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नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर कोटा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल ने 'डबल इंजन' सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 22 लाख विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है, जबकि पिछली 70 घटनाओं में 3 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए हैं।
Ahmed Siraj Farooqi
नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर कोटा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल ने 'डबल इंजन' सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 22 लाख विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है, जबकि पिछली 70 घटनाओं में 3 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए हैं।
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- Post by Mahendar.merotha2
- नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर कोटा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल ने 'डबल इंजन' सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 22 लाख विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है, जबकि पिछली 70 घटनाओं में 3 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए हैं।1
- कोटा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अपने साथी चिकित्सकों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। काली पट्टी बांधकर काम कर रहे डॉक्टरों ने निलंबन आदेश वापस न होने पर सभी चिकित्सा सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है, जिससे पूरे राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।1
- राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर कोटा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ विधायक संदीप शर्मा और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री जल्द ही बीमार प्रसूताओं और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे।2
- भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने मोदी सरकार पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के आगे 'सरेंडर' करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, ईरान-रूस से तेल खरीद रोकने और उच्च टैरिफ स्वीकार करने जैसे फैसलों से मोदी सरकार ट्रंप की कठपुतली लगती है। माधव का दावा है कि इन कदमों से देश को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।1
- अनिल शर्मा का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें नम आँखों से अंतिम विदाई दी।1
- राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मृत्यु के गंभीर मामलों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 7 सदस्यीय उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर बनी यह टीम अस्पताल में इलाज में लापरवाही, संक्रमण नियंत्रण और चिकित्सा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा करेगी। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाना है।1
- कोटा में जेके फैक्ट्री के मज़दूरों का बकाया भुगतान को लेकर धरना 450 दिन पूरा कर चुका है। 1997 में फैक्ट्री बंद होने के बाद से कई मज़दूर न्याय के इंतज़ार में दुनिया छोड़ गए, लेकिन संघर्ष जारी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी हैं, जिससे मज़दूरों में निराशा है।1