Shuru
Apke Nagar Ki App…
सालों से उपेक्षित पड़ा एक स्वास्थ्य केंद्र, जो 'भूत बंगला' में तब्दील हो चुका था, उसे जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशों पर युद्धस्तर पर महज एक हफ्ते के भीतर पूरी तरह से रंग-रोगन कर चमका दिया गया है। यह त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई कि लंबे समय से उपेक्षित पड़े इस केंद्र को नया रूप मिल सके।
Janpad Bihar24
सालों से उपेक्षित पड़ा एक स्वास्थ्य केंद्र, जो 'भूत बंगला' में तब्दील हो चुका था, उसे जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशों पर युद्धस्तर पर महज एक हफ्ते के भीतर पूरी तरह से रंग-रोगन कर चमका दिया गया है। यह त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई कि लंबे समय से उपेक्षित पड़े इस केंद्र को नया रूप मिल सके।
More news from बिहार and nearby areas
- Post by PRAMOD SINGH3
- सालों से उपेक्षित पड़ा एक स्वास्थ्य केंद्र, जो 'भूत बंगला' में तब्दील हो चुका था, उसे जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशों पर युद्धस्तर पर महज एक हफ्ते के भीतर पूरी तरह से रंग-रोगन कर चमका दिया गया है। यह त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई कि लंबे समय से उपेक्षित पड़े इस केंद्र को नया रूप मिल सके।1
- दरभंगा जिले में सड़क की स्थिति पिछले दस सालों से लगातार बहुत खराब बनी हुई है।1
- दरभंगा जिले के बिस्फी मिल्लत चौक गांव में एक ट्रांसफार्मर घर से बिलकुल सटा हुआ लगा है, जिससे बच्चों और बड़ों दोनों की जान को खतरा बना हुआ है। यह ट्रांसफार्मर सवाल अहमद के घर के ठीक पास और गली से सटा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई सुनवाई नहीं कर रहा है, जिसके चलते यह खतरनाक स्थिति बनी हुई है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- बिहार के दरभंगा जिले के सिंघवारा प्रखंड से एक गंभीर दुर्दशा सामने आई है, जहाँ एक फैक्ट्री और उसमें लगी लाखों रुपये की मशीनरी पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इस बर्बादी को देखकर इलाके में चिंता का माहौल है, जिससे एक बड़ी क्षति हुई है।1
- उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच में शनिवार को डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। बच्चा वार्ड के बाहर, पीपल के पेड़ के नीचे, मृत बच्चे को गोद में लेकर उसकी माँ और अन्य परिजन घंटों तक रोते-बिलखते रहे। मृत बच्चे की माँ पार्वती देवी के अनुसार, उनके डेढ़ वर्षीय पुत्र आर्यन कुमार को सर्दी-खाँसी की शिकायत के बाद 30 मई को डीएमसीएच के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान बच्चे की तबीयत में लगातार सुधार हो रहा था और वह खाना-पीना भी शुरू कर चुका था, जिससे परिवार उसे जल्द ही डिस्चार्ज कराकर घर ले जाने की तैयारी में था। परिजनों का आरोप है कि 6 जून की सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ द्वारा बच्चे को एक इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनका कहना है कि इसके बाद बच्चे को कई अन्य इंजेक्शन भी दिए गए, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। माँ का यह भी आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल कर्मियों ने जल्दबाजी में कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए और फिर बच्चे के शव को वार्ड से बाहर ले जाकर पेड़ के नीचे रख दिया। इस दौरान परिजन अस्पताल परिसर में रोते-बिलखते रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। मृतक आर्यन कुमार की पहचान समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के खसरा गाँव निवासी जग्गू महतो के पुत्र के रूप में हुई है, जो मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। हालांकि, इस मामले में डीएमसीएच प्रशासन या संबंधित चिकित्सकों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में उपयोगकर्ताओं से सीधे उनके पसंदीदा यात्रा स्थल के बारे में पूछा गया है। यह पोस्ट दर्शकों के साथ जुड़ने और उनकी यात्रा संबंधी पसंद जानने का प्रयास करती है। पोस्ट में #trending, #viral, #travel, #foodie, #lifestyle, #positivevibes जैसे कई हैशटैग का उपयोग किया गया है, जो यात्रा, जीवनशैली और सकारात्मकता पर केंद्रित चर्चा को बढ़ावा देते हैं।1
- दरभंगा जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तारालाही और डीलाही के बीच शुक्रवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के गौसाघाट निवासी रामवृक्ष राम के पुत्र चंदन कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे चंदन कुमार मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी किसी अज्ञात पिकअप वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि उनका एक पैर शरीर से अलग हो गया था, जिसके बाद बिशनपुर थाना पुलिस की मदद से उन्हें इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। हालांकि, मृतक के ससुर और डरहार निवासी कन्हैया प्रसाद ने डीएमसीएच के चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि अस्पताल में चंदन कुमार का उचित इलाज नहीं किया गया और उन्हें जल्दबाजी में पटना रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि रेफर करने से पहले आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और पटना ले जाने के दौरान ही वैशाली के पास रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। कन्हैया प्रसाद ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि डीएमसीएच में बेहतर उपचार मिलता तो उनके दामाद की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में गंभीर मरीजों को पर्याप्त इलाज देने के बजाय अक्सर उन्हें अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है। इस पूरे मामले में डीएमसीएच प्रशासन या संबंधित चिकित्सकों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और परिजनों के लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार में गहरा शोक छाया हुआ है और परिजन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।1