कानपुर देहात की डेरापुर तहसील में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के खिलाफ अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल गुरुवार को लगातार छठवें दिन भी जारी रही। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक में अधिवक्ताओं ने शासन की इस नई व्यवस्था के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की। अधिवक्ताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से अधिवक्ताओं की भूमिका सीमित हो जाएगी, साथ ही आम नागरिकों को भी तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जोर दिया कि न्यायिक एवं राजस्व संबंधी मामलों में अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी आपत्तियों की अनदेखी कर लागू की गई यह व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीयन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ता संगठनों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, प्रदेश स्तर पर चल रहे इस आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया गया। बैठक में अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार सहित संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, अनिल शुक्ला, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, महेंद्र कुमार पाल और श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
कानपुर देहात की डेरापुर तहसील में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के खिलाफ अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल गुरुवार को लगातार छठवें दिन भी जारी रही। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक में अधिवक्ताओं ने शासन की इस नई व्यवस्था के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की। अधिवक्ताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से अधिवक्ताओं की भूमिका सीमित हो जाएगी, साथ ही आम नागरिकों को भी तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जोर दिया कि न्यायिक एवं राजस्व संबंधी मामलों में अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी आपत्तियों की अनदेखी कर लागू की गई यह व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीयन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ता संगठनों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, प्रदेश स्तर पर चल रहे इस आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया गया। बैठक में अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार सहित संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, अनिल शुक्ला, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, महेंद्र कुमार पाल और श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
- कानपुर देहात की डेरापुर तहसील में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के खिलाफ अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल गुरुवार को लगातार छठवें दिन भी जारी रही। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक में अधिवक्ताओं ने शासन की इस नई व्यवस्था के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की। अधिवक्ताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से अधिवक्ताओं की भूमिका सीमित हो जाएगी, साथ ही आम नागरिकों को भी तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जोर दिया कि न्यायिक एवं राजस्व संबंधी मामलों में अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी आपत्तियों की अनदेखी कर लागू की गई यह व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीयन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ता संगठनों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, प्रदेश स्तर पर चल रहे इस आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया गया। बैठक में अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार सहित संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, अनिल शुक्ला, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, महेंद्र कुमार पाल और श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, थाना शिवली पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने एक सराहनीय कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक युवक को राहत पहुँचाई है। पुलिस ने युवक के खाते से ठगी गई पूरी धनराशि ₹22,930 सफलतापूर्वक वापस करा दी है। जानकारी के अनुसार, थाना शिवली क्षेत्र के कुरमिन निवादा निवासी जितेंद्र सिंह के मोबाइल फोन को साइबर ठगों ने 8 जून 2026 को हैक कर उनके खाते से ₹22,930 निकाल लिए थे। पीड़ित जितेंद्र सिंह ने उसी दिन साइबर हेल्प डेस्क शिवली में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ, पुलिस महानिरीक्षक कानपुर रेंज श्री यमुना प्रसाद तथा पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रीमती श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय के निर्देशन में, थाना शिवली पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए ठगी गई पूरी धनराशि 25 जून 2026 को पीड़ित के खाते में वापस करा दी। इस कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक अमरेन्द्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अतुल कुमार तथा महिला कांस्टेबल प्रीति सोनकर शामिल रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर वे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित वापस कराया जा सके।2
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के अंतापुर गांव में बुधवार सुबह एक 52 वर्षीय महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जिसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, अंतापुर गांव निवासी ब्रजमोहन सिंह चौहान की पत्नी शशि देवी ने बुधवार सुबह करीब आठ बजे अपने घर की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में छत के कुंडे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। काफी देर तक कमरे से बाहर न निकलने पर परिवार के सदस्यों को संदेह हुआ, और जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो शशि देवी फंदे से लटकी मिलीं। इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतका की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, उनके पुत्र बृजेंद्र सिंह और पुत्री अन्नू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। सूचना पर मौके पर पहुंची डेरापुर पुलिस ने स्थल का निरीक्षण किया। उपनिरीक्षक राम कृपाल सिंह ने आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू करते हुए पंचायतनामा की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह एक युवक का शव सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो अपने परिवार से अलग रहता था और मजदूरी कर अपने तीन बच्चों, 10 वर्षीय नभया, 8 वर्षीय अंकुश और 6 वर्षीय अनुराग का भरण-पोषण करता था। मृतक के बड़े भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी सोनी दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ भाग गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे उसके पिता संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब वे देर रात तक वापस नहीं आए, तो नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब हवासपुर के लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तो सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव देखकर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जहां मृतक की पुत्री नभया ने अपने पिता भरत की पहचान की। पहचान होते ही मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मन, जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के बड़े भाई अमरलाल की सूचना पर, एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष मंगलपुर महेश दुबे ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।1
- सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बम्हौरी में एक बौद्ध कथा कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका उद्घाटन समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने किया। इस दौरान आयोजकों और ग्रामीणों ने जिलाध्यक्ष का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल बना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने इस बात पर ज़ोर दिया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सद्भावना, भाईचारा और एकता की भावना को मज़बूत करते हैं। उन्होंने बताया कि बौद्ध कथा जैसे कार्यक्रम लोगों को अपने पूर्वजों के इतिहास और उनके संघर्षों से परिचित कराते हैं, जिससे समाज में जागरूकता बढ़ती है और नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ पाती है। गौतम ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से बाबा साहब के बताए शिक्षा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा, “शिक्षित व्यक्ति कभी गरीब नहीं रह सकता, इसलिए अपने बच्चों को अवश्य शिक्षित करें, चाहे इसके लिए एक समय का भोजन ही क्यों न छोड़ना पड़े।” इसके अतिरिक्त, उन्होंने लोगों से सामाजिक और राजनीतिक रूप से जागरूक रहने की अपील करते हुए बताया कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति सजग होना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में मजबूत भागीदारी से ही समाज का वास्तविक विकास संभव है। कार्यक्रम में नन्नू यादव, अजय यादव, मूलचंद पाल, रवि राजपूत, स्नेह लता दोहरे, राम रतन और मनीष कठेरिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजन के समापन पर अतिथियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।2
- औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर बाल श्रम उन्मूलन एवं समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक 11 वर्षीय बालक, अमन कुमार, को बाल श्रम से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से अमन के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी, जिसने बताया कि वह पढ़-लिखकर अपने गांव, परिवार और देश का नाम रोशन करेगा। जानकारी के अनुसार, अमन कुमार पुत्र स्वर्गीय अरविन्द कुमार, जो ग्राम मिश्रीपुर ऊँचा, जनपद औरैया का निवासी है, आर्थिक अभाव के कारण बाल श्रम करने को मजबूर था। जिलाधिकारी बृजेश कुमार को इस मामले की जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अमन कुमार का प्राथमिक विद्यालय गपकापुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा-5 में तुरंत नामांकन कराया। उसे शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए, जिसके तहत अमन को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन-पेंसिल और विद्यालयी ड्रेस जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि उसकी शिक्षा में कोई आर्थिक बाधा न आए। जिलाधिकारी ने अमन के परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी ध्यान दिया और जिला पूर्ति अधिकारी को नियमानुसार राशन कार्ड बनवाकर परिवार को राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी को अमन की मां से आवश्यक प्रपत्र प्राप्त कर विधवा पेंशन दिलाने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान, जब अमन ने जिलाधिकारी को बताया कि उसके पास मोबाइल फोन नहीं है, तो जिलाधिकारी ने तत्काल उसे एक नया मोबाइल उपलब्ध कराया और उसका नंबर अपने फोन में सुरक्षित किया। जिलाधिकारी की इस मानवीय और संवेदनशील पहल की जनपदभर में सराहना हो रही है। बृजेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से किसी भी परिस्थिति में श्रम कराना न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके भविष्य के साथ भी अन्याय है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम करते दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन अथवा संबंधित विभाग को दें, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा एवं विकास के अवसर दिए जा सकें।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह करीब 8 बजे एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। उसके भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी करीब दो साल पहले गांव के ही एक अन्य युवक के साथ चली गई थी। भरत की सबसे बड़ी बेटी, 10 वर्षीय नभया ने बताया कि उसके पिता मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, मगर कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में युवक का शव पड़ा देखा। शव मिलने की सूचना पर मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। नभया भी वहां पहुंची और शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने पर मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पाकर एसएसआई कमलेश कुमार पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया। थाना अध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी 60 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बटेश्वर, अपनी 8 वर्षीय नातिन लबली को साइकिल पर बिठाकर झींझक-सिकंदरा रोड से घर जा रहे थे। जब वे सुरासी गांव के पास पहुँचे, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक बाइक सवार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। इस टक्कर से बटेश्वर और उनकी नातिन लबली सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए झींझक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1