हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता संयुक्त रूप से चित्रकूट धाम बांदा मंडल के मण्डलायुक्त अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने की। इस दौरान दोनों उच्चाधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस समाधान दिवस में कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। पूरे आयोजन में पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और बिजली विभाग से जुड़े मामलों की भरमार रही। इनमें सबसे अधिक शिकायतें किसानों को समय से पानी न मिलने, बिजली की समस्या, राशन कार्ड न बनने, राशन कार्ड में यूनिट कटने या बढ़ने, जमीनों पर अवैध कब्जे, प्रधानमंत्री आवास का लाभ न मिलने और पुलिस विभाग से संबंधित थीं। मण्डलायुक्त ने किसानों के लिए बिजली और पानी की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। मण्डलायुक्त और पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सख्त लहजे में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही शेष बचे सभी मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता संयुक्त रूप से चित्रकूट धाम बांदा मंडल के मण्डलायुक्त अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने की। इस दौरान दोनों उच्चाधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस समाधान दिवस में कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर
दिया गया। पूरे आयोजन में पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और बिजली विभाग से जुड़े मामलों की भरमार रही। इनमें सबसे अधिक शिकायतें किसानों को समय से पानी न मिलने, बिजली की समस्या, राशन कार्ड न बनने, राशन कार्ड में यूनिट कटने या बढ़ने, जमीनों पर अवैध कब्जे, प्रधानमंत्री आवास का लाभ न मिलने और पुलिस विभाग से संबंधित थीं। मण्डलायुक्त ने किसानों के लिए बिजली और पानी की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों
को कड़े निर्देश दिए। मण्डलायुक्त और पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सख्त लहजे में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही शेष बचे सभी मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
- हमीरपुर के मौदहा में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर चलने से हड़कंप मच गया है। भारी पुलिस बल और राजस्व टीम की मौजूदगी में की गई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मीरा तालाब की भीठ पर बने तीन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। मौदहा में तीन अलग-अलग स्थानों पर बुलडोजर चलाकर इन अवैध निर्माणों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, जिससे अतिक्रमण कार्यों में भारी हड़कंप मच गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत एक निर्माणकर्ता को नोटिस भी थमाया गया है। मौके पर मौजूद एसडीएम कर्णवीर सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि अवैध निर्माण पर यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और अतिक्रमण हटाओ अभियान को आगे भी इसी तरह चलाया जाएगा।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा नगर पालिका परिषद में कार्यरत आउटसोर्स ड्राइवर विकास मधुपिया ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) और नगर पालिका अध्यक्ष पर मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक टिप्पणी करने और बदले की भावना से नौकरी से हटाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मोहल्ला हैदरगंज के निवासी और स्वर्गीय कालीचरण मधुपिया के पुत्र विकास ने इस मामले को लेकर राज्य अनुसूचित जाति आयोग में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। विकास का कहना है कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से नगर पालिका में आउटसोर्स ड्राइवर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीते 16 जुलाई 2026 को उन्हें कार्यालय में बुलाकर उनका मोबाइल छीन लिया गया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करते हुए नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। विकास के अनुसार, उनके साथ पहले भी अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न किया गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने शासन और संबंधित अधिकारियों से की थी। उनका आरोप है कि इसी पूर्व शिकायत से बौखलाकर अब बदले की भावना के तहत उन्हें ड्राइवर के पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही, उन्हें व उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और अनुसूचित जाति का होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। विकास मधुपिया ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न सहित संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई करने और उन्हें दोबारा ड्राइवर के पद पर बहाल करने की गुहार लगाई है।1
- बांदा में पुलिस विभाग एक बार फिर विवादों में घिर गया है। बांदा के कृषि विश्वविद्यालय पुलिस चौकी में तैनात उपनिरीक्षक दीपक कुमार सैनी पर एक अधिवक्ता ने जमानतदार के सत्यापन के नाम पर ₹5 हजार की रिश्वत मांगने, विरोध करने पर मारपीट करने, जातिसूचक गालियां देने और घंटों चौकी में बंधक बनाकर रखने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले की शिकायत पीड़ित अधिवक्ता संदीप कुमार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से करते हुए निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। शिकायती पत्र के अनुसार, यह घटना 15 जुलाई 2026 की है, जब अधिवक्ता संदीप कुमार एक अभियुक्त के जमानतदार का सत्यापन कराने के लिए कृषि विश्वविद्यालय पुलिस चौकी पहुंचे थे। आरोप है कि सत्यापन के बदले उपनिरीक्षक ने उनसे ₹5 हजार की रिश्वत की मांग की। जब अधिवक्ता ने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया और नियमों के तहत मौके पर जाकर सत्यापन करने की बात कही, तो आरोपी पुलिसकर्मी उग्र हो गए। इसके बाद जमानतदार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा उसे चौकी के एक कमरे में बंद कर दिया गया। वहीं, अधिवक्ता के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए और उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक जबरन चौकी में बैठाकर रखा गया। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उन पर दबाव बनाकर एक वीडियो रिकॉर्ड करवाया और पुलिस की बात न मानने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके साथ ही, चौकी पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों पर भी अभद्रता करने और जातिसूचक टिप्पणियां करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित अधिवक्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी उपनिरीक्षक व अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है।3
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाने में फरियादियों के साथ पुलिस के बर्ताव का एक बड़ा नमूना देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शिकायत कक्ष के भीतर एक वृद्ध फरियादी फर्श पर बैठकर कुर्सी पर बैठे सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और अन्य पुलिसकर्मियों को अपनी फरियाद सुना रहा है। इस दौरान कक्ष से फरियादियों के बैठने के लिए कुर्सियां गायब दिखीं, जिसके कारण बुजुर्ग को जमीन पर बैठना पड़ा। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि अखबार नहीं करता है। इस पूरे मामले पर सुमेरपुर के थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि यह मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की पूरी जांच करवाएंगे और दोषियों पर उचित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार करेंगे।1
- लोगों को घर बैठे पार्ट-टाइम ऑनलाइन काम करने और अपने खाली समय का सही उपयोग करने का अवसर दिया जा रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबर 9913082546 पर व्हाट्सएप करने के लिए कहा गया है।1
- हमीरपुर जिले के राठ थाना क्षेत्र के मवई गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक घरेलू विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया, जिसके बाद एक 80 वर्षीय वृद्ध महिला की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का आरोप महिला के ही पारिवारिक नाती पर लगा है, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाती को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने वृद्ध महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में राम मंदिर दान राशि पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस का भारी आक्रोश देखने को मिला है। इस विवादित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर गुस्सा जाहिर किया और सतीश महाना का पुतला फूंका। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।1