विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUGP) के प्रथम सेमेस्टर में नामांकन हेतु आवेदन प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसके तहत विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्र आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 13 जून 2026 से शुरू हो गए हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 शाम 6:00 बजे तक निर्धारित है। पहली मेरिट सूची 4 जुलाई 2026 को जारी की जाएगी, जिसके बाद 4 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक दस्तावेज सत्यापन और 4 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन नामांकन होगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि मेरिट सूची 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क ₹300 निर्धारित किया गया है। आवेदन करते समय छात्रों को केवल मुख्य विषय (Major Subject) का चयन करना होगा, जबकि अन्य विषय कॉलेज द्वारा नामांकन के बाद आवंटित किए जाएंगे। छात्रों को यह भी सलाह दी गई है कि वे आवेदन पत्र सावधानीपूर्वक भरें, क्योंकि गलत जानकारी पाए जाने पर उनका नामांकन रद्द किया जा सकता है।
विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUGP) के प्रथम सेमेस्टर में नामांकन हेतु आवेदन प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसके तहत विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्र आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 13 जून 2026 से शुरू हो गए हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 शाम 6:00 बजे तक निर्धारित है। पहली मेरिट सूची 4 जुलाई 2026 को जारी की जाएगी, जिसके बाद 4 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक दस्तावेज सत्यापन और 4 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन नामांकन होगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि मेरिट सूची 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क ₹300 निर्धारित किया गया है। आवेदन करते समय छात्रों को केवल मुख्य विषय (Major Subject) का चयन करना होगा, जबकि अन्य विषय कॉलेज द्वारा नामांकन के बाद आवंटित किए जाएंगे। छात्रों को यह भी सलाह दी गई है कि वे आवेदन पत्र सावधानीपूर्वक भरें, क्योंकि गलत जानकारी पाए जाने पर उनका नामांकन रद्द किया जा सकता है।
- झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी स्थित नगरी गांव निवासी टिंकू मंडल की बेंगलुरु में एक आकस्मिक दुर्घटना में मौत हो गई। टिंकू अपनी ड्यूटी से वापस आने के बाद बाथरूम की सीढ़ियों पर फिसल गए थे, जिसके कारण उनके सिर में गंभीर चोट लगी। इसी चोट के चलते उनकी मृत्यु हो गई।1
- झारखंड के डुमरी थाना क्षेत्र के नगरी पंचायत स्थित नगरी गांव निवासी गोविंद मंडल और संतोषी देवी के 31 वर्षीय पुत्र टिंकू मंडल की बेंगलुरु में सीढ़ियों से गिरकर मौत हो गई है। यह दुखद हादसा 11 जून की रात को हुआ, जब टिंकू ड्यूटी खत्म कर अपने कमरे पर लौटे थे। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, टिंकू इसी महीने की 2 तारीख की शाम को काम के लिए बेंगलुरु गए थे। वह विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी में मजदूरी करते थे, जो सर्वे नंबर 95, वार्ड नंबर 8, करांजीकट्टे पोस्ट, मुदबिद्री, बैलूर तालुका में एक आर्मी कैंप का निर्माण कार्य कर रही थी, जहां टिंकू कार्यरत थे। 11 जून की शाम करीब 6 बजे अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद, टिंकू जब अपने कमरे पर लौटे और बाथरूम से निकले, तो सीढ़ियों से उनका पैर फिसल गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पिता गोविंद मंडल ने बताया कि टिंकू ने 9 जून की शाम को अपनी मां संतोषी देवी से फोन पर बात की थी। टिंकू के आकस्मिक निधन से उनकी पत्नी सोनी देवी, 7 वर्षीय पुत्र आयुष कुमार, 5 वर्षीय अंश कुमार और छोटे भाई राजेश मंडल का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना से पूरे नगरी गांव में शोक की लहर फैल गई है। खबर सुनते ही क्षेत्र के जिप सदस्य धनंजय प्रसाद, जेएलकेएम पंचायत अध्यक्ष मनोज तुरी, कैलाश तुरी, दीपक रंगरेज, मुकेश पांडेय, देवनंदन प्रसाद, सुनील साव, कोकिल साव, अजय कुमार रजक सहित कई अन्य लोग मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया।4
- गोला प्रखंड के डिमरा गांव निवासी मजदूर अमित बेदिया के परिवार को उनके निधन के बाद 10 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार का सहारा बनकर उन्हें न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। जानकारी के अनुसार, अमित बेदिया रांची के कांके रोड में मजदूरी करने के दौरान अचानक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिम्स में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अमित की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उनके सामने जीवन-यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर जेएलकेएम के वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने पहल करते हुए संबंधित पक्षों से बातचीत की, ठेकेदार पर दबाव बनाया, पुलिस से भी नोक-झोंक हुई, और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। उनके इन प्रयासों के फलस्वरूप मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराया गया। लोगों ने देवेन्द्रनाथ महतो की इस पहल की सराहना की है। जेएलकेएम हमेशा से गरीब, मजदूर और आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है। संगठन की प्राथमिकता किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है, और उनका मानना है कि दुख की घड़ी में पीड़ित लोगों के साथ खड़ा होना ही सच्ची राजनीति और जनसेवा है।1
- सोशल मीडिया पर अमेरिका के मनमोहक पर्वतीय दृश्यों को खूब सराहा जा रहा है। इन दिलकश नज़ारों ने अपनी अनुपम सुंदरता से दर्शकों का मन मोह लिया है। वायरल रील्स चैलेंज के तहत साझा किए जा रहे ये दृश्य तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं, जिससे इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।1
- कुरुक्षेत्र में एक डॉक्टर पर एक लड़की के साथ कुछ गलत काम करने का आरोप लगा है।1
- पत्रकारिता के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए ब्रिटानिया चौक का नाम बदल दिया गया है। अब यह चौक अश्विनी चोपड़ा चौक के नाम से जाना जाएगा।1
- सिमडेगा के अघरमा के समीप हुए एक भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलने पर, लोहरदगा अंजुमन इस्लामिया, सिमडेगा अंजुमन इस्लामिया, कोलेबिरा अंजुमन इस्लामिया, और लोहरदगा मुस्लिम यूथ वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारी सिमडेगा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के पोस्टमार्टम की व्यवस्था करवाई। हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से एक शव लासीया भेजा गया, जबकि दो शव रांची और शेष दो शव लोहरदगा भेजे गए।1
- जामनगर में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस अभियान के तहत, बुलडोजर का इस्तेमाल कर इन अवैध ढाँचों और कब्जों को हटाया गया।1