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उत्तर प्रदेश के पाली नगर पंचायत में नाली निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है। महिला मजदूरों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और मारपीट भी की, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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उत्तर प्रदेश के पाली नगर पंचायत में नाली निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है। महिला मजदूरों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और मारपीट भी की, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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- सागर जिले की देवरी थाना पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज 'अपहरण' और फिरौती के मामले का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि एक बेटे ने गांजा तस्करी में हुए नुकसान की भरपाई करने के उद्देश्य से अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रची और अपने पिता से ₹2 लाख की फिरौती मांगने लगा। पुलिस उपमहानिरीक्षक सागर रेंज श्री शशीन्द्र चौहान के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में जिले में अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत देवरी पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। दरअसल, 12 जून 2026 की रात फरियादी राजेश पिता प्रेम जाटव निवासी ग्राम डोंगर सलैया ने देवरी थाना में सूचना दी कि उनका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव 09 जून को मित्र का जन्मदिन मनाने का कहकर घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। इसी बीच, फरियादी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कॉल कर उसके पुत्र का अपहरण करने तथा उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती की मांग की गई, साथ ही रकम नहीं देने पर पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी गई। पुलिस जांच में यह ज्ञात हुआ कि पवन जाटव और बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध रूप से गांजा लेने के लिए संबलपुर (ओडिशा) गए थे। वहां से लगभग 8 किलोग्राम गांजा प्राप्त कर वे ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कटनी के पहले पुलिस चेकिंग की आशंका होने पर दोनों ने गांजे का पैकेट एवं पवन का मोबाइल ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांजा खरीदने के लिए राशि सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की गई थी। गांजा नष्ट हो जाने के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने तथा खर्च की गई रकम वापस प्राप्त करने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल एवं अरविंद दुबे ने मिलकर यह सुनियोजित षड्यंत्र रचा। आरोपियों ने पवन के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और उसके पिता को फोन कर ₹2 लाख की फिरौती मांगना शुरू कर दिया, जबकि फरियादी द्वारा केवल ₹30 हजार की व्यवस्था किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन्हें गुमराह करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना देवरी में अपराध क्रमांक 230/2026 धारा 140(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के निर्देशन में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, सूचना संकलन तंत्र एवं साइबर टीम की संयुक्त टीम गठित कर तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सघन जांच की गई। पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो-800 कार क्रमांक MP-15-CA-7570 को चिन्हित कर उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह एवं शुभम पटेल को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम का चौंकाने वाला खुलासा कर दिया। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण एवं त्वरित कार्रवाई के चलते यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई। पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल एवं पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। विवेचना के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि बलजीत सिंह एवं फरार आरोपी सुनील पटेल पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में गाडरवारा जेल में एक साथ निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस इनकी आपराधिक पृष्ठभूमि एवं अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का नेटवर्क मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से किस स्तर तक जुड़ा हुआ है। देवरी पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच के कारण 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया गया तथा फरियादी परिवार को राहत प्रदान की गई। इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, आरक्षक लवकुश, समीर, इमरान, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत व उनकी टीम, सूचना संकलन तंत्र के आरक्षक आशीष गौतम, मनीष तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार तथा आरक्षक हेमेन्द्र, साइबर सेल सागर की विशेष भूमिका रही।1
- बीना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी भरत सेन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी भरत सेन पर चाकू की नोंक पर लूट की वारदात को अंजाम देने का आरोप है।1
- पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 81 लीटर अवैध शराब पकड़ी है। इस अभियान के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, हालांकि मामले का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।1
- ग्राम पंचायत मवई में दिलीप बिल्डकॉन द्वारा बनवाई गई खुली नाली लगातार हादसों को न्योता दे रही है। आज सुबह ऐसी ही एक घटना हुई, जब एक दिव्यांग व्यक्ति की साइकिल इस खुली नाली में फंस गई, जिसके बाद लोगों ने मदद कर साइकिल को बाहर निकलवाया। यह स्थिति तब है जब दिलीप बिल्डकॉन का टोल आज भी संचालित है और वे नियमित रूप से पैसे वसूल रहे हैं। हालांकि, टोल से मिलने वाली सुविधाएं पूरी तरह शून्य हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है।1
- नगर के नया बस स्टैंड से अंबेडकर तिराहे तक की प्रमुख सड़क पर चल रहे डामरीकरण के कार्य में ठेकेदार की लापरवाही और गुणवत्ताहीन काम को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, नगर पालिका अध्यक्ष जी ने तत्काल ठेकेदार को काम की गुणवत्ता में सुधार करने और तकनीकी मानकों के अनुसार ही कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।1
- शुक्रवार देर शाम पाली कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। बारिश शुरू होने से पहले तेज़ हवाओं ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद दी, लेकिन इसके थमने के बाद बढ़ी उमस ने लोगों की परेशानी को और अधिक बढ़ा दिया। दिनभर की तेज़ धूप और गर्मी से लोग बेहाल थे। शाम के समय अचानक मौसम ने करवट ली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह बारिश ज़्यादा देर तक तो नहीं हुई, लेकिन इसके बाद वातावरण में बढ़ी नमी के कारण उमस में काफ़ी इज़ाफ़ा हो गया। बारिश के बाद तापमान में अपेक्षित गिरावट न आने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी और रात के समय भी उमस भरी गर्मी से वे परेशान रहे। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग पसीने से तरबतर देखे गए। मौसम के इस बदलते मिज़ाज को किसानों ने फसलों के लिए लाभदायक बताया, वहीं आमजन ने बढ़ी उमस के कारण असहजता महसूस की। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी दिनों में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।1
- सागर जिले में पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में चलाए जा रहे प्रभावी अभियान के तहत बीना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चाकू की नोक पर एक राहगीर से लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आदतन अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटे गए ₹5000 नकद, पर्स, आधार कार्ड और पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं, साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी जब्त कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 11 जून 2026 की रात लगभग 09:00 बजे हुई थी। फरियादी, जो मजदूरी का काम करता है, शास्त्री वार्ड से मुख्य मार्ग की ओर जा रहा था, तभी बंद गुल्ला ढाबा के पास आरोपी भरत सेन ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोपी ने चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और फरियादी की जेब से पर्स छीन लिया, जिसमें ₹5000 नकद के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। विरोध करने पर आरोपी ने फरियादी के साथ मारपीट भी की और धमकी देकर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बीना थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 290/2026, धारा 309(6) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी भरत पिता रामसेवक सेन (उम्र 53 वर्ष, निवासी बीना) की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ थाना बीना में पहले से ही 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। बीना पुलिस की इस त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से न केवल लूट की वारदात का शीघ्र खुलासा हुआ है, बल्कि अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश भी गया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी। सागर पुलिस आमजन की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।1
- टीकमगढ़ में अम्बेडकर चौराहे से नए बस स्टैंड तक नगर पालिका द्वारा 1 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण यह सड़क बनने से पहले ही खराब होकर उखड़ने लगी है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी कर निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि जिम्मेदार इंजीनियर मौके पर उचित निगरानी करने के बजाय केवल औपचारिकताएं निभा रहे हैं, जिससे न तो सही मापदंड अपनाए जा रहे हैं और न ही गुणवत्ता परीक्षण किया जा रहा है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति बेहद खराब है, और उनका कहना है कि नगर पालिका के अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर मौन हैं, जबकि जनता का कर का पैसा दांव पर लगा है। हादसों की आशंका को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह पूरी सड़क बेकार हो जाएगी और जनता का पैसा पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।1
- बीना में रेलवे ट्रैक के पास लहूलुहान हालत में मिली 14 साल की बच्ची की पहचान हो गई है। वह महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली अंशिका द्विवेदी है, जो अपने परिवार के साथ ट्रेन में सफर कर रही थी। बीना-आगासौद रेलवे ट्रैक के पास मिली इस बच्ची की हालत अब भी काफी नाजुक बनी हुई है। बुधवार की आधी रात को बीना-आगासौद रेलवे ट्रैक पर आईबीएच (IBH) सिग्नल के पास एक मालगाड़ी के लोको पायलट (ड्राइवर) ने बच्ची को गंभीर हालत में देखा था। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बच्ची को वहां से उठाया और बीना रेलवे स्टेशन पहुंचाया, जहां से उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत ज्यादा खराब होने के कारण उसे तुरंत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर रेफर कर दिया गया। बच्ची की पहचान भोपाल कंट्रोल रूम की मदद से हुई। बीना जीआरपी ने बच्ची को सागर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराने के बाद उसकी फोटो पहचान के लिए भोपाल कंट्रोल रूम भेजी थी। शुक्रवार को उसकी शिनाख्त पुणे निवासी अंशिका द्विवेदी के रूप में हुई, जिसके बाद जीआरपी ने तुरंत उसके परिवार को हादसे की खबर दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि अंशिका अपनी माँ के साथ ट्रेन नंबर 01407 हड़पसर एक्सप्रेस के एस-4 कोच में सफर कर रही थी। रात करीब 11 बजे वह टॉयलेट जाने का कहकर सीट से उठी थी, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। परेशान परिवार ने इसकी शिकायत 'रेल मदद' ऐप पर भी दर्ज कराई थी। आशंका जताई जा रही है कि चलती ट्रेन से पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने के कारण वह नीचे गिर गई और गंभीर रूप से जख्मी हो गई। सागर अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची अभी बेहोश है और बयान देने की स्थिति में नहीं है। अस्पताल के महिला प्रसूति विभाग की डॉक्टर ने शुरुआती बाहरी जांच के बाद यह साफ किया है कि बच्ची के साथ किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। बीना जीआरपी थाना प्रभारी बीबीएस ठाकुर ने बताया कि बच्ची की पहचान होने के बाद उसके माता-पिता को जानकारी दे दी गई है, जो जल्द ही सागर पहुंचने वाले हैं। परिजनों के आने और बच्ची के होश में आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी।1