नहर की अव्यवस्था से पिडरा और बरईपुर के किसान परेशान, जलभराव से फसलें प्रभावित सुकरौली क्षेत्र के पिडरा और बरईपुर गांव में नहर की अव्यवस्था के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। गांव से होकर गुजर रही नहर की नियमित सफाई न होने और लंबे समय से पानी ठहरे रहने के चलते माइनर से खेतों तक जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे गेहूं, सरसों और गन्ने की फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि लगातार जलभराव के कारण कई एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। किसान चंद्रभान चौहान, भागीरथी, राजेंद्र यादव, रामबड़ाई चौहान और विश्वनाथ चौहान ने बताया कि नहर की समुचित सफाई न होने से पानी का प्रवाह बाधित है। माइनर से खेतों की ओर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी खेतों में भर जा रहा है। इससे फसलों की जड़ें सड़ने लगी हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की दोबारा सफाई और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। वर्तमान में गेहूं और सरसों की फसल पकने की अवस्था में है। ऐसे समय में जलभराव से पैदावार में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। गन्ने की फसल भी अधिक दिनों तक पानी ठहरने से प्रभावित हो रही है। इस संबंध में नहर विभाग के पर्यवेक्षक विनय नायक ने बताया कि नहर की सफाई कराई गई है, फिर भी किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोबारा जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं कमी पाई जाती है तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर टीम भेजकर स्थिति का आकलन कराया जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।
नहर की अव्यवस्था से पिडरा और बरईपुर के किसान परेशान, जलभराव से फसलें प्रभावित सुकरौली क्षेत्र के पिडरा और बरईपुर गांव में नहर की अव्यवस्था के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। गांव से होकर गुजर रही नहर की नियमित सफाई न होने और लंबे समय से पानी ठहरे रहने के चलते माइनर से खेतों तक जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे गेहूं, सरसों और गन्ने की फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि लगातार जलभराव के कारण कई एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। किसान चंद्रभान चौहान, भागीरथी, राजेंद्र यादव, रामबड़ाई चौहान और विश्वनाथ चौहान ने बताया कि नहर की समुचित सफाई न होने से पानी का प्रवाह बाधित है। माइनर से खेतों की ओर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी खेतों में भर जा रहा है। इससे फसलों की जड़ें सड़ने लगी हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की दोबारा सफाई और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। वर्तमान में गेहूं और सरसों की फसल पकने की अवस्था में है। ऐसे समय में जलभराव से पैदावार में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। गन्ने की फसल भी अधिक दिनों तक पानी ठहरने से प्रभावित हो रही है। इस संबंध में नहर विभाग के पर्यवेक्षक विनय नायक ने बताया कि नहर की सफाई कराई गई है, फिर भी किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोबारा जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं कमी पाई जाती है तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर टीम भेजकर स्थिति का आकलन कराया जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।
- सुकरौली क्षेत्र के पिडरा और बरईपुर गांव में नहर की अव्यवस्था के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। गांव से होकर गुजर रही नहर की नियमित सफाई न होने और लंबे समय से पानी ठहरे रहने के चलते माइनर से खेतों तक जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे गेहूं, सरसों और गन्ने की फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि लगातार जलभराव के कारण कई एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। किसान चंद्रभान चौहान, भागीरथी, राजेंद्र यादव, रामबड़ाई चौहान और विश्वनाथ चौहान ने बताया कि नहर की समुचित सफाई न होने से पानी का प्रवाह बाधित है। माइनर से खेतों की ओर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी खेतों में भर जा रहा है। इससे फसलों की जड़ें सड़ने लगी हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की दोबारा सफाई और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। वर्तमान में गेहूं और सरसों की फसल पकने की अवस्था में है। ऐसे समय में जलभराव से पैदावार में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। गन्ने की फसल भी अधिक दिनों तक पानी ठहरने से प्रभावित हो रही है। इस संबंध में नहर विभाग के पर्यवेक्षक विनय नायक ने बताया कि नहर की सफाई कराई गई है, फिर भी किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोबारा जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं कमी पाई जाती है तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर टीम भेजकर स्थिति का आकलन कराया जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।1
- Post by Chhotu Vishwakarma1
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- Post by विजय कुमार1
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