Shuru
Apke Nagar Ki App…
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी 60 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बटेश्वर, अपनी 8 वर्षीय नातिन लबली को साइकिल पर बिठाकर झींझक-सिकंदरा रोड से घर जा रहे थे। जब वे सुरासी गांव के पास पहुँचे, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक बाइक सवार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। इस टक्कर से बटेश्वर और उनकी नातिन लबली सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए झींझक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुमार पंकज
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी 60 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बटेश्वर, अपनी 8 वर्षीय नातिन लबली को साइकिल पर बिठाकर झींझक-सिकंदरा रोड से घर जा रहे थे। जब वे सुरासी गांव के पास पहुँचे, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक बाइक सवार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। इस टक्कर से बटेश्वर और उनकी नातिन लबली सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए झींझक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कानपुर देहात की डेरापुर तहसील में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के खिलाफ अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल गुरुवार को लगातार छठवें दिन भी जारी रही। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक में अधिवक्ताओं ने शासन की इस नई व्यवस्था के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की। अधिवक्ताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से अधिवक्ताओं की भूमिका सीमित हो जाएगी, साथ ही आम नागरिकों को भी तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जोर दिया कि न्यायिक एवं राजस्व संबंधी मामलों में अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी आपत्तियों की अनदेखी कर लागू की गई यह व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीयन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ता संगठनों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, प्रदेश स्तर पर चल रहे इस आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया गया। बैठक में अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार सहित संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, अनिल शुक्ला, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, महेंद्र कुमार पाल और श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, थाना शिवली पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने एक सराहनीय कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक युवक को राहत पहुँचाई है। पुलिस ने युवक के खाते से ठगी गई पूरी धनराशि ₹22,930 सफलतापूर्वक वापस करा दी है। जानकारी के अनुसार, थाना शिवली क्षेत्र के कुरमिन निवादा निवासी जितेंद्र सिंह के मोबाइल फोन को साइबर ठगों ने 8 जून 2026 को हैक कर उनके खाते से ₹22,930 निकाल लिए थे। पीड़ित जितेंद्र सिंह ने उसी दिन साइबर हेल्प डेस्क शिवली में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ, पुलिस महानिरीक्षक कानपुर रेंज श्री यमुना प्रसाद तथा पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रीमती श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय के निर्देशन में, थाना शिवली पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए ठगी गई पूरी धनराशि 25 जून 2026 को पीड़ित के खाते में वापस करा दी। इस कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक अमरेन्द्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अतुल कुमार तथा महिला कांस्टेबल प्रीति सोनकर शामिल रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर वे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित वापस कराया जा सके।2
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के अंतापुर गांव में बुधवार सुबह एक 52 वर्षीय महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जिसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, अंतापुर गांव निवासी ब्रजमोहन सिंह चौहान की पत्नी शशि देवी ने बुधवार सुबह करीब आठ बजे अपने घर की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में छत के कुंडे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। काफी देर तक कमरे से बाहर न निकलने पर परिवार के सदस्यों को संदेह हुआ, और जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो शशि देवी फंदे से लटकी मिलीं। इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतका की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, उनके पुत्र बृजेंद्र सिंह और पुत्री अन्नू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। सूचना पर मौके पर पहुंची डेरापुर पुलिस ने स्थल का निरीक्षण किया। उपनिरीक्षक राम कृपाल सिंह ने आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू करते हुए पंचायतनामा की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह एक युवक का शव सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो अपने परिवार से अलग रहता था और मजदूरी कर अपने तीन बच्चों, 10 वर्षीय नभया, 8 वर्षीय अंकुश और 6 वर्षीय अनुराग का भरण-पोषण करता था। मृतक के बड़े भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी सोनी दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ भाग गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे उसके पिता संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब वे देर रात तक वापस नहीं आए, तो नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब हवासपुर के लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तो सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव देखकर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जहां मृतक की पुत्री नभया ने अपने पिता भरत की पहचान की। पहचान होते ही मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मन, जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के बड़े भाई अमरलाल की सूचना पर, एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष मंगलपुर महेश दुबे ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में एक अनुदेशक चकबन्दी अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय से मारपीट कर मोबाइल छीनने के मामले में दिबियापुर पुलिस ने तीन अभियुक्तों को घटना में प्रयुक्त वाहनों समेत गिरफ्तार किया है। यह घटना 22 जून 2026 को शाम करीब 05:30 बजे रामगढ़-दिबियापुर मार्ग पर गुलरिया गाँव के पास हुई थी, जब अजय कुमार पाण्डेय अपनी मोटरसाइकिल से ककोर मुख्यालय से डाक लेकर बिधूना कार्यालय जा रहे थे। काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने, पीछे से आ रही एक हैरियर कार में सवार दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों की मदद से उन्हें रोककर गाली-गलौज की, और विरोध करने पर डंडों से मारपीट कर उनका 'रियल मी एंड्रायड' मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए थे। इस घटना पर थाना दिबियापुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग मु0अ0स0 236/26 धारा 304(2)/115(2)/352/126(2)/3(5) बीएनएस पंजीकृत किया था। उच्चाधिकारियों द्वारा गठित टीमों के क्रम में, 24 जून 2026 को रात करीब 08:10 बजे संयुक्त पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चैकिंग के दौरान मुखबिर खास की सूचना पर केंजरी नहर पुल के पास से तीन अभियुक्तों— गौरव यादव (पुत्र सुभाष चन्द्र, निवासी नगला महाजीत, थाना सिविल लाइन इटावा, उम्र करीब 22 वर्ष), योगेन्द्र यादव (पुत्र अरुण यादव, निवासी नगला सबल, थाना भरथना इटावा, उम्र करीब 18 वर्ष), और प्रदीप यादव (पुत्र किताब सिंह, निवासी नगला महाजीत, थाना सिविल लाइन इटावा, उम्र करीब 35 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल और टाटा हैरियर कार भी बरामद की है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे इटावा में एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी चलाते हैं। उनकी महिला सहकर्मी, जिसके पति की मृत्यु लगभग 5 वर्ष पूर्व हो चुकी थी, का उसके ससुर (अजय कुमार पाण्डेय) से गुजारा भत्ता को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते महिला सहकर्मी के कहने पर, उन्होंने अजय कुमार पाण्डेय को पीटने और उनका मोबाइल फोन छीनने की योजना बनाई, ताकि वह मौके से किसी को फोन न कर सकें। योजना के अनुसार, उन्होंने 22 जून 2026 को अजय कुमार पाण्डेय के साथ मारपीट कर उनका मोबाइल छीन लिया और मौके से भाग गए थे। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर, उक्त अभियोग में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है, और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है।3
- कानपुर देहात पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना अकबरपुर, थाना भोगनीपुर और एसओजी की एक संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए छह चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है और इस संबंध में तीन शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लगभग नौ लाख रुपये मूल्य के जेवरात, एक लाख अठारह हजार रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, दो देशी तमंचे और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार अपराधियों पर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश अभी भी जारी है। इस सराहनीय कार्रवाई पर डीआईजी ने पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा की है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पाँचवें दिन भी जारी रही। यह हड़ताल ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में की जा रही है, जहाँ अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में बैठक कर शासन की नई प्रणाली के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर आवाज उठाई। वक्ताओं ने इस बैठक में आरोप लगाया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रही है। उनका दावा है कि यह नई व्यवस्था अधिवक्ताओं की भूमिका को सीमित कर देगी और आम नागरिकों को भी विभिन्न तकनीकी तथा व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में अधिवक्ता समाज की एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी आपत्तियों की अनदेखी करके लागू की गई यह व्यवस्था उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीयन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ता संगठनों से बातचीत करके उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस हड़ताल के कारण तहसील परिसर में न्यायिक और राजस्व संबंधी कार्यों पर भी खासा असर देखा जा रहा है, जिससे कई वादकारियों और आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने दोहराया कि यह आंदोलन केवल उनके हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को सुचारु रखने और आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी और श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी 60 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बटेश्वर, अपनी 8 वर्षीय नातिन लबली को साइकिल पर बिठाकर झींझक-सिकंदरा रोड से घर जा रहे थे। जब वे सुरासी गांव के पास पहुँचे, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक बाइक सवार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। इस टक्कर से बटेश्वर और उनकी नातिन लबली सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए झींझक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1