ग्राम मक्का की निवासी और ग्राम प्रधान श्री दशय पहान की माता राधा देवी का बुधवार, 17 जून 2026 को निधन हो गया। इस दुखद घटना से उनका परिवार और समस्त ग्रामवासी गहरे शोक में डूब गए हैं। मृतक के सम्मान में शुक्रवार, 26 जून 2026 को आयोजित ब्राह्मण भोज और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान, पंचायत के मुखिया श्री देवलाल मुंडा और कांग्रेस नेता श्री धनंजय साहू ने परिजनों को राहत स्वरूप खाद्य सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदान की। इस पंचायत आयोजन में उपस्थित ग्रामीणों ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने की कामना की। रामदास लोहरा, रामप्रशद लोहरा, शागर मुंडा, अजय मुंडा, रमेश मुंडा, मूनदरू मुंडा और गणेश यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने मृतक परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पंचायत और स्थानीय नेताओं ने यह भी कहा कि समुदाय दुख की इस घड़ी में सदैव परिजनों के साथ खड़ा रहेगा और भविष्य में भी आवश्यकतानुसार हर संभव मदद की जाएगी। ब्राह्मण भोज शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों ने पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में भाग लिया।
ग्राम मक्का की निवासी और ग्राम प्रधान श्री दशय पहान की माता राधा देवी का बुधवार, 17 जून 2026 को निधन हो गया। इस दुखद घटना से उनका परिवार और समस्त ग्रामवासी गहरे शोक में डूब गए हैं। मृतक के सम्मान में शुक्रवार, 26 जून 2026 को आयोजित ब्राह्मण भोज और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान, पंचायत के मुखिया श्री देवलाल मुंडा और कांग्रेस नेता श्री धनंजय साहू ने परिजनों को राहत स्वरूप खाद्य सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदान की। इस पंचायत आयोजन में उपस्थित ग्रामीणों ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने की कामना की। रामदास लोहरा, रामप्रशद लोहरा, शागर मुंडा, अजय मुंडा, रमेश मुंडा, मूनदरू मुंडा और गणेश यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने मृतक परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पंचायत और स्थानीय नेताओं ने यह भी कहा कि समुदाय दुख की इस घड़ी में सदैव परिजनों के साथ खड़ा रहेगा और भविष्य में भी आवश्यकतानुसार हर संभव मदद की जाएगी। ब्राह्मण भोज शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों ने पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में भाग लिया।
- रांची के कोकर स्थित सैमफोर्ड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल से जुड़े एक मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में, एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग बयान सामने आए हैं, जिन पर रांची क्लब टीवी ने प्रकाश डाला है। संबंधित व्यक्ति ने 17 जून 2026 को रांची क्लब टीवी के कैमरे पर अपना पहला बयान दिया था। इसके कुछ दिनों बाद, उसी व्यक्ति का एक और बयान सामने आया, जिसे अस्पताल प्रबंधन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। रांची क्लब टीवी इन दोनों बयानों को बिना किसी संपादन के दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर रहा है, ताकि वे पूरे घटनाक्रम को स्वयं समझ सकें। रांची क्लब टीवी ने यह स्पष्ट किया है कि इस वीडियो में व्यक्त बयान संबंधित व्यक्तियों के हैं और चैनल किसी भी दावे या आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामले की जांच और आधिकारिक प्रक्रिया संबंधित एजेंसियों के अधीन है, और यह लाइव स्ट्रीम केवल सूचनात्मक तथा जन जागरूकता के उद्देश्यों के लिए है।1
- झारखंड राज्य के रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई है। इस दुखद हादसे में सात लोगों की मौत होने की खबर है।1
- चंदवा में शनिवार को समाजसेवी एवं भूदान यज्ञ समिति के प्रणेता स्वर्गीय विशम्भर दुबे की 15वीं पुण्यतिथि मनाई गई, जिसके उपलक्ष्य में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके पुत्र प्रमोद दुबे ने अपने पिता के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए, साथ ही उनके सामाजिक योगदानों पर विस्तृत प्रकाश डाला। सभा में मौजूद समाजसेवी रामयश पाठक ने स्वर्गीय विशम्भर दुबे के कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भूदान यज्ञ समिति के माध्यम से समाज में जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया था, जिसे सदैव याद रखा जाएगा। इस मौके पर गोपाल बल्लभ मिश्रा, हरिनंदन दुबे, राजेश चंद्र पांडेय, दामोदर उपाध्याय, महेंद्र साहू, अर्जुन ठाकुर, सुधीर साहू, प्रवीण दुबे और सौरभ श्रीवास्तव सहित अन्य कई लोगों ने भी उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।2
- गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड की सलगी पंचायत में अचानक आई तेज बारिश और तूफान ने एक गरीब परिवार का घर-बार उजाड़ दिया। मात्र 5 से 7 मिनट के इस भीषण तूफान में लीलावती देवी का करकट से बना मकान पूरी तरह उड़कर टूट गया और उनकी छोटी किराना दुकान का सारा सामान बर्बाद हो गया। सलगी निवासी लीलावती देवी, पति तपेश्वर साहू, अपनी करकट की मकान में एक किराना दुकान चलाकर परिवार का गुजारा करती थीं। दोपहर लगभग 3 बजे आए अचानक तेज हवाओं के साथ तूफान में उनका पूरा करकट का मकान उड़ गया, जिससे दुकान का शटर, सॉकेट और छत टूटकर गिर गई। तूफान के समय लीलावती देवी दुकान में ही बैठी थीं, लेकिन छत उड़ते ही वे किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर भागने में सफल रहीं। यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस तूफान से दुकान में रखे चावल, दाल, तेल, मसाले और अन्य किराना सामान भीगकर पूरी तरह खराब हो गया। घर में रखी उनकी सिलाई मशीन भी टूट गई, जो उनकी अतिरिक्त आमदनी का एक अहम जरिया थी। लीलावती देवी ने बताया कि उन्होंने यह करकट का घर बड़ी मुश्किल से बनाया था, और अब तूफान ने सब कुछ तबाह कर दिया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, प्रखंड प्रशासन और सरकार से घटना की जांच कर उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि वे फिर से अपना घर और दुकान खड़ा कर सकें। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से इस गरीब परिवार को तत्काल राहत प्रदान करने की अपील की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भले ही यह तूफान 5 मिनट का था, लेकिन उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि इलाके के कई अन्य घरों के करकट और टीन शेड भी उड़ गए। फिलहाल पंचायत प्रतिनिधि इस नुकसान का आकलन कर रहे हैं।1
- इलाज के क्रम में एक मरीज की दुःखद मृत्यु हो गई है।1
- खूंटी जिला मुख्यालय से सटे सेत महिल गांव के किसान खरीफ की खेती की तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से वे अपने खेतों में धान का बिछड़ा तैयार कर रहे हैं, जिसमें कावेरी, पायनियर, बजाज और महिंद्रा जैसी विभिन्न किस्मों के धान के बीजों की बुवाई की गई है। हालांकि, पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिससे वे टैंकरों से पानी लाकर बिछड़े की सिंचाई कर रहे हैं ताकि पौधे समय पर तैयार हो सकें और धान की रोपाई प्रभावित न हो। किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर करती है और इस बार भी मौसम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। किसानों ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग मात्रा में धान का बिछड़ा तैयार किया है। किसान महावीर महतो ने लगभग 25 किलो, वहीं दयानंद मांझी ने करीब 20 किलो बीज की बुवाई की है। इसके अतिरिक्त, घासी मुंडा, सस्ती भोगता, अरुण काशी, फिरंगी काशी, कमलनाथ महतो, रंजीत महतो, चंदन मांझी, सुमन मांझी, लालू उरांव और पंचु सहित कई अन्य किसानों ने भी 10 से 25 किलो तक धान का बिछड़ा अपने खेतों में डाला है। किसानों का यह भी कहना है कि हर साल बढ़ती लागत, उर्वरक और बीज की कीमतों के बावजूद उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इन चुनौतियों के बावजूद, वे अच्छी बारिश और बेहतर फसल की उम्मीद में दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अब सभी किसानों की निगाहें मानसून की बारिश पर टिकी हैं, ताकि समय पर रोपाई कर अच्छी उपज प्राप्त की जा सके।1
- रांची के संत मरिया महागिर्जाघर में नव-नियुक्त सहायक बिशप आनंद डेविड खलको के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन बिशप खलको के आध्यात्मिक जीवन और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक था। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने बिशप आनंद डेविड खलको से शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने बिशप को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके सफल एवं जनसेवा से परिपूर्ण आध्यात्मिक जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। बिशप आनंद डेविड खलको की नियुक्ति रांची महाधर्मप्रांत के सहायक बिशप के रूप में संत पापा लियो XIV द्वारा की गई है। इस महत्वपूर्ण पदभार संभालने से पहले, वे विकर जनरल और संत मरिया महागिर्जाघर के पल्ली पुरोहित के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। इस सम्मान समारोह की पूरी झलक और खास बातें एक वीडियो में प्रस्तुत की गई हैं, जिसे रांची क्लब टीवी ने सूचनात्मक और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से प्रसारित किया है।1
- चंदवा में मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न मोहल्लों से ताजिया जुलूस पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया। यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक पहुंचा, जहां अकीदतमंदों ने लाठी, डंडा, तलवार और भाले के साथ अपने पारंपरिक करतब दिखाए। इसके बाद, थाना परिसर में एक ताजिया प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निर्णायक मंडल ने हरैया (शुक्र बाजार) की टीम को प्रथम, कामता को द्वितीय, शुक्र बाजार को तृतीय, बेलवाही को चतुर्थ और कुजरी को पंचम पुरस्कार से सम्मानित किया। सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए बाबर खान और उनकी टीम को भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।3
- बुढ़मू प्रखंड के ठाकुरगांव-थाना क्षेत्र के बगदा घाटी में एक हृदयविदारक घटना घटी है।1