उमरिया कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लेकर पहुंचा बंदर कुत्ते से भी हो गई बहस उमरिया कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लेकर पहुंचा बंदर कुत्ते से भी हो गई बहस आमतौर पर कलेक्ट में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं लेकिन शुक्रवार को यहां एक ऐसा अतिथि पहुंचा जिसने पूरे परिसर का माहौल ही बदल दिया जी हां इस बार फरी कोई इंसान नहीं बल्कि काले मुंह वाला एक बंदर था जो मानो अपनी शिकायत लेकर सीधे कलेक्टर ऑफिस पहुंच गया हो वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बंदर बड़े आत्मविश्वास के साथ कलेक्टर परिसर में एंट्री करता है पहले तो वह इधर-उधर टहलते हुए माहौल का जज लेता है जैसे किसी अधिकारी से मिलने का सही समय देख रहा हो फिर अचानक उसकी एक्टिविटी बढ़ जाती है और वह उछल कूद करते हुए पूरे परिसर को अपना दफ्तर बना लेता है इसी बीच कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब ऊपर से एक कुत्ता भी एंट्री मार देता है कुत्ता जैसे ही बंदर की तरफ होता है माहौल थोड़ा टेंशन वाला हो जाता है लेकिन बंदर भी काम नहीं था उसने तुरंत अपना रोक दिखाया और ऐसी फटकार लगाई कि कुत्ता पीछे हटने में ही अपनी भलाई समझ बैठा कोई कह रहा है कि बंदर अपने हक की लड़ाई लड़ने आया था तो कोई इस जंगल का प्रतिनिधि बात कर हंसी मजाक कर रहा है फिलहाल यह अनोखा दृश्य लोगों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला रहा है अब सवाल यह है कि बंदर को आखिर किस बात करना चाहिए था यह तो वही जानता है लेकिन उसने कलेक्ट्रेट में अपनी मौजूदगी दर्ज करा कर सबको एक दिलचस्प किस तरह जरूर दे दिया
उमरिया कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लेकर पहुंचा बंदर कुत्ते से भी हो गई बहस उमरिया कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लेकर पहुंचा बंदर कुत्ते से भी हो गई बहस आमतौर पर कलेक्ट में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं लेकिन शुक्रवार को यहां एक ऐसा अतिथि पहुंचा जिसने पूरे परिसर का माहौल ही बदल दिया जी हां इस बार फरी कोई इंसान नहीं बल्कि काले मुंह वाला एक बंदर था जो मानो अपनी शिकायत लेकर सीधे कलेक्टर ऑफिस पहुंच गया हो वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बंदर बड़े आत्मविश्वास के साथ कलेक्टर परिसर में एंट्री करता है पहले तो वह इधर-उधर टहलते हुए माहौल का जज लेता है जैसे किसी अधिकारी से मिलने का सही समय देख रहा हो फिर अचानक उसकी एक्टिविटी बढ़ जाती है और वह उछल कूद करते हुए पूरे परिसर को अपना दफ्तर बना लेता है इसी बीच कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब ऊपर से एक कुत्ता भी एंट्री मार देता है कुत्ता जैसे ही बंदर की तरफ होता है माहौल थोड़ा टेंशन वाला हो जाता है लेकिन बंदर भी काम नहीं था उसने तुरंत अपना रोक दिखाया और ऐसी फटकार लगाई कि कुत्ता पीछे हटने में ही अपनी भलाई समझ बैठा कोई कह रहा है कि बंदर अपने हक की लड़ाई लड़ने आया था तो कोई इस जंगल का प्रतिनिधि बात कर हंसी मजाक कर रहा है फिलहाल यह अनोखा दृश्य लोगों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला रहा है अब सवाल यह है कि बंदर को आखिर किस बात करना चाहिए था यह तो वही जानता है लेकिन उसने कलेक्ट्रेट में अपनी मौजूदगी दर्ज करा कर सबको एक दिलचस्प किस तरह जरूर दे दिया
- 💥*मधुमक्खियों के हमले से वृद्ध किसान की दर्दनाक मौत,खेत में तोड़ा दम* इंदवार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पनपथा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है,जहां खेत पर गेहूं की कटाई करने गए एक वृद्ध किसान की मधुमक्खियों के हमले से मौत हो गई।घटना शनिवार देर शाम की बताई जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार,गोविंद जायसवाल पिता चुनई जायसवाल उम्र 65 वर्ष,अपने घर से कुछ दूरी पर मौजूद सोसायटी के करीब खेत में काम करने गए थे।खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था।अचानक छत्ते से निकली मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और उन्होंने गोविंद पर हमला कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,मधुमक्खियों ने वृद्ध के शरीर पर झुंड बनाकर हमला किया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। हमले के दौरान गोविंद काफी देर तक मदद के लिए चिल्लाते रहे,लेकिन सुनसान जगह होने के कारण समय पर कोई सहायता नहीं पहुंच सकी।अत्यधिक डंक लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना बाद में उनके घर,जो हाईस्कूल के पास स्थित है,पहुंची। खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।2
- Post by Angad Tiwari1
- पश्चिम मध्य रेलवे के व्योहारी रेलवे स्टेशन पर खड़ी दुर्घटना एवं राहत यान (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में यान के कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने लगे। सुरक्षा के मद्देनजर स्टेशन से गुजरने वाली अप और डाउन दोनों दिशाओं की ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। हालांकि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर धीरे-धीरे काबू पाया जा रहा है। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- शहडोल। बुढार नशे में युवक और बुढार पुलिस ने दे दिया पिछवाड़े पर... --- #शहडोल #जैतपुर तिराहे का का मामला1
- ब्यौहारी स्टेशन पर धूं-धूं कर जली ट्रेन की बोगी, मची अफरा-तफरी — दमकल-पुलिस ने संभाला मोर्चा शहडोल जिले के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास साइडिंग में खड़ी रेलवे ट्रैक मशीन की बोगी में लगी आग ने कुछ ही देर में लोगों को दहशत में डाल दिया, हालांकि राहत टीम की तत्परता से स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर चार कोच वाली वर्कशॉप कम रेस्ट फॉर ट्रैक मशीन खड़ी थी। इसी दौरान इनमें से एक कोच, जिसका नंबर ईसीओ 994129 बताया जा रहा है, उसमें अचानक अज्ञात कारणों से रविवार दोपहर आग भड़क उठी। घटना के समय बोगी के अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और उसे फैलने से रोक लिया। यदि समय पर आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो पास खड़ी अन्य बोगियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। मौके पर थाना प्रभारी जिया उल हक भी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं ब्यौहारी आरपीएफ चौकी प्रभारी गिरीश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना के समय ट्रैक स्टाफ कार्य के लिए बाहर गया हुआ था। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। रेलवे अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि ब्यौहारी रेलवे स्टेशन जबलपुर मंडल के अंतर्गत आता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है।3
- *वन परिक्षेत्र मानपुर अंतर्गत स्व. हरिकेश गुर्जर को आंसुओं और मौन के बीच कैंडल मार्च निकालकर दी गई अंतिम श्रद्धांजलि* *(ब्रेकिंग shuru-manpur)* मानपुर वन परिक्षेत्र आज गहरे शोक में डूबा नजर आया, जब सामान्य वन मंडल मुरैना के गेम रेंज अंबाह में पदस्थ स्वर्गीय बीट अधिकारी श्री हरिकेश गुर्जर की स्मृति में वन परिक्षेत्र कार्यालय मानपुर से बस स्टैंड तक कैंडल मार्च निकाला गया। यह श्रद्धांजलि 8 अप्रैल 2026 को मुरैना जिले में घटी दुखद घटना को याद करते हुए अर्पित की गई। हाथों में जलती मोमबत्तियां और दिलों में भारी दर्द लिए वनकर्मी खामोशी से कदम बढ़ाते रहे—हर चेहरा अपने साथी को खोने का दुख बयां कर रहा था। कैंडल मार्च के दौरान पूरा माहौल बेहद भावुक हो गया। कहीं सन्नाटा था, तो कहीं आंखों में छलकते आंसू—मानो हर कोई अपने प्रिय सहयोगी को याद कर रहा हो। बस स्टैंड पहुंचकर सभी ने मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दुखद घड़ी में जिले के डिप्टी डायरेक्टर योहन कटारा,वन परीक्षेत्राधिकारी मानपुर मुकेश अहिरवार, रवि महोबिया, विक्रम सिकरवार, जनार्दन गौतम, रोशनलाल तिवारी, राजीव रंजन वर्मा, कपिल विश्वकर्मा, सहायक कर्मी जितेंद्र द्विवेदी, रूप नारायण यादव सहित बड़ी संख्या में वनकर्मी उपस्थित रहे। हर किसी की जुबां पर एक ही बात थी—“आपकी कमी हमेशा खलेगी।” स्वर्गीय हरिकेश गुर्जर का समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा सभी के दिलों में जीवित रहेगा।3