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बक्शी का तालाब ग्राम सरैया बनौ़र जाने वाली रास्ता जिसमें तहसील से मिलती है
Dheeraj Kumar
बक्शी का तालाब ग्राम सरैया बनौ़र जाने वाली रास्ता जिसमें तहसील से मिलती है
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- बक्शी का तालाब ग्राम सरैया बनौ़र जाने वाली रास्ता जिसमें तहसील से मिलती है1
- यह घटना बख्शी तालाब छठे मिल की है नगर निगम को भी इसके बारे में पता है नगर निगमवालों के सपोट से चल रहे हैं डेरी घोसिओं का इसकदार आतक है पूरे एरिया को गंदा कर रखा है रोड पर गोबर अगल-बगल जो प्लाट खाली पड़े हैं उनमें गोबर ना कोई साफ सफाई जानवर रात में छोड़ देते हैं रोड पर बैठे रहते हैं नगर निगम जब दबिश करती है तो उससे पहले उनके ऑफिस से खबर आ जाती है तो यह अपने जानवर भगा देते हैं लेकिन शासन प्रशासन कहीं कोई सुनवाई नहीं है1
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- गीत ******* हे मैया हंस वाहिनी मेरी, ज्ञान का दीप जला दो भाव सुमन अर्पित करती हूं, कंठ में आन बिराजो। प्रखर करो बुद्धि अब मेरी, दो शब्दों का वरदान। ऐसे गीत रचूं मैं मैया, जिससे हो जग का कल्याण। आई द्वार तुम्हारे मैया, मेरी मन बुद्धि को आज संवारो भाव सुमन अर्पित......... लाचारी पीड़ाओं को , गीतों में अपने गांऊ। उजड़े और बिछुड़े लोगों , का स्वर मैं बन पाऊं। सद्बुद्धि ऐसी दो मुझको, संकट से मुझे उबारो। भाव सुमन अर्पित....... मन वीणा के तार तार में, मैयाभर दो झनकार। सप्त सुरों की हो दाता, मेरी मैया कर दो बेड़ा पार। अंधकार अज्ञान मिटा कर , अब,जीवन मेरा सजा दो। भाव सुमन अर्पित........ हे मैया हंस वाहिनी मेरी, ज्ञान का दीप जला दो। स्वरचित, सोनी शुक्ला, क्रांति1
- सदरुद्दीनपुर में सफाई व्यवस्था चौपट, नालियां जाम, सड़क पर बह रहा गंदा पानी बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के मसौली विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत सदरुद्दीनपुर गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार कई महीनों से नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण नालियां पूरी तरह जाम हो गई हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों के अवरुद्ध होने से गांव में गंदगी फैल रही है, बदबू के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और सफाई कर्मचारी इस गंभीर समस्या से पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं। ग्रामीण अशफाक, जतिन, बृजेश, रामानंद और मुन्ना ने बताया कि गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नालियां पूरी तरह जाम हैं और मजबूरी में कई बार ग्रामीणों को खुद ही नालियों की सफाई करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में नियमित सफाई कराई जाए, अन्यथा वे इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे। एक ओर जहां योगी सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों और गलियों को स्वच्छ रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सदरुद्दीनपुर गांव में इसकी हकीकत बिल्कुल उलट नजर आ रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस संबंध में जब मसौ ली के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने वही रटा-रटाया आश्वासन देते हुए कहा कि “जल्द ही गांव की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा।” अब देखना यह होगा कि यह आश्वासन सिर्फ कागजों तक सीमित रहता है या वास्तव में गांव को गंदगी से निजात मिलती है।1
- गीत ******* हे मैया हंस वाहिनी मेरी, ज्ञान का दीप जला दो भाव सुमन अर्पित करती हूं, कंठ में आन बिराजो। प्रखर करो बुद्धि अब मेरी, दो शब्दों का वरदान। ऐसे गीत रचूं मैं मैया, जिससे हो जग का कल्याण। आई द्वार तुम्हारे मैया, मेरी मन बुद्धि को आज संवारो भाव सुमन अर्पित......... लाचारी पीड़ाओं को , गीतों में अपने गांऊ। उजड़े और बिछुड़े लोगों , का स्वर मैं बन पाऊं। सद्बुद्धि ऐसी दो मुझको, संकट से मुझे उबारो। भाव सुमन अर्पित....... मन वीणा के तार तार में, मैयाभर दो झनकार। सप्त सुरों की हो दाता, मेरी मैया कर दो बेड़ा पार। अंधकार अज्ञान मिटा कर , अब,जीवन मेरा सजा दो। भाव सुमन अर्पित........ हे मैया हंस वाहिनी मेरी, ज्ञान का दीप जला दो। स्वरचित, सोनी शुक्ला, क्रांति1