राजस्थान के धौलपुर में मंगलवार को भव्य श्री शिवमहापुराण कथा का प्रथम दिवस विशाल एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। यह यात्रा मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से आरंभ होकर कथा स्थल तक पहुंची, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु, माताएं-बहनें और युवा भक्त पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं के हाथों में कलश और भगवा ध्वज थे, तथा भगवान शिव के जयकारों से पूरा नगर शिवमय हो गया। यात्रा के दौरान, जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और "हर हर महादेव" तथा "ॐ नमः शिवाय" के गगनभेदी उद्घोषों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया, जिसे नगरवासियों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर देखा। इसके पश्चात, कथा स्थल मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर, वॉटर वर्क्स, गौरव पथ, धौलपुर में श्री संतोष सागर जी महाराज के श्रीमुख से श्री शिवमहापुराण कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। महाराज श्री ने प्रथम दिवस की कथा में भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को पवित्र, शांत और कल्याणकारी बनाती है, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूज्य श्री श्री 1008 रामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजक समस्त सनातनी महादेव शिव भक्त परिवार ने जानकारी दी कि यह कथा 23 जून से 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगी। अंत में, आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवकथा का पुण्य लाभ प्राप्त करें। हर हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के उद्घोषों के साथ इस भव्य आयोजन का सिलसिला जारी है।
राजस्थान के धौलपुर में मंगलवार को भव्य श्री शिवमहापुराण कथा का प्रथम दिवस विशाल एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। यह यात्रा मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से आरंभ होकर कथा स्थल तक पहुंची, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु, माताएं-बहनें और युवा भक्त पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं के हाथों में कलश और भगवा ध्वज थे, तथा भगवान शिव के जयकारों से पूरा नगर शिवमय हो गया। यात्रा के दौरान, जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और "हर हर महादेव" तथा "ॐ नमः शिवाय" के गगनभेदी उद्घोषों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया, जिसे नगरवासियों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर देखा। इसके पश्चात, कथा स्थल मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर, वॉटर वर्क्स, गौरव पथ, धौलपुर में श्री संतोष सागर जी महाराज के श्रीमुख से श्री शिवमहापुराण कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। महाराज श्री ने प्रथम दिवस की कथा में भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को पवित्र, शांत और कल्याणकारी बनाती है, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूज्य श्री श्री 1008 रामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजक समस्त सनातनी महादेव शिव भक्त परिवार ने जानकारी दी कि यह कथा 23 जून से 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगी। अंत में, आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवकथा का पुण्य लाभ प्राप्त करें। हर हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के उद्घोषों के साथ इस भव्य आयोजन का सिलसिला जारी है।
- रूपवास क्षेत्र के धौलपुर मार्ग पर स्थित घाटौली गाँव की पुलिस चौकी के सामने नवनिर्मित मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं राधा कृष्ण मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन भक्तिमय माहौल रहा। कथा वाचिका रूबी किशोरी दीदी ने नारद जी के जन्म और जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। कथा सुनाते हुए रूबी किशोरी दीदी ने बताया कि अपने पूर्व जन्म में नारद जी एक दासी पुत्र थे। चातुर्मास के दौरान आश्रम में पधारे संत-महात्माओं की सेवा और सत्संग के गहरे प्रभाव से उनके जीवन की दिशा पूरी तरह बदल गई। संतों के आशीर्वाद और निरंतर नाम-स्मरण से उनके हृदय में सच्ची भक्ति जागृत हुई। अपनी माता के निधन के पश्चात उन्होंने सभी सांसारिक मोह-माया का त्याग कर ईश्वर की आराधना प्रारंभ की। उनकी कठोर साधना और अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें अगले जन्म में ब्रह्मा जी के मानस पुत्र देवर्षि नारद के रूप में जन्म दिया। रूबी किशोरी दीदी ने इस अवसर पर कहा कि सत्संग, निस्वार्थ सेवा और सच्ची श्रद्धा के माध्यम से एक साधारण व्यक्ति भी उच्चतम आध्यात्मिक पद को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने जोर दिया कि नारद जी का जीवन भक्ति, समर्पण और सदाचार का जीवंत संदेश देता है और श्रद्धालुओं से अच्छे कर्म करने तथा भगवान के नाम का स्मरण करने का आह्वान किया। कथा के दौरान हुए भजन-कीर्तन से पूरा पांडाल भक्तिमय हो गया। आयोजन समिति ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। इस भक्तिमय आयोजन में परीक्षत प्रेमगिरी, गिर्राजी देवी, सुनील कुमार, रिंकू कुमार, वीरेंद्र सिंह, पिंकेश कुमार, रवि कुमार, ताराचंद सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।1
- ओलंपिक डे-2026 के अवसर पर मंगलवार को धौलपुर के जिला ओलंपिक संघ ने पंडित उमादत्त पब्लिक स्कूल परिसर में एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम राजस्थान ओलंपिक संघ से प्राप्त दिशा-निर्देशों तथा संघ के सचिव सुरेंद्र सिंह गुर्जर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष उपेंद्रदत्त शर्मा ने 'ओलंपिक डे प्लांटेशन ड्राइव-2036' के अंतर्गत वर्ष भर खेल मैदानों, सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों, खेल अकादमियों और कोचिंग सेंटरों में अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी जिला खेल संघों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वहीं, जिला ओलंपिक संघ के सचिव अनिल मिश्रा ने जिले के विभिन्न खेल संघों, खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और आमजन से इस पौधारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षा ऋतु में जिला ओलंपिक संघ पूरे जिले में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करेगा, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और आमजन की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और 'हरित धौलपुर' के संकल्प को दोहराया, जिससे पर्यावरण को बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष उपेंद्रदत्त शर्मा, सचिव अनिल मिश्रा, डॉ. पंकज वशिष्ठ, हरेंद्र गुर्जर, कप्तान सिंह, बृजमोहन, परमजीत सिंह, राकेश परमार, मनोज शर्मा सहित कई अन्य खेल प्रेमी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- धौलपुर में भव्य श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ मंगलवार को एक विशाल एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ हुआ। यह कलश यात्रा मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से शुरू होकर कथा स्थल तक पहुँची, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु, माताएं-बहनें और युवा भक्त पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं के हाथों में कलश और भगवा ध्वज थे, तथा भगवान शिव के जयकारों से पूरा नगर शिवमय हो गया। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भक्तों का स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और "हर हर महादेव" तथा "ॐ नमः शिवाय" के गगनभेदी उद्घोषों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया। नगरवासियों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर इस दिव्य शोभायात्रा के दर्शन किए। कलश यात्रा के उपरांत, कथा स्थल मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर, गौरव पथ पर श्री संतोष सागर जी महाराज के श्रीमुख से श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। महाराज श्री ने प्रथम दिवस की कथा में भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को पवित्र, शांत और कल्याणकारी बनाती है, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूज्य श्री रामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजकों ने जानकारी दी कि यह कथा 23 जून से 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगी, और उन्होंने धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवकथा का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया।3
- एक टीएमसी नेता को जूतों की माला पहनाए जाने का मामला सामने आया है।1
- अम्बाह तहसील के रुअर गाँव के लाल, कॉन्स्टेबल पप्पू सिंह तोमर, 22 जून 2026 की शाम को वीरगति को प्राप्त हो गए। वे हाल ही में शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम से सी.आर.पी.एफ. (सी.टी.सी.) ग्वालियर में पदस्थ हुए थे। सैन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, कॉन्स्टेबल पप्पू सिंह ने शनिवार को सैन्य अधिकारियों के समक्ष रिपोर्टिंग करने के बाद छुट्टी ली थी। इसके बाद सोमवार दोपहर को उन्हें खून की उल्टी हुई। परिवार के सदस्य उन्हें ग्वालियर के हजार विस्तार हॉस्पिटल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार ने तुरंत सी.आर.पी.एफ. के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। तत्पश्चात, 23 जून 2026 को सुबह लगभग 11:30 बजे, सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में ग्वालियर के हजीरा मुक्ति धाम में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके 15 वर्षीय पुत्र आयुष सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस अवसर पर सैन्य अधिकारी, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवक, पूर्व सैनिक, छुट्टी पर आए सेवारत सैनिक और रुअर गाँव के लोग उपस्थित रहे। पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदेमातरम” के जयघोष से गुंजायमान रहा। शहीद कॉन्स्टेबल पप्पू सिंह तोमर, स्वर्गीय श्री राम मूर्ति सिंह तोमर के पुत्र थे और उनका हालिया निवास गधाई पुरा, ग्वालियर था, जबकि उनका पैतृक गाँव अम्बाह तहसील, मुरैना जिले का रुअर था। वे तीन भाई और दो बहनों में से एक थे, जिनमें से दो भाई भारतीय सेवा में अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत हैं। पप्पू सिंह अपने पीछे 15 वर्षीय पुत्र आयुष सिंह, 17 वर्षीय पुत्री कशिश, पत्नी पूनम, माँ मुन्नी देवी, भाई श्यामसुंदर सिंह और अनिल सिंह, बहन सीमा और आशा, तथा बाबा हुलासी सिंह तोमर को शोकाकुल छोड़ गए हैं। शौर्य चक्र से सम्मानित की धरती रुअर का यह लाल मातृभूमि की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ।4
- कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्म-5 पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता के चलते एक यात्री की जान बचाई गई। यह घटना तब हुई जब पूर्वा एक्सप्रेस से उतरते समय एक यात्री फंस गया था। मौके पर मौजूद RPF के उपनिरीक्षक ने अपनी जान जोखिम में डालकर उस यात्री को सुरक्षित बाहर निकाला। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिससे यह साफ होता है कि सेकेंड भर की देरी भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।1
- धौलपुर के मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से मंगलवार को श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसकी शुरुआत एक विशाल और ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ हुई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवतियां और युवा भक्त पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। उनके हाथों में कलश और भगवा ध्वज थे, तथा भगवान शिव के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। कलश यात्रा मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और "हर-हर महादेव" एवं "ॐ नमः शिवाय" के जयघोषों के साथ नगर भ्रमण किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। नगरवासियों ने भी अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर इस शोभायात्रा के दर्शन किए। कलश यात्रा के पश्चात मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर, वॉटर वर्क्स, गौरव पथ स्थित कथा स्थल पर श्री संतोष सागर जी महाराज के श्रीमुख से श्री शिवमहापुराण कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर महाराज श्री ने भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को पवित्र, शांत और कल्याणकारी बनाती है। कथा श्रवण कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। यह धार्मिक आयोजन पूज्य श्री श्री 1008 रामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में किया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन 23 जून से 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगा। आयोजक समस्त सनातनी महादेव शिव भक्त परिवार ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवकथा का पुण्य लाभ लेने का आह्वान किया है।2
- धौलपुर के एक स्थानीय मैरिज होम में दतिया वाले स्वामी जी महाराज की पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित हरिओम शास्त्री द्वारा स्वामी जी महाराज और भगवती पीतांबरा मैया का विधिपूर्वक पूजन और मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। इस पूजन में स्वामी अष्टक, बगलामुखी चालीसा, शतनाम स्तोत्र और बगलामुखी मैया की महाआरती सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से की। उपस्थित सभी भक्तों ने स्वामी जी महाराज को चंदन तिलक लगाकर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दतिया पीठ से दीक्षा प्राप्त श्रवण कुमार वर्मा ने इस अवसर पर बताया कि स्वामी जी महाराज की असीम अनुकंपा धौलपुर के लोगों पर हमेशा रही है, और यहां के लोग भी स्वामी जी महाराज तथा माई में गहरी आस्था रखते हैं। इसी का परिणाम है कि पीतांबरा भक्त मंडल धौलपुर द्वारा विगत 15 वर्षों से लगातार स्वामी जी महाराज की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दतिया पूरे भारतवर्ष के लिए आस्था का केंद्र है और धौलपुर में स्वामी एवं माई के बहुत अधिक भक्त हैं, जिसके कारण ऐसे आयोजनों में भक्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जो माई की कृपा ही है क्योंकि माई सभी भक्तों का ख्याल रखती हैं। पीतांबरा भक्त मंडल के वरिष्ठ सदस्य चंद्रकांत सक्सेना ने स्वामी जी महाराज के एक ऐतिहासिक कार्य का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने सन् 1962 में राष्ट्र रक्षा हेतु छत्तीस दिनों का एक तांत्रिक अनुष्ठान कराया था, जिसकी पूर्णाहुति होते ही युद्ध विराम की घोषणा हुई थी। इस कार्यक्रम में भक्त मंडल के सदस्यों ने अतिथियों को पीतांबरा माई की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश प्रवक्ता रानू पाराशर, पूर्व मंत्री जगमोहन बघेल, डॉ. शिवचरण कुशवाहा, राजाखेड़ा विधानसभा प्रत्याशी नीरजा शर्मा, जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, पूर्व प्रधान राम हेतु कुशवाहा, बांकेलाल लोधा, दुर्ग सिंह अंधन, जितेंद्र सिंह राजोरिया, प्रशांत हुंडवाल सहित पीतांबरा भक्त मंडल के अश्वनी श्रीवास्तव, राजकुमार शर्मा, राज बहादुर सिसोदिया, मुकेश सक्सेना, बाबू बंसल, लोकेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह, अजय राठौर, सचिन जादौन, कमल पहाड़िया, नंदकिशोर शुक्ला, मोहित अग्रवाल, केदार सिंह, रामकुमार दुबे, नर्मदा शर्मा और राम त्रिवेदी जैसे सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, हजारों लोगों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की।4
- करौली में आयोजित एक मूर्ति अनावरण और भण्डारा कार्यक्रम में मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया।1