भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ NHMद्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भेजा ज्ञापन बरेली, में अपनी लंबित मांगों और विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर आज भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन NHM कर्मचारी संघ ने बरेली में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिसमें श्रमिकों की मांगें और चिंताएं भारतीय मजदूर संघ ने अपने 21वें अखिल भारतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन जो पुरी ओडिशा में आयोजित हुआ था इसके प्रस्तावों का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकार से मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है और न्यूनतम पेंशन ब में वृद्धि EPS 95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 + महंगाई भत्ता करने की भी मांग की और सामाजिक सुरक्षा EPF के लिए अनिवार्य अंशदान की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 और ESIC की सीमा को ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने का प्रस्ताव दिया और संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों ने भी विभिन्न विभागों को लेकर जैसे 108, 102 एम्बुलेंस, बिजली, और शिक्षा में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने और उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन देने की भी मांग की और आशा बरकर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लेकर भी और आशा बहुओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और उन्हें प्रोत्साहन राशि के स्थान पर सम्मानजनक मानदेय देने की भी मांग की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र NHM की भी मांगें संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य सेवाओं में लगे संविदा कर्मियों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया। उनकी प्रमुख मांगें है जिसमें प्रणाली में सुधार ब वेतन भुगतान में हो रही तकनीकी देरी को दूर कर इसे पारदर्शी बनाने की भी मांग की गई और वेतन विसंगति और गृह जनपद स्थानांतरण पिछले कई वर्षों से लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों को उनके गृह जनपद के निकट स्थानांतरित करने की नीति बनाने की भी अपील की स्वास्थ्य बीमा, EPF और ग्रेच्युटी सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना और बताया कि 10 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाना चाहिए ज्ञापन में बताया गया बढ़ती महंगाई के दौर में अल्प मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारी जैसे मिड-डे मील वर्कर, सफाई कर्मचारी, और रेहड़ी-पटरी दुकानदार ब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अंत में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नरेश कुमार सिंह, जिला मंत्री , सुरेश दिबाकर, देवेन्द्र प्रकाश ब अन्य लोग मौजूद रहे भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ NHMद्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भेजा ज्ञापन बरेली, में अपनी लंबित मांगों और विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर आज भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन NHM कर्मचारी संघ ने बरेली में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिसमें श्रमिकों की मांगें और चिंताएं भारतीय मजदूर संघ ने अपने 21वें अखिल भारतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन जो पुरी ओडिशा में आयोजित हुआ था इसके प्रस्तावों का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकार से मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है और न्यूनतम पेंशन ब में वृद्धि EPS 95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 + महंगाई भत्ता करने की भी मांग की और सामाजिक सुरक्षा EPF के लिए अनिवार्य अंशदान की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 और ESIC की सीमा को ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने का प्रस्ताव दिया और संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों ने भी विभिन्न विभागों को लेकर जैसे 108, 102 एम्बुलेंस, बिजली, और शिक्षा में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने और उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन देने की भी मांग की और आशा बरकर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लेकर भी और आशा बहुओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और उन्हें प्रोत्साहन राशि के स्थान पर सम्मानजनक मानदेय देने की भी मांग की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र NHM की भी मांगें संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य सेवाओं में लगे संविदा कर्मियों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया। उनकी प्रमुख मांगें है जिसमें प्रणाली में सुधार ब वेतन भुगतान में हो रही तकनीकी देरी को दूर कर इसे पारदर्शी बनाने की भी मांग की गई और वेतन विसंगति और गृह जनपद स्थानांतरण पिछले कई वर्षों से लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों को उनके गृह जनपद के निकट स्थानांतरित करने की नीति बनाने की भी अपील की स्वास्थ्य बीमा, EPF और ग्रेच्युटी सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना और बताया कि 10 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाना चाहिए ज्ञापन में बताया गया बढ़ती महंगाई के दौर में अल्प मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारी जैसे मिड-डे मील वर्कर, सफाई कर्मचारी, और रेहड़ी-पटरी दुकानदार ब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अंत में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नरेश कुमार सिंह, जिला मंत्री , सुरेश दिबाकर, देवेन्द्र प्रकाश ब अन्य लोग मौजूद रहे
भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ NHMद्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भेजा ज्ञापन बरेली, में अपनी लंबित मांगों और विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर आज भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन NHM कर्मचारी संघ ने बरेली में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिसमें श्रमिकों की मांगें और चिंताएं भारतीय मजदूर संघ ने अपने 21वें अखिल भारतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन जो पुरी ओडिशा में आयोजित हुआ था इसके प्रस्तावों का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकार से मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है और न्यूनतम पेंशन ब में वृद्धि EPS 95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 + महंगाई भत्ता करने की भी मांग की और सामाजिक सुरक्षा EPF के लिए अनिवार्य अंशदान की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 और ESIC की सीमा को ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने का प्रस्ताव दिया और संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों ने भी विभिन्न विभागों को लेकर जैसे 108, 102 एम्बुलेंस, बिजली, और शिक्षा में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने और उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन देने की भी मांग की और आशा बरकर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लेकर भी और आशा बहुओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और उन्हें प्रोत्साहन राशि के स्थान पर सम्मानजनक मानदेय देने की भी मांग की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र NHM की भी मांगें संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य सेवाओं में लगे संविदा कर्मियों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया। उनकी प्रमुख मांगें है जिसमें प्रणाली में सुधार ब वेतन भुगतान में हो रही तकनीकी देरी को दूर कर इसे पारदर्शी बनाने की भी मांग की गई और वेतन विसंगति और गृह जनपद स्थानांतरण पिछले कई वर्षों से लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों को उनके गृह जनपद के निकट स्थानांतरित करने की नीति बनाने की भी अपील की स्वास्थ्य बीमा, EPF और ग्रेच्युटी सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना और बताया कि 10 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाना चाहिए ज्ञापन में बताया गया बढ़ती महंगाई के दौर में अल्प मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारी जैसे मिड-डे मील वर्कर, सफाई कर्मचारी, और रेहड़ी-पटरी दुकानदार ब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अंत में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नरेश कुमार सिंह, जिला मंत्री , सुरेश दिबाकर, देवेन्द्र प्रकाश ब अन्य लोग मौजूद रहे भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ NHMद्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भेजा ज्ञापन बरेली, में अपनी लंबित मांगों और विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर आज भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन NHM कर्मचारी संघ ने बरेली में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिसमें श्रमिकों की मांगें और चिंताएं भारतीय मजदूर संघ ने अपने 21वें अखिल भारतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन जो पुरी ओडिशा में आयोजित हुआ था इसके प्रस्तावों का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकार से मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है और न्यूनतम पेंशन ब में वृद्धि EPS 95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 + महंगाई भत्ता करने की भी मांग की और सामाजिक सुरक्षा EPF के लिए अनिवार्य अंशदान की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 और ESIC की सीमा को ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने का प्रस्ताव दिया और संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों ने भी विभिन्न विभागों को लेकर जैसे 108, 102 एम्बुलेंस, बिजली, और शिक्षा में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने और उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन देने की भी मांग की और आशा बरकर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लेकर भी और आशा बहुओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और उन्हें प्रोत्साहन राशि के स्थान पर सम्मानजनक मानदेय देने की भी मांग की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र NHM की भी मांगें संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य सेवाओं में लगे संविदा कर्मियों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया। उनकी प्रमुख मांगें है जिसमें प्रणाली में सुधार ब वेतन भुगतान में हो रही तकनीकी देरी को दूर कर इसे पारदर्शी बनाने की भी मांग की गई और वेतन विसंगति और गृह जनपद स्थानांतरण पिछले कई वर्षों से लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों को उनके गृह जनपद के निकट स्थानांतरित करने की नीति बनाने की भी अपील की स्वास्थ्य बीमा, EPF और ग्रेच्युटी सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना और बताया कि 10 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाना चाहिए ज्ञापन में बताया गया बढ़ती महंगाई के दौर में अल्प मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारी जैसे मिड-डे मील वर्कर, सफाई कर्मचारी, और रेहड़ी-पटरी दुकानदार ब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अंत में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नरेश कुमार सिंह, जिला मंत्री , सुरेश दिबाकर, देवेन्द्र प्रकाश ब अन्य लोग मौजूद रहे
- मुखबिर द्वारा सूचना दी कि रम्पुरा अण्डर पास के अलीगंज की ओर जाने वाले रास्ते की साइड पर एक व्यक्ति 02 प्लास्टिक की बोरी में अवैध डोडा छिलका लिए खडा है और कहीं ले जाकर बेचने की फिराक में है।1
- बरेली के थाना मीरगंज का मामला पीड़ित की जमीन पर दबंग ने किया कब्जा इंसाफ न मिलने के कारण तहसील में आत्मदाह का प्रयास कर सनसनी फैला दी1
- बरेली के थाना विथरी चैनपुर का मामला पीड़ित की जमीन पर दबावों ने किया कब्जा एसपी से लगाई इंसाफ की गुहार1
- बरेली थाना हाफिजगंज पुलिस द्वारा 5 पेटी विंडीज मजेदार शराब ब मोटरसाइकिल के साथ किया गिरफ्तार1
- भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ NHMद्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भेजा ज्ञापन बरेली, में अपनी लंबित मांगों और विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर आज भारतीय मजदूर संघ BMS और संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन NHM कर्मचारी संघ ने बरेली में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। जिसमें श्रमिकों की मांगें और चिंताएं भारतीय मजदूर संघ ने अपने 21वें अखिल भारतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन जो पुरी ओडिशा में आयोजित हुआ था इसके प्रस्तावों का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकार से मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है और न्यूनतम पेंशन ब में वृद्धि EPS 95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 + महंगाई भत्ता करने की भी मांग की और सामाजिक सुरक्षा EPF के लिए अनिवार्य अंशदान की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 और ESIC की सीमा को ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने का प्रस्ताव दिया और संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों ने भी विभिन्न विभागों को लेकर जैसे 108, 102 एम्बुलेंस, बिजली, और शिक्षा में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने और उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन देने की भी मांग की और आशा बरकर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लेकर भी और आशा बहुओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और उन्हें प्रोत्साहन राशि के स्थान पर सम्मानजनक मानदेय देने की भी मांग की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र NHM की भी मांगें संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य सेवाओं में लगे संविदा कर्मियों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया। उनकी प्रमुख मांगें है जिसमें प्रणाली में सुधार ब वेतन भुगतान में हो रही तकनीकी देरी को दूर कर इसे पारदर्शी बनाने की भी मांग की गई और वेतन विसंगति और गृह जनपद स्थानांतरण पिछले कई वर्षों से लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों को उनके गृह जनपद के निकट स्थानांतरित करने की नीति बनाने की भी अपील की स्वास्थ्य बीमा, EPF और ग्रेच्युटी सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना और बताया कि 10 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाना चाहिए ज्ञापन में बताया गया बढ़ती महंगाई के दौर में अल्प मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारी जैसे मिड-डे मील वर्कर, सफाई कर्मचारी, और रेहड़ी-पटरी दुकानदार ब आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अंत में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नरेश कुमार सिंह, जिला मंत्री , सुरेश दिबाकर, देवेन्द्र प्रकाश ब अन्य लोग मौजूद रहे1
- बरेली की विश्व प्रसिद्ध होली पर रामलीला का पताका यात्रा के साथ मंचन शुरू1
- नगर निगम बरेली परिसर में उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई जब दुकानों का किराया कई गुना बढ़ाने के प्रस्ताव के खिलाफ व्यापारी सड़क पर उतर आए। सैकड़ों की संख्या में व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की और किराया वृद्धि वापस लेने की मांग उठाई। धरने का नेतृत्व पार्षद राजेश अग्रवाल ने किया। व्यापारियों का कहना है कि अचानक चार गुना तक किराया बढ़ाना पूरी तरह से अनुचित है और इससे छोटे व्यापारियों का कारोबार ठप हो जाएगा। उन्होंने निगम प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की। प्रदर्शन के बाद मेयर डॉ. उमेश गौतम ने व्यापारियों से वार्ता की और चार गुना किराए के मुद्दे पर आश्वासन दिया। हालांकि अभी तक कोई ठोस लिखित फैसला सामने नहीं आया है। अब बड़ा सवाल ये है कि क्या मेयर के आश्वासन से मामला शांत होगा या फिर बरेली में व्यापारियों का आंदोलन और तेज होगा पूरे मामले में आज बुधवार समय लगभग दोपहर के 2:00 बजे दी गई जानकारी1
- बरेली थाना भमोरा पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अभियुक्त को 20.290 किलोग्राम अवैध डोडा छिलका के साथ किया गिरफ्तार1