कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह करीब 8 बजे एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। उसके भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी करीब दो साल पहले गांव के ही एक अन्य युवक के साथ चली गई थी। भरत की सबसे बड़ी बेटी, 10 वर्षीय नभया ने बताया कि उसके पिता मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, मगर कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में युवक का शव पड़ा देखा। शव मिलने की सूचना पर मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। नभया भी वहां पहुंची और शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने पर मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पाकर एसएसआई कमलेश कुमार पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया। थाना अध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह करीब 8 बजे एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। उसके भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी करीब दो साल पहले गांव के ही एक अन्य युवक के साथ चली गई थी। भरत की सबसे बड़ी बेटी, 10 वर्षीय नभया ने बताया कि उसके पिता मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, मगर कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में युवक का शव पड़ा देखा। शव मिलने की सूचना पर मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। नभया भी वहां पहुंची और शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने पर मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पाकर एसएसआई कमलेश कुमार पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया। थाना अध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा श्रद्धा और अकीदत के साथ एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और लगातार 'या हुसैन' के नारे लगाए। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया। अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' और 'या अली' के नारे लगाते हुए कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान नौहाखानी और मजलिस का भी आयोजन किया गया, जिसमें उलेमाओं ने इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके बताए हुए न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह सहित पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। शिया समुदाय के लोगों ने बताया कि मोहर्रम का यह संदेश इंसानियत, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और अंत में देश व समाज में अमन-चैन तथा खुशहाली के लिए दुआ की गई।4
- औरैया के बिधूना क्षेत्र के बंथरा गांव निवासी 55 वर्षीय राज नारायण दुबे ने अपनी बहन सुमन देवी को अपना घर और जमीन दान कर दी, जिसके बाद उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे और भाभी बिट्टी देवी सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों ने उन्हें, उनकी बहन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी को झूठे आपराधिक मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने या जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया है। राज नारायण दुबे ने बताया कि उनके कोई संतान नहीं है, और उनकी देखरेख उनकी बहन सुमन देवी और भांजा राम दत्त त्रिवेदी, जो क्योंटरा, औरैया के निवासी हैं, करते आ रहे हैं। इसी कारण उन्होंने होशोहवास में और अपनी स्वेच्छा से यह संपत्ति अपनी बहन के नाम की है। पीड़ित राज नारायण ने जानकारी दी कि 24 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे जब वह अपनी बहन के साथ घर पर थे, तब धर्मेंद्र नारायण और उनकी पत्नी बिट्टी देवी ने उन्हें और सुमन देवी को देखकर भद्दी-भद्दी गालियां दीं। जब राज नारायण ने बताया कि सुमन देवी और उनका परिवार ही उनकी शुरुआत से देखरेख करता आया है, इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति उन्हें दी है, तो इस बात पर दोनों पति-पत्नी ने उन पर और उनकी बहन पर मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह वे दोनों घर के अंदर भाग गए और अपने भांजे को फोन पर घटना की सूचना दी। इस घटना के बाद, पीड़ित राज नारायण दुबे ने अपने भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ मिलकर उसी दिन 24 जून 2026 की रात करीब 10 बजे बिधूना थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी। उन्होंने सभी विपक्षीगणों, जिनमें उनके भाई धर्मेंद्र नारायण दुबे, भाभी बिट्टी देवी, संदीप दुबे और श्याम बाबू दुबे (रानेपुर कंचोसी, कानपुर देहात) शामिल हैं, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने और अपनी, अपनी बहन सुमन देवी और भांजे राम दत्त त्रिवेदी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राज नारायण दुबे ने अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा है कि उन्हें डर है कि उनके मकान और जमीन के लालच में आकर विपक्षीगण उनके, उनकी बहन या भांजे के खिलाफ कोई झूठा आपराधिक मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा सकते हैं या उनकी हत्या करवा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके या उनकी बहन सुमन और भांजे राम दत्त त्रिवेदी के साथ कोई भी आकस्मिक घटना होती है, तो इसके लिए विपक्षीगण ही जिम्मेदार होंगे।1
- कल्याणपुर क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों के लिए जीवन को बेहद मुश्किल बना दिया है। एक आवासीय परिसर के बाहर कई दिनों से गंदा पानी जमा है, जिसके कारण सड़कें पूरी तरह से तालाब में बदल गई हैं और वाहन पानी में डूबकर निकलने को मजबूर हैं। इस विकट स्थिति के चलते मच्छरों और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या के लिए सीवर व्यवस्था की बदहाली, नगर निगम की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं, यह मांग करते हुए कि इस समस्या का समाधान आखिर कब मिलेगा।1
- जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर प्रशासन ने बुधवार शाम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित संस्थानों और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उन संस्थानों पर केंद्रित थी जो अवैध रूप से चल रहे थे या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। इस अभियान के तहत विशेष रूप से कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और होटलों को निशाना बनाया गया। सदर उपजिलाधिकारी अजय आनन्द वर्मा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान प्रशासन ने कुल पांच प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। प्रशासन ने यह भी जानकारी दी है कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- औरैया जिले में भारतीय जनता पार्टी की बिधूना मंडल इकाई ने शक्ति केंद्र रठगांव, मसूदपुर और कुदरकोट में टिफिन बैठकों का आयोजन किया। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर विस्तार से चर्चा की गई, जहाँ कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के अपार समर्थन से प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी। इन बैठकों में मंडल प्रभारी अमरचंद्र राठौर, मंडल अध्यक्ष संदीप शाक्य, महामंत्री धीरेंद्र शुक्ला और उपाध्यक्ष सिधांशु राजावत सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे, जिनका शक्ति केंद्र संयोजकों और प्रभारियों ने स्वागत किया। बैठकों के दौरान, मंडल पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा सरकार सुशासन, सुरक्षा, विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है, और इन्हीं प्रयासों से देश सुरक्षा, सम्मान तथा विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर शक्ति केंद्र पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ 2027 के चुनावों की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे घर-घर जाकर केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचाएँ, ताकि प्रदेश में पुनः पूर्ण बहुमत की सरकार बन सके। नेताओं ने दृढ़ विश्वास जताया कि 2027 में भाजपा प्रदेश में फिर सरकार बनाएगी, और साथ ही सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने बूथों पर पार्टी संगठन को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल चोरी का मामला सामने आया है। ठकुरान गडेवा, रूरा निवासी अनस मंसूरी पुत्र यूनुस मंसूरी ने 21 जून 2026 को अपनी 2014 मॉडल बजाज CT 100 (UP 77 X 4567) मोटरसाइकिल सिकंदरा रोड संदलपुर रोड स्थित दीपू एजेंसी के सामने एस कॉम मोबाइल की दुकान के पास खड़ी की थी। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी मोटरसाइकिल बाहर खड़ा कर किसी काम से दुकान के अंदर गए थे, लेकिन कुछ समय बाद वापस लौटने पर उन्हें अपनी मोटरसाइकिल वहां नहीं मिली। अनस मंसूरी ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने थाना सिकंदरा में लिखित तहरीर देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर उनकी चोरी हुई मोटरसाइकिल बरामद करने का अनुरोध किया है। वहीं, पुलिस ने तहरीर प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।4
- बांदा जनपद के अतर्रा कस्बे में एक दुकान से लैपटॉप, फिंगरप्रिंट डिवाइस और अन्य सामान की चोरी का मामला अतर्रा थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से चोरी का सारा सामान भी बरामद कर लिया है। क्षेत्राधिकारी अतर्रा प्रतिज्ञा सिंह ने एक वीडियो बाइट में बताया कि अतर्रा कस्बे में हुई इस चोरी की घटना के खुलासे के लिए अतर्रा थाना पुलिस ने साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपी ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी किया गया लैपटॉप, फिंगरप्रिंट डिवाइस और अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। बांदा पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- औरैया स्थित हजरत बाबा शाह जमाल शाह की मखदूम पाक दरगाह पर मोहर्रम की चांद की 9वीं तारीख के अवसर पर ‘हुसैनी लंगर, मोहब्बत का पैगाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दरगाह के खादिमों ने पूरी रात लंगर तैयार किया, जिसे सुबह श्रद्धालुओं और जायरीन के बीच तबर्रुक के रूप में वितरित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना है। लंगर वितरण के माध्यम से आपसी भाईचारे, प्रेम और इंसानियत का संदेश दिया जाएगा। यह आयोजन कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है और हर साल बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होकर तबर्रुक प्राप्त करते हैं। अयूब वारसी ने जानकारी देते हुए बताया कि हुसैनी लंगर मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम है, और यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें हजारों लोग हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए लंगर का तबर्रुक प्राप्त करते हैं। इस आयोजन में अयूब वारसी, जाहिद अख्तर, जमील वारसी, चंदू वारसी, जॉब वारसी, अमन वारसी, मुन्ना वारसी, सोयल, अल्तमश, कबीर, आकाश, फैजान, आफताब, आरिफ, फरान, रिहान वारसी, फैजान सिद्दीकी, अन्नू और शाहिद अख्तर सहित मुस्लिम समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी 60 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बटेश्वर, अपनी 8 वर्षीय नातिन लबली को साइकिल पर बिठाकर झींझक-सिकंदरा रोड से घर जा रहे थे। जब वे सुरासी गांव के पास पहुँचे, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक बाइक सवार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। इस टक्कर से बटेश्वर और उनकी नातिन लबली सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए झींझक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1