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का दौरा किया। इस दौरान, महोदया ने अभिलेखों, कार्यालयी कार्यप्रणाली और जनशिकायतों के निस्तारण संबंधी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अपराध शाखा, महिला सहायता प्रकोष्ठ, सीसीटीएनएस शाखा, शिकायत प्रकोष्ठ, विशेष जांच प्रकोष्ठ सहित अन्य कार्यालयी शाखाओं के कार्यों की समीक्षा की। इस निरीक्षण में, एडीजी जोन ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं अद्यतन रख-रखाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही, लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और जनसामान्य से प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान पर विशेष बल दिया गया। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, निरीक्षण में कार्यालय परिसर की स्वच्छता, अभिलेखों के रख-रखाव, तकनीकी संसाधनों के उपयोग और कार्यालयी कार्यों की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया गया। महोदया ने कार्यालय में संचालित विभिन्न तकनीकी नवाचारों और जनहितकारी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त कर उनकी सराहना की और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश भी प्रदान किए।1
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के अंतापुर गांव में बुधवार सुबह एक 52 वर्षीय महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जिसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, अंतापुर गांव निवासी ब्रजमोहन सिंह चौहान की पत्नी शशि देवी ने बुधवार सुबह करीब आठ बजे अपने घर की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में छत के कुंडे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। काफी देर तक कमरे से बाहर न निकलने पर परिवार के सदस्यों को संदेह हुआ, और जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो शशि देवी फंदे से लटकी मिलीं। इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतका की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, उनके पुत्र बृजेंद्र सिंह और पुत्री अन्नू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। सूचना पर मौके पर पहुंची डेरापुर पुलिस ने स्थल का निरीक्षण किया। उपनिरीक्षक राम कृपाल सिंह ने आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू करते हुए पंचायतनामा की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा श्रद्धा और अकीदत के साथ एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और लगातार 'या हुसैन' के नारे लगाए। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया। अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' और 'या अली' के नारे लगाते हुए कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान नौहाखानी और मजलिस का भी आयोजन किया गया, जिसमें उलेमाओं ने इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके बताए हुए न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह सहित पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। शिया समुदाय के लोगों ने बताया कि मोहर्रम का यह संदेश इंसानियत, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और अंत में देश व समाज में अमन-चैन तथा खुशहाली के लिए दुआ की गई।4
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह एक युवक का शव सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो अपने परिवार से अलग रहता था और मजदूरी कर अपने तीन बच्चों, 10 वर्षीय नभया, 8 वर्षीय अंकुश और 6 वर्षीय अनुराग का भरण-पोषण करता था। मृतक के बड़े भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी सोनी दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ भाग गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे उसके पिता संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब वे देर रात तक वापस नहीं आए, तो नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब हवासपुर के लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तो सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव देखकर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जहां मृतक की पुत्री नभया ने अपने पिता भरत की पहचान की। पहचान होते ही मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मन, जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के बड़े भाई अमरलाल की सूचना पर, एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष मंगलपुर महेश दुबे ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।1
- कानपुर जोन, कानपुर में आयोजित 28वीं अन्तर जनपदीय पुलिस वॉलीबॉल क्लस्टर प्रतियोगिता वर्ष-2026 का समापन एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता के वॉलीबॉल पुरुष फाइनल मैच में जनपद कानपुर देहात ने जनपद झांसी को 3-0 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा किया। समापन समारोह के दौरान, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विजेता और उपविजेता टीम के सदस्यों को पुरस्कृत कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं न केवल शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होती हैं, बल्कि पुलिस बल में आपसी समन्वय, टीम भावना एवं अनुशासन को भी सुदृढ़ करती हैं। कार्यक्रम के अंत में, अपर पुलिस महानिदेशक ने प्रतिभाग करने वाली टीमों का उत्साहवर्धन किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित भी किया।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह करीब 8 बजे एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। उसके भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी करीब दो साल पहले गांव के ही एक अन्य युवक के साथ चली गई थी। भरत की सबसे बड़ी बेटी, 10 वर्षीय नभया ने बताया कि उसके पिता मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, मगर कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में युवक का शव पड़ा देखा। शव मिलने की सूचना पर मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। नभया भी वहां पहुंची और शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने पर मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पाकर एसएसआई कमलेश कुमार पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया। थाना अध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल चोरी का मामला सामने आया है। ठकुरान गडेवा, रूरा निवासी अनस मंसूरी पुत्र यूनुस मंसूरी ने 21 जून 2026 को अपनी 2014 मॉडल बजाज CT 100 (UP 77 X 4567) मोटरसाइकिल सिकंदरा रोड संदलपुर रोड स्थित दीपू एजेंसी के सामने एस कॉम मोबाइल की दुकान के पास खड़ी की थी। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी मोटरसाइकिल बाहर खड़ा कर किसी काम से दुकान के अंदर गए थे, लेकिन कुछ समय बाद वापस लौटने पर उन्हें अपनी मोटरसाइकिल वहां नहीं मिली। अनस मंसूरी ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने थाना सिकंदरा में लिखित तहरीर देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर उनकी चोरी हुई मोटरसाइकिल बरामद करने का अनुरोध किया है। वहीं, पुलिस ने तहरीर प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।4