मधेपुरा में कार एसेसरीज दुकान पर बवाल, दुकानदार और युवकों में जमकर मारपीट; CCTV फुटेज वायरल बिहार के मधेपुरा से मारपीट की एक तस्वीर सामने आई है, जहां एक कार एसेसरीज की दुकान पर मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दुकानदार और कुछ युवकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना मधेपुरा शहर के पूर्वी बायपास स्थित सुमंगलम विवाह भवन के सामने की है। बताया जा रहा है कि कार एसेसरीज की दुकान पर किसी बात को लेकर दुकानदार और कुछ स्थानीय युवकों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर लात-घूंसे चले। अचानक हुई इस मारपीट से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच झड़प जारी रही। इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि वायरल हो रहे CCTV फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मधेपुरा में कार एसेसरीज दुकान पर बवाल, दुकानदार और युवकों में जमकर मारपीट; CCTV फुटेज वायरल बिहार के मधेपुरा से मारपीट की एक तस्वीर सामने आई है, जहां एक कार एसेसरीज की दुकान पर मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दुकानदार और कुछ युवकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना मधेपुरा शहर के पूर्वी बायपास स्थित सुमंगलम विवाह भवन के सामने की है। बताया जा रहा है कि कार एसेसरीज की दुकान पर किसी बात को लेकर दुकानदार और कुछ स्थानीय युवकों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के
बीच सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर लात-घूंसे चले। अचानक हुई इस मारपीट से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच झड़प जारी रही। इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि वायरल हो रहे CCTV फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
- मधेपुरा में साउंड व्यवसाय से जुड़े लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। साउंड यूनियन के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में साउंड सिस्टम बजाने के दौरान बिना सरकारी आदेश के पुलिस प्रशासन द्वारा बेवजह परेशान किया जा रहा है, जिससे उनके रोजगार पर गंभीर असर पड़ रहा है। यूनियन के सदस्यों का कहना है कि कई बार आयोजकों की अनुमति और तय समय सीमा के अंदर साउंड बजाने के बावजूद पुलिस मौके पर पहुंचकर साउंड बंद करा देती है। इतना ही नहीं, कई मामलों में उपकरण जब्त करने और चालान काटने की भी कार्रवाई की जा रही है। इससे साउंड व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जबकि साउंड बजाने पर पाबंदी को लेकर अबतक सरकार द्वारा कोई गाइडलाइन जारी नहीं किया गया है। साउंड यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि वे प्रशासन के सभी नियमों का पालन करने को तैयार हैं, लेकिन बिना ठोस कारण के इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट और व्यावहारिक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि नियमों के तहत उनका व्यवसाय सुचारू रूप से चल सके। इसी मुद्दे को लेकर यूनियन के प्रतिनिधियों ने जिला पदाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो साउंड व्यवसाय से जुड़े लोग आंदोलन करने को भी मजबूर हो सकते हैं। मौके पर राजू कुमार, सुबोध कुमार, अंशुमान युवराज, संजय कुमार, रवि कुमार, मुन्ना साह, सिंटू, बंटी कुमार, मनोज कुमार सहित अन्य मौजूद रहे। बाइट - राजू कुमार, साउंड यूनियन संघ, मधेपुरा बाइट - अंशुमान युवराज, साउंड यूनियन संघ, मधेपुरा4
- gana nikeshkumar Sharma1
- सौर बाजार के निजी विवाह भवन में सोमवार को सीपीआईएम द्वारा कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई जिसमें 24 मार्च को दिल्ली में होनेवाले ऐतिहासिक रैली को सफल बनाने पर विचार विमर्श किया गया। इससे पहले कॉमरेड डॉक्टर अशोक ढ़वले का सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारेबाजी के साथ फुल माला पहना कर स्वागत किया। बैठक में उपस्थित सभी नेताओं ने कहा की नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों के चलते देश में महंगाई आसमान छू रहा है जिससे आम लोगों को भारी कठिनाइयां का सामना करना पड़ता है। किसानों के फसलों का न्यूनतम मुल्य को कानून के दायरे में लाना सरकार के एजेंडे से बाहर हो गया है। किसानों के खेती में उपयोग होने वाली सामग्री पर से भी सब्सिडी खत्म कर दिया गया है जिससे किसानों को घाटा सहना पड़ रहा है। ऐसे में आम जनों को मोदी सरकार पर जन दबाव पैदा करने के लिए 24 मार्च 2026 को दिल्ली में सीपीआईएम द्वारा आयोजित रैली को ऐतिहासिक बनाना होगा। सभी ने बताया की बिहार में भी नरेन्द्र मोदी के इशारे पर चल रही एन डी ए की सरकार हर मोड़ पर विफल साबित हो रही है जिसके शासनकाल में पूरे बिहार वासियों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है।1
- Post by सौर बाजार समाचार।1
- रमजान के पवित्र माह में फारबिसगंज हवाई फील्ड मैदान में इफ्तार पार्टी, भाईचारे का संदेश1
- नगर परिषद सुपौल के कर्मियों के साथ थाना प्रभारी द्वारा कथित रूप से किए गए बर्बर व्यवहार का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में नगर परिषद के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे शहर की साफ-सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को वार्ड संख्या 22 स्थित असजद आलम के आवास पर बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन, पटना के पदाधिकारियों द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता के दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों और नगर परिषद कर्मियों ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी द्वारा नगर परिषद कर्मियों के साथ बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया गया, जो न केवल निंदनीय है बल्कि सरकारी कर्मियों के सम्मान के भी खिलाफ है। पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पांच सदस्यीय शिष्टमंडल पटना जाकर नगर विकास मंत्री और डीजीपी से मुलाकात करेगा तथा पूरे मामले से उन्हें अवगत कराते हुए दोषी दरोगा पर तत्काल कार्रवाई की मांग करेगा। फेडरेशन ने चेतावनी दी कि यदि दोषी दरोगा पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो पूरे बिहार में नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल की घोषणा की जाएगी।1
- सावन कुमार, भा0प्र0से0 जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा घरेलू एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया गया l इस क्रम में जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा श्री गंगेश्वर प्रसाद एचपी ग्रामीण वितरक के गोदाम का निरीक्षण किया गया एवं उठाव तथा वितरण के संबंध में अद्यतन जानकारी प्राप्त की गई l गैस एजेंसी संचालक द्वारा बताया गया कि एलपीजी गैस की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और उनके द्वारा पिछले दो दिनों से होम डिलीवरी भी की जा रही है। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा गैस एजेंसी संचालकों जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने का निदेश दिया और अनियमित पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी l जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा सभी उपभोक्ताओं से पैनिक बुकिंग से बचने का अनुरोध किया l4
- बिहार के मधेपुरा जिले से सड़क निर्माण में अनियमितता का मामला सामने आया है, जहां घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। मामला मधेपुरा जिले पुरैनी प्रखंड का है, जहां योगीराज से चौसा मुरलीचौक तक ग्रामीण कार्य विभाग के तहत करीब 14.90 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में संवेदक द्वारा मानक-विहीन सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके कारण ढलाई के अगले ही दिन सड़क कई जगहों पर टूटने लगी है। अताउर रहमान, अनुप ऋषिदेव, कैलाश मेहरा, हीरा कुमार, राजू कुमार, नंदन मेहरा, नागेश्वर ऋषिदेव, धर्मेंद्र कुमार, मुनि ऋषिदेव और मनोज कुमार—का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं तो संवेदक पक्ष द्वारा पुलिस बुलाकर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है, ताकि विरोध की आवाज दबाई जा सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क के निर्माण में हो रही गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी संवेदक पर कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। वहीं इस पूरे मामले पर उदाकिशुनगंज के एसडीएम ने कहा है कि शिकायत गंभीर है और इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभाग के जेई को निर्देश दिया गया है कि निर्माण कार्य पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए जीवन रेखा के समान है, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा। बाइट ---स्थानीय ग्रामीण4